िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 2(cid:18) भ(cid:4)(cid:20) 1(cid:22)4(cid:24) (cid:25)श(cid:24)(cid:26)
((((स(cid:27)(cid:24) पटन(cid:4) (cid:30)(cid:31)(cid:24)) ) ) ) पटन(cid:4) म(cid:27)गलव(cid:4)र 11118888 िसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बरररर 2018201820182018 सं॰ 3/एम0-13/2018-12534/सा0 सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग
——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 17171717 सितम्बर 2018सितम्बर 2018सितम्बर 2018सितम्बर 2018 विषयः- विभिन्न विभागों में संविदा पर नियोजित कर्मियों की सेवा संबंधी बिन्दुओं के संबंध में गठित उच्च स्तरीय समिति की अनुषंसाओं का कार्यान्वयन अनुमोदन के संबंध में। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में संविदा पर नियोजित कर्मियों की सेवा संबंंधी बिन्दुओं पर सम्यक विचारोपरांत अनुशंसा करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति का गठन सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-3/एम॰-19/2015 सा॰प्र॰-6161, दिनांक 24.04.2015 द्वारा किया गया। संकल्प ज्ञापांक 3/एम॰-19/2015 सा॰प्र॰-2423, दिनांक 20.02.2018 द्वारा समिति का कार्यकाल दिनांक 12.08.2018 तक के लिए विस्तारित किया गया। समिति द्वारा दिनांक 07.08.2018 को अपना प्रतिवेदन समर्पित किया गया।
2. समिति ने प्रत्येक योजना/विभाग के तहत कार्यरत प्रत्येक श्रेणी के संविदा कर्मियों के संबंध में भी अनुषंसाएँ दी हैं, जिनमें वास्तव में समिति द्वारा दी गयी नीतिगत अनुषंसाओं में से कौन-कौन सी अनुषंसाएँ विभिन्न कर्मियों के संबंध में लागू होंगी, का उल्लेख है। उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसाएँ दो परिस्थितियों में की गयी है-
(i) कुछ परियोजनाओं/योजनाओं का कार्यकाल सीमित है। ये परियोजनायें प्रायः केन्द्रीय/ केन्द्र प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा वित्त सम्पोषित परियोजनायें/योजनायें हैं एवं सीमित अवधि के लिए स्वीकृत होती है। निर्धारित अवधि के बाद इनका कार्यान्वयन केन्द्र सरकार/अंतराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा स्वीकृति पर आधारित है। अतः नियुक्तियाँ संविदा के आधार पर परियोजनाओं की अवधि के लिए की जाती है। इस श्रेणी में वैसी नियुक्तियाँ भी सम्मिलित हैं जहाँ पदों का सृजन ही अस्थाई है एवं संविदा नियुक्ति हेतु ही किया गया है।
(ii) दूसरी स्थिति में पद स्थायी है, लेकिन संविदा पर नियुक्तियाँ लोक सेवा आयोग/ कर्मचारी चयन आयोग द्वारा नियमित नियुक्तियों के लिए अनुषंसा देेने में विलम्ब के कारण उस समय तक की जाती है, जब तक नियमित नियुक्तियाँ न हो जाए।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 18181818 िसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बर र र र 2020202018181818 3. अनुशंसाओं को लागू करने हेतु समिति द्वारा निम्नांकित प्रक्रिया निर्धारित करने की अनुशंसा की गयी है - (i) सामान्य प्रषासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-3/एम-78/2005-का0 2401, दिनांक- 18.07.2007 द्वारा संविदा पर नियुक्तियों के संबंध में विस्तृत निर्देश दिये गये हैं। अतः यह आवश्यक है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रिमंडल का अनुमोदन प्राप्त कर सामान्य प्रषासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-3/एम-78/2005-का0 2401, दिनांक 18.07.2007 में मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित अनुशंसाओं का समावेश कर संशोधित संकल्प निर्गत किया जाए। तत्पश्चात् सभी विभागों द्वारा कार्यपालिका नियमावली में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आदेश निर्गत किये जायेंगे।
(ii) प्रत्येक विभाग के सचिव/प्रधान सचिव द्वारा एक वरीय पदाधिकारी को नोडल ऑफिसर के रूप में नामित किया जाएगा जो समिति के अनुषंसाओं के कार्यान्वयन संबंधी संचिकाओं को सचिव/प्रधान सचिव को सीधे उपस्थापित कर सकेंगे। नोडल पदाधिकारी का दायित्व होगा कि वे कार्यपालिका नियमावली में निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए समय सीमा के अंदर समिति के अनुषंसाओं के कार्यान्वयन को सुनिष्चित करेंगे।
4. समिति की अनुशंसाओं पर सम्यक् विचारोपरान्त निम्नांकित निर्णय लिये जाते हैं-
(i) उपर्युक्त दोनों श्रेणी के संविदा कर्मियों के संबंध में समिति की अनुषंसाओं पर राज्य सरकार का निर्णय परिषिष्ट-'क' के रूप में संलग्न है।
(ii) बेल्ट्रॉन के माध्यम से सेवा प्रदत्त डाटा इन्ट्री ऑपरेटरों की सेवा सभी विभागों द्वारा ली जा रही है। अतः सभी विभागों से परामर्श करते हुए इनके संदर्भ में पुनर्विचार कर अनुशंसा समर्पित करने हेतु इस मामले को उच्च स्तरीय समिति को वापस किया जाय।
(iii) कतिपय विभागों के अधीनस्थ बोर्ड/निगम/प्राधिकार में कार्यरत संविदा नियोजित कर्मियों, जिनके संदर्भ में समिति द्वारा समर्पित विचाराधीन प्रतिवेदन में कोई अनुशंसा नहीं की गयी है, के संदर्भ में पुनर्विचार कर अपनी अनुशंसा समर्पित करने हेतु समिति को निदेशित किया जाय।
(iv) जिन मामलों में समिति द्वारा अनियमित/अवैध नियुक्तियों की चर्चा की गयी है, उन मामलों में प्रशासी विभाग विधिक राय प्राप्त कर यथोचित कार्रवाई करेगा।
5. यह तुरत प्रवृत्त होगा। आदेश :- आदेष दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय और इसकी प्रतिलिपि महालेखाकार, बिहार, पटना/सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग, पटना/सचिव, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना/सचिव, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, पटना/सरकार के सभी विभाग/ सभी विभागाध्यक्ष/सभी प्रमंडलीय आयुक्त/सभी जिला पदाधिकारी को सूचनार्थ भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र राम, सरकार के अपर सचिव।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 18181818 िसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बर र र र 2018201820182018 परिशिष्ट-कपरिशिष्ट-कपरिशिष्ट-कपरिशिष्ट-क उच्च स्तरीय समिति की अनुषंसाओं पर राज्य सरकार का निर्णय उच्च स्तरीय समिति की अनुषंसाओं पर राज्य सरकार का निर्णय उच्च स्तरीय समिति की अनुषंसाओं पर राज्य सरकार का निर्णय उच्च स्तरीय समिति की अनुषंसाओं पर राज्य सरकार का निर्णय
| क्र0 सं0 | समिति की अनुषंसा | राज्य सरकार का निर्णय | |
| मुख्य मुख्य मुख्य मुख्य अनुषंसाएँ | 1. | क. संविदा कर्मियो ंको सेवानिवृत्ति की आयु तक अथवा योजना अवधि, जो भी पहले हो, तक कार्य करने के संबंध में (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 276-278)- समिति की अनुषंसा है कि मंत्रिमंडल द्वारा समिति की अनुषंसाओं के अनुमोदन के पष्चात् प्रत्येक संबंधित विभाग/ प्राधिकार/ निगम/ सोसाइटी द्वारा सक्षम प्राधिकार का आदेष प्राप्त कर इस आषय का कार्यालय आदेष निर्गत किया जा सकता है कि संविदा कर्मियों की यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी है तथा योजना/पद स्वीकृति की अवधि अथवा नियमित नियुक्ति होने तक के लिये है। इस बात का भी स्पष्ट उल्लेख होगा कि अस्वस्थता या अनुषासनिक आधार पर या असंतोषजनक सेवा के कारण या सेवानिवृत्ति की सामान्य आयु होने पर योजना/पद स्वीकृति की अवधि के पूर्व अथवा नियमित नियुक्ति होने के पूर्व भी सेवा समाप्त हो जाएगी/की जा सकती है। कार्यालय आदेष में इस बात का भी स्पष्टतया उल्लेख किया जाएगा कि संविदा नियुक्ति की अन्य शर्ते नियुक्ति के समय ं ं निर्गत नियुक्ति पत्र, एकरारनामा एवं क्षतिपूर्ति बंधक पत्र (जहाँ लागू हो) में अंकित यथावत रहेंगी। यह आदेष संविदा कर्मियों के सभी पदों के लिये अलग अलग निर्गत होगा। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग आदेष निर्गत करने में विलम्ब हो सकता है एवं इस बीच कई संविदा कर्मियों का वर्तमान कार्यकाल समाप्त हो सकता है। अतः तत्काल प्रभाव से इसे लागू करने के लिये कि सामान्य प्रषासन विभाग के ज्ञापांक-3/एम0-78/2005-का0 2401, दिनांक 18.07.2007 द्वारा निर्गत दिषा-निर्देषों की संगत कंडिकाओं में संषोधन किया जा सकता है। उपयु र्क्त के अलावे निम्नलिखित तीन अनुषंसाओं का भी समावेष उक्त ज्ञापांक में किया जा सकता है- (1)यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि कई बार यह सम्भव है कि संविदा पद/पदों पर कार्यरत संविदा कर्मियों की आवष्यकता उस विभाग में जहाँ वे कार्यरत हैं, नहीं है। लेकिन अन्य विभाग में उसी पदनाम एवं उसी योग्यता के पद रिक्त हैं एवं उन पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति आवष्यक है। ऐसी स्थिति में उन पद/पदों पर नयी नियुक्ति नहीं कर अन्य विभाग में समान पदनाम एवं योग्यता वाले पदों पर कार्यरत संविदा कर्मियों, जिनकी अब उस विभाग में जरूरत नहीं रह गयी है, अन्य विभाग में रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की जा सकती है। इसके लिये संबंधित विभाग के साथ नये सिरे से एकरारनामा करना होगा। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि यह सुविधा वैसे संविदा कर्मियों को अनुमान्य नहीं होगी जो अनुषासनिक कारण से हटाये गये हैं। | स्वीकृत। |
| (2) यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि नियमित नियुक्तियों के लिये ली गयी परीक्षा/साक्षात्कार/अन्य जाँच में कई संविदाकर्मी सफल नहीं होते हैं, ऐसी स्थिति में अगर नियमित नियुक्तियों के उपरान्त् भी पद खाली हैं तो उन पर नये सिरे से संविदा के आधार पर नियुक्ति न कर नियमित नियुक्तियों की प्रक्रिया में असफल संविदा कर्मियों को रखा जा सकता है। (3) कुछ मामलें समिति के समक्ष आये हैं जहाँ पद रहते हुए भी संविदा कर्मीयों को इस कारण हटा दिया गया कि नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। इस कारण जहाँ एक ओर विभागीय काम बाधित होता है, संविदा कर्मियों को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। अतः समिति की अनुषंसा है कि जहाँ इस तरह के मामले हैं वहाँ हटाये गये संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति होने तक के लिये नियुक्त किया जा सकता है। | |||
| 2 2.... 2 2 | ख. मानदेय/पारिश्रमिक (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 278-279)- (i) समिति की अनुषंसा है कि सामान्य प्रषासन विभाग के ज्ञापांक-3/एम0-78/2005-का0 2401, दिनांक 18.07.2007 की कंडिका-'घ' में पारिश्रमिक/मानदेय के निर्धारण के संबंध में गठित समिति में आंषिक बदलाव की आवष्यकता है। इस समिति का गठन विकास आयुक्त की अध्यक्षता में किया जाना अधिक उपयुक्त होगा जिसके सदस्य सचिव संबंधित विभाग के सचिव/प्रधान सचिव होंगे। सामान्य प ्रषासन विभाग क े सचिव/प्रधान सचिव तथा वित्त विभाग के सचिव/प्रधान सचिव इसके सदस्य होंगे। (ii) यहाँ यह भी उल्लेखनीय ह ै कि क न्द्रीय/केन्द्र े प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा सम्पोषित योजनाओं/ परियोजनाओं में कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय का निर्धारण/ पुनरीक्षण क न्द्र े सरकार/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय स स्थाओं ं द्वारा योजनाओं/ परियोजनाओं के लिये निर्धारित शर्तो के अनुरूप ही ं किया जा सकता है। प्रायः सभी इस तरह की योजनाओं/ परियोजनाओं में संविदा कर्मियों के लिये मानदेय का निर्धारण/ पुनरीक्षण का प्रावधान किया गया है। उसी प्रकार राज्य की योजना एवं गैर-योजना के अंतर्गत संचालित योजनाओं/ परियोजनाओं में मानदेय के निर्धारण/पुनरीक्षण का प्रावधान किया गया है। (iii) अन्य कर्मियों, यथा-अवैध रूप से नियुक्त कर्मचारियों, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों एवं वाह्य सेवा प्रदाता से सेवा प्राप्त कर्मचारियों के संबंध में सामान्य प्रषासन विभाग के संकल्प सं0-2401, दिनांक 18.07.2007 में अंकित वह पारिश्रमिक देय होगा, जहाँ कहा गया है कि ''समिति मामले विशेष में बाजार दर को देखते हुये पारिश्रमिक का निर्धारण कर सकेगी।'' (iv) समिति की अनुषंसा है कि निर्धारित पारिश्रमिक 'न्यूनतम मजदूरी' से कम नहीं होगा। जिन योजनाओं/परियोजनाओं में मानदेय के निर्धारण/पुनरीक्षण का प्रावधान किया गया है उनके संबंध में यह अनुषंसा लागू नहीं होगी। | स्वीकृत। स्वीकृत। अधोलिखित कंडिका-8 के आलोक में अविचारणीय स्वीकृत। | |
| 3 3.... 3 3 | ग अवकाष की अनुमान्यता (समिति का प्रतिवेदन पृ ग.... अवकाष की अनुमान्यता ग ग अवकाष की अनुमान्यता (समिति का प्रतिवेदन पृष्ष्ष्ष्ठ 279-280) (समिति का प्रतिवेदन पृ (समिति का प्रतिवेदन पृ ठ 279-280) समिति की अनुषंसा है कि सभी संविदा कर्मियों को निम्नलिखित अवकाष देने का प्रावधान किया जा सकता है- (1) आकस्मिक अवकाष- सप्ताह में 5 दिन कार्य दिवस होने की स्थिति में एक वर्ष में 12 दिन एवं सप्ताह में 6 दिन कार्य दिवस होने की स्थिति में एक वर्ष में 16 दिन, (2) अर्जित अवकाष-एक वर्ष में 16 दिन (सेवा के दूसरे वर्ष से लागू) एवं 60 दिन अधिकतम अवकाष संचित किया जा सकता है, (3) मातृत्व अवकाष- प्रसूति प्रसुविधा (संषोधन) अधिनियम, 2017 "The Maternity Benefit (Amendment) Act, 2017" के आलोक में कंडिका-(त) में मातृत्व अवकाष के संबंध में अनुषंसा की गयी है। (4) पितृत्व अवकाष- 15 दिन (दो बच्चों तक), (5) अवैतनिक अवकाष- 30 दिन। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि अवकाष किसी भी कर्मचारी का अधिकार नहीं है। अतः अवकाष पर जाने के पूर्व सक्षम प्राधिकार का से अवकाष पर जाने पर अनुमोदन आवष्यक है। अनधिकृत रूप से अवकाष पर जाने पर अनुमोदन आवष्यक है। अनधिकृत रूप से अवकाष पर जाने पर संबंधित कर्मचारी पर अनुषासनिक कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित कर्मचारी पर अन ुषासनिक कार्रवाई की जा सकती है। जो कर्मी बिना किसी सूचना के 15 दिन या इससे अधिक अवधि के लिए अनुपस्थित पाये जाते हैं, उनके पद को रिक्त घोि ात अवधि के लिए अनुपस्थित पाये जाते हैं, उनके पद को रिक्त घोष्ष्ष्षित ात ात किया जाएगा एवं संविदा के आधार पर नियोजन की प्रक्रिया आरम्भ किया जाएगा एवं संविदा के आधार पर नियोजन की प्रक्रिया आरम्भ कर दी जाएगी। जहाँ पूर्व से अवकाष का प जहाँ पूर्व से अवकाष का प्रावधान है, वहाँ यह अनुषंसा लागू ्रावधान है, वहाँ यह अनुषंसा लागू ्रावधान है, वहाँ यह अनुषंसा लागू ्रावधान है, वहाँ यह अनुषंसा लागू नहीं होगी। लेकिन अगर अवकाष की अनुमान्यता उपयु नहीं होगी। लेकिन अगर अवकाष की अनुमान्यता उपयु र्क्त से कम नहीं होगी। लेकिन अगर अवकाष की अनुमान्यता उपयु र्क्त से कम है, वैसी स्थिति में उपयु है, वैसी स्थिति में उपयु र्क्त अनुषंसा लागू की जा सकती है। इस है, वैसी स्थिति में उपयु है, वैसी स्थिति में उपयु र्क्त अनुषंसा लागू की जा सकती है। इस बिन्दु की पुनरावृत्ति की आवष्यकता नहीं है कि केन्द्रीय/केन्द्र ट्रीय संस्थाओं संस्थाओं द्वारा सम्पोि ात प्रायोजित/अंतर्राष्ष्ष्ष्ट्रीय प्रायोजित/अंतर्रा ट्रीय ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा विविविवित्तत्तत्तत्त सम्पोष्ष्ष्षित सम्पोि सम्पोि ात ात परियोजनाओं के तहत देय अवकाष का निर्धारण इन परियोजनाओं परियोजनाओं के तहत देय अवकाष का निर्धारण इन परियोजनाओं परियोजनाओं के तहत देय अवकाष का निर्धारण इन परियोजनाओं परियोजनाओं के तहत देय अवकाष का निर्धारण इन परियोजनाओं की की की की शर्तों के अनुरूप शर्तों के अनुरूप ही करना है। शर्तों के अनुरूप ही करना है। | स्वीकृत। स्पष्टीकरण- अवैतनिक स्पष्टीकरण- अवैतनिक अवकाष अधिकतम 30 अवकाष अधिकतम 30 दिन प्रतिवर्ष अनुमान्य दिन प्रतिवर्ष अनुमान्य होगा। | |
| 4 4.... 4 4 | सेवा अवधि में मृत्यु होने पर अनुग्रह अनुदान (समिति का (समिति का घघघघ. सेवा अवधि में मृत्यु होने पर अनुग्रह अनुदान सेवा अवधि में मृत्यु होने पर अनुग्रह अनुदान (समिति का (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 280) प्रतिवेदन पृष्ठ 2 प्रतिवेदन पृष्ठ 2 प्रतिवेदन पृष्ठ 2 80)---- 80)80) सरकार ने सेवा अवधि के दौरान मृत्यु पर उनके निकटतम आश्रित को एक मुश्त चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्णय कई श्रेणी के संविदा कर्मियों के मामले में लिया है। समिति की अनुशंसा है कि यह लाभ सभी संविदा कर्मियों को दिया जाए। जिन संविदा कर्मियों के संबंध में यह अनुशंसा लागू नहीं है, उनके संबंध में स्पष्ट उल्लेख संगत कंडिकाओं में किया गया है। | स्वीकृत। | |
| 5 5.... 5 5 | च संविदा कर्मियों के सेवा अभिलेख का संधारण (समिति का (समिति का च.... संविदा कर्मियों के सेवा अभिलेख का संधारण च च संविदा कर्मियों के सेवा अभिलेख का संधारण (समिति का (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 280) प्रतिवेदन पृष्ठ 280)---- प्रतिवेदन पृष्ठ 280) प्रतिवेदन पृष्ठ 280) संविदा कर्मियों की यह भी मांग है कि उनके लिए सेवा पुस्तिका संधारित की जाए। समिति इस मांग से सहमत है। इसका एक लाभ यह भी होगा कि प्रत्येक संविदा कर्मी के संबंध में सरकार को एक ही स्थान पर सभी तरह की सूचना उपलब्ध रहेगी। अतः समिति की अनुषंसा है कि सभी संविदा कर्मियों के लिये सेवा अभिलेख संधारित किया जा सकता है। सेवा पुस्तिका के स्थान पर सेवा अभिलेख की | स्वीकृत। स्पष्टीकरण- समूह स्पष्टीकरण- समूह 'क', स्पष्टीकरण- समूह स्पष्टीकरण- समूह 'क', 'ख', 'ग' एवं अवर्गीकृत- 'ख', 'ग' एवं अवर्गीकृत- सभी समूह के संविदा सभी समूह के संविदा सभी समूह के संविदा सभी समूह के संविदा नियोजित कर्मियों के सेवा नियोजित कर्मियों के सेवा अभिलेख अभिलेख का संधारण अभिलेख अभिलेख का संधारण किया जायेगा। | |
| अनुषंसा इस कारण की जा रही है जिससे नियमित कर्मचारियों एवं संविदा कर्मचारियों का अन्तर स्पष्ट रहे। सेवा अभिलेख का स्वरूप क्या होगा, इसका निर्धारण सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा किया जाएगा। समिति की अपेक्षा है कि सामान्य प्रषासन विभाग संविदा कर्मियों के लिये एक आदर्ष सेवा अभिलेख का प्रारूप तैयार कर सभी विभागों को उसे अपनाने हेतु उपलब्ध करायेगा। लेकिन यह अनुषंसा केवल वर्ग 3 एवं 4 संविदा कर्मियों के संदर्भ में लागू होगी। जो संविदा कर्मचारी नहीं हैं, यथा- किसान सलाहकार, आषा कार्यकर्ता, ममता कार्यकर्ता, न्याय मित्र अथवा इस तरह के अन्य कर्मी, उनके संदर्भ में यह अनुषंसा लागू नहीं होगी। | |||
| 6 6.... 6 6 | छ विदा कर्मियों के लिये यात्रा व्यय (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ ं (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ छ.... ससससंविदा कर्मियों के लिये यात्रा व्यय छ छ ं विदा कर्मियों के लिये यात्रा व्यय ं (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 280-281)---- 280-281) समिति की अनुशंसा है कि ऐसे संविदा कर्मियों, जिन्हें सरकारी कार्य हेतु भ्रमण/प्रषिक्षण पर जाना पड़ता है, के लिये यात्रा व्यय यात्रा व्यय यात्रा व्यय यात्रा व्यय का का का का प्रावधान किया जाना चाहिए। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि अधिकतर संविदा कर्मीगण पंचायत स्तर पर कार्य करते हैं एवं उनका कार्य क्षेत्र पंचायत है। उनको सरकारी कार्य हेतु पंचायत के बाहर भ्रमण पर नहीं जाना पड़ता है। अतः उनको यात्रा व्यय यात्रा व्यय की यात्रा व्यय आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब उन्हें प्रशिक्षण अथवा किसी अन्य कार्य के लिये सक्षम प्राधिकार के आदेश/अनुमोदन पर पंचायत के बाहर भेजा जाता है, उस स्थिति में उनको भी यात्रा व्यय यात्रा व्यय मिलना यात्रा व्यय चाहिये। अतः समिति की अनुशंसा है कि यात्रा व्यय यात्रा व्यय किन-किन संविदा यात्रा व्यय यात्रा व्यय कर्मियों को किन-किन परिस्थतियों में अनुमान्य हो, इसका निर्णय विभाग को स्वयं लेना होगा। इस बात का विशेष ध्यान रख् इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा ाना होगा इस बात का विशेष ध्यान रख् इस बात का विशेष ध्यान रख् ाना होगा कि यात्रा व्यय आय का श्रोत नहीं है। इस बिन्दु की पुनरावृत्ति की आवश्यकता नहीं है कि केन्द्रीय/केन्द्र इस बिन्दु की पुनरावृत्ति की आवश्यकता नहीं है कि केन्द्रीय/केन्द्र इस बिन्दु की पुनरावृत्ति की आवश्यकता नहीं है कि केन्द्रीय/केन्द्र इस बिन्दु की पुनरावृत्ति की आवश्यकता नहीं है कि केन्द्रीय/केन्द्र प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय द्वारा द्वारा वित्त सम्पोषित प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा द्वारा वित्त सम्पोषित परियोजनाओं के तहत व्यय आय का निर्धारण इन परियोजनाओं की परियोजनाओं के तहत व्यय आय का निर्धारण इन परियोजनाओं की परियोजनाओं के तहत व्यय आय का निर्धारण इन परियोजनाओं की शर्तो शर्तो के अनुरूप ही करना है। ं ं शर्तो शर्तो ं ं | स्वीकृत। स् स् स् वीकृत। | |
| 7 7.... 7 7 | ज संविदा कर्मियों को हटाये जाने की स्थिति में अपील का प्रावधान ज.... संविदा कर्मियों को हटाये जाने की स्थिति में अपील का प्रावधान ज ज संविदा कर्मियों को हटाये जाने की स्थिति में अपील का प्रावधान संविदा कर्मियों को हटाये जाने की स्थिति में अपील का प्रावधान (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 281)---- (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 281) यद्यपि यह सही है कि कार्य असंतोषजनक पाये जाने पर संविदा कर्मी की सेवा समाप्त की जा सकती है, तथापि मनमाने ढंग से किसी संविदा कर्मी को न हटाया जाए, इसलिए यह आवश्यक है कि संविदा कर्मी की सेवा समाप्ति के विरूद्ध अपील अपील का प्रावधान हो। अपील अपील अपील का स्वरूप क्या होगा, यह स बंधित ं विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाइटी द्वारा तय किया जा सकता है। यहाँ यह स्पष्ट किया जाता है कि अपील का प्रावधान केवल सेवा से हटाये जाने की स्थिति में लागू होगा। सेवा से हटाये जाने की स्थिति में लागू होगा। सेवा से हटाये जाने की स्थिति में | स्वीकृत। | |
| 8 8.... 8 8 | उपयु उपयु र्क्त पृष्ठ उपयु उपयु र्क्त अनुषंसाओं का प्रभाव क्षेत्र (समिति का प्रतिवेदन र्क्त र्क्त अनुषंसाओं का प्रभाव क्षेत्र (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ अनुषंसाओं का प्रभाव क्षेत्र (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ पृष्ठ 281-282)---- 281-282) उपयु उपयु र्क्त स ं उपयु उपयु र्क्त अनुशंसाएं र्क्त र्क्त अनुशंसाएं केवलकेवलकेवलकेवल संविदा अनुशंसाएं स स विदा कर्मियों के मामले विदा ं विदा ं कर्मियों के मामले मेंमेंमेंमें दीदीदीदी गईगईगईगई हैं। हैं। हैं। हैं। कर्मियों के मामले कर्मियों के मामले ये अनुशंसाएं वाह्य ये अनुशंसाएं अवैध नियुक्तियों, दैनिक ये अनुशंसाएं ये अनुशंसाएं अवैध नियुक्तियों, दैनिक वेतनभोगी अवैध नियुक्तियों, दैनिक वेतनभोगी कर्मियों एवं वेतनभोगी वेतनभोगी कर्मियों एवं वाह्य कर्मियों एवं कर्मियों एवं वाह्य वाह्य सेवासेवासेवासेवा प्रदाता से सेवा प्रदाता से सेवा प्राप्तप्राप्तप्राप्तप्राप्त कर्मियों के संबंध में प्रदाता से सेवा प्रदाता से सेवा कर्मियों के संबंध में लागू कर्मियों के संबंध में लागू नहीं लागू लागू नहीं होंगी। नहीं नहीं होंगी। दूसरे शब्दों विभाग के दूसरे शब्दों मेंमेंमेंमें जिन दूसरे शब्दों जिन कर्मियों की नियुक्ति जिन जिन कर्मियों की नियुक्ति सामान्य प्रशासन कर्मियों की नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग के सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन विभाग के विभाग के दिनांक 18 दिनांक 18....07070707....2007 को ज्ञापांक-3/एम0-78/2005-का0 2401 दिनांक 18 दिनांक 18 2007 को ज्ञापांक-3/एम0-78/2005-का0 2401 द्वारा द्वारा निर्गत द्वारा द्वारा निर्गत संकल्प निर्गत निर्गत संकल्प मेंमेंमेंमें निर्धारित संकल्प संकल्प निर्धारित प्रप्रिप्रिप्रिक्रिया के अनुसरण निर्धारित निर्धारित क्रया के अनुसरण में की गई क्रया के अनुसरण क्रया के अनुसरण में की गई हैं, हैं, हैं, हैं, में की गई में की गई कर्मियों के संदर्भ ं उपयु र्क्त केवलकेवलकेवलकेवल उन्हीं उन्हीं संविदा उन्हीं उन्हीं संविदा कर्मियों के स संविदा संविदा कर्मियों के स दर्भ मेंमेंमेंमें उपयु दर्भ ं दर्भ ं उपयु उपयु र्क्त अनुशंसाएं अनुशंसाएं लागू अनुशंसाएं अनुशंसाएं लागू होंगी। क ं प ज 1-8) के मामले े होंगी। उमाउमाउमाउमा देवीदेवीदेवीदेवी ((((ऊपरऊपरऊपरऊपर कंडिका 2 होंगी। होंगी। क क डिका 2....1,1,1,1, पेज 1-8) डिका 2 ं डिका 2 ं प प ज 1-8) े ज 1-8) े के मामले मेंमेंमेंमें के मामले के मामले माननीय सर्वोच्च माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा माननीय सर्वोच्च माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायालय द्वारा न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश पारित पारित न्यायादेश मेंमेंमेंमें स्पष्ट न्यायादेश न्यायादेश स्पष्ट किया स्पष्ट स्पष्ट किया गया गया हैहैहैहै किकिकिकि जिन गयागया जिन नियुक्तियों के संबंध में- जिन जिन नियुक्तियों के संबंध में- 1 पद स्वीकृत 1.... 1 1 पद स्वीकृत हों,हों,हों,हों, 2 नियुक्त 2.... 2 2 नियुक्त कर्मी पद की अर्हता रखता कर्मी पद की अर्हता रखता हो,हो,हो,हो, कर्मी पद की अर्हता रखता 3 3.... 3 3 पपपपद विज्ञापित द विज्ञापित किया द विज्ञापित किया गयागयागयागया हो,हो,हो,हो, किया 4 नियुक्ति ह े 4.... 4 4 नियुक्ति हेतु ह ह तु स्क्रीनिंग े तु े स्क्रीनिंग समिति का गठन स्क्रीनिंग स्क्रीनिंग समिति का गठन किया समिति का गठन समिति का गठन किया गयागयागयागया हो एवं किया हो एवं चयनचयनचयनचयन प्रक्रिया प्रक्रिया अपनायी प्रक्रिया अपनायी गयीगयीगयीगयी हो, अपनायी अपनायी हो, 5 नियुक्ति सक्षम 5.... 5 5 नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा की गई प्राधिकार द्वारा की गई होे,होे,होे,होे, प्राधिकार द्वारा की गई प्राधिकार द्वारा की गई 6 आरक्षण के सिद्धांत का अनुपालन 6.... 6 6 आरक्षण के सिद्धांत का अनुपालन किया किया गयागयागयागया हो,हो,हो,हो, किया किया केवल वे ही नियुक्तियाँ वैध संविदा नियुक्तियाँ हैं जिन केवल वे ही नियुक्तियाँ वैध संविदा नियुक्तियाँ हैं।।।। जिन जिन जिन नियुक्तियों के संदर्भ में उपयु र्क्त शर्तो र्क्त शर्तो ं का अनुपालन नहीं ं नियुक्तियों के संदर्भ में उपयु र्क्त शर्तो ं का अनुपालन नहीं ं किया गया है, वे अवैध नियुक्तियाँ कहलायेंगी। | स्वीकृत | |
| 9 9.... 9 9 | झ संविदा कर्मियों की सेवा का नियमितीकरण संविदा कर्मियों की सेवा का नियमितीकरण (समिति का (समिति का झ.... झ झ (समिति का (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 282-283)---- प्रतिवेदन पृष्ठ 282-283) नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया में पूर्व से संविदा के आधार पर कार्यरत कर्मियों को भाग लेने हेतु निम्नलिखित सुविधा दी जा सकती हैः- 1. उम्र सीमा में षिथिलीकरण, 2. कार्य अनुभव के आधार पर नियुक्ति में अधिमानता (weightage) । साधारणतया उम्र सीमा में षिथिलीकरण का लाभ प्रायः सभी मामलों में दिया जा सकता है केवल वैसे मामले को छोड़कर, जहाँ कानून के तहत उसकी अनुमति न हो। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने वीर कुँवर सिंह विष्वविद्यालय तदर्थ षिक्षक नियोजन एवं अन्य बनाम बिहार राज्य विष्वविद्यालय (ऊपर कंडिका-2.8 में विस्तार से वर्णन किया गया है) में स्पष्ट किया है कि खाली पदों को भरने में अन्य अर्हता प्राप्त प्रत्याषियों के साथ-साथ अपेक्षित योग्यता वाले उन सभी षिक्षकों (प्रत्याषियों) के मामले पर, यदि कानून इसकी अनुमति देता हो तो उम्र -सीमा को षिथिल करते हुए, अवष्य विचार किया जाय। उदाहरण के तौर पर पुलिस में नियुक्ति अथवा कई मामले ऐसे हो सकते हैं जहाँ उम्र-सीमा में षिथिल करने की अनुमति कानून/नियुक्ति नियमावली नहीं देता है। ऐसे मामले को छोड़कर समिति की अनुषंसा है कि नियमित नियुक्ति में भाग लेने हेतु पूर्व से संविदा के आधार पर कार्यरत कर्मियों की उम्र-सीमा को षिथिल किया जा सकता है जिससे कि वे स्थायीकरण की प्रक्रिया में भाग ले सकें। | स्वीकृत। स्पष्टीकरण- स्पष्टीकरण- परन्तु उम्र परन्तु उम्र स्पष्टीकरण- स्पष्टीकरण- परन्तु उम्र परन्तु उम्र सीमा में षिथिलिकरण एवं सीमा में षिथिलिकरण एवं सीमा में षिथिलिकरण एवं सीमा में षिथिलिकरण एवं कार्य अनुभव के आधार पर कार्य अनुभव के आधार पर नियुक्ति में अधिमानता का नियुक्ति में अधिमा नियुक्ति में अधिमा नियुक्ति में अधिमा नता का लाभ सिर्फ उसी पद पर लाभ सिर्फ उसी पद पर नियमित नियुक्ति के समय नियमित नियुक्ति के समय दिया जायेगा दिया जायेगा जिस पद दिया जायेगा दिया जायेगा जिस पद पर संविदा नियोजन के पर संविदा नियोजन के तहत कार्य किया गया है। | |
| जहाँ तक अनुभव के आधार पर अधिमानता का प्रष्न है, अधिमानता (weightage) देते समय अधिकृत विनियामक संस्थाओं अथवा विष्वविद्यालय अनुदान आयोग, एवं अखिल भारतीय तकनीकी षिक्षा परिषद आदि द्वारा निर्धारित मार्गदर्षन को ध्यान में रखना आवष्यक है। दूसरे शब्दों में जिन मामलों में इन अधिकृत विनियामक संस्थाओं के द्वारा दिये गये मार्गदर्षन लागू हैं उनमें नियुक्ति की योग्यता एवं अधिमानता (weightage) आदि मार्गदर्षन के अनुरूप ही होगी। अन्य मामलों में सेवा की आवष्यकता को देखते हुए विभाग सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त कर अधिमानता (weightage) के बिन्दु पर निर्णय ले सकता है एवं भर्ती विनियमावली में अधिमानता (weightage) का समावेष किया जा सकता है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि जिन नियुक्तियों में संविदा नियुक्ति यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि जिन नियुक्तियों में संवि दा नियुक्ति यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि जिन नियुक्तियों में संवि दा नियुक्ति दा नियुक्ति के लिये सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन के लिये सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन के लिये सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन के लिये सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, वे अवैध नियुक्तियाँ हैं एवं उनके संबंध यह अनुषंसा लागू नहीं होगी। | |||
| 10101010.... | त मातृत्व अवकाष (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 283-284) त....मातृत्व अवकाष त त मातृत्व अवकाष मातृत्व अवकाष (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 283-284)---- (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 283-284) दिनांक 27 मार्च, 2017 को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनाें सदनों से पारित प्रसूति प्रसुविधा (संषोधन) अधिनियम, 2017 "The Maternity Benefit (Amendment) Act, 2017" को स्वीकृति दी गयी है। इस अधिनियम के प्रावधान 01 अप्रैल, 2017 से प्रभावी हैं। लेकिन पालना घर संबंधी प्रावधान 01 जुलाई, 2017 से प्रभावी हैं। यह अधिनियम दस या दस से अधिक कार्यरत महिला कर्मचारियों के सभी प्रतिष्ठानों पर लागू है, जिसमें सरकारी प्रतिष्ठान भी सम्मिलित हैं। मातृत्व अवकाष की यह सुविधा ऐसी सभी महिला कर्मियों को उपलब्ध होगी जो किसी प्रतिष्ठान में पिछले 12 महीनों में 80 दिनों के लिये कार्य कर चुकी हैं। सन् 1961 के अधिनियम में 12 सप्ताह मातृत्व अवकाष देने का प्रावधान था जिसे बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है। अनुमानित प्रसव तिथि के पहले आठ सप्ताह तक का अवकाष अनुमान्य है एवं षेष 18 सप्ताह षिषु के जन्म के बाद अनुमान्य है। दो बच्चों के बाद मात्र 12 सप्ताह के लिये अवकाष अनुमान्य होगा - छः सप्ताह अनुमानित प्रसव तिथि के पहले एवं छः सप्ताह षिषु जन्म के बाद। इस अधिनियम की यह भी विषेषता है कि तीन महीने से कम उम्र के बच्चों को गोद लेने वाली या सरोगेट माँ को भी 12 सप्ताह की छुट्टी देय होगी। अधिनियम के तहत किसी प्रतिष्ठान में पचास से अधिक महिला कर्मी कार्यरत होने की स्थिति में प्रतिष्ठान के आसपास पालना घर का इंतजाम करना अनिवार्य है। महिला कर्मचारी अपने बच्चे की देखभाल के लिये काम के घंटों के दौरान चार बार अपने बच्चों से मिल सकती हैं। अधिनियम के तहत नियोक्ता का यह कर्त्तव्य होगा कि प्रत्येक महिला कर्मी को नियुक्ति के समय मातृत्व अवकाष के लाभों के संबंध में अवगत करायें। समिति की अनुषंसा है कि उपयु र्क्त लाभ सभी महिला संविदा कर्मियों को दिया जा सकता है। | स्वीकृत। | |
| 11111111.... | स विदा कर्मियों के लिये कर्मचारी भविष्य निधि बीमा के प्रावधान ं बीमा के प्रावधान थथथथ....संविदा कर्मियों के लिये कर्मचारी भविष्य निधि स स विदा कर्मियों के लिये कर्मचारी भविष्य निधि ं ं बीमा के प्रावधान बीमा के प्रावधान लागू किया जाना (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 284) लागू किया जाना लागू किया जाना लागू किया जाना (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 284) ---- (समिति का प्रतिवेदन पृष्ठ 284) कर्मचारी भविष्य निधि बीमा The Employees' Provident Fund and Miscellaneous Act, 1952 के प्रावधानों के तहत देय है। अतः समिति द्वारा अलग से अनुषंसा अपेक्षित नहीं है क्योंकि यह सुविधा अलग से अनुषंसा अपेक्षित नहीं है क्योंकि यह सुविधा अलग से अनुषंसा अपेक्षित नहीं है क्योंकि यह सुविधा पूर्णतया इस कानून के प्रावधानों के अनुसार ही देय होगी। पूर्णतया इस क पूर्णतया इस क पूर्णतया इस क ानून के प्रावधानों के अनुसार ही देय होगी। | स्वीकृत। | |
| 12121212.... | द कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के प्रावधानों को लागू किया द.... कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के प्रावधानों को लागू किया द द कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के प्रावधानों को लागू किया जाना (समिति का प्रतिवेदन पृ जाना जाना जाना (समिति का प्रतिवेदन पृष्ष्ष्ष्ठ 284) (समिति का प्रतिवेदन पृ ठ 284) ---- ठ 284) ठ 284) समिति की अनुषंसा है कि जो भी संविदाकर्मी कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत अधिनियम में निर्धारित लाभों को प्राप्त करने की पात्रता रखते हैं, उनको अधिनियम की शर्तो को पूरा कर ं लाभ उपलब्ध कराया जा सकता है। स बंधित ं विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाइटी द्वारा इस संबंध में आवष्यक कार्रवाई की जा सकती है। | स्वीकृत। | |
| 13131313.... | (समिति का का वार्षिक मूल्यांकन ं का वार्षि ं क मूल्यांकन (समिति का (समिति का धधधध....संविदा कर्मियों के कार्यो संविदा कर्मियों के कार्यो ं का वार्षि ं क मूल्यांकन क मूल्यांकन प्रतिवेदन पृष्ठ 284) ---- प्रतिवेदन पृष्ठ 284) समिति की यह भी अनुषंसा है कि प्रत्येक विभाग/प्राधिकार/ निगम/सोसाइटी द्वारा उनके यहाँ विभिन्न परियोजनाओं/योजनाओं यथा- केन्द्रीय/केन्द्र प्रायोजित/ अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों द्वारा वित्त सम्पोषित परियोजनाओं एवं योजनाओं में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों के कार्यों का वार्षिक मूल्यांकन करने की व्यवस्था की जाय। वार्षिक मूल्यांकन का मापदंड क्या होगा, इस संबंध में परिपत्र का निर्धारण संबंधित परियोजना/योजना को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाइटी द्वारा सक्षम प ्राधिकार का आदेष प्राप्त कर किया जा सकता है। संविदा कर्मियों के संबंध में इस तरह का वार्षिक मूल्यांकन अनिवार्य होगा। | स्वीकृत। | |
| विभागवार विभागवार अनुषंसाएँ | 14141414.... | 1 ग्रामीण विकास विभाग 46464646....2222....1 ग्रामीण विकास विभाग ( (i) ) ) ) महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ( ( महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना निम्नलिखित संविदा कर्मी कार्यरत हैं- क. कार्यक्रम पदाधिकारी, ख. पंचायतत कनीकी सहायक, ग. पंचायत रोजगार सेवक, घ. कनीय अभियंता, च. लेखापाल, छ. कम्प्यूटर ऑपरेटर। उपयु र्क्त कर्मी संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया के अनुसरण में नियुक्त किये गये हैं। अतः इनके संबंध में समिति द्वारा कंडिका-क, ग, च एवं त में दी गयी अनुशंसाओं में, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू होंगी। इनको स्वास्थ्य बीमा एवं मानदेय के 60 गुणा तक बीमा की सुविधा भी उपलब्ध है। अतः समिति द्वारा ऊपर 'घ' में दी गयी अनुशंसाएं इनके संबंध में लागू नहीं होंगी। इनके संबंध में दो स्तरीय अपील का प्रावधान है। अतः कंडिका-'ज' में दी गयी अनुशंसा भी इनके संदर्भ में लागू नहीं होगी। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। | स्वीकृत। |
| ( जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डी0आर0डी0 (ii) ) ) ) जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ( ( जिला ग्रामीण विकास अभिकरण डी0आर0डी0ए0ए0ए0ए0) डी0आर0डी0 डी0आर0डी0 जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में निम्नलिखित संविदा कर्मी कार्यरत हैं- क. सहायक परियोजना पदाधिकारी ख. परियोजना अर्थशास्त्री ग. कार्यपालक अभियंता घ. सहायक अभियंता ड़. तकनीकी सहायक च. सांख्यिकी अन्वेषक छ. लिपिक-सह-टंकक ज. सहायक झ. आशुलिपिक त. वरीय लेखा पदाधिकारी थ. लेखा पदाधिकारी द. कार्यालय अधीक्षक/प्रबंधक एवं ध. लेखापाल/लेखा लिपिक उपयु र्क्त कर्मियों के संबंध में कंडिका-क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू होंगी। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता का प्रावधान भी पूर्व से है। ( बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका जीविका) ( ( (iii)))) बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति जीविका जीविका बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के कर्मियों को निम्नलिखित सुविधाएं प्राप्त हैं- 1. प्रत्येक वर्ष कुल मानदेय में े पाँच प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। 2. इनको यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता अनुमान्य है। 3. इनको वर्ष में 12 दिनों का आकस्मिक अवकाश एवं 24 दिनों का अर्जित अवकाश अनुमान्य है। 4. महिला कर्मियों के लिये मातृत्व अवकाश की अवधि का विस्तार 180 दिनों तक किया किया गया है। 5. इसके अतिरिक्त संविदाकर्मियों को निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध हैंः- क- कार्यक्षमता आधारित प्रोत्साहन, ख- चिकित्सा बीमा की सुविधा। अतः इनके संदर्भ में कंडिका-क, ग, च, ज एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू होंगी। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रति वर्ष वृद्धि का प्रावधान है। उसी प्रकार इनको चिकित्सा बीमा, दुर्घटना बीमा एवं यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। ( प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) (iv)))) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग ( ( प्रधानमंत्री आवास योजना (ग प्रधानमंत्री आवास योजना (ग ्रामीण) इस योजना के तहत संविदा पर निम्नलिखित कर्मी कार्यरत हैं- क. ग्रामीण आवास सहायक ख. ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक ग. लेखा सहायक (ग्रामीण आवास) घ. कार्यपाल कसहायक | स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। | ||
| उपयु र्क्त कर्मियों के संबंध में कंडिका- क, ग, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू होंगी। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक-311722, दिनांक 26.05.2017 से स्पष्ट है कि बिहार रूरल डेवलपमेन्ट सोसाईटी, पटना की बैठक दिनांक 30.03.2017 में निर्णय लिया गया कि मनरेगा कर्मियों की भांति प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)/इंदिरा आवास योजना अंतर्गत संविदा नियोजित कर्मियों यथा- ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, ग्रामीण आवास सहायक एवं लेखा सहायक (ग्रामीण आवास) की दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में उनके निकट आश्रितों को मूल मानदेय का 60 गुणा आर्थिक सहायक प्रदान की जायेगी। इस राषि का भुगतान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत बिहार ग्रामीण विकास सोसायटी (BRDS) में विभागीय मुख्यालय स्तर पर संधारित प्रषासनिक व्यय मद की राषि से किया जायेगा। अतः कंडिका 'घ' में दी गयी अनुषंसा इनके संर्दभ में लागू नहीं होगी। ( बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (v)))) बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी ( ( इस सोसाइटी में निम्नलिखित संविदा कर्मी कार्यरत हैं- क. प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव ख. लेखा पदाधिकारी ग. मोनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन-टीम मेम्बर घ. ई-गवर्नेंस एंड आई0टी0 डायरेक्टर ड़. कंट्रोलर फाइनॉन्सश्श्श्श् वर्तमान में लेखा पदाधिकारी का पद रिक्त है। लेकिन समिति सभी पदों के लिये अनुशंसा दे रही है, क्योंकि भविष्य में इस पद पर भी नियुक्ति की संभावना है। इन पदों के लिये समिति द्वारा कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू होंगी। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। | स्वीकृत। | ||
| 15151515.... | 46464646....2222....2 स्वास्थ्य विभाग 2 स्वास्थ्य विभाग ( (i)))) राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ( ( राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति में कार्यरत संविदा कर्मियों के संदर्भ में कंडिका-क, ग, घ, च, ज एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू होंगी। जहाँ तक मानदेय पुनरीक्षण का प्रश्न है, राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा प्रति वर्ष मानदेय में पुनरीक्षण का प्रावधान किया गया है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। ( पुनरीक्षित राष्ट्रीय यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम (ii)))) पुनरीक्षित राष्ट्रीय यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम ( ( इस कार्यक्रम के तहत निम्नलिखित संविदा कर्मी कार्यरत हैं- क. वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक ख. वरीय यक्ष्मा प्रयोगशाला पर्यवेक्षक ग. प्रयोगशाला प्रावैधिकी घ. डेटा एन्ट्री ऑपरेटर ड़. यक्ष्मा स्वास्थ्य परिदर्शक | स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| उपयु र्क्त के संदर्भ में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू होंगी। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। ( राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम (iii)))) राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम ( ( उपयु र्क्त कार्यक्रम के संविदा कर्मियों के संदर्भ में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू होंगी। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। ( (iv)))) आयुष चिकित्सक (आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होमियोपैथिक) आयुष चिकित्सक (आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होमियोपैथिक) ( ( इनके संदर्भ में कंडिका- क, ग, घ, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू होंगी। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध विज्ञान संस्थान, ( (v)))) बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध विज्ञान संस्थान, बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध विज्ञान संस्थान, ( ( कोईलवर इस संस्थान में संविदा के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया का अनुपालन किन-किन मामलों मे ं किया गया, बहुत स्पष्ट नहीं है। प्रबंधन से बातचीत के क्रम में ये स्पष्ट हुआ कि कुछ कर्मीगण के विरूद्ध कार्रवाई करने में संस्थान के प्रबंधन को कठिनाई है। अतः समिति की अनुशंसा है कि विभागीय सचिव/प्रधान सचिव द्वारा एक समिति का गठन किया जाना चाहिए एवं इस बात का स्पष्ट प्रतिवेदन प्राप्त किया जाना चाहिए कि कितने पदों पर कितने कर्मियों की नियुक्तियाँ संविदा नियुक्ति के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में की गयी हैं एवं कितने पदों पर उन दिशा-निर्देशों का अनदेखा हुआ है। स्थिति स्पष्ट होने पर वैध रूप से नियुक्त संविदा कर्मियों के लिये विभाग कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं को, उन अनुशंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू कर सकता है। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। ( (vi)))) बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी ( ( इस सोसाइटी में कार्यरत संविदा कर्मियों के लिये मानदेय में दस प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का प्रावधान है। उसी प्रकार अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश एवं मातृत्व अवकाश का भी प्रावधान किया गया है। नाको द्वारा निर्धारित दर के अनुसार यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता भी अनुमान्य है। अतः कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। | स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृ स्वीकृत।त।त।त। स्वीकृ स्वीकृ स्वीकृत। | ||
| ( (vii)))) राजकीय फार्मेसी संस्थान ( ( राजकीय फार्मेसी संस्थान इस संस्थान के संबंध में आठ सहायक प्राध्यापकों द्वारा एक अभ्यावेदन दिया गया है। संस्थान के प्राचार्य की ओर से भी प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है। प्राचार्य ने स्पष्ट कहा है कि इन पदों पर नियुक्ति हेतु फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया तथा ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेकनिकल एजुकेशन द्वारा मापदंड निर्धारित हैै। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय तदर्थ शिक्षक एसोसिएशन एवं अन्य बनाम बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (उपरोक्त) में स्पष्ट कहा है कि जहाँ पर योग्यता का निर्धारण किसी अधिकृत विनियामक संस्थान द्वारा किया जाता है, उन मामलों में अधिकृत विनियामक संस्थान द्वारा निर्धारित योग्यता के अनुसार ही नियमित नियुक्तियाँ की जा सकती हैं। उक्त मामले में योग्यता का निर्धारण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा किया गया था। अतः माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित योग्यता को मानते हुए स्पष्ट किया है कि नियमित नियुक्तियाँ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित योग्यता के अनुरूप ही की जाएंगी। अतः इस मामले में भी नियमित नियुक्तियाँ फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया तथा ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेकनिकल एजुकेशन द्वारा निर्धारित योग्यता एवं मापदंडों के अनुसार ही की जाएंगी। जब तक नियमित नियुक्तियाँ नहीं हो जाती हैं तब तक कार्यरत संविदा कर्मियों के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। पटना पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल एवं अन्य ( (viii)))) पटना पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल एवं अस्पताल एवं अन्य एवं अन्य ( ( महाविद्यालयों एवं अस्पतालों से प्राप्त प्रतिवेदन- महाविद्यालयों एवं अस्पतालों से प्राप्त प्रतिवेदन- स्वास्थ्य मिशन के तहत सभी चिकित्सा राष्ट्र्र्र्रीय ग्रामीण महाविद्यालयों एवं अस्पतालों (देशी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल सहित) में रोगी कल्याण समिति गठित किया गया है। निम्नलिखित पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्तियाँ की गई हैं- 1. मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधक 2. लेखापाल 3. स्वास्थ्य प्रबंधक इन कर्मियों के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। पटना दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल ( (ix)))) पटना दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल ( ( इस संस्थान में रीडर के 12 स्वीकृत पदों के विरूद्ध 02 पद तथा ट्यूटर के 18 स्वीकृत पदों के विरूद्ध 10 ट्यूटर संविदा पर कार्यरत हैं। (कार्यरत रीडर एवं ट्यूटर की संख्या अभ्यावेदन के आधार पर दी गयी है) इनकी नियुक्तियाँ नियमित नियुक्तियाँ नहीं होने के कारण की गई हैं। अतः इनके संदर्भ में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। | ||
| मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। लेकिन जैसा कि वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय तदर्थ शिक्षक एसोसिएशन एवं अन्य बनाम बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (उपरोक्त) में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि नियमित नियुक्तियों में अधिकृत विनियामक संस्थान (इस मामले में डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया) द्वारा निर्धारित योग्यता होना अनिवार्य है। अगर संविदाधारी व्याख्याता अथवा ट्यूटर को संविदा पर नियुक्ति के समय डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित योग्यता प्राप्त है, उस स्थिति में उनको उम्र सीमा में छूट एवं अनुभव के आधार पर अधिमानता, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार दी जा सकती है। ( (x)))) बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता ( ( ये नियुक्तियाँ संविदा नियुक्ति नहीं हैं। आषा कार्यकर्ता एक स्वैच्छिक महिला कार्यकर्ता है। अभी तक विभाग द्वारा इस बिन्दु पर निर्णय नहीें लिया गया है कि आषा कार्यकर्ता कितनी उम्र तक कार्य कर सकती हैं। स्मिति की अनुषंसा है कि इनके संदर्भ में भी यह निर्णय लिया जा सकता है कि आषा कार्यकर्ता 60 (साठ) वर्ष की आयुसीमा तक कार्य कर सकती हैं। लेकिन अनुषासनिक कारण, कार्य असंतोषप्रद होने आदि कारणों से, जिस बिन्दु पर विभाग द्वारा सक्षम प्रधिकार का आदेष प्राप्त कर निर्णय लिया जायगा, 60 (साठ) वर्ष की आयु के पहले भी हटाया जा सकता है। बिहार सरकार द्वारा सेवा अवधि के दौरान मृत्यु होने पर इनके निकटतम आश्रित को चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान की राशि देने की स्वीकृति दी गयी है। अतः समिति की अनुशंसा है कि इनके संदर्भ में कंडिका- ग, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसा लागू की जा सकती हैं। जहाँ तक प्रोत्साहन राशि में बढ़ोत्तरी का प्रश्न है, विभाग द्वारा इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। अतः समिति द्वारा इस बिन्दु पर कोई अनुशंसा नहीं दी जा रही है। ( (xi)))) ममता कार्यकर्ता ममता कार्यकर्ता ( ( ये नियुक्तियाँ संविदा नियुक्ति नहीं हैं। 'ममता' कार्यकर्ता एक स्वैच्छिक महिला कार्यकर्ता हैं। वे प्रसव हेतु आयी महिलाओं का उपयु र्क्त संस्थानों मे आने से लेकर प्रसव के बाद उनके वापस जाने ं तक एक सहयोगी के रूप में उनके साथ रहती हैं। अभी तक विभाग द्वारा इस बिन्दु पर निर्णय नहीें लिया गया है कि ममता कार्यकर्ता कितनी उम्र तक कार्य कर सकती हैं। स्मिति की अनुषंसा है कि इनके संदर्भ में भी यह निर्णय लिया जा सकता है कि ममता कार्यकर्ता 60 (साठ) वर्ष की आयुसीमा तक कार्य कर सकती हैं। लेकिन अनुषासनिक कारण, कार्य असंतोषप्रद होने आदि कारणों से, जिस बिन्दु पर विभाग द्वारा सक्षम प्रधिकार का आदेष प्राप्त कर निर्णय लिया जायगा, 60 (साठ) वर्ष की आयु के पहले भी हटाया जा सकता है। बिहार सरकार द्वारा सेवा अवधि के दौरान मृत्यु होने पर इनके निकटतम आश्रित को चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान की राशि देने की स्वीकृति दी गयी है। अतः समिति की अनुशंसा है कि यह सुविधा ममता कार्यकर्ता को भी दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त कंडिका-ग, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसा लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। स्वीकृत। | ||
| ( (xii)))) बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम ( ( बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम इन संविदाकर्मियों के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। | स्वीकृत। | ||
| 16161616.... | 3 षिक्षा विभाग 46464646....2222....3 षिक्षा विभाग ( (i)))) टोला सेवक ( ( टोला सेवक वित्तीय वर्ष 2015-16 में माह अगस्त, 2015 से 20,000 (बीस हजार) उत्थान केन्द्र के टोला सेवकों वर्तमान मानदेय 5000/- (पांच हजार) रु0 प्रतिमाह से वृद्धि कर 8000/- (आठ हजार) रु0 प्रतिमाह करने, इनकी सेवाएँ 60 (साठ) वर्ष की आयुसीमा तक लेने एवं सेवाकाल में मृत्यु होने पर एकमुष्त 4,00,000 (चार लाख) रु0 की अनुग्रह राषि देने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। अतः इनके संबंध में कंडिका-ख, ग, च, ज एवं त में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है। ( ( ( (ii)))) तालीमी मरकज तालीमी मरकज वित्तीय वर्ष 2015-16 में माह अगस्त, 2015 से 20,000 (बीस हजार) उत्थान केन्द्र के टोला सेवकों एवं 10,000 (दस हजार) तालीमी मरकज केन्द्र के षिक्षा स्वयंसेवियों के वर्तमान मानदेय 5000/- (पांच हजार) रु0 प्रतिमाह से वृद्धि कर 8000/- (आठ हजार) रु0 प्रतिमाह करने, इनकी सेवाएँ 60 (साठ) वर्ष की आयुसीमा तक लेने एवं सेवाकाल में मृत्यु होने पर एकमुष्त 4,00,000 (चार लाख) रु0 की अनुग्रह राषि देने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। अतः इनके संबंध में कंडिका- ख, ग, च, ज एवं त में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है। ( बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् ( ( (iii)))) बिहार शिक्षा परियो बिहार शिक्षा परियो जना परिषद् परिषद् में संविदा कर्मियों के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। ( (iv)))) किलकारी/बाल भवन ( ( किलकारी/बाल भवन इस संस्था में कार्यरत संविदा कर्मियों के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। ( ( ( (v)))) बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं को लागू किया जा सकता है। मानदेय पुनरीक्षण के संबंध में पूर्व से ही प्रावधान है। | स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| ( (vi)))) बिहार माध्यमिक शिक्षा परिषद् ( ( बिहार माध्यमिक शिक्षा परिषद् इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। मानदेय में वृद्धि का प्रावधान पूर्व से है। यात्रा भत्ता भी अनुमान्य है। ( बिहार बिहार राज्य र ाज्य विकास निगम निगम (vii)))) ( ( बिहार बिहार र र ाज्य ाज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम निगम लिमिटेड इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। मानदेय मे वृद्धि का प्रावधान पूर्व से है। यात्रा भत्ता एवं दैनिक ं भत्ता की सुविधा भी प्राप्त है। ( (viii)))) साक्षर भारत मिशन कार्य साक्षर भारत मिशन कार्यक्रमक्रमक्रमक्रम साक्षर भारत मिशन कार्य ( ( षिक्षा विभाग के निदेषक, जन षिक्षा, डॉ0 विनोदानन्द झा का पत्रांक-13/वि0 03-21/2015 3072/ पटना, दिनांक 30.11.2017 प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंनेे भारत सरकार से प्राप्त अर्द्ध सरकारी पत्र सं0-9-7/2017-NLM.I (Part-II), दिनांक 23.02.2018 संलग्न किया है जिसमें यह कहा गया है कि भारत सरकार ने साक्षर भारत साक्षर भारत साक्षर भारत साक्षर भारत कार्यक्रम को 31 मार्च, 2018 तक विस्तार किया है। अतः इनके संबंध कार्यक्रम कार्यक्रम कार्यक्रम में कोई अनुषंसा नहीं की गयी है। ललित नारायण मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन ( (ix)))) ललित नारायण मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन ( ( संसंसंसंस्थान स्थान इस संस्थान के सहायक प्राध्यापकों द्वारा एक अभ्यावेदन दिया गया है। इन सहायक प्राध्यापकों की नियुक्तियाँ संविदा के आधार पर की गई हैं। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है, अगर इनको लागू करने से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् एवं अन्य अधिकृत विनियामक संस्थानों के निर्देशों का उल्लंघन न हो। | स्वीकृत। स्वीकृत। किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। स्वीकृत। | ||
| 17171717.... | 46464646....2222....4 श्रम संसाधन विभाग 4 श्रम संसाधन विभाग ( व्यवसाय अनुदेशक (i)))) व्यवसाय अनुदेशक ( ( व्यवसाय अनुदेशक के पद पर नियमित नियुक्ति हेतु अधियाचना बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेजी गयी है। उम्र सीमा में छूट का प्रावधान माननीय पटना उच्च न्यायायलय द्वारा रंजन कुमार एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य (सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या 7890/2013 में दिनांक 17/06/2014) में पारित आदेश की कंडिका-10 में किया गया है। अतः इनके संबंध में कोई अनुषंसा नहीं की गयी है। ( ( ( (ii)))) लेखा लिपिक, बिहार भवन लेखा लिपिक, बिहार भवन प्रवासी श्रमिक कोषांग, बिहार भवन में श्रम संसाधन विभाग की ओर से लेखा लिपिक की संविदा के आधार पर नियुक्ति की गयी है। वर्ष 2008-09 में प्रतिमाह मानदेय पाँच हजार रुपये था जो अब सोलह हजार चार सौ रुपये कर दिया गया है। अतः इनके मामले में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती | किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। स्वीकृत। | |
| हैं। जब भी इस पद पर नियमित नियुक्ति की जाएगी इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। ( (iii)))) राष्ट्रीय बाल श्रमिक परियोजना समिति ( ( राष्ट्रीय बाल श्रमिक परियोजना समिति राष्ट्रीय बाल श्रमिक परियोजना भारत सरकार द्वारा सम्पोषित परियोजना है। इस योजना के तहत भारत सरकार द्वारा राशि सीधे जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला बाल श्रमिक परियोजना समिति को भेजी जाती है। अतः समिति की अनुशंसा है कि इनके संदर्भ में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है। ( (iv)))) भोजशाला/सर्विस ब्वॉय भोजशाला/सर्विस ब्वॉय ( ( बिहार विधानसभा भोजशाला मेें दैनिक मजदूरी पर कार्यरत सर्विस ब्वॉयज की ओर से एक अभ्यावेदन प्राप्त हुआ है जिसमें उन्होंने कहा है कि वे वर्ष 1987 से दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत हैं। इनकी नियुक्ति में किसी प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया प्रतीत होता है। इनकी मांग है कि इनकी सेवा को नियमित किया जाए। इनके संबंध में सामान्य प्रषासन विभाग एवं विधि विभाग की राय ले कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। औद्योगिक न्यायाधिकरण, मुजफ्फरपुर ( (v)))) औद्योगिक न्यायाधिकरण, मुजफ्फरपुर ( ( समिति की अनुशंसा है कि इनके संदर्भ में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है। | स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। | ||
| 18181818.... | 5 विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग 46464646....2222....5 विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग ( (i)))) राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय ( ( राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग से एक प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है, जिसमें कहा गया है कि राज्य की सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों के विभिन्न संकायों में सहायक प्राध्यापक के रिक्त 408 पदों पर नियमित नियुक्ति हेतु बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना प्र षित की गयी है, जो प्रक्रियाधीन है। समिति की े अनुषंसा है कि नियमित नियुक्ति होने के बाद संविदा पर कार्यरत सहायक प्राध्यापक के संबंध में भी कंडिका- क, ग, घ, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं, अगर ऐसा करना विष्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं अन्य अधिकृत विनियामक संस्थानों के मार्गदर्षनों के विपरीत न हो। जहाँ तक नियमित नियुक्ति में भाग लेने का प्रष्न है इस संबंध में एक याचिका संख्या-सी0डब्ल्यू0जे0सी0 नं0-13891/2015 माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष दायर किया गया था। माननीय उच्च न्यायालय ने इनके आवेदन को खारिज कर दिया है। अतः इस बिंदु पर समिति द्वारा कोई अनुषंसा नहीं की जा रही है। ( (ii)))) बिहार काउंसिल ऑन साइंस टेकनोलॉजी बिहार काउंसिल ऑन साइंस टेकनोलॉजी ( ( राज्य के तकनीकी षिक्षण संस्थानों में इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाईजेषन) के सहयोग से ''एडुसैट'' के माध्यम से उत्कृष्ट कोटि के दूरस्थ षिक्षण व्यवस्था हेतु एक स्टूडियो एवं 17 इंटरएक्टिव क्लास रूम स्थापित करने की योजना के अंतर्गत 06 पदों का वर्ष 2007-08 में सृजन किया गया जिनका विस्तृत उल्लेख ऊपर संगत | स्वीकृत। किसी निर्णय किसी निर्णय की की की की किसी निर्णय किसी निर्णय आवष्यकता नहीं है। | |
| कंडिकाओं में किया गया है। इनके मानदेय का पुनरीक्षण दिसम्बर, 2012 में किया गया है। विभाग के प्रतिवेदन में यह कहा गया है कि इन पदों पर नियुक्ति हेतु वर्ष 2013 में विज्ञापन किया गया है। विज्ञापन के फलस्वरूप आवेदन प्राप्त हुये लेकिन कतिपय कारणों से इन पदों पर नियुक्ति नहीं की जा सकी है। उसी प्रकार श्री पासी सुनील सुबेदार की नियुक्ति भी बिना किसी प्रक्रिया के की गयी है। अतः इनके संबंध में समिति द्वारा कोई अनुषंसा नहीं की जा रही है। ( (iii)))) बिहार रिमोट सेंसिंग ऐप्लिके ( ( बिहार रिमोट सेंसिंग ऐप्लिकेष्ष्ष्षॅन केन्द्र बिहार रिमोट सेंसिंग ऐप्लिके ॉन केन्द्र इस केन्द्र की स्थापना वर्ष 1986 में की गयी थी। केन्द्र में सृजित पदों का उल्लेख ऊपर संगत कंडिकाओं में किया गया है। वर्ष 2013 में विज्ञापन किया गया था। कुल सात विज्ञापित पदों में से पाँच पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्तियाँ की गई थी। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त मे दी गयी अनुषंसाओं, उन ं अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है। | स्वीकृत। | ||
| 19191919.... | 6 उद्योग विभाग 46464646....2222....6 उद्योग विभाग ( (i)))) बिहार फाउंडेशन ( ( बिहार फाउंडेशन बिहार फाउंडेशन में कार्यरत संविदा कर्मियों का उल्लेख ऊपर संगत कंडिकाओं में किया गया है। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है। ( (ii)))) बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार ( ( कार्यरत संविदा कर्मियों के चयन आदि के संबंध में ऊपर संगत कंडिकाओं में उल्लेख किया गया है। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। ( (iii)))) आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार (आई0डी0ए0) आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार (आई0डी0ए0) ( ( इस प्राधिकार में कार्यरत संविदा कर्मियों के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| 20202020.... | 46464646....2222....7 समाज कल्याण विभाग 7 समाज कल्याण विभाग ( एकीकृत बाल विकास योजना (आई0सी0डी0एस0) (i)))) एकीकृत बाल विकास योजना (आई0सी0डी0एस0) ( ( राज्य स्तरीय/जिला स्तरीय बाल संरक्षण एकक इस योजना के अंतर्गत संविदा पर कार्यरत कर्मियों के संबंध में ऊपर संगत कंडिकाओं में उल्लेख किया गया है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत कुछ पदों पर नियमित वेतनमान के पदाधिकारी कार्यरत हैं। कुछ पदों पर, यथा-डेटा एंट्रीऑपरेटर की सेवा बेल्ट्र्र्र्रॉन से प्राप्त की गई हैं एवं कई पदों पर संविदा नियुक्ति की प्रक्रियाके अनुसरण में संविदा के आधार पर नियुक्तियाँ की गई हैं जिसका उल्लेख ऊपर किया जा चुका है। जहाँ तक संविदा के आधार पर नियुक्त कर्मियों का प्रष्न है उनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। | |
| ( (ii)))) राज्य आयुक्त, निः ( ( राज्य आयुक्त, निःष्ष्ष्षक्तता कार्यालय राज्य आयुक्त, निः राज्य आयुक्त, निः ाक्तता कार्यालय इस कार्यालय में दो अनुदेषक एवं दो चालकों की नियुक्ति संविदा के आधार पर की गई हैं। इनके संदर्भ में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। जिला पदाधिकारी, कैमूर द्वारा जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्र में नियोजित दो कर्मियों के संबंध में प्रतिवेदन भेजा गया है। लेकिन चूँकि सभी जिलों से प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुये हैं और न ही विभाग द्वारा क्षेत्रीय कार्यालयों के संबंध में प्रतिवेदन भेजा गया है, अतः समिति द्वारा कोई अनुषंसा नहीं की जा रही है। ( (iii)))) बिहार राज्य महिला आयोग बिहार राज्य महिला आयोग ( ( बिहार राज्य महिला आयोग में संविदा नियुक्ति की प्रक्रियाके अनुसरण में कोई नियुक्ति नहीं की गयी है। अतः ये नियुक्तियाँ अवैध नियुक्तियों की श्रेणी में आयेंगी। इनके संबंध में समाज कल्याण विभाग द्वारा सामान्य प्रषासन विभाग एवं विधि विभाग की राय ले कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। ( (iv)))) महिला हेल्पलाईन महिला हेल्पलाईन ( ( मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत सभी 38 जिलों में महिला हेल्पलाईन की स्थापना की गयी है। यह हेल्पलाईन पूर्व में जिलाधिकारी के नियंत्रण में स्वयं सेवी संस्था द्वारा संचालित थे, जिन्हें बाद में पूर्णतया जिला प्रषासन के अधीन कर दिया गया। हेल्पलाईन में निम्नलिखित पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्तियाँ की गई हैं- 1. परियोजना प्रबंधक 2. सहायक परियोजना प्रबंधक (केवल पटना जिले के लिए, पद महिला के लिए आरक्षित है) 3. डेटा एन्ट्रीऑपरेटर (केवल पटना जिले में कार्यरत हैं) 4. अनुसेवक इनके संबंध में स्पष्ट प्रतिवेदन के अभाव में कोई अनुषंसा नहीं दी जा रही है। सक्षम (स्टेट सोसाइटी फॉर अल्ट्रा पूअर एण्ड सो ( (v)))) सक्षम (स्टेट सक्षम (स्टेट सोसाइटी फॉर अल्ट्रा पूअर एण्ड सोष्ष्ष्षल वेलफेयर) सोसाइटी फॉर अल्ट्रा पूअर एण्ड सो ाल वेलफेयर) ( ( इस सोसाइटी में संविदा के आधार पर कार्यरत कर्मियों का उल्लेख ऊपर संगत कंडिकाओं में किया गया है। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। स्वीकृत। किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। स्वीकृत। | ||
| 21212121.... | 46464646....2222....8 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग 8 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ( (i)))) चालकों के कुल स्वीकृत आठ पद (निदेशालय पक्ष-5 एवं सरकार ( ( पक्ष-3) के विरूद्ध कुल सात चालक कार्यरत हैं जिनमें से 5 संविदा के आधार पर नियुक्त हैं एवं दो की सेवायें बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम से ली गयी हैं। ये पद स्वीकृत हैं। जिन 5 पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की गई है उनके संबंध में नियुक्ति की प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया प्रतीत होता है क्योंकि विभागीय प्रतिवेदन विज्ञापन एवं आरक्षण के बिन्दु पर मौन है। अतः य नियुक्तियाँ अवैध नियुक्तियों की श्रेणी में आयेंगी। इनके संबंध में े विभाग द्वारा सामान्य प्रषासन विभाग एवं विधि विभाग की राय ले कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। | किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। | |
| ( (ii)))) बिहार महादलित विकास मिशन ( ( बिहार महादलित विकास मिशन संविदा कर्मियों के चयन के संबंध में विस्तृत उल्लेख ऊपर संगत कंडिकाओं में किया गया है। यहाँ भी कम्प्यूटर ऑपरेटर की सेवाएं बेल्ट्रॉन से ली गयी हैं। दो अनुसेवक एवं एक रात्रि प्रहरी की सेवा भी सेवा प्रदाता से ली गयी हैं। इनको छोड़ कर केवल वैसे संविदा पर कार्यरत कर्मी, जिनकी नियुक्ति चयन प्रक्रियाका अनुपालन करते हुये की गई हैं, के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में अंकित अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। ( (iii)))) विकास मित्र विकास मित्र ( ( विकास मित्र को शुरू में 3000/- मासिक मानदेय दिया जाता था। कालान्तर में इनके मानदेय में बढ़ोत्तरी की जाती रही। संकल्प सं0-2940, दिनांक 24.08.2015 द्वारा इनका मानदेय 7000/- से बढ़ाकर अगस्त, 2015 में 10,000/- कर दिया गया। इसके अतिरिक्त आकस्मिक मृत्यु के मामले में 36 माह के मानदेय के बराबर अनुदान के अतिरिक्त चार लाख रुपये मात्र विकास मित्र के आश्रित को भुगतान किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि विकास मित्रों से कार्य लेने की अधिकतम उम्रसीमा 60 वर्ष होगी। विभाग ने बताया कि अब प्रत्येक वर्ष इनकी सेवा विस्तार की आवष्यकता नहीं है। सभी विकास मित्रों को कार्य सुविधा हेतु साईकिल खरीदने के लिये राषि उपलब्ध करायी गयी है। योजना के त्वरित कार्यान्वयन अनुश्रवण हेतु सभी विकास मित्रों को CUG सिम एन्ड्रॉयड मोबाइल के साथ उपलब्ध कराया गया है। अतः इनके संबंध में कंडिका- ख, ग, च, ज एवं त में अंकित अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। ( ( ( (iv)))) राज्य महादलित आयोग राज्य महादलित आयोग राज्य महादलित आयोग में कोई संविदा कर्मी कार्यरत नहीं हैं। कम्प्यूटर ऑपरेटर बेल्ट्र्र्र्रॉन से लिये गये हैं, जिनके संबंध में अनुशंसा अलग शीर्ष के तहत दी गयी है। ( (v)))) राज्य अनुसूचित जाति आयोग राज्य अनुसूचित जाति आयोग ( ( राज्य अनुसूचित जाति आयोग में संविदा पर केवल पांच अनुसेवक कार्यरत हैं। अन्य कर्मियों की नियुक्तियाँ बिना विज्ञापन के की गई हैं। अतः केवल पाँच अनुसेवकों, जिनकी नियुक्तियाँ निर्धारित प्रक्रियाके अनुसरण में की गई हैं, के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागूू किया जा सकता है। जिन कर्मियों की नियुक्तियाँ अवैध हैं, इनके संबंध में विद्वान महाधिवक्ता की राय ले कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। ( ( ( (vi)))) राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग इस आयोग में पांच स्वीकृत पदों के विरूद्ध दो कर्मी संविदा पर कार्यरत हैं। अतः इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त | स्वीकृत। स्वीकृत। किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। स्वीकृत। स्वीकृत। | ||
| में दी गयी अनुशंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागूू किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त कम्प्यूूटर ऑपरेटर की सेवा बेल्ट्रॉन से ली गयी है जिसके विषय में अलग शीर्ष के तहत अनुशंसा दी गयी है। चूँकि एक झाड़ू़ फरास को बिना विज्ञापन के रखा गया है, अतः इनकी नियुक्ति अवैध है। | |||
| 22222222.... | 9 पंचायती राज विभाग 46464646....2222....9 पंचायती राज विभाग ( (i)))) न्यायमित्र ( ( न्यायमित्र प्रत्येक ग्राम कचहरी एवं न्यायपीठ को सहायता करने के लिए एक न्यायमित्र का नियोजन बिहार ग्राम कचहरी न्यायमित्र (नियोजन, सेवा शर्त एवं कर्त्तव्य) नियमावली, 2007 में निर्धारित प्रक्रियाके अनुसार किया गया है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि न्यायमित्र का नियोजन सलाहकार के रूप में किया गया है। इसी कारण नियोजन हेतु न्यूनतम आयु 25 वर्ष एवं अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष रखी गयी है। यह प्रावधान है कि प्रत्येक चुनाव के बाद ग्राम कचहरी नये सिरे से न्यायमित्रों का नियोजन कर सकेगी। विभागीय प्रतिवेदन में भी स्पष्ट किया गया है कि इनकी सेवा नियमित करने का कोई प्रष्न नहीं उठता क्योंकि इनका कार्य मुख्यतया ग्राम कचहरी में दायर वादों में परामर्ष देना है। यही कारण है कि इनको न्यायालयों में वकालत करने की छूट है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि इनका मानदेय 2500/- रुपये से बढ़ाकर 7000/- रुपये कर दिया गया है। समिति की अनुषंसा है कि जिन न्यायमित्रों की आयु 60 वर्ष की नहीं हुई है, उनको 60 वर्ष की आयु तक वर्तमान शर्तों के अनुसार रखा जा सकता है। इसके लिए आवष्यक है कि बिहार ग्राम कचहरी न्यायमित्र (नियोजन, सेवा शर्त एवं कर्त्तव्य) नियमावली, 2007 के नियम 8 (2) एवं अन्य संगत नियमों मे संषोधन किया जाए। इसके ं अतिरिक्त कंडिका ग, घ, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसा को लागू किया जा सकता है। कचहरी सचिव ( (ii)))) ग्रामग्रामग्रामग्राम कचहरी सचिव ( ( ग्राम कचहरी सचिव के नियोजन,सेवा शर्त्त एवंकर्त्तव्य के लिए 'ग्राम कचहरी सचिव (नियोजन, सेवा शर्त्त एवं कर्त्तव्य) नियमावली, 2014' बनायी गयी है। इस नियमावली के नियम-8(5) में कहा गया है कि इनकी कार्य अवधि ग्राम कचहरी की कार्य अवधि तक के लिए होगी। ग्राम कचहरी सचिव की ग्राम कचहरी के अभिलेखों के रख-रखाव में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। अतः इनका बने रहना आवष्यक है। अब तक पूर्व से ग्राम कचहरी सचिव अपने पदों पर इसलिए बने हुए हैं क्योंकि नयी नियुक्तियों के लिए विज्ञापन प्रकाषित नहीं किया जा सका है। समिति की अनुषंसा है कि नियम-8(5) एवं अन्य संगत नियमों में संषोधन कर यह प्रावधान किया जाए की ग्राम कचहरी सचिव 60 वर्ष की आयु तक अपने पद पर बने रहेंगे। कार्य असंतोषजनक रहने पर, स्वास्थ्य संबंधी एवं अन्य कारणों से 60 वर्ष के पूर्व इनको हटाया जा सकता है। नियम-12 में अनुषासनिक कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान है। समिति की अनुषंसा है कि नियम-12 में भी संषोधन किया जाए। नियम-12 के अनुसार दो निंदन की सजा दिये जाने पर नियोजन स्वतः समाप्त समझे जाने का का प्रावधान है। समिति का मंतव्य है कि यह नियम Service Jurisprudence(सेवा विधिषास्त्र) के सिद्धांतों के विपरीत है। समिति की अनुषंसा है कि सजा गलती के समानुपातिक होनी | नियोजन की अवधि के संदर्भ में वर्त्तमान में प्रवृत्त नियमावली का प्रावधान लागू रहेगा। सामान्य अनुषंसा की कंडिका-ग, घ, ज, एवं त स्वीकृत। नियोजन की अवधि के संदर्भ में वर्त्तमान में प्रवृत्त नियमावली का प्रावधान लागू रहेगा। सामान्य अनुषंसा की कंडिका-ग, घ,एवं त स्वीकृत। | |
| चाहिए। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि ग्राम कचहरी सचिवों ने अपने अभ्यावेदन में इस बात का उल्लेख किया है कि वर्ष 2007 की नियमावली में शैक्षणिक योग्यता मैट्र्र्र्रिक थी, जिसे वर्ष 2014 में इंटरमीडिएट (102) कर दिया गया है। इस संषोधन के कारण ग्राम कचहरी सचिव के लिये पुनः नौकरी पाना संभव नहीं होगा। चूँकि समिति की अनुषंसा है कि ग्राम कचहरी सचिवों को 60 वर्ष की आयु तक रखा जा सकता है, अतः इस संषोधन से वे प्रभावित नहीं होंगे। यह संषोधन नयी नियुक्तियों, जो अन्यथा रिक्त पदों के लिये की जाएंगी, के मामले में ही प्रभावी होंगी। इसके अतिरिक्त कंडिका- ग, घ, एवं त में दी गयी अनुषंसाओं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, को लागू किया जा सकता है। | |||
| 23232323.... | 10 पर्यावरण एवं वन विभाग 46464646....2222....10 पर्यावरण एवं वन विभाग वन एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत पर्यावरण कोषांग में एक पद गैर योजना मद मेंं सृजित किया गया है। तत्काल इस पद पर संविदा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति कार्यरत है। समिति की अनुशंसा है कि इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। चूँकि पद स्थाई है, इस पर नियमित नियुक्ति आवश्यक है। नियमित नियुक्ति के समय वर्तमान पदधारक को नियमित नियुक्ति प्रक्रियामें भाग लेने हेतु ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। वर्ग 3 संविदा कर्मियों के संदर्भ में कंडिका च में दी गयी अनुषंसा भी लागू की जा सकती है। ( (i)))) संजय गाँधी जैविक उद्यान संजय गाँधी जैविक उद्यान ( ( संजय गाँधी जैविक उद्यान में दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मियों के अभ्यावेदन एवं विभागीय प्रतिवेदन पर विस्तृत चर्चा ऊपर की गयी है। इस मामले में विधि विभाग की भी राय ली गयी है। समिति विधि विभाग की निम्नलिखित राय से सहमत हैः- ...........जहाँ तक उद्यान में कार्यरत शेष 25 कर्मियों का संबंध है ''''''''........... ........... ........... इन्हें उम्र सीमा में छूट देते हुए उस नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने व प्रार्थना पत्र देने का लाभ दिया जा सकता है।'''''''' ( (ii)))) परियोजना निर्माण एवं अनुश्रवण इकाई परियोजना निर्माण एवं अनुश्रवण इकाई (PPMU) परियोजना निर्माण एवं अनुश्रवण इकाई ( ( परियोजना निर्माण एवं अनुश्रवण इकाई के गठन हेतु ग्यारह पदों पर, जिनका उल्लेख ऊपर किया जा चुका है, निर्धारित प्रक्रियाके अनुसरण में संविदा पर नियुक्तियाँ की गई हैं। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। इनके मानदेय में वार्षिक वृद्धि का प्रावधान है। ( ( ( (iii)))) दुर्गावती जलाशय परियोजना दुर्गावती जलाशय परियोजना इनके संबंध में विस्तार से ऊपर की संगत कंडिकाओं में उल्लेख किया गया है। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। इनके मानदेय में वार्षिक वृद्धि का प्रावधान है। | स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| ( (iv)))) दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ ( ( दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ इनके संबंध में विस्तृ ृत उल्लेख ऊपर की कंडिकाओं में किया गया है। अभ्यावेदन एवं विभागीय प्रतिवेदन से यह स्पष्ट है कि इनकी नियुक्तियाँ दैनिक वेतनभोगी के रूप में बिना किसी प्रक्रियाके अनुपालन में की गयी हैं। अतः ये अवैध नियुक्तियाँ हैं। इनके संबंध में सामान्य प्रषासन विभाग एवं विधि विभाग की राय ले कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। | स्वीकृत। | ||
| 24242424.... | 11 नगर विकास एवं आवास विभाग 46464646....2222....11 नगर विकास एवं आवास विभाग ( (i)))) कनीय अभियं ( ( कनीय अभियंताताताता कनीय अभियं कनीय अभियं इन कनीय अभियंताओं की नियुक्ति संविदा के आधार पर नियमित नियुक्ति में विलम्ब होने के कारण की गई हैं। अतः इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि नियमित नियुक्ति के समय इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्षन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। ( (ii)))) बिहार बिहार ष्ष्ष्षहरी आधारभूत विकास संरचना निगम लिमिटेड बिहार बिहार ाहरी आधारभूत विकास संरचना निगम लिमिटेड ( ( (बूडको) इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। ( (iii)))) ए0डी0बी0 सम्पोि ए0डी0बी0 सम्पोष्ष्ष्षित बिहार ए0डी0बी0 सम्पोि ए0डी0बी0 सम्पोि ात बिहार श्श्श्शहरी विकास निवे ात बिहार ात बिहार ाहरी विकास निवेष्ष्ष्ष काय ाहरी विकास निवे ाहरी विकास निवे ा कार्यक्रमक्रमक्रमक्रम ा काय ा काय ( ( इसके संबंध में ऊपर संगत कंडिकाओं में उल्लेख किया गया है। इनमें कार्यरत संविदा कर्मियों के संबंध में समिति की अनुषंसा है कि कंडिका-क, ग, घ, च, ज, एवं त दी गयी अनुषंसाओं में से उन अनुषंसाओं को लागू किया जा सकता है, जो पूर्व से लागू नहीं हैं। यहाँ इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया जाता है कि यह योजना ए0डी0बी0 सम्पोषित है। अतः समिति की उन्हीं अनुषंसाओं को लागू किया जा सकता है जो ए0डी0बी0 के साथ हुये एकरारनामा की शर्तों के उल्लंघन में न हाें। ाय प्राधिकरण के संविदा कर्मियों यही अनुषंसा राराराराष्ष्ष्ष्ट्रीट्रीट्रीट्रीय गंगा जला य गंगा जलाष्ष्ष्षय प्राधिकरण य गंगा जला ाय प्राधिकरण ाय प्राधिकरण के संदर्भ में भी दी जाती है। ( (iv)))) नगर प्रबंधक नगर प्रबंधक ( ( इनके संबंध में ऊपर संगत कंडिकाओं में उल्लेख किया गया है। विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि नियमित नियुक्ति हेतु नियमावली तैयार हो गयी है। विभाग द्वारा उच्च स्तरीय समिति की अनुषंसा के उपरान्त् नियमित नियुक्ति की कार्रवाई की जाएगी। समिति की अनुषंसा है कि नियमित नियुक्ति की कार्रवाई यथाषीघ्र कर ली जाए। नियुक्ति प्रक्रियामें संविदा पर नियोजित नगर प्रबंधक भी भाग ले सकेंगे। इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्षन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। जब तक नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती है, तब तक नगर प्रबंधकों के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| ( (v)))) बिहार राज्य आवास बोर्ड, पटना ( ( बिहार राज्य आवास बोर्ड, पटना बिहार राज्य आवास बोर्ड, पटना में संविदा पर कार्यरत कर्मियों का उल्लेख ऊपर किया गया है। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुषंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। ये अनुषंसाएं वरीय अंकेक्षक के मामले में भी लागू की जा सकती हैं। यहाँ यह स्पष्ट करना आवष्यक है कि ये अनुषंसाएं केवल उन्हीं कर्मियों के लिये लागू होंगी, जिनकी नियुक्ति निर्धारित प्रक्रियाके अनुसरण में की गई हैं। जिनकी सेवा वाह्य सेवा प्रदाता से ली गयी हैं, उनके संबंध में ये अनुषंसाएं लागू नहीं होंगी। | स्वीकृत। | ||
| 25252525.... | 12 पथ निर्माण विभाग 46464646....2222....12 पथ निर्माण विभाग ( (i)))) कनीय अभियंता (असैनिक एवं यांत्रिक) ( ( कनीय अभियंता (असैनिक एवं यांत्रिक) इनके संबंध में समिति द्वारा नगर विकास विभाग में संविदा पर कार्यरत कनीय अभियंताओं के लिये ऊपर दी गयी अनुषंसाएं लागू की जा सकती हैं। संपर्क कार्यालय, बिहार भवन, नई दिल्ली ( (ii)))) संपर्क कार्याल संपर्क कार्याल य, बिहार भवन, नई दिल्ली ( ( इनके संबंध में ऊपर संगत कंडिकाओं में उल्लेख किया गया है। जिन कर्मी की सेवा बिना किसी प्रक्रिया के अनुसरण के ली जा रही है वे नियुक्तियां अवैध हैं। इनके संबंध में विद्वान महाधिवक्ता की राय ले कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। | स्वीकृ स्वीकृत।त।त।त। स्वीकृ स्वीकृ स्वीकृत। | |
| 26262626.... | 13 राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 46464646....2222....13 राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ( (i)))) चकबंदी निदेशालय एवं भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ( ( चकबंदी निदेशालय एवं भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय संविदा पर कार्यरत कर्मियों के संबंध में विस्तार से उल्लेख ऊपर किया गया है। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। ( (ii)))) बिहार भूमि न्यायाधिकरण, पटना बिहार भूमि न्यायाधिकरण, पटना ( ( इसके संबंध में उल्लेख ऊपर की कंडिकाओं में किया गया है। इन कर्मियों की संविदा के आधार पर नियुक्तियाँ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसरण में की गयी हैं। अतः इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| 27272727.... | 14 जल संसाधन विभाग 46464646....2222....14 जल संसाधन विभाग कनीय अभियंता (असैनिक एवं यांत्रिक) इनके संबंध में समिति द्वारा नगर विकास विभाग में संविदा पर कार्यरत कनीय अभियंताओं के लिये ऊपर दी गयी अनुषंसाएं लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। | |
| 28282828.... | 15 लघु जल संसाधन विभाग 46464646....2222....15 लघु जल संसाधन विभाग कनीय अभियंता इनके संबंध में समिति द्वारा नगर विकास विभाग में संविदा पर कार्यरत कनीय अभियंताओं के लिये ऊपर दी गयी अनुषंसाएं लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। | |
| 29292929.... | 16 मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग 46464646....2222....16 मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ( (i)))) स्थानिक आयुक्त कार्यालय, बिहार भवन ( ( स्थानिक आयुक्त कार्यालय, बिहार भवन बिहार भवन में तीन चालक संविदा नियुक्ति के आधार पर कार्यरत हैं। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। ( (ii)))) बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय ( ( नियमित नियुक्ति हेतु बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी गयी है। जब तक नियुमित नियुक्ति नहीं होती है, इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। ( (iii)))) मुख्यमंत्री सचिवालय ( ( मुख्यमंत्री सचिवालय विभाग के प्रतिवेदन के अनुसार मुख्यमंत्री सचिवालय में डेटा एन्ट्री ऑपरेटरों की सेवा बेल्ट्रॉन से प्राप्त की गयी है। जन शिकायत कोषांग के लिये कार्यपालक सहायक की सेवा बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी से ली गयी है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि बेल्ट्रॉन से प्राप्त कर्मियों के संबंध में अलग शीर्ष के तहत अनुशंसा दी गयी है। जहाँ तक कार्यपालक सहायक का प्रश्न है, इनकी नियुक्ति बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसरण में संविदा के आधार पर की गयी है। अतः इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| 30303030.... | 17 ग्रामीण कार्य विभाग 46464646....2222....17 ग्रामीण कार्य विभाग ( (i)))) कनीय अभियंता ( ( कनीय अभियंता इनके संबंध में समिति द्वारा नगर विकास विभाग में संविदा पर कार्यरत कनीय अभियंताओं के लिये ऊपर दी गयी अनुषंसाएं लागू की जा सकती हैं। बिहार ग्रामीण पथ विकास अभिकरण (ब्राडा) ( (ii)))) बिहार ग्रामीण पथ विक बिहार ग्रामीण पथ विक ास अभिकरण (ब्राडा) ( ( अभिकरण में संविदा के आधार पर कार्यरत कर्मियों, यथा-वित्त प्रबंधक, सहायक वित्त प्रबंधक, सहायक लेखा प्रबंधक एवं लेखापाल के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। प्रशासी विभाग द्वारा समिति की अनुशंसा के आलोक में सक्षम प्राधिकार का आदेश प्राप्त कर मार्गदर्शन निर्गत किया जाएगा। | स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| 31313131.... | 18 लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग 46464646....2222....18 लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग कनीय अभियंता (असैनिक/यांत्रिक) इनके संबंध में समिति द्वारा नगर विकास विभाग में संविदा पर कार्यरत कनीय अभियंताओं के लिये ऊपर दी गयी अनुषंसाएं लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। | |
| 32323232.... | 19 विधि विभाग 46464646....2222....19 विधि विभाग चालक वर्तमान में संविदा पर कोई कर्मी कार्यरत नहीं हैै। | किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। | |
| 33333333.... | 20 कला संस्कृति एवं युवा विभाग कृति एवं युवा विभाग 46464646....2222....20 कला संस् 20 कला संस् ( (i)))) दीर्घा सहायक ( ( दीर्घा सहायक संविदा कर्मियों के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। नियमित नियुक्ति के समय इन कर्मियों को ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। बढ़ई ( (ii)))) बढ़ई ( ( संविदा के आधार पर एक बढ़ई कार्यरत है। नियमित नियुक्ति हेतु बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी गयी है। जब तक नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती है तब तक इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| 34343434.... | भवन निर्माण विभाग 46464646....2222....21212121 भवन निर्माण विभाग कनीय अभियंता इनके संबंध में समिति द्वारा नगर विकास विभाग में संविदा पर कार्यरत कनीय अभियंताओं के लिये ऊपर दी गयी अनुषंसाएं लागू की जा सकती हैं। | स्वीकृत। | |
| 35353535.... | 22 खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग 46464646....2222....22 खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग राज्य आयोग, उपभोक्ता संरक्षण, बिहार, पटना इनके प्रतिवेदन के अनुसार इनके यहाँ निम्नलिखित पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं- 1. कार्यालय परिचारी 2. कार्यपालकसहायक 3. आशुलिपिक 4. आई0टी0 ब्वॉय जैसा कि ऊपर की कंडिकाओं में विस्तार से उल्लेख करते हुये कहा गया है कि कार्यालय परिचारी की नियुक्ति अवैध नियुक्ति की श्रेणी में आयेगी। आशुलिपिक एवं आई0टी0 ब्वॉय की सेवा, सेवा प्रदाता से ली गयी है। अतः इनकी सेवा नियमित नहीं की जा सकती है। कार्यपालक सहायक की सेवा जिला पदाधिकारी के द्वारा संविदा नियुक्ति की प्रक्रियाका अनुसरण करते हुये गठित पैनल से ली गयी है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि कार्यपालक सहायक बेंच क्लर्क का काम देख रहे हैं। इस पद की नियमित नियुक्ति हेतु अधियाचना बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेजी गयी है। अतः कोई अनुषंसाअपेक्षित नहीं है। इसी प्रकार क्षेत्रीय स्तर पर जिला उपभोक्ता फोरम के पदों पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रियाप्रारंभ कर दी गयी है। | किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। आवष् आवष् आवष् यकता नहीं है। | |
| 36363636.... | 23 सामान्य प्रशासन विभाग 46464646....2222....23 सामान्य प्रशासन विभाग ( (i)))) बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान ( ( बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान समिति की अनुशंसा है कि संस्थान के महानिदेशक एक समिति का गठन करें जो इस बात की जाँच करेगी कि किन-किन नियुक्तियों में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविदा पर नियुक्ति हेतु निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण किया गया है एवं किन नियुक्तियों के संदर्भ में इस निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण नहीं किया गया है। जिन नियुक्तियों के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण किया गया है उनके संबंध में उन पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक संविदा पर नियुक्त कर्मियों के संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। नियमित पदों पर नियमित नियुक्ति में इन कर्मियों को, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। जिन नियुक्तियों में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविदा पर नियुक्ति हेतु निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण नहीं किया गया है उनके संबंध में संस्थान स्वंय सामान्य प्रषासन विभाग एवं विधि विभाग की राय लेकर कार्रवाई करना चाहेगा। ( (ii)))) बिहार राज्य सूचना आयोग बिहार राज्य सूचना आयोग ( ( बिहार राज्य सूचना आयोग में कम्प्यूटर ऑपरेटरों की सेवा बेल्ट्र्र्र्रॉन से प्राप्त की गयी है। इसके संबंध में समिति द्वारा अलग शीर्ष के तहत अनुशंसा दी गयी है। इसके अतिरिक्त आयोग में कार्यरत चालक एवं आदेशपाल की नियुक्ति में निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया है। अतः ये अवैध नियुक्तियां हैं। इनके संबंध में आयोग स्वयं सामान्य प्रषासन विभाग एवं विधि विभाग की राय लेकर कार्रवाई करना चाहेगा। ( (iii)))) बिहार लोक सेवा आयोग बिहार लोक सेवा आयोग ( ( बिहार लोक सेवा आयोग में जिन कर्मियों का अभ्यावेदन प्राप्त हुआ है। आयोग की ओर से कोई प्रतिवेदन नहीं दिया गया है। पूर्ण तथ्यों के अभाव के कारण समिति द्वारा कोई अनुषंसा नहीं दी जा रही है। ( (iv)))) बिहार मानवाधिकार आयोग बिहार मानवाधिकार आयोग ( ( आयोग में पाँच चालक एवं ग्यारह परिचारी संविदा के आधार पर कार्यरत हैं। इनकी नियुक्तियाँ संविदा के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की गयी है। अतः इनके संबंध में, जब तक नियमित नियुक्तियाँ नहीं होती हैं तब तक, कंडिका- क, ग, घ, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। वर्ग 3 संविदा कर्मियों के संदर्भ में कंडिका च में दी गयी अनुषंसा भी लागू की जा सकती है। नियमित नियुक्ति में इन कर्मियों को, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। ( ( ( (v)))) बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी सोसाइटी के विभिन्न स्तरों पर संविदा के आधार पर नियुक्त कर्मियों के संबंध में विस्तृत उल्लेख ऊपर संगत कंडिकाओं में किया गया है। चूँकि इन सभी कर्मियों की संविदा के आधार पर नियुक्तियाँ | स्वीकृत। स्वीकृत। किसी निर्णय की किसी निर्णय की किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की गयी हैं, अतः इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। समिति यह स्पष्ट करना चाहती है कि उपयु र्क्त अनुशंसा केवल उन्हीं कर्मियों के संबंध में लागू की जाएगी, जिनकी नियुक्तियाँ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविदा पर नियुक्ति हेतु निर्धारित प्रक्रिया के अनुपालन में की गयी हैं। जो कर्मी बिना निर्धारित प्रक्रियाके अनुपालन में नियुक्त किये गये हैं, उनके संबंध में ये अनुशंसाएं लागू नहीं होंगी। ( (vi)))) समाहरणालयों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारीगण समाहरणालयों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारीगण ( ( विभिन्न समाहरणालयों में वर्षो से दैनिक वेतनभोगी कर्मी कार्यरत ं हैं, जिन्हें बोलचाल की भाषा में उम्मीदवार अनुसेवक भी कहा जाता है। इनकी भी आकांक्षा है कि इनकी सेवा नियमित की जाए। इन्होंने समिति के समक्ष अभ्यावेदन भी दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने समय-समय पर इनके नियमितिकरण के लिये दिशा-निर्देश भी दिये हैं। कई बार नियमितिकरण की कार्रवाई की भी गयी है, लेकिन अभी भी एक बड़ी संख्या में ऐसे कर्मी कार्यरत हैं। इनके संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश के आलोक में समिति द्वारा किसी अनुषंसा की आवष्यकता नहीं रह जाती है। | किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। | ||
| 37373737.... | 24 कृषि विभाग ृषि विभाग 46464646....2222....24 क 24 क 24 क ( (i)))) आत्मा, कृषि प्राद्यौगिकी प्रबंधन अभिकरण ( ( आत्मा, कृषि प्राद्यौगिकी प्रबंधन अभिकरण अभिकरण में कार्यरत संविदा पर नियुक्त पदाधिकारियों/ कर्मचारियों के संबंध में यह कहा गया है कि इनको पाँच वर्ष से अधिक के लिये रखने का प्रावधान नहीं है। अतः इनकी सेवा समाप्त कर दी गयी थी। लेकिन उनके अनुरोध पर नियमित नियुक्ति होने तक उन्हें पुनः नियोजित कर लिया गया है। समिति की अनुशंसा है कि इनके संबंध में नियमित नियुक्ति होने तक कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। ( (ii)))) किसान सलाहकार किसान सलाहकार ( ( किसान सलाहकारों की नियुक्तियाँ पूर्णतया सलाहकार के पदों पर की गई हैं। विज्ञापन में अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष रखी गयी है। विभाग ने भी अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि किसान सलाहकार का चयन किसी भी तरह से संविदा पर नियोजन का मामला नहीं है। इन लोगों ने माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष एक याचिका सी0डब्ल्यू0जे0सी0 नं0-20052/2012 दायर किया था, जिसे खारिज कर दिया गया। किसान सलाहकारों ने अपने अभ्यावेदन में कहा है कि अन्य कर्मियों की तरह इनको भी 60 वर्ष की आयु तक रखने का प्रावधान किया जाए। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि बहुत से किसान सलाहकार पूर्व से ही 60 वर्ष की आयु से अधिक के हैं। लेकिन अधिकतर किसान सलाहकार 60 वर्ष की आयु से कम के हैं। अतः समिति की अनुशंसा है कि इनको कंडिका 'क' में उल्लिखित अनुशंसा के अनुसार 60 वर्ष तक अपना कार्य करने का अवसर दिया जा सकता है। 60 वर्ष से अधिक आयु जिन्होंने प्राप्त कर ली है उन पर चयन के समय जो शर्तें रखी गयी थी, वे ही लागू होंगी। दूसरे शब्दों में उनके संबंध में किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। इसके अतिरिक्त कंडिका- क, ग, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, | स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि किसी भी अन्य पद पर नियमित नियुक्ति, यथा-जनसेवक/ग्रामीण प्रसार कार्यकर्ता आदि की नियमित नियुक्ति के समय इनको किसी तरह की उम्र में छूट या अधिमानता नहीं दी जाएगी। वे आम अभ्यर्थियों की तरह अगर विज्ञापन की शर्ते ं ं पूरी करते हैं तो आवेदन दे सकते हैं। लेकिन किसान सलाहकार के रूप में कार्यरत होने के कारण नियमित नियुक्तियों में उन्हें किसी तरह की सुविधा देय नहीं है। जहाँ तक मानदेय का प्रश्न है, पूर्व में 2500/- रुपये मानदेय से बढ़ा कर 01.08.2015 से 8000/- रुपये कर दिया गया है। पुनः दिनांक 01/04/2017 के प्रभाव से 12000/- प्रति माह कर दिया गया है। अतः समिति द्वारा इस बिंदु पर कोई अनुशंसा नहीं दी जा रही है। यह भी निर्णय लिया गया कि सेवा अवधि के दौरान मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान दिया जायगा। अतः 'घ' में दी गयी अनुषंसा इनके मामले में लागू नहीं होगी। | |||
| 3 38888.... 3 3 | 46464646....2222....25 योजना एवं विकास विभाग 25 योजना एवं विकास विभाग सहायक निदेशक/जिला सांख्यिकी पदाधिकारी इनसे प्राप्त अभ्यावेदन से स्पष्ट है कि इनकी नियुक्तियाँ संविदा के आधार पर वर्ष 2011 में की गयी थी। इन कर्मियों को वर्ष 2013 में कार्य मुक्त कर दिया गया। वर्ष 2015 में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा विभाग की अधियाचना पर विज्ञापन निकाला गया। जहाँ तक कनीय सांख्यिकी सहायक/अन्वेषक/प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक का प्रश्न है, इनके संबंध में माननीय उच्च न्यायालय ने सी0डब्ल्यू0जे0सी0 नं0-18449/2013 में निम्नलिखित निर्णय दिया है- "In near future, any advertisment is notified and the petitioners applied for the said post, the Government will consider their cases in accordance with law giving the weightage to the work performed by them. As some persons have become overage, the Government will also consider their cases with respect to granting relaxation in age. If the Government by its own policy intends to regularize the service of its employees the Government would consider the cases of the petitioners also." हिन्दी हिन्दी अनुवाद हिन्दी हिन्दी अनुवाद "अगर निकट भविष्य में विज्ञापन निकाला जाता है एवं आवेदक उक्त पदों पर आवेदन देते हैं तो सरकार उनके मामले पर भी उनके द्वारा किये गये कार्य के लिये अधिमानता देते हुए नियमानुसार विचार करेगी। चूँकि कुछ आवेदकों की उम्र निर्धारित उम्र सीमा से अधिक हो गयी है, अतः सरकार उनके मामले में उम्र सीमा में छूट देने पर विचार करेगी। अगर सरकार अपनी नीति के तहत कर्मियों की सेवा नियमित करना चाहती है तो आवेदकों के मामले पर भी विचार | स्वीकृत। | |
| करेगी।" अतः समिति की अनुशंसा है कि जब तक नियमित नियुक्ति नहीं होती, तब तक ये कर्मी पूर्व की भाँति संविदा पर कार्य करते रहेंगे। नियमित नियुक्ति में इनके मामलों पर भी कंडिका-'झ' में दी गयी अनुशंसा के आलोक में अधिमानता एवं उम्र सीमा में छूट दी जा सकती है। अद्यतन नियमावली में अधिमानता एवं उम्र सीमा में छूट देने का प्रावधान किया गया है। | |||
| 3 39999.... 3 3 | 46464646....2222....26 गृह विभाग 26 गृह विभाग ( गृह विशेष विभाग-चालक चालक (i)))) गृह विशेष विभाग ( ( गृह विशेष विभाग गृह विशेष विभाग विभागीय पत्रांक-7075, दिनांक 25.06.2015 द्वारा गृह (विशेष) विभाग में संविदा पर नियोजित चालक श्री हृदय कुमार झा के संबंध में प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है। इनकी नियुक्ति, नियुक्ति प्रक्रियाका अनुसरण करते हुये संविदा के आधार पर की गयी है। दिनांक 01. 04.2014 के प्रभाव से कोसी बांध कटान न्यायिक जाँच आयोग के विघटन के फलस्वरूप इनकी सेवा वापस लेकर इन्हें विशेष सचिव, गृह विभाग के साथ प्रतिनियुक्त कर दिया गया है। समय-समय पर इनके नियोजन की अवधि का विस्तार किया जाता रहा है। एक मुश्त मानदेय रुपये 4500/- से बढ़ा कर रुपये 14000/- कर दिया गया है। समिति की अनुशंसा है कि विभाग अगर चालक के किसी पद पर नियमित नियुक्ति करता है तो इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। ( (ii)))) कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय ( ( पाँच पदों पर, यथा-परियोजना प्रबंधन पदाधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक, सांख्यिकी, कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं आशुलिपिक की संविदा के आधार पर नियुक्तियाँ की गयी हैं। लेकिन ये पद 31.03.2018 तक के लिये ही स्वीकृत हैं। अतः समिति की कोई अनुशंसा नहीं है। इसके अतिरिक्त एक वरीय सलाहकार एवं सलाहकार के पद स्वीकृत हैं, जिसके संंबंध में पूर्ण तथ्य उपलब्ध नहीं होने के कारण कोई अनुशंसा नहीं की जा रही है। कम्प्यूटर ऑपरेटर की सेवा बेल्ट्र्र्र्रॉन से ली गयी है। इनके संबंध में अलग शीर्ष के तहत अनुशंसा की गयी है। ( (iii)))) सामान्य चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सक सामान्य चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सक ( ( इनकी नियुक्तियाँ संविदा के आधार पर की गयी हैं। इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। जब भी इन पदों पर नियमित नियुक्तियाँ की जाएंगी इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है, अगर ऐसा करना मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया एवं अन्य अधिकृत विनियामक संस्थाओं के मार्गदर्शन के विपरीत न हो। ( ( ( (iv)))) गृह (आरक्षी) विभाग गृह (आरक्षी) विभाग डेटा एंट्री ऑपरेटर बेल्ट्रॉन से लिये गये हैं, अतः इनके संबंध में अलग से अनुशंसा की गयी है। | स्वीकृत। किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| निम्न वर्गीय लिपिकों का संविदा के आधार पर नियोजन नियमित नियुक्ति में विलम्ब के कारण किया गया है। जब तक नियमित नियुक्ति नहीं होती है तब तक इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। नियमित नियुक्ति में इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि सैनिक कल्याण निदेशालय के अधीनस्थ जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में कार्यरत निम्न वर्गीय लिपिक के संबंध में यह अनुशंसा लागू नहीं होगी क्योंकि ये कर्मी फौज के भूतपूर्व सुबेदार एवं हवलदार हैं जिनकी नियुक्ति की शर्ते ं ं अलग हैं। भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण हेतु धन संग्रह करने के लिये राज्य सरकार की स्थायी योजना के अंतर्गत एक क्षेत्रीय पदाधिकारी (अराजपत्रित) का नियोजन संविदा के आधार पर किया गया है। अतः उनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर, जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। जब भी इस पद पर नियमित नियुक्ति की जाएगी, इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। ( (v)))) बिहार पुलिस संविदा चालक बिहार पुलिस संविदा चालक ( ( नियमित नियुक्तियों के लिये नियमावली बना ली गयी है एवं नियमित नियुक्ति प्रक्रियाधीन है, अतः समिति द्वारा कोई अनुषंसा अपेक्षित नहीं है। ( (vi))))विधि विज्ञान प्रयोगशाला एवं वरीय वैज्ञानिक सहायक विधि विज्ञान प्रयोगशाला एवं वरीय वैज्ञानिक सहायक ( ( चूँकि विभाग से कोई प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। अतः सभी तथ्योें के नहीं रहने के कारण समिति द्वारा कोई अनुषंसा नहीं दी जा रही है। | किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। | ||
| 40404040.... | 27 अल्पसंख्यक कल्याण विभाग 46464646....2222....27 27 27 अल्पसंख्यक कल्याण विभाग प्रोग्रामर एवं डेटा एंट्र्र्र्री ऑपरेटर बेल्ट्र्र्र्रॉन से लिये गये हैं जिनके संबंध में अलग शीर्ष के तहत अनुशंसा की गयी है। इसके अतिरिक्त दो कार्यपालक सहायक कार्यरत हैं जिनकी सेवा जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा संधारित प्रतीक्षा सूची से प्राप्त की गयी है। इनके संबंध में अलग शीर्ष के तहत अनुशंसा की गयी है। | किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। | |
| 41414141.... | 46464646....2222....28 खान एवं भू-तत्व विभाग 28 खान एवं भू-तत्व विभाग 01 प्रोग्रामर एवं 06 डेटा एंट्र्र्र्री ऑपरेटर बेल्ट्र्र्र्रॉन से लिये गये हैं जिनके संबंध में अलग शीर्ष के तहत अनुशंसा की गयी है। 01 आई0टी0 मैनेजर कार्यरत है जिनका नियोजन बिहार प्रशासनिक मिशन सोसाइटी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए किया गया है। इनके संबंध में अलग शीर्ष के तहत अनुशंसा की गयी है। | किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। | |
| 42424242.... | 46464646....2222....29 पशुपालन विभाग 29 पशुपालन विभाग ( (i)))) भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड पशुपालन ( ( पदाधिकारी के नियमित पदों पर नियमित नियुक्ति में विलम्ब के कारण संविदा के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसरण में नियुक्तियाँ की गयी हैं। जब तक नियमित नियुक्तियाँ नहीं हो जाती हैं तब तक इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। नियमित नियुक्ति में इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। ( गब्य विकास निदेशालय-डेयरी फिल्ड ऑफिसर ी फिल्ड ऑफिसर (ii) ) ) ) गब्य विकास निदेशालय-डेयर ( ( गब्य विकास निदेशालय-डेयर गब्य विकास निदेशालय-डेयर 2012 में डेयरी फिल्ड ऑफिसर के पद पर 21 उम्मीदवरों की संविदा के आधार पर नियुक्तियाँ की गयी हैं। नियमित नियुक्तियों के लिये बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी गयी है। अभ्यावेदन मे कहा गया है कि नियमावली में परिवर्तन के ं कारण पूर्व से संविदा के आधार पर कार्य किये बहुत से अभ्यर्थी आवेदन नहीं दे सके हैं। अतः इन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष सी0डब्ल्यू0जे0सी0 नं0-9689/2014 दायर किया है। चूँकि मामला न्यायालय के विचाराधीन है, अतः समिति इस बिंदु पर कोई अनुशंसा नहीं दे रही है। ( मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (iii) ) ) ) मत्स्य प्रसार पदाधिकारी ( ( चूँकि वर्तमान में कोई मत्स्य प्रसार पदाधिकारी संविदा पर कार्यरत नहीं है, अतः कोई अनुषंसा नहीं की गयी है। ( (iv) ) ) ) मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक ( ( मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं।समिति की यह भी अनुशंसा है कि नियमित नियुक्ति में इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। | स्वीकृत। किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवआवआवआवष्यकता नहीं है। ष्यकता नहीं है। किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। स्वीकृत। | |
| 43434343.... | 46464646....2222....30 आपदा प्रबंधन विभाग 30 आपदा प्रबंधन विभाग ( (i)))) विभाग में चालक के 06 पद स्वीकृत हैं जिनमें 04 पदों पर ( ( संविदा के आधार पर नियुक्ति की गयी है। समिति की अनुशंसा है कि इनके संबंध में कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं। समिति की यह भी अनुशंसा है कि नियमित नियुक्ति में इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। ( ( ( (ii))))बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार पाँच डेटा एंट्री ऑपरेटर बेल्ट्रॉन से लिये गये हैं, जिनके संबंध में अलग से अनुशंसा की गयी है। इसके अतिरिक्त कुल आठ चालकों के पद पर पाँच चालकों की संविदा के आधार पर नियुक्तियाँ की गयी हैं। समिति की अनुशंसा है कि इनके संबंध में | स्वीकृत। स्वीकृत। | |
| कंडिका- क, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाएं, उन अनुषंसाओं को छोड़ कर जो पूर्व से लागू हैं, लागू की जा सकती हैं।समिति की यह भी अनुशंसा है कि नियमित नियुक्ति में इनको, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, उम्र सीमा में छूट एवं कार्य अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जा सकती है। | |||
| 44444444.... | 46464646....2222....31 बेल्ट्रॉन से प्राप्त डेटा एंट्री ऑपरेटर 31 बेल्ट्रॉन से प्राप्त डेटा एंट्री ऑपरेटर यहाँ यह उल्लेखनीय है कि डेटा एंटी ऑपरेटर सरकार के प्रायः सभी विभागों, क्षेत्रीय कार्यालयों, परियोजनाओं, निगमों, प्राधिकारों आदि सभी संस्थानों में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। वास्तव में अब चूँकि टंकक नहीं रह गये हैं, अतः टंकण का सारा कार्य डेटा एंट्री ऑपरेटर ही कर रहे हैं। प्रबंध निदेशक, बेल्ट्रॉन नेे वार्ता के क्रम में बताया कि लगभग 8800 डेटा एंट्री ऑपरेटर विभिन्न विभागों, क्षेत्रीय कार्यालयों, परियोजनाओं, निगमों, प्राधिकारों आदि में कार्यरत हैं। इनमें लगभग आधे से अधिक स्थानों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति हेतु पद सृजित नहीं हैं। कार्य की महत्ता को देखते हुये बेल्ट्रॉन द्वारा वाह्य सेवा प्रदाता से प्राप्त डेटा एंट्री ऑपरेटर की सेवा उपलब्ध करायी गयी है। अतः समिति की अनुशंसा है कि सरकार द्वारा बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद को निर्देश दिया जा सकता है कि वे टंकण की दक्षता जाँच हेतु एक संयुक्त परीक्षा आयोजित करे, जिसमें पूर्व से सरकार के विभिन्न विभागों, क्षेत्रीय कार्यालयों, परियोजनाओं आदि में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटरों को उनके द्वारा जितने वर्षो के लिये कार्य किया गया है, उतने वर्षो ं की उम्र सीमा ं में छूट दी जाए एवं अधिकतम पाँच वर्षो के लिये अनुभव के आधार ं पर, ऊपर कंडिका 'झ' में दिये गये मार्गदर्शन के अनुसार, अधिमानता दी जाए तथा संयुक्त परीक्षा के आधार पर एक मेधा सूची तैयार की जाए। मेधा सूची तैयार करने में संविदा नियुक्तियों की अन्य शर्तें, यथा-आरक्षण अधिनियम आदि का अनुपालन करना होगा। इस प्रकार तैयार की गयी मेधा सूची से सभी जरूरतमंद विभागों, क्षेत्रीय कार्यालयों, परियोजनाओं एवं अन्य संस्थानों में इनकी सेवा उपलब्ध करायी जाएगी। इस पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा क्योंकि सभी विभागों/क्षेत्रीय कार्यालयों/परियोजनाओं आदि में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटरों को वर्तमान में भी मानदेय दिया जा रहा है। संविदा के आधार पर नियुक्ति हेतु पद सृजन की आवश्यकता होगी। समिति की अनुशंसा है कि बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद द्वारा संयुक्त प्रतियोगिता के आधार पर चयन की प्रक्रिया आरंभ की जाए। इस बीच सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभिन्न विभागों से पदों की आवश्यकता के संबंध में आंकड़े प्राप्त कर पद सृजन का प्रस्ताव समेकित रूप से विभिन्न विभागों के लिये प्रशासी पद वर्ग समिति के समक्ष रखा जाए। प्रशासी पद वर्ग समिति द्वारा जब प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा उस समय विभिन्न विभागों के सचिव/प्रधान सचिव को उनके यहाँ कितनी रिक्तियों की आवश्यकता है, के संबंध में औचित्य देना होगा। यह व्यवस्था केवल इसलिए की जा रही है ताकि पदों के सृजन में विलम्ब न हो। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि बेल्ट्र्र्र्रॉन से प्राप्त डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवा विभिन्न अस्थायी परियोजनाओं/योजनाओं एवं अतिरिक्त कार्य बोझ के कारण प्राप्त की गयी है। अतः यह आवश्यक है कि प्रत्येक पाँच वर्ष पर इस बात की समीक्षा की जाए कि कितने डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवा की आवश्यकता है। | बेल्ट्रॉन के माध्यम से सेवा प्रदत्त डाटा इन्ट्री ऑपरेटरों की सेवा सभी विभागों द्वारा ली जा रही है। अतः सभी विभागों से परामर्श करते हुए इनके संदर्भ में पुनर्विचार कर अनुशंसा समर्पित करने हेतु इस मामले को उच्च स्तरीय समिति को वापस किया जाय। | |
| तद्नुसार, पदों का सृजन किया जा सकता है। अतः तत्काल संविदा नियुक्तियों के लिये पाँच वर्षो के लिये पदों का सृजन किया जाए। ं पाँच वर्ष के बाद आवश्यकतानुसार इन पदों का विस्तार आदि के संबंध में निर्णय लिया जा सकता है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी की योजना के तहत भी प्रत्येक जिलाधिकारी संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया का अनुसरण करते हुये कार्यपालक सहायक का पैनल तैयार कर उसका संधारण करते हैं। इसका एक लाभ यह है कि सभी विभागों एवं संस्थानों को आवश्यकतानुसार योग्य कार्यपालक सहायक की सेवा उपलब्ध हो जाती है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी की योजना के लिये भी पदों का सृजन पाँच वर्षो के लिये किया गया ं है। समिति इस बात से अवगत है कि चूँकि इन कर्मियों की सेवा वाह्य सेवा प्रदाता से प्राप्त है, अतः इस तरह का प्रमाण पत्र, कि वे कितने दिन सेवा किये एवं उनका कार्य अनुभव किस प्रकार का है, देने मे कठिनाई होगी। अतः समिति की अनुशंसा है कि ये कर्मी ं जिस कार्यालय में कार्य करते हैं, यह प्रमाण पत्र उनके कार्यालय प्रधान द्वारा दिया जाना चाहिए और अगर कार्यालय प्रधान द्वारा यह प्रमाण पत्र दिया जाता है तो वे जितनी अवधि के लिये कार्य किये हैं, उम्र सीमा में उतने ही वर्षो की छूट दी जाएगी एवं अधिमानता ं भी अनुभव की अवधि के आधार पर ही दी जाएगी जैसा कि ऊपर कंडिका 'झ' में वर्णित है। इस तरह से नियोजित डेटा एंट्री ऑपरेटरों को कंडिका- क, ख, ग, घ, च, ज, एवं त में दी गयी अनुशंसाओं का लाभ प्राप्त होगा। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि कई परियोजनाओं/विभागों/ क्षेत्रीय कार्यालयों/संस्थानों में अप्रत्याशित कार्य बोझ के कारण अस्थायी तौर पर डेटा एंट्री ऑपरेटरों की आवश्यकता हो सकती है, जबकि इन अतिरिक्त डेटा एंट्री ऑपरेटरों के लिये उनके यहाँ संविदा नियुक्ति हेतु पद सृजित नहीं हैं। ऐसी स्थिति में आकस्मिक प्रकृति के अतिरिक्त कार्य बोझ के लिये विभागीय सचिव/प्रधान सचिव एवं अन्य संस्थानों के लिये सक्षम प्राधिकार की अनुमति से वे अस्थायी तौर पर बेल्ट्रॉन से वाह्य सेवा शर्तो पर डेटा एंट्री ं ऑपरेटरोंं की सेवा ले सकते हैं। परन्तु यह अवधि किसी भी स्थिति में छः महीने से अधिक की नहीं होगी। अगर छः महीने से अधिक की आवश्यकता हो तो सक्षम प्राधिकार को संविदा पर नियुक्ति हेतु पद सृजन की कार्रवाई करनी चाहिए, जिन पर बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद द्वारा संधारित मेधा सूची से संविदा नियुक्ति हेतु डेटा एंट्री ऑपरेटर लिये जा सकें। समिति की अनुशंसा है कि डेटा एंट्री ऑपरेटरों के लिये केवल समिति की अनुशंसा है कि डेटा एंट्री ऑपरेटरों के लिये केवल के लिये केवल के लिये केवल बेल्ट्रॉन को सेवा प्रदाता घोषित किया जाए।यह अनुषंसा बिहार बेल्ट्रॉन को सेवा प्रदाता घोषित किया जाए।यह अनुषंसा बिहार बेल्ट्रॉन को सेवा प्रदाता घोषित किया जाए।यह अनुषंसा बिहार बेल्ट्रॉन को सेवा प्रदाता घोषित किया जाए।यह अनुषंसा बिहार प्रषासनिक सुधार मिषन सोसाइटी के माध्यम से उपलब्ध कराये जा प्रषासनिक स ुधार मिषन सोसाइटी के माध्यम से उपलब्ध कराये जा प्रषासनिक स स ुधार मिषन सोसाइटी के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे कार्यपालक सहायक, आई0टी0 सहायक एवं आई0टी0 प्रबंधक रहे कार्यपालक सहायक, आई0टी0 सहायक एवं आई0टी0 प्रबंधक की व्यवस्था को किसी रूप में प्रभावित नहीं करेगी। विभाग अपनी की व्यवस्था को किसी रूप में प्रभावित नहीं करेगी। विभाग अपनी की व्यवस्था को किसी रूप में प्रभावित नहीं करेगी। विभाग अपनी की व्यवस्था को किसी रूप में प्रभावित नहीं करेगी। विभाग अपनी स्वेच्छा से बेल्ट्रॉन से डेटा एंट्री ऑपरेटर अथवा बिहार प्रषासनिक स्वेच्छा से बेल्ट्रॉन से डेटा एंट्री ऑपरेटर अथवा बिहार प्रषासनिक स्वेच्छा से बेल्ट्रॉन से डेटा एंट्री ऑपरेटर अथवा बिहार प्रषासनिक स्वेच्छा से बेल्ट्रॉन से डेटा एंट्री ऑपरेटर अथवा बिहार प्रषासनिक सुधार मिषन सोसाइटी से कार्यपालक सहायक आदि कर्मियों की ार्यपालक सहायक आदि कर्मियों की सुधार मिषन सोसाइटी से क ार्यपालक सहायक आदि कर्मियों की ार्यपालक सहायक आदि कर्मियों की सेवा प्राप्त कर सकता है। इस बिन्दु का स्पष्ट उल्लेख किया जाना आवश्यक है कि वाह्य सेवा प्रदाता से किसी कर्मी की सेवा प्राप्त करने में भी आरक्षण सेवा प्रदाता से किसी कर्मी की सेवा प्राप्त करने में भी आरक्षण अधिनियम का दृढता के साथ पालन आवश्यक है। | |||
| 45454545.... | 32 बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद 46464646....2222....32 बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद पर्षद के कर्मचारियों द्वारा एक अभ्यावेदन दिया गया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ये कर्मचारीगण बहुत दिनों से कार्यरत हैं। अतः उन्होंने अनुरोध किया है कि इनकी सेवा नियमित की जाए। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि इन कर्मचारियों का नियोजन बिना किसी विज्ञापन एवं बिना किसी नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसरण के किया गया है, अतः सभी नियुक्तियाँ अवैध हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिवेदन नहीं दिया गया है। अतः सभी तथ्योें के नहीं रहने के कारण समिति द्वारा कोई अनुषंसा नहीं दी जा रही है। | किसी निर्णय की किसी निर्णय की आवष्यकता नहीं है। आवष्यक आवष्यक ता नहीं है। | |
| समिति की समिति की समिति की समिति की अनुशंसाओं अनुशंसाओं अनुशंसाओं अनुशंसाओं को लागू को लागू करने हेतु करने हेतु करने हेतु करने हेतु प्रक्रिया | 46464646.... | 46464646....3333 सामान्य प्रषासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-3/एम-78/ 2005-का0 2401, दिनांक- 18.07.2007 द्वारा संविदा पर नियुक्तियों के संबंध में विस्तृत निर्देश दिये गये हैं। अतः यह आवश्यक है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रिमंडल का अनुमोदन प्राप्त कर सामान्य प्रषासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-3/एम-78/2005-का0 2401, दिनांक 18.07.2007 में मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित अनुशंसाओं का समावेश कर संशोधित संकल्प निर्गत किया जाए। तत्पश्चात् सभी विभागों द्वारा कार्यपालिका नियमावली में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आदेश निर्गत किये जायेंगे। प्रत्येक विभाग के सचिव/ प्रधान सचिव द्वारा एक वरीय पदाधिकारी को नोडल ऑफिसर के रूप में नामित किया जाएगा जो समिति के अनुषंसाओं के कार्यान्वयन संबंधी संचिकाओं को सचिव/प्रधान सचिव को सीधे उपस्थापित कर सकेंगे। नोडल पदाधिकारी का दायित्व होगा कि वे कार्यपालिका नियमावली में निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए समय सीमा के अंदर समिति के अनुषंसाओं के कार्यान्वयन को सुनिष्चित करेंगे। | स्वीकृत |
राजेन्द्र राम, सरकार के अपर सचिव।
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[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)
ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 8%&'5)1+10'ड(cid:17)&ट-&प(cid:17)&? Website: http://egazette.bih.nic.in