िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत
2(cid:18) भ(cid:4)(cid:20) 1(cid:22)4(cid:24) (cid:25)श(cid:24)(cid:26)
((((स(cid:27)(cid:24) पटन(cid:4) (cid:18)(cid:30)1) ) ) ) पटन(cid:4)(cid:31) ब१घव(cid:4)र(cid:31) 11119999 िसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बरररर 2018201820182018 सं॰ ए0/पी0एम0-05/2018-7789/जे0 विधिविधिविधिविधि विभागविभागविभागविभाग
——— ladYiladYiladYiladYi 18181818 flrEcj 2018flrEcj 2018flrEcj 2018flrEcj 2018
02 अक्टूबर, 2019 को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती मनाने का सौभाग्य बिहार सरकार को प्राप्त हुआ है। इस समारोह का उद्देश्य राष्ट्रपिता के स्मृतियों को पुनर्जीवित करते हुए गाँधी जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है। राष्ट्रीय स्तर पर भी इस उद्देश्य हेतु महात्मा गांधी के 150वीं जयंती के आयोजन हेतु समिति का गठन किया गया है, जिसकी बैठक दिनांक 02.05.2018 को महामहिम राष्ट्रपति महोदय की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित की गयी थी। माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा इस बैठक में कहा गया कि भारत में विशेष अवसरों पर सामूहिक क्षमा की प्रथा रही है एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-432 में भी विहित प्रक्रिया अपनाकर सजा से क्षमा का प्रावधान है। माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने यह भी सुझाव दिया कि गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर गंभीर मामले यथा-हत्या, बलात्कार, दहेज हत्या, आतंक, देशद्रोह आदि में संलिप्त विचाराधीन कैदी अथवा दोषसिद्ध अपराधी को छोड़कर छोटे मामलों में विहित प्रक्रिया अपनाते हुए सामुहिक क्षमादान देने पर विचार किया जाए। इसमें महिला कैदी अथवा ऐसे कैदी जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है, को प्राथमिकता दी जा सकती है। माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने कहा कि इसके लिए अगर कानून में कोई प्रावधान करने की आवश्यकता है तो उस पर भी विचार किया जाना चाहिए।
2. दिनांक 17 जून, 2018 को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की चौथी बैठक में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार श्री नीतीश कुमार के अभिभाषण में कहा गया था कि-''भारत में विशेष अवसरों पर सामूहिक क्षमा की प्रथा रही है। गाँधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर हमारा सुझाव होगा कि गंभीर मामले में संलिप्त विचाराधीन कैदी अथवा दोषसिद्ध अपराधी को छोड़कर छोटे मामलों में विहित प्रक्रिया अपनाते हुए सामुहिक क्षमादान देने पर विचार किया जा सकता है। इसमें महिला कैदी अथवा ऐसे कैदी जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है उसको प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके लिए अगर कानून में कोई प्रावधान करने की आवश्यकता है तो उस पर भी विचार किया जा सकता है।''2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 19191919 िसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बर र र र 2018201820182018 3. माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सुझाव के आलोक में विचारोपरान्त गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सं0 17013/17/2018-PR दिनांक 31.07.2018 के साथ संलग्न गृह सचिव, भारत सरकार के अर्द्ध सरकारी पत्र सं0 V-17013/17/2018-PR दिनांक 28.07.2018 द्वारा सूचित किया गया है कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के जन्म दिवस के अवसर पर 02 अक्टूबर 2018 से 02 अक्टूबर 2020 तक 150 वीं जयन्ती मनाने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयन्ती के अवसर पर भारत सरकार ने विषेष श्रेणी के सजावार बंदियों जिन्होने कारा में लगातार स्वच्छ आचरण बनाये रखा है, को विशेष परिहार देने का निर्णय लिया है। यह विशेष परिहार और बंदियों की रिहाई राष्ट्रपिता एवं उन मानवीय मूल्यों जिसके पक्ष में महात्मा गाँधी सदैव खड़े रहे, के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
4. गृह मंत्रालय, भारत सरकार के परामर्ष के अनुसार विषेष परिहार के आलोक में बंदियों की रिहाई तीन चरणों में की जायेगी। पहले चरण में 02 अक्टूबर 2018 को, दूसरे चरण में 06 अप्रैल 2019 को तथा तीसरे चरण में 02 अक्टूबर 2019 को बंदियों की रिहाई की जायेगी। बंदियों की रिहाई हेतु प्रथम चरण में विचार के लिए अंतिम तारीख 01 अक्टूबर 2018, दूसरे चरण में विचार के लिए अंतिम तारीख 05 अप्रैल 2019 तथा तीसरे चरण में विचार के लिए अंतिम तारीख 01 अक्टूबर 2019 मानी जायेगी।
5. गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने विषेष परिहार प्राप्त करने वाले सजावार बंदियों की योग्यता एवं अयोग्यता निर्धारित किया है।
6. गृह मंत्रालय, भारत सरकार के उक्त निर्णय एवं परामर्ष के आलोक में राज्य सरकार ने निम्न श्रेणियों के सजावार बंदियों, जिन्होंने अपने संसीमन अवधि के दौरान लगातार अच्छा आचरण बनाये रखा है, को विषेष परिहार स्वी—त एवं उन्हें रिहा करने का निर्णय लिया हैः-
(क) 55 वर्ष तथा इससे ऊपर के महिला बंदी जिन्होंने अपने वास्तविक सजावधि का 50 प्रतिषत बिना परिहार के काट लिया है, (काटी गई सजावधि में बंदियों द्वारा अर्जित सामान्य परिहार की गणना नहीं की जायेगी)।
(ख) 55 वर्ष तथा इससे ऊपर के ट्रांसजेन्डर (Transgender) बंदी जिन्होंने अपने वास्तविक सजा का 50 प्रतिषत बिना परिहार के काट लिया है, (काटी गई सजावधि में बंदियों द्वारा अर्जित सामान्य परिहार की गणना नहीं की जायेगी)।
(ग) 60 वर्ष या इससे ऊपर के सजावार पुरूष बंदी जिन्होंने अपने वास्तविक सजा का 50 प्रतिषत बिना परिहार के काट लिया है, (काटी गई सजावधि में बंदियों द्वारा अर्जित सामान्य परिहार की गणना नहीं की जायेगी)।
(घ) शारीरिक रूप से अषक्त/विकलांग बंदी जिनकी विकलांगता का प्रतिषत 70 या उससे अधिक हो (चिकित्सा पर्षद से संपुष्ट) और जिन्होंने अपने वास्तविक सजा का 50 प्रतिषत बिना परिहार के काट लिया है, (काटी गई सजावधि में बंदियों द्वारा अर्जित सामान्य परिहार की गणना नहीं की जायेगी)।
(ड़) असाध्य रोग से ग्रसित बंदी (चिकित्सा पर्षद से संपुष्ट), (च) सजावार बंदी जो अपनी वास्तविक सजा का दो तिहाई (66 प्रतिषत) बिना परिहार का काट लिया है। (काटी गई सजावधि में बंदियों द्वारा अर्जित सामान्य परिहार की गणना नहीं की जायेगी)।
7. विषेष परिहार निम्न श्रेणियों के बंदियों को देय नहीं होगा।
(क) वैसे सजावार बंदी जिसे मृत्यु दण्ड की सजा अधिरोपित हो अथवा मृत्यु दण्ड की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित किया गया हो,
(ख) वैसे सजावार बंदी जिसे उस अपराध के लिए मृत्यु दण्ड एक सजा के रूप में दिये जाने का प्रावधान हो,
(ग) वैसे सजावार बंदी जिसे उस अपराध के लिए आजीवन कारावास एक सजा के रूप में दिये जाने का प्रावधान हो,
(घ) वैसे सजावार बंदी जो आतंकवादी एवं विघटनकारी गतिविधि (निवारण) अधिनियम, 1985 (TADA), आतंकवाद निरोधक कानून, 2002 (POTA), विधि विरूद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1982 (NSA), आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923, हाईजैकिंग रोधी कानून, 2016 में सजा प्राप्त हों अथवा लिप्त रहे हों,
(ड़) दहेज हत्या के सजावार बंदी,3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 19191919 िसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बर र र र 2018201820182018 (च) करेंसी नोटों या बैंक नोटाें का कूटकरण (FICN) के सजावार बंदी (भा0द0वि0 1860 की धारा 489 A से E तक),
(छ) वैसे बंदी जो बलात्कार, मानव तस्करी और लैगिंक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम, 2012 (POCSO) एवं अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के अन्र्तगत सजा प्राप्त हाें,
(ज) वैसे बंदी जो धनषोधन निवारण अधिनियम, 2002, विदेषी मुद्रा प्रवधान अधिनियम, 1999 (FEMA), कालाधन (अघोषित विदेषी आय और सम्पति) और कराधान अधिनियम, 2015 के अन्र्तगत सजा प्राप्त हों,
(झ) वैसे बंदी जो स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS) के अन्र्तगत सजा प्राप्त हों,
(्ञ) वैसे बंदी जो सामूहिक विनाष के हथियारों के प्रावधानों और उनके वितरण (गैर कानूनी गतिविधि का प्रतिषेध) अधिनियम, 2005 के अन्र्तगत सजा प्राप्त हों, (ट) वैसे बंदी जो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अन्र्तगत सजा प्राप्त हों, (ठ) वैसे बंदी जो राज्य के विरूद्ध अपराध (अध्याय-6 भा0द0वि0) के अन्र्तगत सजा प्राप्त हों, (ड) वैसे अन्य विधि जिसके अन्र्तगत सजा प्राप्त बंदी, जिन्हें राज्य सरकार मुक्त करना उचित न समझती हो।
8. वैसे सजावार बंदी जो विषेष परिहार हेतु कंडिका-4 में निर्दिष्ट योग्यता पूरी करते हों तथा कंडिका-5 में निर्दिष्ट अयोग्यताओं से मुक्त हों, को जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा चिन्हित किया जायेगा। इस समिति के निम्न सदस्य होंगेः-
(क) जिला पदाधिकारी - अध्यक्ष (ख) असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी - सदस्य - सदस्य (ग) जिला अभियोजन पदाधिकारी - सदस्य सचिव (घ) काराधीक्षक
(जिले में एक से अधिक कारा होने की स्थिति में जिले के वरीय काराधीक्षक)
समिति असाध्य एवं गंभीर रोग विषेष के विषेषज्ञ चिकित्सक को सदस्य के रूप में आमंत्रित कर सकेगी। 9. जिलास्तरीय समिति विषेष परिहार के योग्य पाये गये बंदियों को चिन्हित कर अपना प्रतिवेदन संलग्न अनुलग्नक-1 में निर्धारित समय सीमा के अन्दर राज्यस्तरीय समिति को भेजेगी। समिति अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से अंकित करेगी कि बंदी विषेष परिहार हेतु कंडिका-4 में निर्धारित योग्यता पूरी करते हैं तथा कंडिका-5 में वर्णित अयोग्यता से पूरी तरह मुक्त हैं।
10. राज्य सरकार जिलास्तरीय समिति द्वारा चिन्हित विषेष परिहार के योग्य बंदियों की जाँच के लिए एक राज्यस्तरीय समिति का गठन करेगी, जिसके निम्न सदस्य होंगेः-
(क) प्रधान सचिव, गृह विभाग - अध्यक्ष - सदस्य (ख) सचिव, विधि विभाग (ग) महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ - सदस्य
11. राज्यस्तरीय समिति सजावार बंदियों को विषेष परिहार देने हेतु विहित शर्तों की जाँच और जिलास्तरीय समिति के प्रतिवेदन पर विचार करते हुए अपनी अनुषंसा संलग्न अनुलग्नक-1 में निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर राज्य सरकार को देगी। राज्य सरकार राज्यस्तरीय समिति की अनुषंसा को राज्यपाल के समक्ष सविधान के अनुच्छेद 161 के अन्र्तगत सहमति के लिए प्रस्तुत करेगी और जहाँ केन्द्र सरकार की सहमति आवष्यक होगी वहाँ गृह मंत्रालय, भारत सरकार को सहमति के लिए भेजेगी। विदेषी बंदी विदेष मंत्रालय, भारत सरकार की सहमति के बाद ही मुक्त होंगे। 12. संलग्न अनुलग्नक-1 में विहित समय सीमा के भीतर ही ऊपर वर्णित प्रावधानों से आच्छादित मामलों के निष्पादन हेतु प्रक्रिया अपनायी जायेगी।
13. बंदी की उम्र की गणना प्रवेषिका परीक्षा के प्रमाण-पत्र के आधार पर की जायेगी और प्रवेषिका परीक्षा के प्रमाण-पत्र के उपलब्ध न रहने की स्थिति में विचारण न्यायालय द्वारा न्याय-निर्णय में दिये गये उम्र के आधार पर की जायेगी और संबंधित काराधीक्षक उम्र का सत्यापन करेंगे।
आदेश से, अखिलेश कुमार जैन, सरकार के सचिव।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 19191919 िसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बिसत(cid:23)बर र र र 2018201820182018 अनुलग्नक-1 समय-सीमा
(निर्धारित तिथि-प्रथम चरण-01 अक्टूबर 2018, द्वितीय चरण-06 अप्रैल 2019 और
| क्र0 | की जाने वाली कार्रवाई | प्रथम चरण | द्वितीय चरण | तृतीय चरण |
| 1 | कारा पदाधिकारी द्वारा राज्य सरकार के अनुदेष के आलोक में बंदियों की पहचान और उससे संबंधित विवरणी प्रस्तुत करना। | 15 अगस्त, 2018 | 06 जनवरी, 2019 | 10 मार्च, 2019 |
| 2 | राज्य सरकार द्वारा विहित (i) प्रक्रिया के उपरांत राज्य सरकार द्वारा गठित समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करना। जहाँ क न्द्र े की सहमति (ii) आवष्यक हो वैसे मामलों को केन्द्र सरकार की सहमति हेतु भेजना। | 30 अगस्त, 2018 | 26 जनवरी, 2019 | 30 जून, 2019 |
| 3 | समिति द्वारा विचार हेतु बैठक आहूत करना और अनुषंसा तैयार करना। | 10 सितम्बर, 2018 | 06 फरवरी, 2019 | 30 जुलाइर्, 2019 |
| 4 | सक्षम प्राधिकार/राज्यपाल के समक्ष सहमति के लिए समिति की अनुषंसा भेजना। | 20 सितम्बर, 2018 | 11 मार्च, 2019 | 15 अगस्त, 2019 |
| 5 | सहमति की प्रक्रिया और रिहाई हेतु औपचारिकता/प्रक्रिया का समापन। | 25 सितम्बर, 2018 | 11 माचर्, 2019 | 25 सितम्बर, 2019 |
| 6 | बंदियों की रिहाई | 02 अक्टूबर, 2018 | 06 अप्रैल, 2019 | 02 अक्टूबर, 2019 |
अखिलेश कुमार जैन, सरकार के सचिव।
————
[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)
ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 861%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in