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नगर विकास एवं आनगर विकास एवं आनगर विकास एवं आनगर विकास एवं आवास विभाग वास विभाग वास विभाग वास विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 11117777 सितम्बर 2018सितम्बर 2018सितम्बर 2018सितम्बर 2018 गर निकायों के अन्तर्गत स्वीकृत रिक्त पदों पर सेवानिवृत सेवकों को संविदा के आधार पर विषयः- विषयः- विषयः- विषयः- राज्य के नराज्य के नराज्य के नराज्य के नगर निकायों के अन्तर्गत स्वीकृत रिक्त पदों पर सेवानिवृत सेवकों को संविदा के आधार पर गर निकायों के अन्तर्गत स्वीकृत रिक्त पदों पर सेवानिवृत सेवकों को संविदा के आधार पर गर निकायों के अन्तर्गत स्वीकृत रिक्त पदों पर सेवानिवृत सेवकों को संविदा के आधार पर नियोजन हेतु नीति एवं प्रक्रिया निर्धारित करने के संबंध में। नियोजन हेतु नीति एवं प्रक्रिया निर्धारित करने के संबंध में। नियोजन हेतु नीति एवं प्रक्रिया निर्धारित करने के संबंध में। नियोजन हेतु नीति एवं प्रक्रिया निर्धारित करने के संबंध में।
नगर निकायों के अन्तर्गत समूह 'ग' के स्वीकृत रिक्त पदो ंके विरूद्ध कर्मियों की कमी के कारण कार्यों के निष्पादन में हो रहे कठिनाई के आलोक में बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-37 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2072 दिनांक 21.03.2016 द्वारा नगर निकायों के रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर सेवानिवृत्त कर्मियों का नियोजन हेतु नीति एवं प्रक्रिया निर्धारित की गई थी।
2. संकल्प ज्ञापांक-2072 दिनांक 21.03.2016 में नगर निकायों के अन्तर्गत मात्र समूह 'ग' के ही रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त सेवकों का संविदा नियोजन एवं चयन जिला पदाधिकारी के स्तर पर गठित स्क्रीनिंग समिति की अनुशंसा के आधार पर किए जाने का प्रावधान किया गया था। उक्त संकल्प के कतिपय प्रावधान वर्तमान परिप्रेक्ष्य में व्यवहारिक नहीं रह जाने तथा नगर निकायों में कार्यों की अधिकता एवं कर्मियों की काफी कमी के फलस्वरूप वैसे सभी पद, जिसका नियुक्ति प्राधिकार नगर निकाय है, उन पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक सेवानिवृत्त सेवकों का नियोजन संविदा पर किये जाने की आवष्यकता के आलोक में नगर निकायों में रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त सेवकों को संविदा नियोजन हेतु निम्नवत् प्रक्रिया निर्धारित की जाती हैः-
(1) नगर निकायों के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत वैसे सभी रिक्त पद, जिसका नियुक्ति प्राधिकार नगर निकाय है, उन रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त सेवकों का नियोजन किया जा सकेगा। सेवानिवृत्त सेवकों की सेवायें लेने के दो तरीके होंगे :- (क) भविष्य में सेवानिवृत्त होनेवाले सेवकों का चयन एवं (ख) पूर्व से सेवानिवृत्त सेवकों का चयन।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 19 (cid:22)सत(cid:24)बर 2018 (क) भविष्य में सेवानिवृत्त(क) भविष्य में सेवानिवृत्त(क) भविष्य में सेवानिवृत्त(क) भविष्य में सेवानिवृत्त होनेवाले सेवकों का चयन।होनेवाले सेवकों का चयन।होनेवाले सेवकों का चयन।होनेवाले सेवकों का चयन।
(i) भविष्य में सेवानिवृत्त होनेवाले सेवकों का आकलन कर संबंधित नगर निकाय द्वारा रिक्त पदों के विरूद्ध सेवानिवृत्त होनेवाले सेवकों के चयन के लिए संबंधित नगर निकाय के सषक्त स्थायी समिति की अनुषंसा प्राप्त की जायेगी एवं सषक्त स्थायी समिति की अनुषंसा प्राप्त होने पर ही संबंधित नगर निकाय के नियुक्ति प्राधिकार द्वारा संविदा के आधार पर नियोजन की कार्रवाई की जायेगी।
(ii) चयन हेतु अनुषंसा प्राप्त करने के पूर्व सेवानिवृत्त होनेवाले सेवक के संबंध में संबंधित
नगर निकाय की सहमति आवष्यक होगी।
(iii) किसी पद विषेष से सेवानिवृत्त सेवक का चयन उसी पद विषेष अथवा समकक्ष पद के विरूद्ध किया जा सकेगा। उच्च वेतनमान के पद से सेवानिवृत्त सेवक का संविदा पर नियोजन निम्न वेतनमान के पद पर नहीं किया जा सकेग।
(iv) एक नगर निकाय से सेवानिवृत्त होनेवाले सेवक अन्य नगर निकाय में भी नियोजन के पात्र माने जायेंगे।
(v) चयन हेतु उम्मीदवार की अधिकतम उम्र-सीमा 65 वर्ष होगी। चयन प्रथमतः दो वर्षों अथवा उक्त पद पर नियमित नियुक्ति होने तक के लिए होगा तथा अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष तक आवश्यकतानुसार एक-एक साल के लिए उनकी सेवा का विस्तार उनके कार्याें की समीक्षा के उपरांत किया जा सकेगा। विशेष परिस्थिति में संबंधित नगर निकाय द्वारा अपने अधीन सेवानिवृत सेवकों का संविदा विस्तार नगर निकाय बोर्ड की सहमति से 65 वर्ष के बाद भी, 67 वर्ष तक किया जा सकेगा।
(vi) संविदा नियोजित सेवकों द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा समय-समय पर की
जायेगी और कार्य संतोषजनक नहीं होने पर उनकी संविदा रद्द की जा सकेगी। (vii) चूँकि जिस पद से सेवक (आरक्षित/अनारक्षित) सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उनका चयन पुनः उसी पद पर किये जाने से आरक्षण का अनुपालन स्वतः हो जायेगा अतः ऐसे नियोजन हेतु अलग से आरक्षण रोस्टर क्लियर कराने की आवष्यकता नहीं होगी। परन्तु एक नगर निकाय से सेवानिवृत्त होनेवाले सेवक का नियोजन अन्य नगर निकाय में किये जाने से आरक्षण रोस्टर क्लियर करने की आवष्यकता होगी। ऐसे चयन के लिए आदर्ष रोस्टर चलेगा जो बिन्दु एक से प्रारम्भ किया जायेगा।
(ख) (ख) (ख) (ख) पूर्व से सेवानिवृत्त सेवकों का चयन।पूर्व से सेवानिवृत्त सेवकों का चयन।पूर्व से सेवानिवृत्त सेवकों का चयन।पूर्व से सेवानिवृत्त सेवकों का चयन।
(i) नगर निकायों एवं राज्य सरकार के पदों से सेवानिवृत्त सेवकों के संविदा नियोजन के लिए अनुरोध प्राप्त होने पर उनके चयन हेतु संबंधित नगर निकाय द्वारा website में तथा समाचार पत्रों के माध्यम से आम विज्ञापन निकालकर आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे और इस प्रकार प्राप्त आवेदन संबंधित नगर निकाय के सषक्त स्थायी समिति के समक्ष विचार हेतु उपस्थापित किये जायेंगे। संबंधित सषक्त स्थायी समिति की अनुषंसा पर नगर निकाय के नियुक्ति प्राधिकार द्वारा संविदा के आधार पर नियोजन किया जा सकेगा।
(ii) चयन हेतु अनुषंसा प्राप्त करने के पूर्व सेवानिवृत्त सेवक के संबंधित कार्यालय/नगर निकाय, जहाँ से सेवानिवृत्त हुए हैं, की सहमति आवष्यक होगी।
(iii) किसी पद विषेष से सेवानिवृत्त सेवक का चयन उसी पद विषेष अथवा समकक्ष पद के विरूद्ध किया जा सकेगा। उच्च वेतनमान के पद से सेवानिवृत्त सेवक का संविदा पर नियोजन निम्न वेतनमान के पद पर नहीं किया जा सकेग।
(iv) एक कार्यालय/नगर निकाय से सेवानिवृत्त सेवक अन्य नगर निकाय में भी नियोजन के पात्र माने जायेंगे।
(v) चयन हेतु उम्मीदवार की अधिकतम उम्र-सीमा 65 वर्ष होगी। चयन प्रथमतः दो वर्षों अथवा उक्त पद पर नियमित नियुक्ति होने तक के लिए होगा तथा अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष तक आवश्यकतानुसार एक-एक साल के लिए उनकी सेवा का विस्तार उनके कार्याें की समीक्षा के उपरांत किया जा सकेगा। विशेष परिस्थिति में संबंधित नगर निकाय द्वारा अपने अधीन सेवानिवृत सेवकों का संविदा विस्तार नगर निकाय बोर्ड की सहमति से 65 वर्ष के बाद भी, 67 वर्ष तक किया जा सकेगा।
(vi) संविदा नियोजित सेवकों द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा समय-समय पर की जायेगी और कार्य संतोषजनक नहीं होने पर उनकी संविदा रद्द की जा सकेगी। (vii) चयन के लिए आदर्ष रोस्टर चलेगा जो बिन्दु एक से प्रारम्भ किया जायेगा।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 19 (cid:22)सत(cid:24)बर 2018 (2) उक्त प्रक्रिया के अधीन निम्नांकित सेवकों की सेवायें नहीं ली जा सकेंगी :-
(i) जिन पर कोई निगरानी का मामला चल रहा हो। (ii) जिन पर कोई विभागीय कार्यवाही चल रही हो। (iii) जिन पर कोई गंभीर आरोप विचाराधीन हो। (iv) जिन पर किसी भी तरह का कोई आपराधिक मामला दर्ज हो। (v) सामान्यतः प्रोन्नति की श्रृखंला वाले पदों पर उक्त व्यवस्था लागू नहीं रहेगी, परन्तु संबंधित निकाय यह सुनिष्चित करेंगे कि यदि प्रोन्नत पद पर प्रोन्नति अगले एक वर्ष के अन्दर दिया जाना संभव नहीं हो वहाँ ऐसी नियुक्तियाँ उक्त व्यवस्था के अन्तर्गत की जा सकती है।
(3) नियोजन हेतु सेवक का चयन किये जाते समय उनके कार्य हेतु स्वस्थ होने के संबंध में असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण पत्र आवष्यक होगा। (4) संविदा पर नियोजित सेवकों का मासिक मानदेय उन्हें प्राप्त होनेवाले वेतनसेवानिवृत्ति के समय अंतिम वेतन पर प्राप्त महंगाई भत्ता के योगफल की राषि में से पेंषन की राषि सेवानिवृत्ति के समय पेंषन की राषि पर प्राप्त महंगाई भत्ता की राषि को घटाने के बाद जो राषि प्राप्त होगी, वही होगी। परन्तु पेंषन पर महंगाई भत्ता का भुगतान होता रहेगा। मासिक मानदेय की यह राषि सेवानिवृत्त सेवक के संविदा अवधि में कार्यरत रहने की तिथि तक स्थिर रहेगी। मानदेय निर्धारण की यह प्रक्रिया केवल संविदा के आधार पर नियोजन में ही लागू होगी, अन्य किसी प्रकार के पुनर्नियोजन पर यह प्रक्रिया लागू नहीं होगी।
(5) मानदेय का भुगतान संबंधित नगर निकायों के कार्यालय स्थापना मद से किया जायेगा। (6) संविदा पर नियोजित सेवकों को यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता उस दर से अनुमान्य होगा जो उनके धारित पद के लिए एक नियमित सेवक को अनुमान्य है।
(7) सेवानिवृत्त और संविदा नियोजन के बीच वेतन/पेंषन पुनरीक्षण हो जाने की स्थिति में भी निर्धारित मानदेय अपरिवर्तित रहेगा।
(8) संविदा पर नियोजित सेवानिवृत्त सेवकों को सभी पदीय शक्तियाँ प्राप्त रहेंगी। (9) संविदा पर नियोजित सेवानिवृत्त सेवकों को नियमित सेवकों की भाँति आकस्मिक अवकाष एवं क्षतिपूर्ति अवकाष भी अनुमान्य होगा।
(10) इस नीति के कार्यान्वयन में उत्पन्न आपत्तियों का निराकरण नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जा सकेगा।
3. पूर्व निर्गत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2072 दिनांक 21.03.2016 को इस हद तक संशोधित समझा जाय। आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प का प्रकाषन राजकीय गजट के असाधारण अंक में जकीय गजट के असाधारण अंक में जकीय गजट के असाधारण अंक में जकीय गजट के असाधारण अंक में किया किया किया किया आदेषः-आदेषः-आदेषः-आदेषः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प का प्रकाषन रा आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प का प्रकाषन रा आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प का प्रकाषन रा जाय तथा इसकी 25 प्रतियाँ नगर विकास एवं आजाय तथा इसकी 25 प्रतियाँ नगर विकास एवं आजाय तथा इसकी 25 प्रतियाँ नगर विकास एवं आजाय तथा इसकी 25 प्रतियाँ नगर विकास एवं आवास विभाग को उपलब्ध कराई जाय।वास विभाग को उपलब्ध कराई जाय।वास विभाग को उपलब्ध कराई जाय।वास विभाग को उपलब्ध कराई जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, चैतन्य प्रसाद, प्रधान सचिव।
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