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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 08 November 2018

Published 08 November 2018

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2018-11-08.969
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट

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अधिसूचना

15 अक्तूबर 2018

सं॰ 1प्रा0आ0-21/2018 -2898/आ0प्र0—वर्ष 2018 में राज्य में मॉनसून की वर्षा की स्थिति अत्यधिक दयनीय है। वर्षा की कमी के फलस्वरूप बहुत सारे प्रखण्डों में खरीफ फसल (धान) की रोपनी/बुआई लक्ष्य से कम हो पाई है। जिन क्षेत्रों में रोपनी/बुआई की गयी है, वहाँ भी अल्प वर्षापात्‌ के कारण उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना निश्चित है। भारत मौसम विभाग एवं कृषि विभाग, बिहार से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार राज्य में वर्षापात की स्थिति अत्यंत खराब है। 01 जून से 30 सितम्बर तक राज्य में 1027.6 मि0मी0 औसत वर्षापात के विरूद्ध आलोच्य अवधि में मात्र 771.3 मि0मी0 बारिश ही हो पाई है। वर्षापात अनियमित भी रहा है। इस प्रकार वर्षापात में औसतन 25 प्रतिशत की कमी पाई गई है। इसी प्रकार 01 जून से 15 अक्टूबर तक औसत सामान्य वर्षापात 1078.1 मि0मी0 के विरूद्ध आलोच्य अवधि में मात्र 789.0 मि0मी0 वर्षा हो पायी है, जो औसतन 26.8 की कमी है।

धान की रोपनी को बचाने के लिए कृषि विभाग द्वारा 5 पटवन के लिए डीजल अनुदान दिया जा रहा है। इसी प्रकार नहरो से भी अन्तिम छोर तक सिंचाई उपलब्ध करायी जा रही है। जलाशयों में उपलब्ध संचित जल से भी सिंचाई का प्रबंध कराया गया है तथा राजकीय एवं निजी नलकूपों के द्वारा भी सिंचाई करायी जा रही है। कृषि उपयोग हेतु बिजली की भी निर्बाध आपूर्ति की जा रही है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा माह सितम्बर में अच्छी वर्षापात की पूर्वानुमान की गई थी, जिससे लगाये गए धान को बचाया जा सकता था, परन्तु माह सितम्बर में वर्षापात की अत्यधिक कमी के कारण वर्त्तमान में जिलो से यह सूचना प्राप्त हो रही है कि कुछ प्रखण्डों में जहाँ धान की रोपनी हो चुकी है, वहाँ वर्षापात की कमी एवं जलाशयों में जल संचित नहीं रहने के कारण सिंचाई हेतु जल की अनुपलब्धता के कारण धान मुरझा रहा है। अल्प वर्षापात के कारण राज्य के भू एवं सतही जलस्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं। राज्य के कई भागों में जलस्रोत सूख रहे हैं एवं जलाशयों तथा भूगर्भ जलस्तर में कमी आयी है। कृषि एवं जल संसाधनों के अतिरिक्त सूखे का कुप्रभाव पशु संसाधन एवं रोजगार पर भी पड़ने की प्रबल संभावना है। खरीफ फसल के नुकसान होने तथा माह सितम्बर- अक्टूबर में वर्षा की कमी एवं मृदा में नमी की कमी के कारण रबी फसल के भी प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। इस प्रकार कुल मिलाकर राज्य में कृषि उत्पादन में कमी की स्थिति बन गई है, जिसका सीधा प्रभाव कृषि के उपर पड़ेगा।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 नव(cid:22)बर 2018 कृषि विभाग, बिहार के पत्रांक 5184 दिनांक 15.10.18 से प्राप्त विस्तृत प्रतिवेदनानुसार 23 जिले यथा पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, गया, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, सारण, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, मुंगेर, शेखपुरा, जमुई, भागलपुर, बांका, नालन्दा एवं सहरसा के कुल 206 प्रखण्डों में खेती किये गए जमीन में दरार उत्पन्न हो गये हैं अथवा फसलों में मुरझाने (wilting) का प्रभाव है अथवा उपज में 33 प्रतिशत या उससे अधिक उत्पादन में कमी सम्भावित है। इसके आलोक में राज्य के 23 प्रभावित जिलों के 206 प्रखण्डों को सूखाग्रस्त घोषित किया जाता है जिनकी समेकित सूची अनुलग्नक 'क' पर संलग्न है।

2. अधिसूचित जिलों में सुखाड़ से निपटने हेतु दी जानेवाली सहायता राज्य संसाधन से किया जायेगा। 3. अधिसूचित जिलों में किसानों से सहकारिता ऋण, राजस्व लगान एवं सेस, पटवन शुल्क, विद्युत शुल्क जो सीधे कृषि से संबंधित हो, की वसूली वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए स्थगित रहेगी।

4. प्रभावित जिलों में फसल को बचाने, वैकल्पिक कृषि कार्य की व्यवस्था करने, रोजगार के साधन उपलब्ध कराने, पशु संसाधनों का सही रख-रखाव करने, इत्यादि, के लिए आवश्यकतानुसार साहाय्य कार्य चलाने, आदि की व्यवस्था की जाएगी जिसके लिए संबंधित विभाग द्वारा निम्न प्रकार से वर्णित कार्य किये जायेंगे-

(i) कृषि प्रक्षेत्र

क. कृषि विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार फसल की सुरक्षा एवं बचाव के लिए कृषि इनपुट के रूप में डीजल, बीज आदि पर सब्सिडी की व्यवस्था।

ख. वैकल्पिक फसल योजना तैयार कर उसके सफल क्रियान्वयन हेतु अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी। ग. किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलवाने हेतु अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी। इसके अन्तर्गत फसल बीमा से आच्छादित किसानों को कृषि इनपुट सब्सिडी का लाभ भी दिया जायेगा। घ. किसानों को फसल सहायता योजना का लाभ दिया जायेगा।

ड. कृषि इनपुट सब्सिडी का लाभ आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा दिया जायेगा। इसके लिए कृषकों को अधिकतम 2 हेक्टेयर की अधिसीमा तक कृषि इनपुट सब्सिडी, एस0डी0आर0एफ0 /एन0डी0आर0एफ0 मानदर के अनुरूप अनुमान्य होगा।

(ii) पेयजल

जलापूर्ति की व्यवस्था लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा की जाएगी। सूखागस्त क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति हेतु पूर्व में लगाये गये चापाकलों की मरम्मति की जाएगी। आवश्कतानुसार आकलन कर पुराने चापाकलों को और गहरे स्तर तक गाड़े जाने की आवश्यकता होगी। जरूरत के अनुसार नये चापाकल भी लगाये जायेंगे। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी।

(iii) खाद्यान्न

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि जिलों में पर्याप्त खाद्यान्न का भंडारण है तथा खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत सभी पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध हो। (iv) पशु संसाधन

सुखाड़ के कारण पशुचारा की तत्कालिक कमी नहीं है, परन्तु कालान्तर में कृषि फसल अवशेष की लगातार कमी के कारण इसके दीर्घकालीन प्रभाव अवश्यंभावी है। ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग पशुचारा की उपलब्धता सुनिश्चित कराएगा। सुखाड़ की स्थिति में जलाशय सूख रहे हैं जिसके कारण पशुओं के लिए पेयजल की नितांत कमी हो सकती है। ऐसी परिस्थिति में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग से समन्वय स्थापित कर स्थिति का आकलन कर स्थल का चयन किया जाएगा तथा इन चयनित स्थलों को शिविर के रूप में चिन्हित किया जा सकेगा। इन चिन्हित स्थलों पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के द्वारा जल की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर सोलर पंप के द्वारा जल की व्यवस्था शामिल होगा।

सुखाड़ के कारण पशुओं में इफिमेरल फीवर, हीट स्ट्रोक, न्यूमोनिया, दस्त जैसी सामान्य पशु रोगों की बहुतायत होती है। इन हेतु पशु चिकित्सालयों में दवा का भंडारण कर लिया जाएगा। (v) रोजगार सृजन

सूखाग्रस्त क्षेत्रों में कृषि कार्य की कमी के कारण मजदूरों के समक्ष रोजीरोटी का संकट उत्पन्न होगा। अतएव ग्रामीण विकास विभाग द्वारा रोजगारोन्मुख कार्यक्रमों के कार्यान्वयन एवं3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 नव(cid:22)बर 2018 अनुश्रवण में गतिशीलता लायी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सृजन हेतु मनरेगा के अन्तर्गत स्वीकृत योजनाओं की सूची तैयार रखी जाएगी जिसमें जल संरक्षण की योजना यथा - तालाब, आहर एवं पाइन उड़ाही, चेक डैम, डगबेल, वृक्षारोपण इत्यादि की परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक पंचायत में जल संरक्षण की न्यूनतम दो-दो योजनाएॅ संचालित की जाएगी। अन्य संबंधित विभाग यथा ग्रामीण कार्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग भी सूखे से उत्पन्न बेरोजगारी की समस्या को कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार रोजगारोन्मुख परियोजनाओं का कार्यान्वयन करेंगे।

(vi) लघु जल संसाधन

बिहार शताब्दी नलकूप योजना की ऑनलाईन व्यवस्था के तहत सभी कृषकों को जल्द से जल्द निजी नलकूप गाड़ने हेतु अनुदान उपलब्ध कराने, चालू नलकूपों से लगे हुए फसलों को बचाने तथा सरकार की नीति के अनुरूप हस्तांतरण की कार्रवाई की जायेगी।

(viii) विद्युत

ऊर्जा विभाग द्वारा कृषि एवं अन्य कार्यों हेतु सुखाड़ से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा इसका प्रचार-प्रसार समाचार पत्रों के माध्यम से किया जाएगा।

5. अनुश्रवण

क. जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में सुखाड़ साहाय्य कार्य चलाए जायेंगे। सुखाड़ के अनुश्रवण हेतु जिला स्तर पर 24 घंटे क्रियाशील नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाएगी। इसकी दूरभाष संख्या को आम जनता की जानकारी हेतु समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया जाएगा। नियंत्रण कक्ष में रोस्टर में सिविल पदाधिकारियों के अतिरिक्त अन्य तकनीकी सेवाओं के पदाधिकारी भी प्रतिनियुक्त किये जाएंगे। जिला पदाधिकारी के अधीन गठित टॉस्कफोर्स सुखाड़ से उत्पन्न स्थिति एवं इसके निवारण हेतु किये जा रहे प्रयासों का साप्ताहिक अनुश्रवण करेगा। ख. राज्य मुख्यालय में आपदा प्रबंधन विभाग में राहत कार्य के अनुश्रवण हेतु गठित नियंत्रण कक्ष निरंतर क्रियाशील रहेगा।

ग. ऊर्जा विभाग, कृषि विभाग तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग में विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किये जाएंगे जो निरंतर क्रियाशील रहेंगे।

घ. राज्य स्तर पर गठित आपातकालीन प्रबंधन समूह (Crisis Management Group) निरंतर क्रियाशील रहेगा तथा सुखाड़ग्रस्त जिलों में राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का सतत्‌ अनुश्रवण करेगा।

6. उपर्युक्त के आलोक में संबंधित विभाग अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई कर आदेश निर्गत करेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, प्रत्यय अमृत, प्रधान सचिव।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 नव(cid:22)बर 2018 अनुलग्नक-क

बिहार में सुखाड़ग्रस्त जिलों की प्रखंडवार सूची

(कुल 23 जिले के 206 प्रखंड)

क्र० सं० जिला का नाम प्रखंड का नाम
1 2 3
1 पटना बिक्रम
2 पटना दनियावां
3 पटना धनरूआ
4 पटना दुल्हिन बाजार
5 पटना मसौढ़ी
6 पटना नौबतपुर
7 पटना पालीगंज
8 पटना फुलवारीशरीफ
9 भोजपुर बड़हरा
10 भोजपुर शाहपुर
11 बक्सर नवानगर
12 बक्सर ब्रहमपुर
13 बक्सर चौगाई
14 कैमूर अधौरा
15 गया नगर
16 गया मानपुर
17 गया वजीरगंज
18 गया खिजरसराय
19 गया फतेहपुर
20 गया टनकुप्पा
21 गया अतरी
22 गया मोहड़ा
23 गया बथानी
24 गया बेलागंज
25 गया कोंच
26 गया टेकारी
27 गया गुरारू
28 गया परैया
29 गया गुरूआ
30 गया बोधगया
31 गया मोहनपुर
32 गया बाराचटृी
33 गया डोभी
34 गया शेरघाटी
35 गया आमस
36 गया बॉकेबाजर
37 गया इमामगंज
38 गया डुमरिया
39 जहानाबाद मोदनगंज
40 नवादा अकबरपुर
41 नवादा गोविन्दपुर
42 नवादा हिसुआ
43 नवादा काशीचक
44 नवादा कौआकोल
45 नवादा मेसकौर
46 नवादा नवादा
47 नवादा पकरीवरावॉ
48 नवादा रोह
49 नवादा सिरदला
50 नवादा वारिसलीगंज
51 औरंगाबाद औरंगाबाद
52 औरंगाबाद गोह
53 औरंगाबाद रफीगंज
54 औरंगाबाद मदनपुर
55 औरंगाबाद देव
56 औरंगाबाद कुटुम्बा
57 औरंगाबाद नवीनगर
58 सारण अमनौर
59 सारण बनियापुर
60 सारण छपरा
61 सारण दरियापुर
62 सारण दीघवारा
63 सारण एकमा
64 सारण गरखा
65 सारण इसुआपुर
66 सारण जलालपुर
67 सारण लहलादपुर
68 सारण मढ़ौरा
69 सारण मकेर
70 सारण मांझी
71 सारण मशरख
72 सारण नगरा
73 सारण पानापुर
74 सारण परसा
75 सारण रिविलगंज
76 सारण सोनपुर
77 सारण तरैया
78 सिवान सिवान सदर
79 सिवान पचरूखी
80 सिवान महाराजगंज
81 सिवान भगवानपुरहाट
82 सिवान बसंतपुर
83 सिवान लकड़ीनबीगंज
84 सिवान बड़हरिया
85 सिवान गोरेयाकोठी
86 सिवान दरौंदा
87 सिवान मैंरवा
88 सिवान नौतन
89 सिवान हुसैनगंज
90 सिवान आन्दर
91 सिवान जीरादेई
92 सिवान सिसवन
93 सिवान रघुनाथपुर
94 सिवान दरौली
95 सिवान गुठनी
96 सिवान हसनपुरा
97 गोपालगंज बैकुण्ठपुर
98 गोपालगंज हथुआ
99 गोपालगंज उचकागांव
100 गोपालगंज फुलवरिया
101 गोपालगंज पंचदेवरी
102 गोपालगंज विजयीपुर
103 मुजफ्फरपुर साहेबगंज
104 मुजफ्फरपुर पारू
105 वैशाली हाजीपुर
106 वैशाली लालगंज
107 वैशाली वैशाली
108 वैशाली बेलसर
109 वैशाली बिदुपुर
110 वैशाली महुआ
111 वैशाली राजापाकर
112 वैशाली पातेपुर
113 वैशाली गोरौल
114 वैशाली चेहराकला
115 वैशाली जन्दाहा
116 वैशाली महनार
117 वैशाली सहदेई
118 दरभंगा किरतपुर
119 दरभंगा हायाघाट
120 दरभंगा अलीनगर
121 दरभंगा मनीगाछी
122 दरभंगा बहेड़ी
123 दरभंगा जाले
124 दरभंगा तारडीह
125 दरभंगा विरौल
126 दरभंगा बेनीपुर
127 दरभंगा गौराबौराम
128 दरभंगा घनश्यामपुर
129 मधुबनी रहिका
130 मधुबनी पंडौल
131 मधुबनी राजनगर
132 मधुबनी कलुआही
133 मधुबनी खजौली
134 मधुबनी बाबूवरही
135 मधुबनी जयनगर
136 मधुबनी बासोपट्‌टी
137 मधुबनी बेनीपट्‌टी
138 मधुबनी हरलाखी
139 मधुबनी विस्फी
140 मधुबनी झंझारपुर
141 मधुबनी मधेपुर
142 मधुबनी अंधराठाढ़ी
143 समस्तीपुर वारिसनगर
144 समस्तीपुर बिथान
145 समस्तीपुर खानपुर
146 समस्तीपुर मोरवा
147 समस्तीपुर पटोरी
148 समस्तीपुर समस्तीपुर
149 समस्तीपुर सरायरंजन
150 समस्तीपुर शिवाजीनगर
151 समस्तीपुर सिंघिया
152 समस्तीपुर ताजपुर
153 समस्तीपुर उजियारपुर
154 समस्तीपुर विभूतीपुर
155 मु गेर ं हवेली खड़गपुर
156 शेखपुरा अरियरी
157 शेखपुरा बरबीघा
158 शेखपुरा घाट कुशुम्बा
159 शेखपुरा चेवाड़ा
160 शेखपुरा शेखपुरा
161 शेखपुरा शेखोपुरसराय
162 जमुई अलीगंज
163 जमुई बरहट
164 जमुई चकाई
165 जमुई गिद्धौर
166 जमुई जमुई
167 जमुई झाझा
168 जमुई खैरा
169 जमुई लक्ष्मीपुर
170 जमुई सिकंदरा
171 जमुई सोनो
172 भागलपुर सबौर
173 भागलपुर सन्हौला
174 भागलपुर शाहकुंड
175 भागलपुर सुलतानगंज
176 भागलपुर नाथनगर
177 भागलपुर जगदीशपुर
178 भागलपुर गौराडीह
179 बाँका अमरपुर
180 बाँका बौंसी
181 बाँका बेलहर
182 बाँका चांदन
183 बाँका धौंरेया
184 बाँका फुल्लीडुमर
185 बाँका कटौरिया
186 नालन्दा बेन
187 नालन्दा चण्डी
188 नालन्दा एकंगरसराय
189 नालन्दा गिरियक
190 नालन्दा हिलसा
191 नालन्दा इस्लामपुर
192 नालन्दा करायपरसुराय
193 नालन्दा कतरीसराय
194 नालन्दा परबलपुर
195 नालन्दा सिलाव
196 नालन्दा थरथरी
197 सहरसा कहरा
198 सहरसा सौरबाजार
199 सहरसा सोनवर्षा
200 सहरसा सलखुआ
201 सहरसा सिमरी बख्तियारपुर
202 सहरसा नवहट्टा
203 सहरसा पतरघट
204 सहरसा बनमा ईटहरी
205 सहरसा सत्तरकटैया
206 सहरसा महिषी
5 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 नव(cid:22)बर 2018 6 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 नव(cid:22)बर 2018 7 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 नव(cid:22)बर 2018 8 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 नव(cid:22)बर 2018

प्रत्यय अमृत, प्रधान सचिव

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 969%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

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