िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:466)बहार गजट (cid:466)बहार सरकार }kjk (cid:292)कािशत 7 अग्रहायण 1940 (श0) सं(cid:201)या 48 पटना, बुधवार,———————— 28 uoEcj 2018 (ई0)
(cid:466)वषय-सूची पृ(cid:231)ठ भाग-1—िनयु(cid:466)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदली, श(cid:466)(cid:416), छु (cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:466)(cid:416)गत सूचनाएं। 2-8 भाग-1-क—(cid:232)वयंसेवक गु(cid:227)म(cid:585) के समादे(cid:231)टाओं के आदेश।
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भाग-1-ख—मै(cid:282)(cid:547)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:547)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:201)तार(cid:547) पर(cid:547)(cid:162)ाओं के पर(cid:547)(cid:162)ा-फल, काय(cid:91)(cid:272)म, छा(cid:287)वृ(cid:466)(cid:419) (cid:292)दान, आ(cid:465)द।
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भाग-1-ग—िश(cid:162)ा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:547)(cid:162)ाफल आ(cid:465)द ---
भाग-2—(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल और काया(cid:91)(cid:218)य(cid:162)(cid:585) (cid:430)ारा िनकाले गये (cid:466)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आ(cid:465)द। ---
भाग-3—भारत सरकार, प(cid:468)(cid:433)म बंगाल सरकार और उ(cid:205)च (cid:219)यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और रा(cid:207)य गजट(cid:585) के उ(cid:424)रण। ---
भाग-4—(cid:466)बहार अिधिनयम ---
पृ(cid:231)ठ भाग-5—(cid:466)बहार (cid:466)वधान मंडल म(cid:581) पुर:(cid:232)था(cid:466)पत (cid:466)वधेयक,उ(cid:200)त (cid:466)वधान मंडल म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:466)पत या उप(cid:232)था(cid:466)पत (cid:465)कये जानेवाले (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और उ(cid:200)त (cid:466)वधान मंडल म(cid:581) पुर:(cid:232)थापन के पूव(cid:91) (cid:292)कािशत (cid:466)वधेयक।
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भाग-7—संसद के अिधिनयम (cid:468)जनपर रा(cid:231)(cid:282)पित क(cid:551) (cid:207)ये(cid:231)ठअनुमित िमल चुक(cid:551) है। ---
भाग-8—भारत क(cid:551) संसद म(cid:581) पुर:(cid:232)था(cid:466)पत (cid:466)वधेयक, संसद म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:466)पत (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और संसद म(cid:581) उप(cid:232)था(cid:466)पत (cid:292)वर सिमितय(cid:585) के (cid:292)ितवेदन और संसद म(cid:581) पुर:(cid:232)थापन के पूव(cid:91) (cid:292)कािशत (cid:466)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:466)व(cid:163)ापन
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भाग-9-क—वन (cid:466)वभाग क(cid:551) नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:466)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:465)द। 9-9 पूरक
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पूरक-क
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2 (cid:466)बहार गजट, 28 uoEcj 2018भाग-1
िनयु(cid:466)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदली, श(cid:466)(cid:416), छु (cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:466)(cid:416)गत सूचनाएं। ————— स्वास्थ्य विभाग
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अधिसूचना
20 नवम्बर 2018
सं0 16/एम.1-58/2014-1455/(आ0चि0)/स्वा0--डा॰ गौतम प्रसाद, आवासीय चिकित्सा पदाधिकारी को निबंधक, राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा परिषद्, पटना के पद सेे मुक्त करते हुए अनुसंधान पदाधिकारी (आयुर्वेद), राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अनुसंधान इकाई, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है एवं डा॰ अरूण कुमार सिंह, आवासीय चिकित्सा पदाधिकारी, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल, पटना को निबंधक, राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा परिषद्, पटना का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है। 2. यह आदेश तुरत के प्रभाव से लागू होगा।
3. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नागेन्द्र प्रसाद, उप-सचिव।
------- सं॰ 16/एच.1-08/2017-1428 (आ0चि0) स्वास्थ्य विभाग --------
प्रेषक,
डा॰ राजीव कुमार, सरकार क अपर सचिव
सेवा में,
महालेखाकार, बिहार वीरचन्द पटेल पथ, पटना
द्वारा- *वित्त विभाग
पटना/दिनांक 15 नवम्बर 2018 विषयः-राजकीय आर0बी0टी0एस0 होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मुजफ्फरपुर में केन्द्रीय होमियोपैथी परिषद अधिनियम, 2013 के आलोक में मॉडर्न मेडिसीन के डेन्टिस्ट, फिजियोथेरापिस्ट, योगा एक्सपर्ट एवं डाइटिशियन के एक-एक कुल 4 पदों के सृजन के संबंध में।
महाशय,
निदेशानुसार उपर्युक्त विषय के संबंध में कहना है कि राजकीय आर0बी0टी0एस0 होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मुजफ्फरपुर में केन्द्रीय होमियोपैथिक परिषद्, नई दिल्ली के अधिनियम, 2013 के आलोक में मॉडर्न मेडिसीन के डेन्टिस्ट, फिजियोथेरापिस्ट, योगा एक्सपर्टएवं डाइटिशियन के एक-एक पद कुल 4 पदों के सृजन का प्रस्ताव राज्य सरकार के समक्ष विचाराधीन था।
2 केन्द्रीय होमियोपैथिक परिषद् अधिनियम 2013 के षिड््यूल-II में कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में कर्मियों की न्यूनतम संख्या का मापदण्ड निर्धारित किया गया है। निर्धारित न्यूनतम मापदण्ड के अनुसार उक्त पदों के अलग-अलग एक-एक पद का निर्धारण किया गया है।
3. अतः सम्यक विचारोपरान्त राजकीय आर0बी0टी0एस0 होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मुजफ्फरपुर में चल रहे स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की पढ़ाई हेतु केन्द्रीय होमियोपैथिक परिषद्, नई दिल्ली के अधिनियम, 2013 में यथाप्रावधानित गैर शैक्षणिक के 4 पदों का सृजन किया जाता है -3 (cid:466)बहार गजट, 28 uoEcj 2018
| क्र. सं. | पदनाम | षष्टम वेतन के अनुसार बैण्ड वेतन | षष्टम वेतन के अनुसार ग्रेड-पे | सप्तम वेतन के अनुसार पे मैट्रिक्स | सप्तम वेतन के अनुसार लेबल | पदों की संख्या |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1 | डेन्टिस्ट | 9300-34800 | 5400/- | 53100/- | 09 | 01 |
| 2 | फिजियोथेरापिस्ट | 9300-34800 | 4200/- | 35400/- | 06 | 01 |
| 3 | योगा एक्सपर्ट | 5200-20200 | 2800/- | 29200/- | 05 | 01 |
| 4 | डाइटिशियन | 9300-34800 | 4200/- | 35400/- | 06 | 01 |
| 4(चार) पद |
लाख एकसठ हजार) रूपये मात्र रू0 मात्र वार्षिक व्यय का अनुमान है।
5. व्यय का वहन व्यय शीर्ष 2210-चिकित्सा तथा लोक स्वास्थ्य-05 चिकित्सा शिक्षा प्रशिक्षण तथा अनुसंधान-102 होमियोपैथी-0001 होमियोपैथी कॉलेज अस्पताल, मुजफ्फरपुर विपत्र कोड- 20-2210051020001 के अंतर्गत उपबंधित राशि से विकलनीय होगा।
6. प्रस्ताव में प्रशासी पदवर्ग समिति की दिनांक 24.01.2018 की बैठक के क्रम संख्या 35 में सहमति प्राप्त है। 7. प्रस्ताव राज्य मंत्रिपरिषद की दिनांक 09.10.2018 की बैठक के मद संख्या 43 में स्वी—त है।
विश्वासभाजन, (ह0) अस्पष्ट, अपर सचिव।
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पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
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अधिसूचना
15 नवम्बर 2018
सं0 1/ स्था0 (2) 2303/2013-3430--वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या- 4685 वि0 (2) दिनांक- 25.06.2003 तथा अधिसूचना संख्या- 1802 दिनांक 23.03.2006 के आलोक में बिहार पशुपालन सेवा वर्ग-2 के निम्नांकित पदाधिकारियों को बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त्त (सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना) नियमावली 2003 एवं बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त्त (सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना) संशोधन नियमावली 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत वेतनमान 10,000-325-15,200/- रू0 मेंं उनके नाम के सामने
| क्र0 सं0 | पदाधिकारी का नाम | जन्म तिथि | वरीयता क्रमांक | ऑडिट क्रमांक/ नियुक्ति बैच | देय प्रोन्नति की तिथि प्रथम ए0 सी0 पी0 |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1 | श्री सुधांशु कुमार | 06.01.1962 | 2042 | बैच 1989 | 26.07.2002 |
| 2 | श्री लक्ष्मण राम | 28.03.1962 | 2043 | बैच 1989 | 24.07.2002 |
| 3 | श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह | 31.12.1964 | 2045 | बैच 1989 | 12.07.2002 |
2. वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या- 1802 दिनांक 23.03.2006 में निहित प्रावधान के आलोक में उपरोक्त सभी कर्मियों का वेतन निर्धारण मौलिक नियमावली 22 (i) ए (i) के अनुसार किया जायेगा।
3. उपर्युक्त पदाधिकारियों के सुनिश्चित वृति उन्नयन से संबंधित वेतन पूर्जा महालेखाकार/वित्त (वै0 दा0 नि0 को0) विभाग, बिहार, पटना द्वारा विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्णता अथवा विमुक्ति प्रदान किये जाने की स्थिति संपुष्ट करने के बाद विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्ण होने अथवा विमुक्ति की तिथि से ही वित्तीय उन्नयन का अर्थिक लाभ अनुमान्य करते हुए निर्गत करेंगे।4 (cid:466)बहार गजट, 28 uoEcj 2018 4. उपर्युक्त किसी भी पदाधिकारी के संबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्राुटि या पार्थक्य पाये जाने पर संबंधित पदाधिकारी को प्रदत्त ए0 सी0 पी0 योजना के लाभ से संबंधित आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हें भुगतान की गयी राशि की वसूली/प्रतिपूर्ति कर ली जायेगी।
5. प्रस्ताव में सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मधुरानी ठाकुर, संयुक्त सचिव।
-------- खान एवं भूतत्व विभाग -------- प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना मार्गदर्शिका 15 नवम्बर 2018
सं0 4223/एम0--खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 (अधिनियम 67,1957) 2015 की धारा 20 (A) में प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत सरकार के द्वारा राष्ट्रीय हित मे प्रदेश सरकार से अपेक्षा की गयी है कि खनन कार्य मे संलग्न विशेषकर अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति एवं कमजोर तथा वंचित वर्ग के व्यक्तियों के साथ खनिज क्षेत्रों के हित और विकास के लिए गठित जिला खनन फांउडेशन में 'प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना' को समाहित किया जाय। उक्त के आलोक में राज्य सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग की अधिसूचना संख्या 2197 दिनांक 23.05.2018 द्वारा ''बिहार जिला खनिज फांउडेशन नियमावली 2018'' गठित की गयी है । खान मंत्रालय, भारत सरकार के पत्रांक-16.07.2015-M.VI (खण्ड) दिनांक-16.09.2015 द्वारा इस कल्याण योजना के प्रमुख अवयवों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री खनिज कल्याण योजना की रूपरेखा प्रेषित की गयी है जिसके मूलभूत प्रावधानों को समाहित करते हुए बिहार सरकार द्वारा खनिज क्षेत्रो एवं संलग्न व्यक्तियों के विकास तथा लोक-कल्याण की योजनाओं के चयन की स्वीकृति कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु एक मार्गदर्शिका सूत्रित की गयी है जो निम्नवत हैः- 1. परिचयः-प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना बिहार जिला खनिज फाउंडेशन में प्राप्त राशि से सम्पोषित कार्यक्रम होगी । 2. उद्देश्यः- प्रत्येक जिला में स्थित दुर्गम एवं सुदूर खनिज क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों विशेषकर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा कमजोर एवं वंचित वर्ग की आवश्यकताओं/कल्याण को विशेष विकास योजनाओं के माध्यम से पूरा किये जाने के साथ खनिज क्षेत्रों को केन्द्र/राज्य/स्थानीय स्कीमों का समागम/सामंजस्य कर आधारभूत संरचनात्मक विकास द्वारा संतृप्त करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। इस योजना के समग्र उद्देश्य निम्नलिखित होंगे :-
(क) खनन प्रभावित क्षेत्रो में विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याण परियोजनाओं/कार्यक्रमों को कार्यान्वित करना जो राज्य तथा केन्द्र सरकार के विद्यमान चालू स्कीमों/परियोजनाओं के पूरक होंगे;
(ख) खनन के दौरान तथा उसके पश्चात् खनन जिलो में लोगो के पर्यावरण, स्वास्थ्य तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करना; तथा
(ग) खनन क्ष़्ोत्रो के प्रभावित लोगो के लिए दीर्घकालीन आजिविका सुनिश्चित करना।
3. योजना का प्रसारः- यह योजना राज्य के खनिज क्षेत्रों से सम्बन्धित सभी 38 जिलो में लागू होगी। 4. योजना का कार्य क्षेत्रः- जिला के वैसे सभी शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र जहाँ खनन कार्य में सम्बन्धित लोगों की संलग्नता हो। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अन्र्तगत आने वाले प्रभावित क्षेत्रों एवं लोगों की पहचान निम्न प्रकार की जा सकेगी :- (क) प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र- जहाँ प्रत्यक्ष रूप से खनन संबंधित कार्य जैसे- उत्खनन, खनन विश्फोटन और अपशिष्ट निपटान (क्षमता से अधिक डंप, टेलिंग पौंड, परिवहन गलियारा आदि) अवस्थित हों। (i) ऐसे गाँव और ग्राम पंचायत जिसके अंतर्गत खनन अवस्थित और चालू हों। ऐसे खनन
क्षेत्र का विस्तार पड़ोसी गाँव, प्रखंड अथवा जिला अथवा राज्य तक भी हो सकेगा। (ii) खान और खानों के समूह के ऐसे घेरे जो राज्य सरकार द्वारा चिन्हित
किया जाय, के अधीन कोई क्षेत्र।
(iii) ऐसे गाँव जहाँ खान द्वारा विस्थापित परिवारों को परियोजना प्राधिकारों
द्वारा पुनर्वासित किया गया हो।
5 (cid:466)बहार गजट, 28 uoEcj 2018(iv) वैसे गाँव जो अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए खनन क्षेत्र पर विशेष रूप
से निर्भर हों तथा परियोजना क्षेत्रों पर परम्परागत अधिकार रखते हों । (ख) अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र- वे क्षेत्र जहाँ स्थानीय आबादी खनन संबंधी कार्यों के कारण आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से प्रतिकूल प्रभावित हों। खनन का प्रमुख नकारात्मक प्रभाव खनन कार्य, खनिजों के परिवहन, विद्यमान आधारभूत संरचना एवं संसाधनों पर बढ़ते बोझ के कारण जल, मिट्टी तथा वायु की गुणवाा में कमी, जलधारा के बहाव में कमी, भूगर्भ जल में कमी और प्रदूषण के रूप में हो सकता है।
5. निधि की उपयोगिता
(i) प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना का क्षेत्र-प्रसार - प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना निम्नलिखित सूचीबद्ध क्रियाकलापों को आच्छादित करेगा :
उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र -प्रधान खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की कम-से-कम 60% निधि इन शीर्षों के अधीन उपयोग में लायी जायेंगी ः पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण उपाय, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, महिलाओं और बच्चों का कल्याण, वृद्ध और अशक्त लोगों का कल्याण, कौशल विकास एवं स्वच्छता से संबंधित योजनाओं पर व्यय की जायेगी ।
सामान्य प्राथमिकता वाले अन्य क्षेत्र- प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की 40 प्रतिशत निधि - भौतिक आधारभूत संरचनाः- यथा पथ एवं पुल/पुलिया;सिंचाईः- सिंचाई के परम्परागत एवं वैकल्पिक स्रोतों का विकास एवं ऊर्जा और जलछाजन विकास योजना आदि पर व्यय किया जायेगा ।
6. मार्गदर्शी सिद्धान्तः-सामान्यतः इस योजना के लिए कर्णांकित राशि का उपयोग खनन क्षेत्र एवं खनन कार्य में संलग्न व्यक्तियों के आवश्यकताओं एवं विकास परियोजनाओं के Critical gap की पूर्ति के लिए किया जाना है। इसके लिए खनिज क्षेत्रों का बेसलाइन सर्वे कराकर कल्याणकारी योजनाओं का सूत्रण किया जायेगा तथा जिला स्तर पर इसे समेकित करते हुए जिला खनिज फाउंडेशन के न्यासी बोर्डं जो समार्हाा की अध्यक्षता में गठित है, से अनुमोदित कराकर कार्यान्वित करायी जायेगी तथा इस कार्य योजना की प्रति प्रशासी विभाग (खान एवं भूतत्व विभाग) को भी प्राप्त करायी जायेगी।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अन्र्तगत की जाने वाली योजनाओं का प्रकार एवं अनुमान्यता उदाहरणार्थ निम्नवत होगीः- क- सार्वजनिक चापाकल की स्थापना /सौर ऊर्जा आधारित डूअल पम्प।
ख- जल संरक्षण कार्य, भूमि संरक्षण कार्य, कटाव निरोधक कार्य ।
ग- सरकारी/पंचायती राज संस्थाओं द्वारा संचालित कराने के लिए चलंत डिसपेंसरी/एम्बुलेंस का क्रय । ध- बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित कौशल विकास का प्रशिक्षण । ड.- बाल एवं मातृत्व स्वास्थ्य से संबंधित योजनाएँ यथा टीकाकरण, कुपोषण की रोकथाम आदि। च- शिक्षाः- प्राथमिक/मध्य/माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त वर्ग कक्ष का निर्माण । छ- आधारभूत संरचनाः- पहुँच पथ, सम्पर्क पथ का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण (पुलिया/कल्भर्ट सहित) । ज- अपशिष्ट का संग्रहण, परिवहन एवं निपटान, सार्वजनिक स्थानों की सफाई, मल उपचार संयंत्र का प्रावधान, प्रसाधन एवं अन्य क्रिया-कलाप का प्रावधान ।
झ- सिंचाई कार्य हेतु चैनेल, सिंचाई, तटबंध एवं बॉंंध का निर्माण । - ऊर्जा (माइक्रो हाइडल सहित) के वैकल्पिक स्रोत एवं वर्षा जल हार्वेस्टिंग सिस्टम फलोद्यान का स्थापन। त- सामुदायिक केन्द्र भवन का निर्माण । थ- वृद्ध एवं विकलांग व्यक्तियों के लिए आश्रय स्थल का निर्माण । द- अन्य योजनाएँ जो समय-समय पर सरकार द्वारा निदेशित हो ।
योजनाओं की उपर्युक्त सूची सांकेतिक है । स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप मार्गदर्शिका के प्रावधानों के अनुरूप अन्य प्रकार की योजनाएँ भी की ली जा सकेंगी ।
7- वार्षिक कार्य-योजना का सूत्रण एवं अनुमोदनः-
(क) प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अन्तर्गत योजनाओं की वार्षिक कार्य-योजना का चयन, सूत्रण एवं अनुमोदन जिला स्तर पर गठित जिला खनिज फाउंडेशन के न्यासी बोर्ड द्वारा की जायेगी ।
(ख) जिला खनिज फाउंडेशन के न्यासी बोर्ड की बैठक प्रत्येक तिमाही पर एक बार अवश्य अथवा अध्यक्ष, जिला खनिज फाउंडेशन की सहमति से पूर्व में भी करायी जा सकेगी ।
8- योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु कार्यकारी एजेन्सी का चयनः-
क- इस कार्यक्रम के अन्तर्गत चयनित योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए कार्यकारी एजेन्सी के चयन का दायित्व संबंधित जिला के समाहत्र्ता में निहित होगा ।
ख- वैसी योजनाएँ जो किसी विभाग विशेष को विशिष्ट रूप में कर्णांकित कार्य क्षेत्र की योजनाएँ होंगी उनका कार्यान्वयन उस विभाग के जिला स्तरीय इकाई द्वारा कराया जायेगा ।6 (cid:466)बहार गजट, 28 uoEcj 2018 9- योजना कार्यान्वयन की प्रक्रियाः- क- इस कार्यक्रम के तहत् निर्माण प्रकृति की योजनाओं का कार्यान्वयन बिहार लोक निर्माण संहिता के प्रावधानों के आधार पर निविदा के माध्यम से कराया जायेगा ।
ख- इस कार्यक्रम के तहत् सामग्रियों / सेवा के क्रय एवं अधिप्राप्ति के मामले में बिहार वित्त नियमावली के प्रावधानों का अनुसरण अनिवार्य होगा ।
ग- कार्यकारी एजेन्सी प्रशासनिक स्वीकृति आदेश प्राप्त होने के 45 दिनों के अन्तर्गत निविदा प्रकाशन, निविदा निष्पादन एवं एकरारनामा की कार्रवाई पूर्ण करने के लिए उत्तरदायी होंगे ।
घ- सामग्रियों /सेवा के क्रय/अधिप्राप्ति के मामले में निविदा के उपरान्त दर निर्धारण जिला समाहत्र्ता की अध्यक्षता में गठित जिला क्रय समिति द्वारा की जायेगी । क्रय समिति में अपर समाहत्र्ता, जिला लेखा पदा0 एवं खनन पदा0 स्थायी सदस्य होंगे । अन्य आमंत्रित सदस्यों का चयन जिला समाहत्र्ता -सह- अध्यक्ष जिला खनन फाउन्डेशन विषय की विशेषज्ञता के आधार पर अपने स्वविवेक से कर सकेंगे । 10- योजनाओं के कार्यान्वयन की अवधि :-
इस कार्यक्रम के तहत् चयनित योजनाएँ छोटी लागत की होंगी । अतः इन योजनाओं को महत्तम 1 (एक) वर्ष में पूर्ण करा लेना अनिवार्य होगा ।
11- योजनाओं की स्वीकृति :-
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत् चयनित योजनाओं के प्रशासनिक स्वीकृति की शक्ति जिला समाहत्र्ता एवं तकनीकी स्वीकृति की शक्ति कार्यपालक अभियंता स्थानीय क्षेत्र अभियन्त्रण संगठन को प्रत्यायोजित होंगी ।
12- योजनाओं पर प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान करने हेतु समय-सीमा :-
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अन्तर्गत चयनित योजनाओं पर प्रशासनिक/तकनीकी स्वीकृति प्रस्ताव की प्राप्ति से महत्तम 10 (दस) कार्य दिवस के अन्दर प्रदान कर दी जायेगी । 13- कार्यकारी एजेन्सियों के कृत्य एवं दायित्व :-
I. कार्यकारी एजेन्सियों की यह जिम्मेवारी होगी कि कार्य-स्थलों का नियमित दौरा करेंगे तथा सुनिश्चित करेंगे कि कार्य निर्धारित कार्यावधि एवं विनिर्देशों तथा मापदण्डों के अनुसार कार्यान्वित हो रहे हैं । II. कार्यकारी एजेन्सी प्रत्येक कार्य की वास्तविक वित्तीय एवं भौतिक प्रगति से जिला के खनन पदाधिकारी को अवगत करावेंगे । जिला के खनन पदाधिकारी प्रगति प्रतिवेदन की समेकित प्रति खान एवं भूतत्व विभाग को प्राप्त करायी जायेगी । कार्यकारी एजेन्सी प्रगति प्रतिवेदन ई-मेल के माध्यम से भी प्राप्त करावेंगे ।
III. कार्यकारी एजेन्सी कार्य समाप्त होने के एक माह के अन्दर जिला समाहत्र्ता एवं खनन पदा0 को योजना का पूर्णता पत्र एवं राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे ।
14- निरीक्षण एवं अनुश्रवण :-
संबंधित जिलों के समाहत्र्ता योजना का कार्य स्वीकृत प्राक्कलन के प्रावधान के अनुसार विशिष्टियों के अनुरूप एवं गुणवत्ता युक्त ढं़ग से कराना सुनिश्चित करेंगे ।
इसके लिये खनन पदा0 समय-समय योजनाओं का स्थल निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन करेंगे । साथ ही योजना कार्यान्वयन के विभिन्न स्तरों (यथा प्रारम्भिक, मध्य एवं अन्त) का रंगीन फोटो लेंगे तथा इसकी प्रति विभाग को भी प्राप्त करावेंगे ।
योजना स्थल पर साईन बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा जिसमें यह स्पष्ट रूप में अंकित रहेगा कि इस योजना का कार्यान्वयन खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत् कराया गया है ।
सृजित परिसम्पत्तियों की एक इन्वेन्टरी भी जिला स्तर पर संधारित होगी जिसकी एक प्रति विभाग को प्राप्त करायी जायेगी ।
15- पोर्टल का निर्माणः-
I. प्रत्येक जिला के लिए एक पोर्टल तैयार किया जायेगा जिसपर जिला की पृष्ठभूमि की सूचना, खनिज क्षेत्र के बेंचमार्क सर्वेक्षण के परिणाम एवं तैयार की गयी MIS की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी । योजनाओं की अद्यतन स्वीकृति एवं प्रगति को दर्शाने के लिए पोर्टल पा़क्षिक रूप से अद्यतन किया जायेगा ।
II. प्रत्येक जिला को परियोजना शुरू करने के पूर्व तथा परियोजना के पूर्ण होने के पश्चात् स्थिति को दर्शाने तथा खनिज क्षेत्र के प्रभावित क्षेत्र/लोगों की स्थिति में सुधार लाने में इस कार्यक्रम के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए संगत दृश्य रिकॉडिंग (फोटो/विडियोग्राफी) कराया जायेगा जो योजना अभिलेखों के साथ संधरित होगी । इसे MMS के माध्यम से DMF कोषांग, खान एवं भूतत्व विभाग को प्राप्त कराया जायेगा ।
16- प्रशासनिक व्ययः-DMF की वार्षिक पात्रता की राशि का 5 प्रतिशत राशि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के प्रशासनिक व्यय के रूप में व्यय करने हेतु कर्णांकित होंगी । कर्णांकित राशि की 4 प्रतिशत राशि7 (cid:466)बहार गजट, 28 uoEcj 2018 जिला स्तर पर रखी जायेंगी एवं एक प्रतिशत राशि राज्य स्तर पर प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के कार्यान्वयन हेतु राज्य नोडल विभाग (खान एवं भूतत्व विभाग) के अन्तर्गत गठित DMF कोषांग को प्राप्त करायी जायेगी ।
प्रशासनिक व्यय की राशि के लिए किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में एक अलग बैंक खाता में रखा जायेगा तथा इस राशि के व्यय से संबंधित एक अलग कैश बुक राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर संधारित किया जायेगा । 17- अंकेक्षण ः-राज्य स्तर से प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र विकास योजना के लक्ष्य के विरूद्ध वास्तविक उपलब्धि का 'सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) भी कराया जायेगा ताकि योजना के वास्तविक लाभ का सही आकलन हो सके ।
18- सेंटेज प्रभार :- जिला स्तर पर योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु कार्यकारी एजेन्सी को प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत् प्रारंभिक कार्यों सहित कार्यों के कार्यान्वयन, पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण में किसी व्यय जैसे पर्यवेक्षण प्रभार, सेंटेज प्रभार, आकस्मिक व्यय, कर्मियों को मानदेय एवं यात्रा व्यय आदि अनुमान्य नहीं होगा। 19- पूर्ण योजनाओं का रख-रखाव एवं संधारण :-
इस योजना के तहत् कार्यान्वित स्कीम के पूर्ण होने के पश्चात् उनके संधारण एवं रख-रखाव का दायित्व संबंधित प्रशासी विभाग का होगा । कार्यकारी एजेन्सी स्कीमों को पूर्ण कराने के पश्चात् इसे संबंधित विभाग को पूर्ण औपचारिकता के साथ हस्तगत करावेंगे ।
20- अन्यान्य :-
इस योजना के कार्यान्वयन के संबंध में खान मंत्रालय, भारत सरकार के पत्रांक 16/7/2015 - एम0 VI (भाग) दिनांक 16.09.2015 द्वारा निर्गत प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की मार्गदर्शिका के अन्य शेष सभी उपबंध/प्रावधान यथावत् प्रभावी रहेंगे।
विश्वासभाजन, अंशुली आर्या, प्रधान सचिव ।
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श्रम संसाधन विभाग
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अधिसूचना
15 नवम्बर 2018
सं0 एसीस-01/नि0-81/2011-903--निदेषालय चिकित्सा सेवायें के पत्रांक-807, दिनांक-03.10.18 के अन्तर्गत कुर्जी होली फैमिली अस्पताल,पटना के ई0एस0आई0 एक्ट 1948 से विमुक्ति संबंधी आवेदन दिनांक-10.05.18 को कर्मचारी राज्य बीमा निगम, पंचदीप भवन, पटना द्वारा दिये गये मंतव्य, कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम द्वारा दी जाने वाली सुविधायें कुर्जी अस्पताल द्वारा अपने कर्मियों को दी जाने वाली सुविधाओं से बेहतर है, के आलोक में ''सक्षम प्राधिकार'' द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
ई0एस0आई0 एक्ट 1948 की धारा 2 ए में प्रावधान है कि "Every Factory or establishment to which this Act applies, shall be registered within such time and such manner as may be specified in the regulations made in this behalf ".
ई0एस0आई0 एक्ट की धारा 1948 की धारा 38 में प्रावधान है कि "Subject to provisions of this act all employees in the factories or establishments as to which this act applies shall be insured in the manner provided by this Act."
पुनः कुर्जी अस्पताल के आवेदन दिनांक 09.10.18 द्वारा उनके संस्थान को ई0एस0आई0 एक्ट से विमुक्ति की अस्वीकृति पर पुर्नविचार करने का आग्रह किया गया।
जिसके आलोक में प्रषासिका, कुर्जी अस्पताल, निदेषक चिकित्सा सेवायें तथा क्षेत्रीय निदेषक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, पंचदीप भवन, पटना एवं माननीय मंत्री महोदय के साथ दिनांक 11.10.18 को उनके आवेदन में उठाये गये बिन्दुओं पर चर्चा हुयी। चर्चा के दौरान कुर्जी अस्पताल द्वारा यह स्वीकार किया गया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के अन्तर्गत दी जाने वाली सुविधायें उनके द्वारा अपने कर्मियों को दी जाने वाली सुविधओं से बेहतर है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अन्तर्गत दी जाने वाली कई सुविधायें कुर्जी अस्पताल द्वारा अपने कर्मियों को प्रदान नहीं की जाती है। कुर्जी अस्पताल,8 (cid:466)बहार गजट, 28 uoEcj 2018 प्रबंधन द्वारा आष्वासन दिया गया कि वे अपने कर्मियों को कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित करायेंगे। इसके लिए उन्हें 03 (तीन) महीने का समय दिया जाय।
दिनांक 11.10.18 को बैठक में हुयी सहमति के आलोक में एवं कुर्जी अस्पताल के आवेदन दिनांक 09.10.18 एवं दिनांक-08.11.18 पर सम्यक विचारोपरांत कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 की धारा 87 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, कुर्जी होली फैमिली अस्पताल, सदाकत आश्रम, पटना 800010 के कार्यरत कर्मियों को दिनांक 08.09.18 से दिनांक 31.12.18 तक उक्त अधिनियम में निहित संगत प्रावधानों के प्रवर्त्तन से विमुक्ति प्रदान की जाती है।
इस संबंध में पूर्व में निर्गत विभागीय अधिसूचना सं0-एसीस-01/नि0-81/2011-890, दिनांक 06.11.18 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, के0 सेंथिल कुमार, विषेष सचिव।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचनाएं
8 नवम्बर 2018
सं0 6/वि0पत्रा0-24-45/2008-5042/वा0कर-श्री जय शंकर सिंह, राज्य-कर संयुक्त आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल अन्वेषण ब्यूरो, भागलपुर को अपने कार्यो के अतिरिक्त मुंगेर अंचल, मुंगेर में वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त (प्रभारी) के पद पर श्री विनोद कुमार झा(प्रभारी), मुंगेर अंचल, मुंगेर के अवकाश से लौटने तक प्रतिनियुक्त किया जाता है।
सं0 6/वि0पत्रा0-24-45/2008-5043/वा0कर-श्री मनीष कुमार गुप्ता, राज्य-कर सहायक आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल अन्वेषण ब्यूरो, भागलपुर को अगले आदेश तक के लिए राज्य-कर सहायक आयुक्त, मुंगेर अंचल, मुंगेर के पद पर प्रतिनियुक्त किया जाता है।
2. प्रस्ताव पर माननीय उपमुख्य (वाणिज्य-कर) का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जनक राम, उप-सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
द्वारा
(cid:466)बहार, पटना (cid:292)कािशत एवं मु(cid:465)(cid:289)त। (cid:466)बहार गजट, 36—571+10-ड(cid:547)0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in9 (cid:466)बहार गजट, 28 uoEcj 2018
भाग-9-ख
िन(cid:466)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:465)द।
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सं0 1506--मैं निवेदिता पाण्डेय पति-अमित कुमार तिवारी, पूर्वी नंदगोला, थाना-मालसलामी, जिला-पटना, शपथ पत्र सं0 5231 दिनांक 19.07.2018 के द्वारा अब से मैं निवेदिता तिवारी के नाम से जानी एवं पहचानी जाऊंगी।
निवेदिता पाण्डेय। No. 1506----I, NIVEDITA PANDEY w/o Amit Kumar Tiwari R/o East Nand Gola, P.S.- Malsalami, Distt.-Patna declare vide affidavit no. 5231 dated 19.07.2018 have changed my name to Nivedita Tiwari for all future purposes.
NIVEDITA PANDEY.
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No. 1507----I, Nishtha D/O Rahul Kumar, R/O 7HF 6/43 HIG Colony, Kankarbagh, Kanti Factory Road near Agamkuan, B.H. Colony Distt. Patna-800026, declare vide affidavit no. 39, dated 09.01.2018 that now onwards I shall be known as Nishtha Singh for all purposes.
Nishtha.
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No. 1508----I, Sandhya Kumari W/o Mr. Rahul Kumar, R/O 7HF 6/43 HIG Colony, Near Agamkuan, Kanti Factory Road, Kankarbagh, Patna-26, has changed my daughter's from name Bliss to Bliss Singh vide Affidavit No. 13357 dated 4.12.2017.
Sandhya Kumari.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
द्वारा
(cid:466)बहार, पटना (cid:292)कािशत एवं मु(cid:465)(cid:289)त। (cid:466)बहार गजट, 36—571+10-ड(cid:547)0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in