ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत
1(cid:18) म(cid:4)घ 1(cid:21)4(cid:18) (cid:23)श(cid:18)(cid:24)
(स(cid:25)(cid:18) पटन(cid:4) 14(cid:28)) पटन(cid:4)(cid:29) ब१धव(cid:4)र(cid:29) 30 जनवर(cid:15) 2019 सं॰ 08/आरोप-01-315/2014-13282/सा0प्र0 lkekU; iz'kklu foHkkx ———
ladYi
5 vDrwcj 2018
श्री वीरेन्द्र कुमार, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 896/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, बेतिया के पद पर पदस्थापन के दौरान शौचालय निर्माण योजना में अनियमितता बरतने संबंधी आरोपों पर बेतिया नगर थाना कांड सं॰-290/14 दिनांक 10.06.2014 दर्ज हुआ जिसमें ये गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में भेजे गये। उपर्युक्त का संज्ञान होने पर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6820, दिनांक 12.05.2015 द्वारा इन्हें हिरासत अवधि के लिए निलंबित करने के साथ-साथ दिनांक 12.05.2015 के प्रभाव से पुनः निलंबित कर दिया गया, साथ ही दर्ज थाना कांड में विधि विभाग के आदेश सं॰-130 दिनांक 12.07.2016 द्वारा उनके विरूद्ध अभियोजन की स्वी—ति प्रदान की गयी। उक्त आरोपों के लिए श्री कुमार के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के निमित्त विभागीय पत्रांक-6818, दिनांक 12.05.2015 द्वारा जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया से आरोप, प्रपत्र 'क' की माँग की गयी।
2. जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्रांक-49, दिनांक 26.08.2015 द्वारा यथावांछित आरोप, 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 30 जनवर(cid:15) 2019 4. संचालन पदाधिकारी यथा, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-239 दिनांक 01.04.2017 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री कुमार के विरूद्ध गठित बहुधा आरोपों को प्रमाणित बताया गया। विभागीय पत्रांक-4847 दिनांक 24.04.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए श्री कुमार से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। इस क्रम में श्री कुमार का अभ्यावेदन/स्पष्टीकरण (दिनांक 16.05.2017) प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने आरोपों पर अपना बचाव बयान प्रस्तुत किया।
5. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं श्री कुमार से प्राप्त लिखित अभिकथन (दिनांक 16.05.2017) की अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर समीक्षोपरान्त आरोपों की प्रमाणिकता के आधार पर श्री कुमार के विरूद्ध निम्न दंड विनिश्चित किया गया। (i) निन्दन, (ii) तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। (iii) देय तिथि से प्रोन्नति पर पाँच वर्षो तक रोक।
6. उक्त विनिश्चित दंड (कंडिका (ii) एवं (iii) ) पर विभागीय पत्रांक-3992 दिनांक 23.03.2018 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति की माँग की गयी। इस क्रम में प्राप्त पत्रांक-1685 दिनांक 17.09.2018 द्वारा कंडिका (iii) में निहित दंड पर आयोग के स्तर से सहमति अपेक्षित नहीं होने का तथ्य दर्शाते हुए कंडिका (ii) में अंकित दंड पर सहमति व्यक्त की गयी है।
7. अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक् विचारोपरांत श्री वीरेन्द्र कुमार, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 896/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, बेतिया को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के संगत प्रावधानों के तहत निम्न शास्ति संसूचित/अधिरोपित की जाती है :-
(i) निन्दन, (ii) तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। (iii) देय तिथि से प्रोन्नति पर पाँच वर्षो तक रोक। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
————
[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 14'(5'1+1+(ड(cid:17)+ट-+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in