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(स(cid:25)(cid:18) पटन(cid:4) 14(cid:21)) पटन(cid:4)(cid:28) ब१धव(cid:4)र(cid:28) 30 जनवर(cid:15) 2019 सं॰ 08/नि॰था॰-11-07/2015-15232/सा0प्र0 lkekU; iz'kklu foHkkx
——— ladYi
23 uoEcj 2018
श्री शिव शंकर प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-630/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, राजगीर को राजगीर मलमास मेल वर्ष-2015 के बन्दोवस्ती में अनियमितता बरते जाने एवं निगरानी थाना कांड-55/2015 दिनांक 11.07.2015 दर्ज किये जाने, अनधि—त रूप से कार्यालय से अनुपस्थित रहने तथा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को जाँच में सहयोग नहीं करने संबंधी प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2546, दिनांक 18.02.2016 द्वारा निलंबित किया गया। उक्त निलंबन आदेश के विरूद्ध श्री प्रसाद ने माननीय पटना उच्च न्यायालय में सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰सं॰-6774/2016 दायर किया। माननीय न्यायालय द्वारा उक्त वाद में दिनांक 04.07.2016 को पारित आदेश के अनुपालन में श्री शिव शंकर प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-630/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, राजगीर के निलंबन संबंधी विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2546, दिनांक 18.02.2016 को वापस लिया गया। 2. विभागीय स्तर पर कार्रवाई के निमित्त गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए पत्रांक-9933, दिनांक 19.07.2016 द्वारा श्री प्रसाद से स्पष्टीकरण माँगी गयी। श्री प्रसाद के विरूद्ध दर्ज निगरानी थाना कांड सं॰-55/2015 दिनांक 11.07.2015 के संबंध में विधि विभाग के आदेश ज्ञापांक-113, दिनांक 03.06.2016 द्वारा इनके विरूद्ध अभियोजन की स्वी—ति दी गयी। मामले की गम्भीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9 (1) में निहित प्रावधानों के आलोक में संकल्प ज्ञापांक 11060 दिनांक 12.08.2016 द्वारा श्री शिव शंकर प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-630/11 को संकल्प निर्गत होने की तिथि से पुनः निलंबित किया गया।
3. आरोप प्रपत्र-'क' एवं श्री प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण पत्रांक-शुन्य दिनांक 04.08.2016 एवं दिनांक 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 30 जनवर(cid:15) 2019 माह के अन्दर विभागीय कार्यवाही निस्पादित करने एवं यदि विभागीय कार्यवाही चार माह के अन्दर निष्पादित नहीं होता है तो अगले चार सप्ताह के अन्दर निलंबन वापसी पर विचार करने का निदेश दिया गया। उक्त क्रम में विभागीय जांच आयुक्त से शीघ्र जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। विभागीय जांच आयुक्त ने अपने पत्रांक 323 दिनांक 02.04.2018 द्वारा जांच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया। जांच प्रतिवेदन में आरोप संख्या-1(क), आरोप संख्या-(6) एवं आरोप संख्या-(7) को प्रमाणित तथा आरोप संख्या-(1)(ख) एवं आरोप संख्या-(1)(ग) को अंशतः प्रमाणित पाया गया। प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 5524 दिनांक 26.04.2018 द्वारा श्री प्रसाद से लिखित अभिकथन/बचाव बयान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। जिसके क्रम में श्री प्रसाद ने अपने पत्रांक-शुन्य दिनांक 08.05.2018 लिखित अभिकथन उपलब्ध कराया गया। 5. आरोप प्रपत्र-'क' , संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं श्री प्रसाद से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9446 दिनांक 17.07.2018 द्वारा श्री शिव शंकर प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-630/11 को निलंबन मुक्त किया गया तथा श्री प्रसाद द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन को अस्वीकृत करते हुए आरोपों की प्रमाणिकता के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एव अपील) नियमावली-2005 के संगत प्रावधानों के तहत निम्न दंड विनिश्चित किया गयाः- (I) ''देय तिथि से प्रोन्नति पर 05 वर्षो तक रोक'' एवं (II) ''तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।''
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा उक्त विनिश्चि दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 10046 दिनांक 27.07.2018 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-05/प्रो0-01-21/ 2018-2076 दिनांक 02.11.2018 द्वारा उक्त दंड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी। अतएव उपर्युक्त के आलोक में श्री शिव शंकर प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-630/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, राजगीर सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, मुजफ्फरपुर को निम्न दंड अधिरोपित/ संसूचित किया जाता हैः-
(I) ''देय तिथि से प्रोन्नति पर 05 वर्षो तक रोक'' एवं (II) ''तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।'' (III) ''निलंबन अवधि के संबंध में अलग से निर्णय लिया जायेगा''
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
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