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सं॰ 22/नि॰सि॰(सम0)-02-05/2016/1233—मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, समस्तीपुर द्वारा श्री हिमांशु शेखर, अवर प्रमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमंडल, बदलाघाट, खगड़िया के विरूद्ध गठित प्रपत्र 'क' विभाग को कार्रवाई हेतु उपलब्ध कराया गया। तदालोक में विभागीय पत्राक-429 दिनांक 21.03.2017 द्वारा श्री शेखर के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित निम्नांकित आरोप के लिए स्पष्टीकरण पूछा गया :-
(1) दिनांक 08.08.2016 को मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, समस्तीपुर के द्वारा बागमती नदी के ग्राम मधुरा स्थल पर कराये गये बाढ़ संघर्षात्मक कार्य निरीक्षण किया गया एवं कार्य में पायी गयी कमियों में सुधार करते हुए अतिरिक्त 15 मी0 की लम्बाई में कार्य करते हुए कार्य को पूर्ण कराने का निदेश दिया गया। निदेश के अनुपालन के क्रम में दिनांक 09.08.2016 को आपके सरकारी मोबाईल सं0-7463889819 पर सुबह कई बार सम्पर्क करने पर मोबाईल स्वीच ऑफ पाया गया। जिसकी सूचना दूरभाष पर अधीक्षण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, खगड़िया को दी गयी। अधीक्षण अभियंता, खगड़िया के द्वारा भी आपके सरकारी मोबाईल पर सम्पर्क करने पर उसे स्वीच ऑफ पाया गया एवं निजी मोबाईल संख्या पर भी कॉल रिसीव नहीं किया गया। कार्यस्थल पर मौजूद कनीय अभियंता से पृच्छा करने पर आपके कार्यस्थल पर मौजूद न रहने की पुष्टि हुई जिससे प्रमाणित होता है कि आप बिना सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित थें। बाढ़ अवधि में जबकि बागमति नदी का जल स्तर (36.79मी0) खतरे के निशान से उपर था एवं मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, समस्तीपुर के द्वारा भी बाढ़ संघर्षात्मक कार्य पूर्ण कराने हेतु दिये गये निदेश के बावजूद आप मुख्यालय एवं कार्यस्थल से अनुपस्थित थें एवं सरकारी मोबाईल भी स्वीच ऑफ पाया गया जो कि र्काव्य एवं दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही का द्योतक है, जिसके लिए आप दोषी हैं। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5555 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2019201920192019 हुए विभाग को विलम्ब से कार्य प्रतिवेदन प्रेषित किया गया, जिसके लिए मौखिक एवं कार्यपालक अभियंता का कार्यालय, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-02, खगड़िया के पत्रांक-1022 दिनांक 04.08.2016 द्वारा निदेश भी दिया गया। परन्तु आपके द्वारा पुनः दिनांक 04.08.2016 को विलम्ब से बिना जाँचे ही गलत एवं भ्रामक कार्य प्रतिवेदन समर्पित कर दिया जाता है ताकि विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जो कि आपके दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं गलत मंशा को प्रमाणित करता है, जिसके लिए आप दोषी हैं।
(3) अध्यक्ष, विशेष जाँच दल के चतुर्थ दौरे की जानकारी होने के बावजूद दिनांक 13.04.2016 को आप कार्यस्थल एवं मुख्यालय में उपस्थित नहीं थें, जिसके लिए कार्यपालक अभियंता का कार्यालय, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-02, खगड़िया के पत्रांक-653 दिनांक 16.04.2016 के द्वारा आपसे इस कार्यकलाप की सूचना अभियंता प्रमुख (उार) को भी दी गयी, जिसके क्रम में मुख्य अभियंता, समस्तीपुर के पत्रांक-951 दिनांक-25.04.2016 के द्वारा की गई पृच्छा के आलोक में कार्यपालक अभियंता का कार्यालय, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, खगड़िया के पत्रांक-729 दिनांक 28.04.2016 के द्वारा मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, समस्तीपुर को अध्यक्ष, विशेष जाँच दल को असहयोग करने के लिए आपका नाम प्रतिवेदित किया गया जो प्रमाणित करता है कि आप बिना सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित रहते हैं एवं आपका आचरण अपने उच्चाधिकारियों के प्रति सही नहीं, जिसके लिए आप दोषी हैं।
उक्त आरोप के लिए आपसे पूछा गया स्पष्टीकरण पत्र बिना तामिला के विभाग वापस आ गया। तत्पश्चात कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल सं0-02, खगड़िया को पत्र तामिला कराने हेतु पुनः विभागीय पत्रांक-1159 दिनांक-17.07.2017 द्वारा भेजा गया, जिसे कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल सं0-02, खगड़िया द्वारा उक्त पत्र श्री शेखर को तामिला कराकर तामिला प्रतिवेदन विभाग को पत्रांक-994 दिनांक 19.08.2017 द्वारा उपलब्ध कराया गया है। पत्र तामिला कराने के आठ (08) माह बाद भी श्री शेखर द्वारा स्पष्टीकरण का जवाब समर्पित नहीं किया गया है, जिससे प्रतीत होता है कि प्रपत्र 'क' में गठित आरोपों के संबंध में आपको कुछ नहीं कहना है।
विभागीय दिशा-निदेश का उल्लंघन करना, सरकारी मोबाइल स्वीच ऑफ रखना, मुख्यालय एवं कार्यस्थल से अनुपस्थित रहना, त्रुटिपूर्ण प्रतिवेदन समर्पित करना, अध्यक्ष विशेष जाँच दल के दौरे की जानकारी रहने के बावजूद भी कार्य स्थल एवं मुख्यालय से अनुपस्थित रहना, श्री शेखर की कर्तव्यहीनता, लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का द्योतक है।
उपरोक्त तथ्यों के आलोक में श्री हिमांशु शेखर, अवर प्रमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमंडल, बदलाघाट, खगड़िया को प्रमाणित आरोप के लिए ''तीन वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' एवं ''देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन वर्षों तक रोक'' का दण्ड देने का निर्णय सरकार के स्तर पर लिया गया। उक्त दण्ड निर्णय पर माननीय मंत्री महोदय की सहमति प्राप्त है। सरकार के स्तर पर लिए उक्त निर्णय के आलोक में श्री हिमांशु शेखर, अवर प्रमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमंडल, बदलाघाट खगड़िया को निम्न दण्ड अधिरोपित कर संसूचित किया जाता है :-
(i) तीन वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। (ii) देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन वर्षों तक रोक।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के संयुक्त सचिव।
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