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((((स(cid:26)(cid:23) पटन(cid:4) 1(cid:21)2) ) ) ) पटन(cid:4)(cid:30) म(cid:26)गलव(cid:4)र 5555 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2012012012019999 ty lalk/ku foHkkx ——— vf/klwpuk 21 vxLr 2018
laŒ 22@fuŒflŒ¼fMŒ½&14&12@2016@1798—मो0 रज्जन शमीम (ID-4535), तत्कालीन सहायक अभियंता, सोन नहर अनुमंडल, विक्रमगंज के पद पर पदस्थापन अवधि के दौरान उनके विरूद्ध 2002-03 एवं 2003-04 के लिए विभाग द्वारा पुनरीक्षित दर से कम दर पर चार्ट भूमि की बंदोबस्ती करने एवं इसके फलस्वरूप सरकार को आर्थिक हानि पहुँचाने का आरोप प्रतिवेदित करते हुए आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित किया गया। आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में अन्र्तविष्ट आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
vkjksi la0&01 :- बिहार सिंचाई नियमावली और उसके अधीन निर्गत अनुदेशों के प्रावधान के अन्तर्गत चाट भूमि की बन्दोबस्ती प्रत्येक वर्ष 25 जून से 25 मार्च तक की अवधि के लिए नौ महीनें के पट्टे पर, प्राथमिकता के आधार पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और भूमिहीन किसानों को जल दर सहित समय-समय पर पुनरीक्षित विहित दरों पर किया जाना है। विभाग ने मार्च 2002 में एक/दो फसली चाट भूमि का बन्दोबस्ती के लिए दरों के पुनरीक्षण आदेश जारी किया।
भारत नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन वर्ष 2004-05 (रा0प्र0) की कंडिका 7.5 के अनुसार डिहरी प्रमंडल और सोन नहर प्रमंडल, विक्रमगंज में देखा गया कि 5.115 एकड़ की दो फसली चाट भूमि की बन्दोबस्ती वर्ष 2002-03 और 2003-04 के लिए विभाग द्वारा निर्धारित पुनरीक्षित दर से काफी कम दर अर्थात् 213 रूपये प्रति एकड़ की दर से बन्दोबस्ती की गई, जिसके फलस्वरूप 48.60 लाख रूपये के कम राजस्व की वसूली हुई। सरकार को आर्थिक क्षति पहुँचाने के लिए दोषी हैं।
इसी क्रम मेंं मो0 रज्जन शमीम द्वारा अपने बचाव बयान में उल्लेखित किया गया कि विाीय वर्ष 2002-03 एवं 2003-04 के दौरान सोन नहर अनुमंडल, विक्रमगंज में पदस्थापित नहीं थें। आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में उल्लेखित अवधि के दौरान मो0 शमीम, सिंचाई प्रमंडल, देवघर में पदस्थापित थें। जिसमें उक्त मामला उनसे संबंधित ज्ञात नहीं होता है। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5555 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2020202019191919 मो0 रज्जन शमीम, अवर प्रमंडल पदाधिकारी के रूप में वर्ष 2002-03 एवं 2003-04 में सोन नहर अवर प्रमंडल, विक्रमगंज में पदस्थापित नहीं थे। विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-50/AS, दिनांक-12.06.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। जिसमें मो0 रज्जन शमीम, तत्कालीन सहायक अभियंता का वर्ष 2002-03 एवं 2003-04 में सोन नहर अवर प्रमंडल, विक्रमगंज में पदस्थापित नहीं थें। इसलिए उक्त आरोप से असम्बद्ध है। अतः आरोप अप्रमाणित है।
मो0 शमीम से प्राप्त बचाव बयान मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, डिहरी के द्वारा संदर्भित मंतव्य एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षोपरांत मो0 रज्जन शमीम, तत्कालीन सहायक अभियंता को असम्बद्ध होने के कारण आरोप से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
उक्त निर्णय पर माननीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। मो0 रज्जन शमीम को उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के क्रम में गठित आरोपों से असम्बद्ध होने के कारण आरोप से मुक्त करने का निर्णय संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, pUnzek çlkn] ljdkj ds voj lfpoA
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[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 192%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in