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(स(cid:26)(cid:23) पटन(cid:4) 1(cid:21)(cid:29)) पटन(cid:4)(cid:30) ब१धव(cid:4)र(cid:30) 6 फरवर(cid:15) 2019 सं॰ 7/स्था0-1-09-03/2012-12453/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— ladYi
17 flrEcj 2018
विषयः- बिहार उच्च न्यायिक सेवा (जिला न्यायधीश कोटि) के स्वी—त संवर्गीय पद बल के आधार पर प्रवर कोटि एवं अधिकाल वेतनमान में पदों का सम्परिवर्त्तन की स्वी—ति। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पीटिशन (सिविल) संख्या-1022/89, अखिल भारतीय न्यायिक सेवा संघ एवं अन्य में दिनांक 21.03.2002 एवं 25.11.2002 को पारित आदेश के आलोक में बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियाें के वेतन पुनरीक्षण संबंधी आदेश वित्त विभागीय संकल्प संख्या-1915 दिनांक 12.03.2003 द्वारा निर्गत किया जा चुका है। तत्संबंधी शुद्धि पत्र वित्त विभाग के ज्ञापांक-2733 दिनांक 03.04.2003 द्वारा निर्गत किया जा चुका है।
| क्र0 सं0 | पदनाम | वेतनमान | कुल स्थायी पदों (16 पद स्थायी या अस्थायी पद का उल्लेख नहीं है) की संख्या | कुल अस्थायी पदों की संख्या |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | उच्च न्यायिक सेवा संवर्ग (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/जिला एवं सत्र न्यायाधीश का प्रवेश बिन्दु) | 51550-63070 | 267 | 91 |
| 2 | जिला एवं सत्र (प्रवर कोटि) | न्यायाधीश 57700-70290 | 102 | 35 |
| 3 | जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अधिकाल वेतनमान) | 70290-76450 | 41 | 14 |
| 410 | 140 |
4. जिला न्यायाधीश कोटि में प्रवर कोटि वेतनमान एवं अधिकाल वेतनमान में प्रोन्नति हेतु निम्नांकित शर्त्तों को निर्धारित करने का प्रस्ताव हैः-
(I) प्रवर कोटि वेतनमान में प्रोन्नति के लिए जिला न्यायाधीशों की कोटि में न्यूनतम पाँच वर्षों की लगातार संतोषप्रद सेवा तथा अधिकाल वेतनमान में प्रोन्नति के लिए प्रवर कोटि जिला न्यायाधीश के पद पर न्यूनतम तीन वर्षों की संतोषप्रद सेवा का पूरा होना अनिवार्य होगा।
(II) जिला न्यायाधीश कोटि के न्यायिक पदाधिकारियाें के लिए उपर्युक्त प्रवर कोटि/अधिकाल वेतनमान में प्रोन्नति कार्यात्मक प्रोन्नति होगी तथा प्रोन्नति के लिए विहित मानक यथा विभागीय परीक्षा में उत्तीर्णता, उच्चतर योग्यता आदि, जो भर्त्ती नियमावली में विहित है, का पूरा होना आवश्यक होगा।
(III) चूँकि ये प्रोन्नतियाँ कार्यात्मक प्र—ति की होगी, अतः प्रोन्नति के पदाें का निर्धारण उच्च न्यायालय, पटना द्वारा किया जायेगा।
(IV) उपर्युक्त प्रवर कोटि वेतनमान/अधिकाल वेतनमान स्वतः देय नहीं होगा, बल्कि उच्च न्यायालय, पटना द्वारा गठित वरिष्ठ न्यायाधीशों की समिति द्वारा संबंधित पदाधिकारियाें के कार्याें के मूल्यांकन एवं योग्यता-सह-वरीयता के आधार पर की गयी अनुशंसा के आलोक में स्वी—त किया जायेगा।
(V) प्रवर कोटि वेतनमान/अधिकाल वेतनमान में प्रोन्नति हेतु संकल्प निर्गत होने के पश्चात् उच्च न्यायालय, पटना द्वारा स्थायी एवं अस्थायी पदों के विरूद्ध कार्यात्मक पदाें को चिन्हित कर ही प्रोन्नति की कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
(VI) प्रवर कोटि वेतनमान/अधिकाल वेतनमान कार्यात्मक प्रोन्नति होने के कारण, प्रोन्नति इस सम्परिवर्त्तन आदेश के निर्गत होने की तिथि से ही किया जायेगा।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय और इसकी प्रति सभी संबंधित विभागों/विभागाध्यक्षों/ महानिबंधक, उच्च न्यायालय, पटना/महालेखाकार (ले0 एवं ह0), बिहार, पटना/सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीश/बिहार लोक सेवा आयोग, पटना/सभी प्रमंडलीय आयुक्त/सभी जिला पदाधिकारी/वित्त (वैयक्तिक दावा निर्धारण कोषांग) विभाग, बिहार, पटना/सभी कोषागार पदाधिकारी/सभी उप कोषागार पदाधिकारी को भेजी जाय।