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fo"k;%&fo"k;%&fo"k;%&fo"k;%& बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को पूर्ण पेंशन लाभ हेतु अर्हक सेवा को स्पष्ट करने के सम्बन्ध में।
बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश एवं पद्मनाभन आयोग की अनुशंसा के आलोक में वेतन, भत्ते एवं पेंशनादि का लाभ दिया जा रहा है।
2. संकल्प संख्या-14303, दिनांक 22/12/2010 द्वारा दिनांक 02/09/2008 या उसके बाद सेवानिवृत्त होनेवाले न्यायिक पदाधिकारियों के लिए 33 वर्ष की अर्हक सेवा के बदले 20 वर्ष की सेवा पूर्ण पेंशन हेतु निर्धारित की गयी। 20 वर्ष से कम किन्तु 10 वर्ष से अधिक सेवा होने पर अनुपातिक रूप में कम करके पेंशन अनुमान्य किया गया। इसमें दिनांक 01/01/2006 से दिनांक 01/09/2008 तक सेवानिवृत होने वाले के लिए 33 वर्षों की अर्हक सेवा के आधार पर पूर्ण पेंशन एवं इससे कम सेवा होने पर आनुपातिक आधार पर पेंशन अनुमान्य किया गया। उक्त प्रावधान दिनांक 02/09/2008 से लागू किया गया।
3. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में संकल्प संख्या-14303, दिनांक 22/12/2010 की कंडिका-3(i) एवं 3(iii) में समेकित संशोधन संकल्प संख्या-11859, दिनांक 28/12/2011 के द्वारा पूर्ण पेंशन हेतु 33 वर्षों की अर्हक सेवा को दिनांक 01/01/2006 या उसके बाद सेवानिवृत होनेवाले के लिए, 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13131313 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2222019019019019 न्यायिक सेवा के पदाधिकारी का पेंशन पिछले 10 महीनों के दौरान प्राप्त औसत परिलब्धियों पर अथवा अंतिम परिलब्धि इनमें से उसके लिए जो ज्यादा लाभकारी हो, के आधार पर 50 प्रतिशत पेंशन परिकलित किया जाय।"
4. उक्त संकल्प सं॰-11859, दिनांक 28/12/2011 में दिनांक 01/01/2006 एवं उसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले न्यायिक पदाधिकारियों को पूर्ण पेंशन प्राप्त करने के लिए 20 वर्षों की अर्हक सेवा अनिवार्य रखा गया है तथा संकल्प संख्या-14303, दिनांक-22/12/2010 के द्वारा विहित अर्हक सेवा यथा स्थिति प्रभावी है, किन्तु इसमें इस आशय का उल्लेख नहीं रहने के कारण पेंशनर्स एवं महालेखाकार बिहार के कार्यालय के समक्ष संशय की स्थिति उत्पन्न हुई है। अतः इसे स्पष्ट कर देने की आवश्यकता महसूस की गई जा रही है।
5. इस हेतु सम्यक् विचारोपरान्त यह स्पष्ट किया जाता है कि-
दिनांक 01/01/2006 एवं उसके बाद सेवानिवृत होने वाले न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के लिये निर्गत संकल्प संख्या-11859, दिनांक 28/12/2011 के प्रावधान के साथ यह स्पष्ट किया जाता है कि पूर्ण पेंशन के लिए संकल्प संख्या-14303, दिनांक 22/12/2010 के द्वारा विहित अर्हक सेवा के लिए 20 वर्षों की सेवा अनिवार्य है। 20 वर्ष से कम किन्तु 10 वर्ष से अधिक सेवा होने पर आनुपातिक रूप से पेंशन परिकलित किया जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राहुल सिंह, सचिव (व्यय) ।
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