िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
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((((स(cid:27)(cid:24) पटन(cid:4) 231) ) ) ) पटन(cid:4)(cid:31) व५ह"प०तव(cid:4)र 14141414 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2012012012019999 परिवहन विभाग ——— अधिसूचना 13 फरवरी 2019
सं0 स0सु0/ड्राई0 प्रशि0-5-35/2018-73-परि0—सड़क दुर्घटनाओं में निरन्तर हो रही वृद्धि एवं उनके कारण होने वाली मौतें आज सर्वाधिक चिन्ता का विषय बनी हुई हैं। बिहार राज्य में लगभग 4917 कि0मी0 राष्ट्रीय राजमार्ग, लगभग 4005 कि0मी0 राज्य उच्च पथ एवं लगभग 11145 कि0मी0 मुख्य जिला पथ हैं। इनकी लंबाई में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही सड़कों पर वाहनों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसी स्थिति में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी सरकार एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े हुए सभी विभागों के लिए गम्भीर चिन्ता का विषय है। अपराध अनुसंधान विभाग के ऑकड़ों के अनुसार बिहार में वर्ष 2016 में 8222 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें कुल 4901 लोगों की मृत्यु हुई। वर्ष 2017 में कुल 8855 सड़क दुर्घटनाओं में कुल 5429 लोगों की मृत्यु हुई। वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2017 में दुर्घटनाओं की संख्या में 8% एवं मृत्यु दर में लगभग 10% की वृद्धि हुई है, जो वास्तव में चिन्ता का विषय है।
माननीय मंत्री, परिवहन विभाग की अध्यक्षता में दिनांक 21.05.2018 को सम्पन्न बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की बैठक में लिए गए निर्णय एवं दिनांक 20.06.2018 को विकास आयुक्त, बिहार की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यपालक समिति की बैठक में चालकों को "चालक प्रशिक्षण सह यातायात शोध संस्थान, औरंगाबाद (बिहार)" में भारी वाहन के गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क प्रशिक्षण (शुल्क तथा भोजन सहित) देने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में इस योजना का सूत्रण किया गया है। 1. संक्षिप्त नाम आरंभ एवं विस्तारः- (i) इस योजना का नाम "भारी वाहन चालक प्रशिक्षण योजना" होगा। (ii) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (iii) यह तुरन्त प्रवृत्त होगा। 2. उद्देश्यः-
इस योजना का उद्धेश्य चालन क्षमता का संवर्द्धन कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11114444 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2222019019019019 3. योजना का आयामः-
यह योजना बिहार के उन प्रशिक्षुओं पर लागू होगी जिनका आवेदन जिला परिवहन पदाधिकारियों के द्वारा चालक प्रशिक्षण-सह-यातायात शोध संस्थान (IDTR), औरंगाबाद को इस योजना के तहत् उपलब्ध कराया जायेगा।
4. प्रशिक्षण संस्थानः-
प्रशिक्षण संस्थान से अभिप्रेत है चालक प्रशिक्षण-सह-यातायात शोध संस्थान (IDTR), औरंगाबाद, बिहार। 5. लाभुकों की अर्हताः-
(i) निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु प्रशिक्षणार्थी को बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए, (ii){{^{{FOOTNOTE *}}}} उसके पास हल्के व्यवसायिक वाहन चलाने का एक वर्ष का अनुभव होना चाहिए एवं LMV का एक वर्ष पुराना लाइसेंस होना चाहिए,
(iii) भारी वाहन व्यवसायिक लर्नर लाइसेंस होना चाहिए, (iv){{^{{FOOTNOTE **}}}} आवेदक की उम्र 20 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। 6. आवेदन की प्रक्रियाः-
(i) भारी वाहन चालन प्रशिक्षण हेतु इच्छुक लाभुकों को प्रशिक्षण में जाने से पूर्व अपने जिले के जिला परिवहन कार्यालय से भारी वाहन (व्यवसायिक) लर्नर अनुज्ञप्ति प्राप्त करना होगा।
(ii) तत्पश्चात् विहित प्रपत्र में प्रशिक्षण हेतु आवेदन भरकर अपने जिले के जिला परिवहन पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करेंगे। आवेदन के साथ निम्न कागजात संलग्न करना होगाः-
(a) LMV के चालक लाइसेंस की स्वः अभिप्रमाणित प्रति,
(b) भारी वाहन व्यवसायिक लर्नर लाइसेंस की छायाप्रति,
(c) आवेदक के आधार कार्ड की छायाप्रति।
(iii) जिला परिवहन पदाधिकारी प्राप्त आवेदनों को संकलित कर चालक प्रशिक्षण-सह-यातायात शोध संस्थान (IDTR), औरंगाबाद को उपलब्ध करायेंगे। चालक प्रशिक्षण-सह-यातायात शोध संस्थान (IDTR), औरंगाबाद के द्वारा सभी जिलों से प्राप्त आवेदनों को संकलित किया जायेगा। प्रशिक्षण हेतु बैच तैयार कर इसके प्रशिक्षण की तिथि निर्धारित की जायेगी तथा प्रशिक्षुओं को उक्त तिथि की सूचना परिवहन विभाग की सहमति प्राप्त कर दी जायगी। प्रशिक्षुओं की जिलावार संख्या का लक्ष्य निर्धारण परिवहन विभाग द्वारा किया जायेगा। जिला परिवहन पदाधिकारी प्रशिक्षुओं के चयन में आदर्श आरक्षण रोस्टर का पालन करेंगे। लक्ष्य वितरण परिशिष्ट-1 के रूप में संलग्न है।
7.{{^{{FOOTNOTE ***}}}} प्रशिक्षण की अवधिः-
भारी वाहन प्रशिक्षण की अवधि तीस दिनों की होगी।
8. प्रशिक्षण पर व्ययः-
यह प्रशिक्षण प्रशिक्षणार्थी के लिए पूर्णतः निःशुल्क होगा। प्रशिक्षण पर होने वाले व्यय (यथा, प्रशिक्षण शुल्क एवं छात्रावास में रहने एवं खाने का खर्च, जो विभाग द्वारा अधिसूचित है) सड़क सुरक्षा निधि से वहन किया जायगा। सम्प्रति विभाग द्वारा प्रशिक्षण शुल्क एवं भोजन-आवासन की दरें निम्नवत् निर्धारित हैः-
(a) भारी वाहन के लिए प्रशिक्षण शुल्क - 7500 रूपया। (b) आवासन एवं नाश्ता - 150 रूपया प्रतिदिन। (c) लंच, डीनर एवं दो चाय - 250 रूपया प्रतिदिन। वर्तमान दर पर एक प्रशिक्षु पर रू0 19500.00 (उन्नीस हजार पाँच सौ रू0) खर्च अनुमानित है। 9. नोडल एजेन्सीः-
इस योजना को लागू करने के लिए राज्य स्तर पर लीड एजेन्सी बिहार सड़क सुरक्षा परिषद्, पटना "नोडल एजेन्सी" के रूप में कार्य करेगी तथा जिला स्तर पर जिला परिवहन पदाधिकारी इसके नोडल पदाधिकारी होंगे। जिला सड़क सुरक्षा समिति आवश्यकतानुसार पर्यवेक्षण का कार्य करेगी।
3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 14 14 14 14 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 201920192019201910. बजट का प्रावधानः-
इस प्रशिक्षण योजना के तहत् होने वाले व्यय का वहन "बिहार सड़क सुरक्षा निधि" में उपबंधित राशि से किया जायगा। चालक प्रशिक्षण-सह-यातायात शोध संस्थान (IDTR), औरंगाबाद को 250 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण की राशि अग्रिम के रूप में उपलब्ध कराई जायगी। इस अग्रिम राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त होने के पश्चात् पुनः 250 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण हेतु राशि अग्रिम रूप में उपलब्ध करायी जाएगी। IDTR में यह राशि अलग खाता खोलकर संधारित की जायेगी। इस खाते में उद्भूत ब्याज इस योजना का हिस्सा माना जायेगा। यह राशि केवल उन प्रशिक्षुओं पर खर्च की जायेगी, जिसकी सूची इस योजना के तहत् जिला परिवहन पदाधिकारियों द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी।
11. बजट का आकलनः-
सम्प्रति इस योजना के तहत 2000 (दो हजार) अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य दो वर्षों में पूरा किया जायेगा। इसमें संभावित व्यय का विवरण निम्न प्रकार हैः-
(i) Fee-2000X7500= 1,50,00000.00 (ii) Boarding+ Breakfast charge per day-2000X150X30 =90,00000.00 (iii) Lunch+Dinner+2Tea charge per day-2000X250X30 =1,50,00000.00 (तीन करोड़ नब्बे लाख रूपया मात्र) कुल =3,90,00000.00 रूपया 12. IDTR, औरंगाबाद इस योजना के अतिरिक्त भी प्रशिक्षुओं का नामांकन अपने स्तर से कर सकता है। IDTR, के द्वारा स्वतंत्र रूप से प्रशिक्षण के लिए नामित प्रशिक्षुओं को निर्धारित शुल्क स्वयं जमा करना होगा। 13. जिलावार निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों की संख्या निम्नवत् निर्धारित की जाती है।
परिशिष्ट-1
| क्रम सं0 | जिला का नाम | प्रशिक्षुओं की संख्या प्रशिक्षुओं की संख्या प्रति जिला | कुल संख्या |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | पटना, पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, गया, समस्तीपुर, सारण, दरभंगा, पश्चिम चम्पारण एवं वैशाली। | 70 | 700 |
| 2 | सीतामढ़ी, सिवान, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बेगूसराय, रोहतास, नालंदा, अररिया, भोजपुर, गोपालगंज, औरंगाबाद, सुपौल, नवादा, बाँका, मधेपुरा, सहरसा, जमूई, बक्सर, किशनगंज, खगड़िया, कैमूर एवं मु गेर। ं | 50 | 1150 |
| 3 | जहानाबाद, लखीसराय, अरवल, शिवहर एवं शेखपुरा। | 30 | 150 |
| कुल संख्या | 2000 |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार अग्रवाल, सरकार के सचिव।
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