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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 15 February 2019

Published 15 February 2019

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-02-15.233
Languages
English, Hindi
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श्री शारदा चौधरी, तत्कालीन रोकड़पाल, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सासाराम द्वारा `27,000.00 (रूपये सत्ताईस हजार मात्र) रिश्वत लेते रंगे हाथ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तथा निगरानी थाना काण्ड संख्या-023/2017, दिनांक-07.04.2017, धारा 7/8/13(2)-सह-पठित धारा 13(1)(डी) भ्र॰नि॰अधि॰-1988 दर्ज किया गया, जिसके फलस्वरूप अधीक्षण अभियंता का कार्यालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण अंचल, सासाराम के कार्यालय आदेश संख्या-05, दिनांक-22.04.2017 द्वारा श्री चौधरी को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(ग) एवं नियम-9(2)(क) के तहत न्यायिक हिरासत की तिथि 07.04.2017 से निलंबित किया गया।

2. पुनः अंचल कार्यालय आदेश संख्या-18, दिनांक-28.07.2017 द्वारा श्री चौधरी को न्यायालय द्वारा जमानत पर छोड़ने के उपरान्त दिनांक-10.07.2017 के पूर्वाह्‌न में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, भभुआ में योगदान दिये जाने के पश्चात्‌ बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(3) एवं कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार, पटना का पत्रांक-3/एम॰-73/2007-का॰- 1821, दिनांक-23.05.

2007 के आलोक में योगदान की तिथि से निलंबन से मुक्त किया गया एवं उनसे कार्य लेना प्रारम्भ किया गया। श्री चौधरी के विरूद्ध रिश्वत मांगने एवं रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार होने जैसे गंभीर आरोप प्रतिवेदित है एवं सरकार की नीति भ्रष्टाचार के प्रति Zero tolerance की है। ऐसे में आरोपित कर्मी का योगदान स्वीकृत करने के पश्चात्‌ पुनः बिहार सरकरी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(3)(II) के तहत निलंबित किया जाना अपेक्षित था, परन्तु ऐसा नहीं कर सरकार के उपर्युक्त नीति का अनुपालन नहीं किया गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 15151515 फरफरफरफरवर(cid:15)वर(cid:15)वर(cid:15)वर(cid:15) 2019201920192019 3. उपर्युक्त के अतिरिक्त श्री चौधरी के विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही में जाँच प्रतिवेदन के आलोक में द्वितीय कारणपृच्छा का अभिकथन प्राप्त होने के पश्चात्‌ आरोपित कर्मी के अभिकथन पर प्रमाणित

आरोपों के आधार पर अग्रेत्तर कार्रवाई न कर लोक अभियोजक, सासाराम/सरकारी अधिवक्ता, श्री शालीग्राम सिंह से परामर्श प्राप्त की गयी तथा प्राप्त परामर्श पर विभाग से मार्गदर्शन की मांग अंचलीय पत्रांक-285, दिनांक-23. 05.2018 द्वारा की गयी। सरकारी अधिवक्ता से जिस बिन्दु पर परामर्श की मांग की गयी, उसका स्पष्ट वर्णन बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-2324, दिनांक-10.07.2007 एवं पत्रांक-2959, दिनांक-31.08.2007 में है। उक्त पत्र के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि सरकारी अधिवक्ता द्वारा दिया गया परामर्श आरोपित कर्मी के पक्ष में है। किसी भी सरकारी सेवक के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही से संबंधित प्रावधान बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 में स्पष्ट रूप से वर्णित है। किसी भी संशय की स्थिति में विभागीय मुख्यालय से मार्गदर्शन प्राप्त कर अग्रेत्तर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा न कर आरोपित कर्मी द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा से संबंधित अभिकथन पर सरकारी अधिवक्ता से परामर्श प्राप्त कर स्वेच्छाचारिता का प्रदर्शन किया गया एवं विभागीय कार्यवाही को अनावश्यक रूप से निलंबित करते हुए आरोपित कर्मी को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचाया गया। साथ ही विभागीय पत्रांक-5/आ॰6-1022/2015-803, दिनांक-02.08.2018 द्वारा दिये गए निदेश के आलोक में कृत कार्रवाई की सूचना भी विभाग को नहीं समर्पित की गयी।

4. वर्णित परिप्रेक्ष्य में श्री रमाकान्त सिंह, अधीक्षण अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण अंचल, सासाराम से विभागीय पत्रांक-995, दिनांक-12.09.2018 द्वारा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति Zero tolerance की नीति का अनुपालन नहीं करने, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 में वर्णित प्रावधान एवं विभागीय कार्यवाही से संबंधित सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के परिपत्रों का अनुपालन नहीं कर स्वेच्छाचारिता अपनाते हुए आरोपित कर्मी को अप्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने हेतु स्पष्टीकरण की मांग की गयी। 5. तदालोक में आरोपित अधीक्षण अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण अंचल, सासाराम के पत्रांक-595, दिनांक-06.10.2018 द्वारा स्पष्टीकरण विभाग को समर्पित किया गया, जिसकी विभाग द्वारा समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरान्त इसे स्वीकार योग्य नहीं पाया गया तथा समीक्षा के क्रम में आरोपित अधीक्षण अभियंता के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत निन्दन की सजा (वर्ष 2017-18) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।

6. वर्णित परिपेक्ष्य में श्री रमाकान्त सिंह, अधीक्षण अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण अंचल, सासाराम के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(i) के तहत निम्नांकित दण्ड अधिरोपित कर संसूचित किया जाता हैः-

• निन्दन, जिसकी प्रविष्टि वर्ष 2017-18 की गोपनीय चारित्री में की जायेगी। 7. उपर्युक्त दण्ड पर सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नवीन कुमार, संयुक्त सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 15 February 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-02-15.233/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-02-15.233.