िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
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((((स(cid:27)(cid:24) पटन(cid:4) 235) ) ) ) पटन(cid:4) श१"व(cid:4)र 15151515 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2012012012019999 सं॰ 3प/मु.मं.नि.यो.-19-04/2016/पं0रा0/1153 पंचायती राज विभाग ——— संकल्प 13 फरवरी 2019
विषयः- मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना का प्राथमिकता पर कार्यान्वयन करने एवं ''दीर्घकालीन अनुरक्षण व्यवस्था'' की स्वीकृति के संंबंध में।
पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों के माध्यम से मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना का कार्यान्वयन कराया जा रहा है।
2. दोनों निश्चय योजनाओं के कार्यान्वयन संबंधी मार्गनिदेश पंचायती राज विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किये गये हैं। मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति से विभागीय पत्रांक 3प/मु0मं0नि0यो0-19-04/2016/35/पं0रा0 दिनांक 27.03.2018 द्वारा यह निर्णय संसूचित है कि ''जो ग्राम पंचायत विभागीय दिशा-निर्देश के आलोक में चयनित वार्डों को प्राथमिकता के आधार पर पहले मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना से आच्छादित करना चाहती है, वे ग्राम सभा का अनुमोदन प्राप्त कर विभागीय दिशा-निर्देश के आलोक में चयनित वार्डों में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना का क्रियान्वयन पहले कर सकेगी एवं इस निमित्त मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना हेतु कर्णांकित राशि का उपयोग मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना हेतु किया जा सकेगा।''
3. योजना के कार्यान्वयन के अनुभव से ऐसा पाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के अन्तर्गत पाईप लाईन बिछाने के लिए, पूर्व से अवस्थित पथों को उखाड़ना/काटना पड़ता है, इससे जीर्णोंधार में अनावश्यक अतिरिक्त राशि का व्यय होता है एवं कार्यान्वयन में विलम्ब होता है। तद्नुसार यह उचित पाया गया है कि जिन ग्राम पंचायतों में दोनों निश्चय योजनाओं का क्रियान्वयन वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा किया जाना है, उस वार्ड में पहले मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना का कार्यान्वयन किया जाना अनिवार्य किया जाय। 4. मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना का कार्यान्वयन करने के बाद ही संबंधित वार्ड में मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना के अन्तर्गत गली एवं नालियों का पक्कीकरण का कार्य किया जाएगा। 5. जिन ग्राम पंचायतों में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना का कार्यान्वयन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा किया जाना है, उन मामलों में यह व्यवस्था अनिवार्य नहीं होगी। उन वार्डों में पेयजल निश्चय योजनाओं के कार्यान्वयन के क्रम में गलियों के पक्कीकरण करते समय पाईप लाईन बिछाने हेतु समुचित Duct का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही हर घर में नल संयोजन हेतु पी0सी0सी0 पथ के नीचे, छोटे आकार के पाईप लगाए जायेंगे ताकि भविष्य में नल संयोजन हेतु पी0सी0सी0 पथ को काटने की आवश्यकता नहीं पड़े।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11115555 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2019201920192019 6. पेयजल योजना की दीर्घकालीन रख-रखाव व्यवस्था—
रख-रखाव एवं अनुरक्षण हेतु निम्नवत् व्यवस्था प्रस्तावित है :-
(1) वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा प्रत्येक उपभोक्ता परिवार से उपभोक्ता शुल्क वसूल किया जायेगा। उपभोक्ता शुल्क का निर्धारण वार्ड सभा द्वारा किया जायेगा, जो सामान्यतया 30 रुपया प्रति माह प्रति परिवार से कम नहीं होगा। वार्ड सभा अत्यन्त निर्धन परिवारों से कम शुल्क लेने अथवा उपभोक्ता शुल्क से उन्हें पूरी तरह विमुक्त कर देने का निर्णय ले सकती है, किन्तु ऐसा निर्णय सतर्कतापूर्वक ही लिया जाना अपेक्षित होगा। उपभोक्ता शुल्क की वसूली वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के सचिव द्वारा त्रैमासिक रूप से की जायेगी। सचिव अपने वार्ड के सभी उपभोक्ता परिवारों का पूर्ण विवरण एक पंजी में संधारित करेंगे तथा उसमें प्रत्येक परिवार से प्राप्त उपभोक्ता शुल्क की प्रविष्टि करेंगे। उपभोक्ता शुल्क की वसूली के साक्ष्य के रूप में उपभोक्ता परिवार के मुखिया को प्राप्ति रसीद दी जायेगी।
(2) वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा वार्ड में अवस्थित विद्यालय भवन, आंगनबाड़ी केन्द्र, पंचायत भवन या अन्य सार्वजनिक स्थल पर जलापूर्ति देने की व्यवस्था की जायेगी। ऐसे संस्थानों/ स्थलों को उपभोक्ता शुल्क देने से मुक्त रखा जायेगा। वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा यह सुनिश्चित कराया जायेगा कि ऐसे संस्थानों में कार्य दिवस/कार्य घंटों के दौरान जलापूर्ति हो। (3) जो उपभोक्ता परिवार नियमित रूप से उपभोक्ता शुल्क का भुगतान नहीं करेंगे, उन्हें वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष द्वारा सर्वप्रथम यह चेतावनी दी जायेगी कि अगले एक महीने के अन्दर बकाया उपभोक्ता शुल्क का भुगतान नहीं करने पर उपभोक्ता परिवार के लिए जलापूर्ति बन्द की जा सकती है। चेतावनी पर ध्यान नहीं दिये जाने की स्थिति में वार्ड सभा के अनुमोदन से उस परिवार के लिए जलापूर्ति का संबंध विच्छेद कर दिया जायेगा।
(4) उपभोक्ता शुल्क के रूप में प्राप्त राशि का उपयोग जलापूर्ति की निरंतरता बनाये रखने हेतु आवश्यक खर्चो, यथा सामग्री का क्रय, पम्प चालक/पलम्बर आदि के मानदेय का भुगतान, विद्युत विपत्र का भुगतान आदि के लिए किया जा सकेगा। उपभोक्ता शुल्क से प्राप्त राशि का उपयोग विद्युत संबंधन लेने के लिए नहीं किया जायेगा। आवेदन शुल्क/सुरक्षित जमा एवं प्रारंभिक विद्युत संबंधन सामग्री का व्यय संबंधित वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा योजना मद की राशि से किया जायेगा।
(5) रख रखाव एवं अनुरक्षण हेतु वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा वार्ड सभा के अनुमोदन से एक व्यक्ति को रखा जा सकेगा, जिसको `500 (पाँच सौ रूपया) मासिक रिटेनर शुल्क का भूगतान किया जा सकेगा। ऐसे चयनित कर्मियों का प्रमुख दायित्व जलापूर्ति योजना एवं उसके विभिन्न अवयवों को हमेशा क्रियाशील बनाये रखना होगा। किसी उपभोक्ता परिवार के उपर्युक्त सदस्य को साधारण प्रशिक्षण दिलाकर पंप चालक के रूप में रखने का निर्णय वार्ड सभा द्वारा लिया जा सकता है। यह जिम्मेदारी सचिव, वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति को भी दी जा सकती है। वार्ड कार्यान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा रख रखाव के लिए रखे गए कुशल मिस्त्री को मासिक रिटेनर फीस के अलावा सामयिक मरम्मति शुल्क/सामग्रियों का भुगतान अलग से किया जा सकेगा।
(6) संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा, वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति (जहां पेयजल योजना चालू की गई है) को राज्य सरकार द्वारा परामर्शित मद से एक हजार रूपये प्रतिमाह की दर से अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा। यह अनुदान वर्ष में दो छमाही किस्तों में दिया जायेगा। अनुदान देने के पूर्व ग्राम पंचायत यह सुनिश्चित कर लेगी कि वार्ड में जलापूर्ति योजना संचालित है एवं पिछले किस्त तक की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र/बैंक समाधान विवरणी वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा ग्राम पंचायत को समर्पित कर दी गई है। यह संभव है कि अनुदान मद की राशि वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के खाते में अवशेष रहे, तो भी अनुदान देय होगा बशर्ते योजना संचालित हो। वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा उपभोक्ता शुल्क एवं ग्राम पंचायत से प्राप्त होने वाले अनुदान को अपने बैंक खाते में संधारित कर के रखा जायेगा। इसी राशि से जलापूर्ति के रख रखाव एवं अनुरक्षण पर होने वाले व्यय का भार वहन किया जायेगा।
(7) रख रखाव एवं अनुरक्षण मद में किये जाने वाले व्यय भार को वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा मासिक तौर पर वार्ड सभा से अनुमोदित कराना होगा। समिति के सचिव छमाही तौर पर वित्तीय वर्ष के अक्टूबर एवं मार्च में ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध करायी गई अनुदान राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र संबंधित पंचायत सचिव को भेजना सुनिश्चित करेंगे।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11115555 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2019201920192019 7. राज्य योजना मद से अनुरक्षण हेतु निम्नवत् राशि का आँकलन किया है :-
| वर्ष | पूर्ण वार्डों की संख्या | औसत माह | कुल आवश्यक राशि (` ` ` ` करोड़ में) |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 2018-19 | 60934 का 50% | 6 | ` ` ` `18.28 |
| 2019-20 | 76167 का 80% | 12 | ` ` ` `73.12 |
8. यह प्रस्ताव है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में अनुरक्षण हेतु आवश्यक राशि पंचायती राज विभाग निश्चय योजनाओं के लिए राज्य योजना बजट के उपबंध में से उपलब्ध कराई जा सकेगी। वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं उसके आगे वित्त आयोग की अनुशंसा से पंचायतों को मिलने वाली राशि से अनुरक्षण हेतु राशि कर्णांकित कराने पर विचार किया जाएगा।
9. उपरोक्त के संबंध में विभाग द्वारा समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किया जा सकेगा। इस प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की बैठक दिनांक 05.02.2019 को स्वीकृति प्राप्त है।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाए।
आदेश से, अमृत लाल मीणा, सरकार के प्रधान सचिव।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 235%5'1+300%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in