िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 3 फ(cid:4)(cid:19)ग१न 1(cid:23)4(cid:25) (cid:26)श(cid:25)(cid:27)
((((स(cid:28)(cid:25) पटन(cid:4) 252) ) ) ) पटन(cid:4) श१!व(cid:4)र 22222222 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2012012012019999 बिहार विधान-सभा सचिवालय ——— vf/klwpuk 18 Qjojh 2019
सं॰ वि॰स॰वि॰-05/2019/660/वि॰स॰।—"बिहार पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों तथा शैक्षणिक संस्थानों में नामंकन में (आर्थिक रूप् से कमजोर वर्गों के लिए) आरक्षण विधेयक, 2019'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक 18 फरवरी 2019 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है।
अध्यक्ष, बिहार विधान-सभा के आदेष से, बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22222222 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2019 बिहार पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों तथा षैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए) आरक्षण विधेयक, 2019
प्रस्तावनाः-प्रस्तावनाः-प्रस्तावनाः-प्रस्तावनाः-चूँकि संंविधान (एक सौ तीनवाँ संषोधन) अधिनियम, 2019 द्वारा भारत संविधान के क्रमषः अनुच्छेद 15 में खंड (6) एवं 16 में खंड (6) के अंतः स्थापन के अनुषरण में और राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को, जो बिहार सरकार में पदों तथा सेवाओं में तथा शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में प्राथमिकता के आधार पर आरक्षण का लाभ प्राप्त करने हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए वर्त्तमान आरक्षण स्कीम के अधीन आच्छादित नहीं हैं, को प्राथमिकता के आधार पर आरक्षण उपलब्ध कराना और;
बिहार सरकार द्वारा राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिषत आरक्षण बिहार सरकार के पदों एवं सेवाओं में तथा शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए राज्याधीन सेवाओं एवं पदों तथा शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन के माध्यम से पर्याप्त प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराने के लिए एक अधिनियम का प्रावधान करना आवष्यक एवं समीचीन है;
इसलिए अब भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1111.... संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ।-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ।-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ।-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ।- (1) यह अधिनियम बिहार पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में तथा षैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए) आरक्षण अधिनियम, 2019 कहा जा सकेगा। (2) यह सम्पूर्ण बिहार राज्य में लागू होगा। (3) यह तुरंत के प्रभाव से प्रवृत्त होगा।
इस अधिनियम में जबतक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो - 2222.... परिभाषाएँ।-परिभाषाएँ।-परिभाषाएँ।-परिभाषाएँ।- इस अधिनियम में जबतक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो - इस अधिनियम में जबतक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो - इस अधिनियम में जबतक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो -
''नियुक्ति प्राधिकारी/सक्षम पदाधिकारी'' ाकारी'' ाकारी'' ाकारी'' से किसी स्थापना में सेवा या पद के संबंध में, अभिप्रेत है (क) ''नियुक्ति प्राधिकारी/सक्षम पदाध्ि ''नियुक्ति प्राधिकारी/सक्षम पदाध्ि ''नियुक्ति प्राधिकारी/सक्षम पदाध्ि नियुक्ति करने हेतु सषक्त प्राधिकारी/कोई व्यक्ति जो शैक्षणिक संस्थानों की दषा में नामांकन हेतु उत्तरदायी हो;
(ख) ''विहित''''विहित''''विहित''''विहित'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन बनी नियमावली द्वारा विहित और राजपत्र में प्रकाषित;
(ग) ''स्थापना''''स्थापना''''स्थापना''''स्थापना'' से अभिप्रेत है, राज्य के कार्यकलाप से जुड़े लोक सेवाओं और पदों पर नियुक्तियों से संबंधित राज्य का कोई कार्यालय या विभाग और इसमें निम्नलिखित सम्मिलित हैं :-
(1) तत्समय प्रवृत्त किसी राज्य अधिनियम के अधीन गठित कोई स्थानीय या वैधानिक प्राधिकार, (2) बिहार सहकारी समिति अधिनियम, 1935 (बिहार अधिनियम-6, 1935) के अधीन निबंधित कोई सहकारी संस्थान जिसमें राज्य सरकार द्वारा षेयर पूंजी लगाई गयी हो और जो राज्य सरकार से ऋण, अनुदान तथा साहायि्यकी आदि के रूप में सहायता प्राप्त करता हो और (3) विष्वविद्यालय, विष्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेज, प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालय तथा ऐसे अन्य षैक्षिक संस्थान, जिन्हें राज्य सरकार ने स्वाधिकृत कर लिया हो या सहायता प्रदान करती हो, और
(4) सार्वजनिक क्षेत्र का प्रतिष्ठान;
(घ) '''''सार्वजनिक क्षेत्र की स्थापना'' 'सार्वजनिक क्षेत्र की स्थापना'' 'सार्वजनिक क्षेत्र की स्थापना'' 'सार्वजनिक क्षेत्र की स्थापना'' से अभिप्रेत है कोई उद्योग, वाणिज्य व्यापार या पेषा जो निम्न द्वारा स्वाधिकृत/नियंत्रित या प्रबंधित हो :-
(1) राज्य सरकार या राज्य सरकार का कोई विभाग, (2) कम्पनी अधिनियम, 1956 (अधिनियम-1, 1956) की धारा 617, में यथा परिभाषित सरकारी कम्पनी अथवा केन्द्र या राज्य अधिनियम द्वारा या उसके अधीन स्थापित निगम, जिसमें राज्य सरकार द्वारा समादत षेयर पूंजी के इक्यावन प्रतिषत से अन्यून षेयर पूंजी लगायी गई हो;
''आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग'' से अभिप्रेत है, कार्मिक एवं प्रषिक्षण विभाग, लोक षिकायत एवं (ङ) ''आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग'' ''आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग'' ''आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग'' पेंषन मंत्रालय, भारत सरकार के ऑफिस मेमोरेन्डम F.No.36039/1/2019-Estt. (Res.) दिनांक 19.01.2019 में यथा परिभाषित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का कोई व्यक्ति; तथा जो भविष्य में समय-समय पर यथा संषोधित किया जाय ;
(च) ''भर्त्ती वर्ष'' ''भर्त्ती वर्ष'' ''भर्त्ती वर्ष'' ''भर्त्ती वर्ष'' से अभिप्रेत है पंचाग वर्ष जिसमें वस्तुतः भर्त्ती/नामांकन की जानी हो; (छ) ''आरक्षण''''आरक्षण''''आरक्षण''''आरक्षण'' से अभिप्रेत है बिहार राज्य में पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में तथा षैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण;
(ज) ''गुणागुण सूची''''गुणागुण सूची''''गुणागुण सूची''''गुणागुण सूची'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार तथा नियुक्ति करने के लिए या शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन के लिए लागू आदेषों के अनुसार गुणागुण क्रम से तैयार की गई व्यवस्थित उम्मीदवारों की सूची;
3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22222222 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2019(झ) ''राज्य''''राज्य''''राज्य''''राज्य'' में सम्मिलित है बिहार राज्य की सरकार, विधानमंडल और न्यायपालिका एवं राज्य के भीतर अथवा राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन सभी स्थानीय या अन्य प्राधिकार एवं सभी प्रकार के षिक्षण संस्थान;
यह अधिनियम निम्नलिखित के संबंध में लागू नहीं होगा :- 3333.... प्रयोज्यता (नियुक्ति करने के संबंध में)।-प्रयोज्यता (नियुक्ति करने के संबंध में)।-प्रयोज्यता (नियुक्ति करने के संबंध में)।-प्रयोज्यता (नियुक्ति करने के संबंध में)।- यह अधिनियम निम्नलिखित के संबंध में लागू नहीं होगा :- यह अधिनियम निम्नलिखित के संबंध में लागू नहीं होगा :- यह अधिनियम निम्नलिखित के संबंध में लागू नहीं होगा :-
(क) केन्द्र सरकार के अधीन कोई नियोजन; (ख) निजी क्षेत्र में कोई नियोजन; (ग) घरेलू सेवाओं में कोई नियोजन; (घ) जो स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा भरे जाते हों; (ड़) जो किसी व्यक्ति की प्रतिनियुक्ति से रिक्त होता हो; (च) 45 (पैंतालीस) से कम दिनों के लिए अस्थायी नियुक्तियाँ; (छ) सेवारत सरकारी सेवक की मृत्यु पर अनुकम्पा के आधार पर की गई नियुक्ति, और- (ज) ऐसे अन्य पद जिसे राज्य सरकार, आदेष द्वारा, समय-समय पर, विनिर्दिष्ट करे,
4444.... सीधी भर्त्ती के लिए आरक्षण।-सीधी भर्त्ती के लिए आरक्षण।-सीधी भर्त्ती के लिए आरक्षण।-सीधी भर्त्ती के लिए आरक्षण।-
(1) किसी स्थापना में सेवाओं और पदों की सभी नियुक्तियों में, जो सीधी भर्त्ती द्वारा भरी जाने वाली हो, 10 प्रतिषत रिक्तियाँ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित रहेंगी।
यह प्रावधान राज्य में लागू अन्य किसी अधिनियम के द्वारा विभिन्न आरक्षित कोटि के लिए विहित आरक्षण के अतिरिक्त होगी।
परन्तु राज्य से बाहर के अभ्यर्थी इस अधिनियम के अधीन आरक्षण के लाभ हेतु दावा नहीं करेंगे।
(2) अर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवार, जो अपने गुणागुण के आधार पर चुने जाते हैं, की गणना खुली गुणागुण कोटि में की जायेगी।
शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में आरक्षण ।-ं आरक्षण ।-ं आरक्षण ।-ं आरक्षण ।- 5555.... शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन मे शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन मे शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन मे (1) पूर्णतः या अंषतः सहायता प्राप्त राज्य के सभी षैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में 10 प्रतिषत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित रहेंगी।
यह प्रावधान राज्य में लागू अन्य किसी अधिनियम के द्वारा विभिन्न आरक्षित कोटि के लिए विहित आरक्षण के अतिरिक्त होगी।
परन्तु राज्य से बाहर के अभ्यर्थी इस अधिनियम के अधीन आरक्षण के लाभ हेतु दावा नहीं करेंगे।
(2) अर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवार, जो अपने गुणागुण के आधार पर चुने जाते हैं, की गणना खुली गुणागुण कोटि में की जायेगी।
(3) बिहार राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों के लिए संबंधित षैक्षणिक संस्थान द्वारा दी गई आरक्षण प्रतिषत एवं उनके द्वारा, समय-समय पर दी गई संषोधित आरक्षण प्रतिषत के सिवाय कोई अन्य आरक्षण नहीं दिया जायेगा।
अभिलेख मांगने की राज्य सरकार की षक्ति।- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का कोई सदस्य, जो 6666.... अभिलेख मांगने की राज्य सरकार की षक्ति।- अभिलेख मांगने की राज्य सरकार की षक्ति।- अभिलेख मांगने की राज्य सरकार की षक्ति।- नामांकन पदाधिकारी द्वारा इस अधिनियम या उनके अधीन बनाये गये नियमों के उपबंधों के अनुपालन के चलते नामांकन प्रभारी पदाधिकारी के किसी कार्रवाई द्वारा प्रतिकूलतः प्रभावित होता है तो वह राज्य सरकार को इस तथ्य की सूचना दे सकेगा और उसके द्वारा आवेदन करने पर, राज्य सरकार, वैसे अभिलेखों को मंगा सकेगी या उस पर ऐसी कार्रवाई कर सकेगी, जिसे वह उचित समझे।
सद्भावना पूर्व की गई कार्रवाई के लिये किसी कार्यवाही का वर्जन ।- कोई भी वाद, अभियोजन या 7777.... सद्भावना पूर्व की गई कार्रवाई के लिये किसी कार्यवाही का वर्जन ।- सद्भावना पूर्व की गई कार्रवाई के लिये किसी कार्यवाही का वर्जन ।- सद्भावना पूर्व की गई कार्रवाई के लिये किसी कार्यवाही का वर्जन ।- अन्य विधिक कार्यवाही, किसी ऐसी बात के लिए किसी भी व्यक्ति के विरूद्ध संस्थित नहीं की जायेगी, जो इस अधिनियम के अधीन सद्भावपूर्वक की गई हो या किये जाने के लिए आषायित हो।
8888.... शास्ति।-शास्ति।-शास्ति।-शास्ति।- यदि कोई नियुक्ति प्राधिकारी या नामांकन प्रभारी पदाधिकारी इस अधिनियम के किसी भी उपबन्ध के उल्लंघन में नियुक्ति/नामांकन करता है तो वह ऐसे जुर्माने से जिसे एक हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा या ऐसे कारावास से जिसे तीन महीने तक बढ़ाया जा सकेगा या दोनों से दंडनीय होगा।
9999.... कठिनाईयों का निराकरण।-कठिनाईयों का निराकरण।-कठिनाईयों का निराकरण।-कठिनाईयों का निराकरण।- यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न हो तो राज्य सरकार ऐसी कार्रवाई कर सकेगी या ऐसे आदेष निर्गत कर सकेगी जो इस अधिनिमय के प्रावधानों से असंगत न हो, और जिसे वह कठिनाई दूर करने के लिए, आवष्यक समझे।
10101010.... नियम बनाने की षक्ति।-नियम बनाने की षक्ति।-नियम बनाने की षक्ति।-नियम बनाने की षक्ति।- राज्य सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिये नियम बना सकेगी:
''परन्तु इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम बनाये जाने के पश्चात्, यथाषीघ्र विधान मंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, चौदह दिनों की कुल अवधि के लिए रखा जायेगा, जो एक सत्र या दो या उससे अधिक अनुक्रमिक सत्रों में समाविष्ट हो सकेगी और यदि उस सत्र के तुरंत बाद वाले सत्र या उपर्युक्त अनुक्रमिक सत्रों के सत्रावसान से पहले दोनों सदन उस नियम4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22222222 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2019 में कोई उपांतरण करने के लिए सहमत हो अथवा दोनों सदन इस बात के लिए सहमत हों कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो, तत्पष्चात्, यथास्थिति, नियम का प्रभाव केवल उस उपांतरित प्ररूप में होगा अथवा नहीं होगा, फिर भी कोई उपांतरण अथवा बातिलीकरण उस नियम के अधीन पूर्व में किये गए कुछ भी की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना होगा।''
11111111.... विनिमय।-विनिमय।-विनिमय।-विनिमय।- यदि किसी भर्त्ती वर्ष में या किसी सत्र के नामांकन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उम्मीदवार आरक्षित कोटि से भरे जाने वाले इस अधिनियम के अधीन विहित आरक्षण प्रतिषत तक उपलब्ध न हों तो बची हुई रिक्तियां/सीटें उसी समव्यवहार अथवा उसी भर्त्ती वर्ष में खुली गुणागुण कोटि के उम्मीदवारों से भरी जायेंगी। 12121212.... अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव।-अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव।-अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव।-अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव।- तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि तथा नियमों, किसी न्यायालय के किसी निर्णय या डिक्री या किया गया या निर्गत किसी आदेष, अधिसूचना परिपत्र, स्कीम, नियम या संकल्प में प्रतिकूल किसी बात से होते हुए भी, इस अधिनियम के प्रावधान अभिभावी होंगे:
परंतु तत्समय प्रवृत्त कोई अन्य विधि, नियम इस अधिनियम के पूर्व बने, निर्गत या पारित किया गया कोई आदेष या अधिसूचना, परिपत्र, स्कीम या संकल्प जहाँ तक वे इस अधिनियम से असंगत नहीं हों, लागू रहेंगे तथा इस अधिनियम के अधीन निर्गत या पारित समझे जायेंगे।
बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव।
उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु
भारतीय संविधान के 103वें संशोधन के फलस्वरूप राज्याधीन सेवाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, जो राज्याधीन सेवाओं एवं शैक्षणिक संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग एवं अत्यंत पिछड़े वर्गो के लिए वर्त्तमान में प्रवृत्त आरक्षण की योजना से आच्छादित नहीं है, के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण अनुमान्य कराया जाना है। इसलिए राज्य के आर्थिंक रूप से कमजोर वर्गों के लिए राज्य के पदों, सेवाओं एवं शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में 10 प्रतिशत आरक्षण अनुमान्य कराया जाना ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य है और इसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का अभीष्ट है।
(नीतीश कुमार)(नीतीश कुमार)(नीतीश कुमार)(नीतीश कुमार) भारसाधक सदस्य। पटना, दिनांक 18 फरवरी 2019
अध्यक्ष, बिहार विधान-सभा के आदेष से, बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव।
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[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)
ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 252'5(1+10'ड(cid:17),ट-,प(cid:17),? Website: http://egazette.bih.nic.in