(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
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(स(cid:28)(cid:25) पटन(cid:4) 254) पटन(cid:4) श१!व(cid:4)र 22 फरवर(cid:15) 2019 बिहार विधान-सभा सचिवालय ——— vf/klwpuk 18 Qjojh 2019
सं॰ वि॰स॰वि॰-09/2019/678/वि॰स॰।—"बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) विधेयक, 2019'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक 18 फरवरी 2019 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है।
अध्यक्ष, बिहार विधान-सभा के आदेष से, बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22 फरवर(cid:15) 2019 [वि॰स॰वि॰ 09/2019]= बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) विधेयक, 2019
बिहार राज्य में निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क संग्रहण के विनियमन तथा उससे संबंधित एवं उसके आनुषंगिक विषयों के लिए उपबंध करने हेतु विधेयक।
भारत-गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ। -
(1) यह अधिनियम बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 कहा जा सकेगा। (2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह तत्काल प्रभाव से प्रवृत्त होगा।
2. परिभाषाएँ। - इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो-
(i) ''अधिनियम'' से अभिप्रे्रत है बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019; (ii) ''शैक्षणिक वर्ष'' से अभिप्रेत है अपै्रल के प्रथम दिन से आरम्भ होकर मार्च के अंतिम दिन तक समाप्त होने वाला वर्ष;
(iii) ''राज्य अपीलीय प्राधिकार'' से अभिप्रेत है बिहार राज्य विद्यालय शिक्षक एवं कर्मचारी- शिकायत निवारण नियमावली, 2015 के अधीन गठित राज्य अपीलीय प्राधिकार।
(iv) ''शुल्क विनियमन समिति'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन गठित प्रमंडल स्तरीय समिति।
(v) ''शुल्क'' से अभिप्रेत है शिक्षार्थी से किसी कक्षा/पाठ्यक्रम में नामांकन एवं अध्ययन हेतु प्रवेश शुल्क, पुनर्नामांकन शुल्क, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क, अध्ययन शुल्क (ट्यूशन फी), पुस्तक, पाठ्य-सामग्री, पोशाक, आवागमन शुल्क अथवा अन्य किसी भी उद्देश्य के निमित्त प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रुप से किसी भी प्रकार की संग्रह की गयी राशि।
(vi) ''सरकार'' से अभिप्रेत है बिहार सरकार। (vii) ''प्रबंधन'' से अभिप्रेत है विद्यालय के प्रबंधन से संबंधित समिति कोई व्यक्ति, व्यक्तियों के निकाय, समिति या कोई अन्य शासी निकाय, चाहे वह जिस नाम से जाना जाता हो, जिसमें विद्यालय के प्रबंधन अथवा कार्यकलापों के प्रशासन की शक्ति निहित हो।
परंतु दातव्य तथा विन्यास से संबंधित तत्समय प्रवृत किसी विधि द्वारा गठित अथवा नियुक्त विद्यालय का न्यास बोर्ड या शासी निकाय, चाहे जिस नाम से जाना जाता हो, इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ प्रबंधन समझा जाएगा।
(viii) ''निजी विद्यालय'' से अभिप्रेत है मान्यता प्राप्त बोर्ड अथवा तत्समय प्रवृत्त किसी विधिक व्यक्तित्व, व्यक्ति, व्यक्ति निकाय विनियमन संहिता के अधीन कोई अन्य सक्षम प्राधिकार से स्थापित विद्यालय प्री-प्राइमरी विद्यालय, प्राइमरी विद्यालय, मध्य विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय जो नर्सरी से कक्षा XII तक या इसमें से किसी अलग-अलग कक्षा के लिए संचालित हों। किंतु इसमें राज्य सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालय और केन्द्र सरकार या राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकरण द्वारा स्थापित और प्रशासित या अनुरक्षित कोई विद्यालय सम्मिलित नहीं है।
जिन विषयों पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 एवं तदनुरूप राज्य सरकार की नियमावली अधिसूचित है उन विषयों पर इस अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होंगे। अल्पसंख्यक कोटि के प्रावधानों के अंतर्गत संचालित संस्थाओं पर इस अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं हाेंगे। 3. ''शुल्क विनियमन समिति'' हेतु प्रमंडल स्तर पर समिति का गठन। - प्रत्येक प्रमंडल में निम्नरूपेण
| 1 | प्रमंडलीय आयुक्त | अध्यक्ष |
| 2 | क्षेत्रीय शिक्षा उप निदशक | सदस्य-सचिव |
| 3 | प्रमंडलीय मुख्यालय के जिला शिक्षा पदाधिकारी | सदस्य |
| 4 | जिलों के निजी विद्यालयों से कुल दो प्रतिनिधि (प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा नामित) | सदस्य |
| 5 | दो अभिभावक प्रतिनिधि (प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा नामित) | सदस्य |
4. षुल्क का विनियमन। -
(1) निजी विद्यालय द्वारा कक्षा/पाठ्यक्रम में नामांकन हेतु निर्धारित प्रवेश शुल्क, पुनर्नामांकन शुल्क, विकास शुल्क, मासिक अध्ययन शुल्क, वार्षिक शुल्क तथा पुस्तक, पाठ्य सामग्री, पोशाक, आवागमन का खर्च आदि का निर्धारण किया जाएगा। इस प्रकार निर्धारित सभी प्रकार के शुल्क का ब्यौरा विगत वर्ष एवं वर्त्तमान वर्ष का विद्यालय द्वारा आम लोगों की जानकारी के लिए विद्यालय सूचनापट्ट, विद्यालय के वेवसाईट पर प्रकाशित किया जाएगा।
(2) पूर्व शैक्षणिक वर्ष की तुलना में विद्यालय सभी प्रकार के शुल्क में अधिकतम 7 (सात) प्रतिशत तक की वृद्वि स्वयं आवश्यकतानुसार कर सकता है। इसकी सूचना भी वह सूचनापट्ट एवं वेवसाईट पर देगा। इससे अधिक की वृद्वि होने की स्थिति में तथ्यों के साथ उसे वृद्धि का औचित्य दर्शाना होगा।
(3) पूर्व वर्ष के अपेक्षा सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का विचारण शुल्क विनियमन समिति द्वारा किया जायगा। एतद्संबंधी विस्तृत प्रस्ताव अगला शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के कम से कम छः माह पूर्व विद्यालय प्रबंधन द्वारा शुल्क विनियमन समिति के समक्ष इसके अनुमोदनार्थ प्रस्तुत की जायगी। शुल्क विनियमन समिति जिला विशेष, जिसमें निजी विद्यालय अवस्थित है, की स्थिति तथा आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अगले शैक्षणिक-सत्र के प्रारंभ होने के कम-से-कम तीन माह पूर्व प्रस्ताव पर अपना अनुमोदन/निर्णय विद्यालय प्रबंधन को उपलब्ध करा देगी। अन्यथा विद्यालय प्रबंधन का उक्त प्रस्ताव शुल्क विनियमन समिति द्वारा अनुमोदित माना जायगा। (4) राज्य सरकार को समय-समय पर 7 प्रतिशत की दर को पुनरीक्षित करने का अधिकार होगा। (5) विद्यालय द्वारा प्रस्तावित 07 प्रतिशत से अधिक कोई भी वृद्धि शुल्क विनियमन समिति की विस्तृत जाँच के एवं मंजूरी के अधीन होगी।
(6) विद्यालय में कक्षावार पुस्तकों की सूची, ड्रेस की विशिष्टियाँ एवं अन्य अपेक्षित सामग्रियों की सूची विद्यालय द्वारा वेवसाईट एवं सूचनापट्ट पर जारी किया जाएगा। अभिभावक सुविधानुसार कहीं से भी उसे क्रय कर सकते हैं। विद्यालय या विद्यालय द्वारा निर्धारित दुकान, स्थान एवं संस्था से ड्रेस, पुस्तकों एवं अन्य सामग्रियों का क्रय करना अनिवार्य नहीं होगा। विद्यालय से अथवा स्थान विशेष से साम्रगी क्रय करने की बाध्यता रखनेवाले विद्यालय दंड के भागी होंगे।
5. शुल्क विनियमन समिति की शक्तियाँ एवं कृत्य। - शुल्क विनियमन समिति को शिकायत प्राप्त होने पर जाँच करने की शक्तियाँ होगी।
(1) इस अधिनियम के अन्तर्गत निजी विद्यालय द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क बढ़ाये जाने पर विद्यालय द्वारा दिये गये विस्तृत विवरण के अनुरूप शुल्क वृद्धि हैं कि नहीं; प्रस्तुत किया जाएगा।
(2) पिछले शैक्षिक वर्ष से 7 प्रतिशत से अधिक फीस की वृद्धि के मामलें में सम्बन्धित शिकायतकर्त्ता (अभिभावक) प्रमंडलीय आयुक्त के कार्यालय में लिखित शिकायत के रूप में 30 (तीस) दिनों के भीतर अपनी आपत्तियाँ दर्ज करायगें। निर्धारित/संशोधित से अधिक शुल्क के संग्रह से सम्बन्धित शिकायतों को सुनने की शक्ति प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति में निहित किया जाएगा, साक्ष्य और हलफनामें के साथ इस तरह की बढ़ोतरी पर शिकायत प्राप्त करने के दिन से 60 (साठ) दिन के अन्दर इस मामले में निर्णय लिया जायेगा।
(3) शुल्क विनियमन समिति के पास अपने कार्यो के निर्वहन से उत्पन्न होने वाली सभी मामले में अपनी प्रक्रिया को विनियमित करने की शक्ति होगी। इस धारा के अधीन किसी मामले में जाँच करते समय समिति को वही शक्तियाँ प्राप्त होंगी जो निम्नलिखित मामलों के सम्बन्ध में सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अधीन किसी वाद का विचारण करते समय सिविल न्यायालय में निहित होती है, अर्थातः- (i) किन्हीं व्यक्तियों को समन करना और उन्हें उपस्थित कराना तथा शपथ पर साक्ष्य लेना तथा जाँच करना। (ii) दस्तावेज का प्रकटीकरण । (iii) शपथ पत्र पर साक्ष्य का अभिग्रहण। (iv) साक्षियों या दस्तावेजों की परीक्षा के लिये समन जारी करना। (v) मामले के बारे में भौतिक सत्यापन/पूछताछ का गठन।
6. लेखाओं का विनियमन।-निजी विद्यालयों द्वारा विहित रीति से लेखाओं एवं अभिलेखों का संधारण सही ढंग से किया जायेगा जिसको शुल्क विनियमन समिति द्वारा मांग के अनुरूप दिखाया जा सकेगा। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा लेखा का अंकेक्षण किया जायेगा।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22 फरवर(cid:15) 2019 7. शास्तियाँ ।-निजी विद्यालय इस अधिनियम के या इसके अधीन बनाई गई नियमावली अथवा इस अधिनियम के अधीन निर्गत अधिसूचना के किसी प्रावधान के उल्लंघन करने पर शुल्क विनियमन समिति द्वारा निम्नलिखित प्रावधानित दण्ड शुल्क भुगतान के भागी होंगे। :-
(i) प्रथम अपराध के लिए अधिकतम 1,00,000/- (एक लाख) रूपये। (ii) आगामी प्रत्येक अपराध के लिए अधिकतम 2,00,000/-(दो लाख) रूपये। (iii) निर्धारित दंड एक माह के अन्दर जमा नहीं करने अथवा बार-बार नियमों का उल्लंघन के लिये दोषी पाये जाने की स्थिति में समुचित सक्षम प्राधिकार को, निजी विद्यालय अथवा सहायता पाने वाले विद्यालय की मान्यता अथवा अनुमोदन के अथवा किसी अन्य पाठ्यक्रम, जिसे निजी विद्यालय के संबंध में प्राप्त परिवाद पर संबंधन रदद् करने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त सरकार को अनुशंसा करेगा।
(iv) साक्ष्य एवं शपथ पत्र के साथ अत्यधिक शुल्क वृद्धि या इस अधिनियम के किसी अन्य बिन्दु पर अभिभावक शिकायत पत्र समर्पित करता है तो 60 दिनों के भीतर शुल्क विनियमन समिति निर्णय लेगी।
(v) शुल्क विनियमन समिति के स्तर पर लिए गए निर्णय से असंतुष्ट होने पर कोई पक्ष विद्यालय/अभिभावक राज्य अपीलीय प्राधिकार के समक्ष नियमानुसार अपील दायर कर सकता है।
8. अपील।-शुल्क विनियमन समिति के निर्णय तथा निजी विद्यालय द्वारा निर्धारित शुल्क के विरूद्ध एवं शुल्क विनियमन समिति द्वारा आरोपित दंड के विरूद्ध अपील बिहार राज्य विद्यालय शिक्षक एवं कर्मचारी शिकायत निवारण नियमावली, 2015 के अधीन गठित राज्य अपीलीय प्राधिकार के समक्ष संस्थित की जा सकेगी।
9. दंड में प्राप्त राषि ।-जुर्माना के रूप में प्राप्त राशि सरकारी निकाय के सम्बन्धित मांग शीर्ष में जमा की जायेगी।
10. सिविल न्यायालयों की अधिकारिता का वर्जन।-इस अधिनियम के द्वारा अथवा इसके अन्तर्गत नियुक्त अथवा विनिर्दिष्ट ''फीस विनियमन समिति'' से अपेक्षित तथा इनके द्वारा निपटाए गये, निर्णीत तथा निर्धारित किन्हीं मामलें में न्यायालय इन्हें प्रश्नगत कर इस मामले में निपटारा या निर्णय हेतु कोई कार्यवाही ग्रहण नहीं करेगा तथा इस अधिनियम के अन्तर्गत कृत अथवा अभीष्ट किसी विषय पर कोई आज्ञा जारी नहीं करेगा।
11. सद्भावपूर्वक की गयी कार्रवाई के लिये संरक्षण। -इस अधिनियम या इसके अन्तर्गत विहित किसी नियम के अधीन तथा इसके अनुकूल सद्भावपूर्वक की गयी या की जाने के लिए आशयित किसी कार्य के लिए सरकार, समुचित प्राधिकार अथवा सरकार या समुचित प्राधिकार द्वारा प्राधिकृत किसी व्यक्ति के विरूद्ध कोई वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं होगी।
12. संशोधन की शक्ति।-
(i) सरकार द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों, अथवा इसके अन्तर्गत विहित नियमों में समय-समय पर राजकीय राजपत्र में अधिसूचना जारी कर, कोई परिवर्त्तन, इसमें कोई जोड़ अथवा विलोपित किया जा सकेगा तथा इस अधिसूचना द्वारा इस उद्देश्य से अधिनियम अथवा इसके अन्तर्गत विहित नियमावली में उपयुक्त संशोधन किया जायेगा तथा इसके उपरान्त इस अधिसूचना के प्रावधान अथवा इसके अन्तर्गत विहित नियमावली तदनुसार संशोधित हो जायेंगे।
(ii) उप धारा (i) के अन्तर्गत निर्गत की जाने वाली प्रत्येक अधिसूचना अधिसूचित किये जाने के पश्चात्, यथाशीघ्र राज्य विधान मंडल के समक्ष रखी जायेगी।
13. कठिनाईयों को दूर करने की शक्ति ।- यदि इस अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी करने में किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न होती है, तो सरकार आदेश द्वारा कोई ऐसा प्रावधान कर सकेगी जो, अधिनियम के प्रावधानों से अंसगत नहीं हो और कठिनाईयों के निराकरण के प्रयोजनार्थ आवश्यक एवं समीचीन हो।
14. नियम बनाने की शक्ति।- राज्य सरकार, राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रावधानों को क्रियान्वित करने हेतु नियम बना सकेंगे। सरकार को यह अधिकार होगा कि स्पष्टता तथा व्याख्या के लिए इस अधिनियम के अंतर्गत आवश्यकतानुसार नियम बना सकेगी।
बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव।5 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22 फरवर(cid:15) 2019
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बिहार राज्य में निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क संग्रहण के विनियमन तथा उससे संबंधित उसके आनुषंगिक विषयों के लिए उपबंध करने का विधेयक का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर लोक हित याचिका (C.W.J.C. No 8356/2016) संजीव कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में दिनांक 28.08.2018 में सुनवाई के क्रम में निजी विद्यालयों के शुल्क नियंत्रण करने हेतु अधिनियम बनाने का निदेश प्राप्त है। इस पृष्ठभूमि में ''बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) विधेयक 2019'' का प्रारूप तैयार किया गया है।
इस लिए अब उपर्युक्त उद्देश्य की पूर्ति के लिए बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) विधेयक 2019 के प्रावधानों को लागू किया जाना आवश्यक है यही इस विधेयक का उद्देश्य है तथा इसे अधिनियमित कराना ही इसका अभीष्ट है।
(कृष्णनन्दन प्रसाद वर्मा) भार-साधक सदस्य । पटना, दिनांक 18 फरवरी 2019
अध्यक्ष, बिहार विधान-सभा के आदेष से, बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव।
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