(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
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(स(cid:28)(cid:25) पटन(cid:4) 255) पटन(cid:4) श१!व(cid:4)र 22 फरवर(cid:15) 2019 बिहार विधान-सभा सचिवालय ——— vf/klwpuk 18 Qjojh 2019
सं॰ वि॰स॰वि॰-01/2019/663/वि॰स॰।—"बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2019'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक 18 फरवरी 2019 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है।
अध्यक्ष, बिहार विधान-सभा के आदेष से, बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22 फरवर(cid:15) 2019 [वि॰स॰वि॰ 04/2019]= बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2019 बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) अधिनियम, 1961 (बिहार अधिनियम 12, 1962) का संशोधन करने के लिए विधेयक ।
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ।-(1) यह अधिनियम बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) (संशोधन) अधिनियम, 2019 कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह तुरन्त प्रवृत्त होगा।
2. अधिनियम, 1961 की धारा-16 में संशोधन।-(1) उक्त अधिनियम की धारा-16 की उप धारा-(3) एतद्द्वारा निरसित की जाती है। (2) उक्त अधिनिमय की धारा-16 में निम्नलिखित नई उप धारा-(4) जोड़ी जायेगीः-
''(4)(i) इस अधिनियम की धारा-16 की उप धारा-(3) के निरसन के पश्चात्, राज्य सरकार, राजस्व पर्षद, बिहार भूमि न्यायाधिकरण, प्रमंडलीय आयुक्त, समाहर्त्ता, अपर समाहर्त्ता, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता अथवा किसी अन्य न्यायालय में लंबित सभी मामलें अथवा कार्यवाही उपशमित समझी जायेंगी।
(ii) इस अधिनियम की धारा-16 की उप धारा-(3) के निरसन के अनुशरण में पहले वैधरूप से जमा की गई क्रय राशि, उसके 10% के समतुल्य राशि के साथ, जमाकर्त्ता को बिना सूद के लौटा दी जायेगी।''
बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव।
(ii) ऐसी राशि जमा कर दी जाने पर सह-अंशधारी या रैयत भूमि का कब्जा प्राप्त कराये जाने का हकदार होगा भले ही खंड-(i) के अधीन आवेदन विनिश्चय के लिए लम्बित हो;
परन्तु जहाँ आवेदन नामंजूर कर दिया जाय वहाँ, यथास्थिति, सह-अंशधारी या रैयत भूमि से बेदखल कर दिया जायगा और उसका कब्जा अंतरिती को दिला दिया जायगा और अंतरिती खंड (i) के अधीन की गयी जमा में से क्रयधन के दस प्रतिशत के बराबर की राशि का भुगतान प्राप्त करने का हकदार होगा।
(iii) यदि आवेदन मंजूर कर लिया जाय, तो कलक्टर आदेश द्वारा अंतरिती को, आदेश में विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर, अंतरण का दस्तावेज निष्पादित और रजिस्ट्रीकृत कर भूमि को आवेदक के पक्ष में हस्तान्तरित कर देने का निदेश देगा और यदि यह निदेश के अनुपालन में उपेक्षा या इन्कार करे, तो सिविल प्रक्रिया सहित, 1908 (1908 का 5) के नियम 35 के आदेश में विहित प्रक्रिया, जहाँ तक हो सके, अपनायी जायेगी।''
धारा-16 में संशोधन-उक्त अधिनियम, 1961 की धारा-16 की उप धारा-(3) को निरसित किये जाने का प्रस्ताव है। (2) अधिनिमय की धारा-16 में निम्नलिखित नई उप धारा-(4) को जोड़ने का प्रस्ताव हैः-
''(4)(i) इस अधिनियम की धारा-16 की उप धारा-(3) के निरसन के पश्चात्, राज्य सरकार, राजस्व पर्षद, बिहार भूमि न्यायाधिकरण, प्रमंडलीय आयुक्त, समाहर्त्ता, अपर समाहर्त्ता, भूमि सुधार3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22 फरवर(cid:15) 2019 उप समाहर्त्ता अथवा किसी अन्य न्यायालय में लंबित सभी मामलें अथवा कार्यवाही उपशमित समझी जायेंगी।
(ii) इस अधिनियम की धारा-16 की उप धारा-(3) के निरसन के अनुशरण में पहले वैधरूप से जमा की गई क्रय राशि, उसके 10% के समतुल्य राशि के साथ, जमाकर्त्ता को बिना सूद के लौटा दी जायेगी।''
उक्त अधिनियम की धारा-16(3) का यह प्रावधान कि कोई रैयत यदि अपनी भूमि या उसका अंश बेचना चहता है तो उसके सीमावर्त्ती रैयत अथवा सह-हिस्सेदार को प्राथमिकता देगा। इसे आम तौर पर Pre-emption भी कहा जाता है। विदित है कि Pre-emption संबंधी वाद भूमि सुधार उप समाहर्त्ता से लेकर राजस्व पर्षद तक निपटाये जाते हैं। यह महसूस किया जा रहा है कि Pre-emption अर्थात धारा-16(3) वर्त्तमान परिवेश में अब अनावश्यक (redundant) हो चुका है। कतिपय मामलों में इस धारा का दुरूपयोग भी हो रहा है और राजस्व न्यायालयों में वादों की संख्या अनावश्यक रूप से बढ़ती जा रही है।
अतः यह उचित प्रतीत होता है कि धारा-16(3) को निरसित (Repeal) किया जाय। यही इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य है तथा इसे अधिनियमित कराना ही इस संशोधन विधेयक का अभिष्ट है।
(राम नारायण मंडल) भारसाधक सदस्य। पटना, दिनांक 18 फरवरी 2019
अध्यक्ष, बिहार विधान-सभा के आदेष से, बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव।
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