िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
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((((स(cid:27)(cid:18) पटन(cid:4) 31(cid:18)) ) ) ) पटन(cid:4)(cid:30) श१(cid:31)व(cid:4)र(cid:30) 1 1 1 1 माच(cid:23)माच(cid:23)माच(cid:23)माच(cid:23) 2012012012019999 सं॰ 2/आरोप-01-48/2017-1361/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
30 जनवरी 2019
श्री —ष्ण कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 377/11, तत्कालीन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, कोशी योजना सहरसा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के विरूद्ध सरकारी मानदण्डों के अनुरूप बैंक से अंतरण एवं बैंक खाता का संचालन नहीं करने, बचत खाता से सूद की राशि की अधिप्राप्ति नहीं करने एवं सहरसा से भागलपुर के बैंक में राशि स्थानातरित कर सृजन महिला विकास सहयोग समिति के लिए जालसाजी एवं फर्जीवाड़ा का मार्ग प्रशस्त करने संबंधी आरोपों के लिए जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 1859 दिनांक 06.12.2017 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया। उक्त के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16387 दिनांक 22.12.2017 द्वारा निलंबित किया गया। जल संसाधन विभाग द्वारा प्राप्त आरोपों पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में विभागीय पत्रांक 16388 दिनांक 23.01.2018 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। श्री कुमार के पत्र दिनांक 05.01.2018 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 1108 दिनांक 23.01.2018 द्वारा जल संसाधन विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। जल संसाधन विभाग के पत्रांक 461 दिनांक 02.04.2018 द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध लगाये गये सभी आरोपों के संदर्भ में समर्पित स्पष्टीकरण को स्वीकारयोग्य नहीं पाया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं जल संसाधन विभाग द्वारा प्राप्त मंतव्य के सम्यक् विचारोपरान्त अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6914 दिनांक 28.05.2018 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना (सम्प्रति मुख्य जाँच आयुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 1 1 1 माच(cid:23) माच(cid:23) माच(cid:23) माच(cid:23) 2012012012019999 मुख्य जाँच आयुक्त के पत्रांक 768/अनु0 दिनांक 12.10.2018 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में सभी कुल-06 आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
विभागीय पत्रांक 14165 दिनांक 25.10.2018 द्वारा श्री कुमार से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन पर बचाव बयान/अभ्यावेदन की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री कुमार द्वारा दिनांक 15.11.2018 द्वारा बचाव बयान/अभ्यावेदन समर्पित न कर कतिपय अभिलेख/कागजात तथा एक माह के समय की मांग की गयी। श्री कुमार के समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी, समीक्षोपरान्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 15226 दिनांक 22.11. 2018 द्वारा श्री कुमार को दस दिनों के अन्दर लिखित अभिकथन समर्पित किये जाने का निदेश दिया गया। उक्त के आलोक में पुनः श्री कुमार के आवेदन दिनांक 27.11.2018 समर्पित किया गया।
संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों के संदर्भ में श्री कुमार द्वारा बचाव बयान/अभ्यावेदन समर्पित करने हेतु कतिपय अभिलेख/कागजात की मांग किये जाने तथा पुनः उनके द्वारा CBI से जाँच एवं विधि विज्ञान प्रयोगशाला के जाँच आदि प्राप्त होने के उपरान्त विभागीय कार्यवाही में अन्तिम निर्णय लिए जाने का अनुरोध किये जाने से यह समझे जाने का पर्याप्त आधार बनता है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों के संदर्भ में श्री कुमार को कुछ नहीं कहना है।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित अभ्यावेदन, संचालन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एंव अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14(xi) के प्रावधानों के तहत् श्री कुमार को 'सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी' का दण्ड निरूपित करने का विनिश्चिय किया गया।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 17058 दिनांक 27.12.2018 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से श्री कुमार के विरूद्ध विनिष्चित दंड पर परामर्श की मांग की गई। आयोग के पत्रांक 2865 दिनांक 24.01.2019 द्वारा आयोग का अभिमत प्राप्त हुआ, जो निम्नवत् है :-
''सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त प्रस्ताव में वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक् विचारोपरान्त आयोग विभागीय दण्ड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त करता है।''
बिहार लोक सेवा आयोग के परामर्श के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पूरे मामले की पुनः समीक्षा की गयी। श्री कुमार के विरूद्ध सरकारी मानदण्डों के अनुरूप बैंक से अंतरण एवं बैंक खाता का संचालन नहीं करने, बचत खाता से सूद की राशि की अधिप्राप्ति नहीं करने एवं सहरसा से भागलपुर के बैंक में राशि स्थानातरित कर सृजन महिला विकास सहयोग समिति के लिए जालसाजी एवं फर्जीवाड़ा का मार्ग प्रशस्त करने संबंधी आरोप प्रकरण अत्यंत ही गंभीर प्र—ति का है। जाँच पदाधिकारी द्वारा सभी आरोपों को पूर्णतः प्रमाणित पाया गया। जाँच पदाधिकारी के प्रतिवेदन में श्री कुमार के इस —त्य को उनकी अकर्मण्यता, लापरवाही का द्योतक एवं सरकारी सेवक के आचरण के विरूद्ध बताया गया। उनके विरूद्ध अपने कार्यालय की काफी बड़ी सरकारी राशि भागलपुर में एक ही बैंक ब्रान्च में केन्द्रीय—त रूप से जमा करने के कारण उनकी भूमिका संदिग्ध रही और उपरोक्त सूद की राशि न प्राप्त करने के कारण आरोप प्रमाणित पाया गया। उनके द्वारा काफी बड़ी राशि बैंक ऑफ बड़ौदा, भागलपुर बांच में स्थित भू-अर्जन के बचत खाता से विभिन्न तिथियों में 'सृजन' के खाते में हस्तान्तरित की गयी, जो 'सृजन' महिला विकास सहयोग समिति से श्री कुमार की सांठ-गांठ को प्रमाणित करता है। 3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 1 1 1 माच(cid:23) माच(cid:23) माच(cid:23) माच(cid:23) 2019201920192019 बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हहिमांशु कुमार राय, सरकार के संयुक्त सचिव।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 310%5'1+10 ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in