(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत
21 फ(cid:4)(cid:20)ग१न 1(cid:23)4(cid:25) (cid:26)श(cid:25)(cid:27)
(स(cid:28)(cid:25) पटन(cid:4) 3(cid:31)4) पटन(cid:4) म(cid:28)गलव(cid:4)र 12 माच(cid:24) 2019 laŒ 03/SBM-01-03/2016&685685685685 uxj fodkl ,oa vkokl foHkkx ——— ladYiladYiladYiladYi 5 5 5 5 ekpZ 2019ekpZ 2019ekpZ 2019ekpZ 2019 fo"k;%& ^^fcgkj uxjikfydk Bksl vif'k"V izca/ku ekWMy mifof/k] 2019** dh iz'kklfud Lohd`frA पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा पर्यावरण सुरक्षा अधिनियम, 1986 के अधीन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 को अधिसूचित किया गया है। उक्त नियमावली के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने हेतु नियम 15 के खंड (e), (f) एवं (zf) के प्रावधानों के अंतर्गत उपविधि बनाने हेतु स्थानीय निकायों को आदेश दिया गया है। तदालोक में बिहार राज्य के नगर निकाय क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने हेतु विनियमन की आवश्यकता है।
2. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के क्रियान्वयन में संगतत एवं मानकीकरण के विचार से बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 421 के अधीन नगरपालिकाओं द्वारा विनियमन के रूप में अंगीकार करने के उद्देश्य से ßfcgkj uxjikfydk Bksl vif'k"V izca/ku ekWMy mifof/k] 2019Þ की स्वीकृति प्रदान की गई है। 3. बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 421 में प्रावधान है कि ''नगरपालिका, समय-समय पर, इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी बनाने के प्रयोजनार्थ, इस अधिनियम के उपबंधों या इसके अधीन बनाये गये नियमों के अनुरूप विनियमन बना सकेगी।" उक्त अधिनियम की धारा-422 में विनियम बनाने की पूर्ववर्ती शर्त्तों का उल्लेख किया गया है-''इस अधिनियम के अधीन विनियमन बनाने की शक्ति, पूर्व प्रकाशन के पश्चात् विनियमनों को बनाने की शर्त के अधीन तथा निम्नलिखित उत्तरभावी शर्त्तों के अध्यधीन होगी, यथा-
(क) विनियमन के ऐसे प्रारूप पर आगे तब तक कार्रवाई नहीं की जायेगी जबतक ऐसे प्रकाशन की तारीख से एक महीने की अवधि न बीत गई हो।
(ख) ऐसे अवधि के दौरान कम से कम एक महीने तक सार्वजनिक निरीक्षण के लिए नगरपालिका के कार्यालय में ऐसे प्रारूप की एक मुद्रित प्रति रखी जायेगी, और किसी भी व्यक्ति को, किसी युक्तियुक्त समय में ऐसा प्रारूप देखने की अनुमति निःशुल्क प्रदान की जाएगी।
(ग) ऐसे प्रारूप की मुद्रित प्रति सशक्त स्थायी समिति द्वारा यथा निर्धारित ऐसे शुल्क के भुगतान पर, किसी भी व्यक्ति को प्राप्त हो सकेगी।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 माच(cid:24) 2019 उक्त अधिनियम की धारा-423 में निम्नांकित प्रावधान हैः-
"(I) इस अधिनियम के अधीन, नगरपालिका द्वारा बनाया गया कोई भी विनियमन, तबतक प्रभावी नहीं होगा जबतक कि राज्य सरकार द्वारा उसे अनुमोदित नहीं कर दिया गया हो तथा यह शासकीय गजट में प्रकाशित न हो गया हो।
(II) कोई विनियमन अनुमोदित करने से पूर्व, राज्य सरकार उसमें ऐसा परिवर्तन कर सकेगी जैसा उसे आवश्यक प्रतीत हो।"
4. उक्त अधिनियम की धारा-422 सह पठित धारा-423 के तहत उत्तरभावी शर्त्तों के अनुपालन हेतु मॉडल विनियमावली सभी नगर निकायों की ओर से नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना द्वारा शासकीय गजट में प्रकाशन उपरांत उक्त अधिनियम की धारा-422 के शर्त्तों के अनुरूप सभी नगर निकाय द्वारा कार्रवाई की जायेगी। गजट प्रकाशन के एक माह के उपरांत इसे नगर निकाय द्वारा अंगीकार कर लिया जाएगा, और राज्य सरकार द्वारा इसका अंतिम गजट प्रकाशन कर दिया जाएगा।
5. बिहार नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल उपविधि, 2019 में 11 अध्याय, दो अनुसूची हैं। इस उपविधि को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 में निहित प्रावधानों के आधार पर तैयार किया गया है; जिसमें निम्नलिखित प्रावधानाें को समाहित किया गया है।
i. यह उपविधि शहरी स्थानीय निकाय की अधिकारिता के भीतर प्राप्त औधोगिक टाउनशीप, रेलवे, ऐयरपोर्ट, एयरबेस, पोर्ट, हार्बर, विशेष आर्थिक जोन, राज्य और केन्द्रीय सरकार के संगठनों, प्रत्येक आवासीय, संस्थानिक वाणिज्यिक क्षेत्रों और तीर्थ, धार्मिक तथा ऐतिहासिक महत्व के स्थानों के किसी गैर आवसीय ठोस अपशिष्ट उत्पादकों पर लागू होगी।
ii. स्रोत पर ही ठोस अपशिष्ट का पृथक्ककरण और प्राथमिक भंडारण हेतु सारे नगर निकायों द्वारा कार्रवाई की जाएगी। जिसमें पृथक्कृत अपशिष्ट के भंडारण के लिए डस्टबीन का रंग बायो-डिग्रेडेबुल अपशिष्ट के लिए हरा, नन-बायोडिग्रेडेबुल अथवा सूखा अपशिष्ट के लिए नीला, अन्य अपशिष्ट के लिए काला होगा।
iii. अपशिष्ट का प्रभावी संग्रहण प्रणाली का क्रियान्वयन गलियों में कूड़ा-कचड़ा छितराने को दूर करने हेतु, किया जाएगा। इस प्रयोजनार्थ, शहरी स्थानीय निकाय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के अनुपालन करते हुये पृथक्कृत ठोस अपशिष्ट का डोर-टू-डोर कलेक्शन किया जायेगा। शहरी स्थानीय निकाय वाहनों, उपकरणों तथा मानवशक्ति की संख्या निर्धारित करेगी जो ठोस अपशिष्ट के दक्ष संग्रहण के लिए प्रत्येक जोन / वार्ड को आबंटित किया जायगा तथा यह भी सुनिश्चित करेगा कि पृथक्कृत ठोस अपशिष्ट एक दूसरे में मिश्रित न हों।
iv. दैनिक गली/रोड सफाई हेतु शहरी स्थानीय निकाय शहर के प्रत्येक वार्ड में दैनिक सड़क सफाई के लिए व्यवस्था करेंगी। पर्याप्त संख्या में क्रर्मकार (झाडूकश) प्रत्येक सड़क पर लगाए जाएंगे। चौड़ी सड़कों के लिए यांत्रिक सफाई मशीन का उपयोग किया जा सकेगा। शहरी स्थानीय निकाय यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी अपशिष्ट संग्रहण के बाद कर्मकार द्वारा जलाया न जाय।
v. शहरी स्थानीय निकाय स्वयं अथवा प्राधिकृत एजेंसी या ठीकेदारों के माध्यम से ठोस अपशिष्ट भंडारण सुविधाएँ स्थापित एवं संधारित करेगी। स्रोत से संग्रह किया गया पृथक्कृत ठोस अपशिष्ट को भंडारण डिपो अथवा अपशिष्ट सुविधाओं अथवा स्टोरेज के लिए बने बीन तक ले जाया जाएगा और आवश्यकतानुसार आगे प्रोसेसिंग या निपटान सुविधा तक परिवहन किया जाएगा। vi. शहरी स्थानीय निकाय सेकेन्डरी परिवहन वाहनों की आवश्यकता निर्धारित करेगी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्रियाकलापों के सुचारू प्रचालन के लिए ऐसे वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। प्रत्येक मकान, वाणिज्यिक स्थापना, सेकेन्डरी स्टोरेज कंटेनरों से संग्रहित अपशिष्ट का परिवहन प्रत्येक दिन नियमित अंतराल पर पृृथक्कृत रीति से किया जाएगा ताकि कोई सेकेन्डरी स्टोरेज कंटेनर से कचड़ा गिर न जाय और अपशिष्ट 24 घंटे से ज्यादा अस्थाई डम्पिंग स्थल पर पड़ा न रहे।
vii. शहरी स्थानीय निकाय ठोस अपशिष्ट के प्रसंसीकरण को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न तकनीक अपना सकती है, जैसे-ऐरोबिक कंपोस्टिंग, वर्मी कंपोस्टिंग, मैकेनिकल कंपोस्टिंग, बायो-मेथॉनेशन, वेस्ट टू इनर्जी अथवा सरकार द्वारा, समय समय पर, विहित अन्य अनुमोदित प्रक्रिया।
viii. शहरी स्थानीय निकाय द्वारा Material Recovery Facility (MRF) इकाई की स्थापना कर सकती है, जिसमें ठोस अपशिष्ट से पुनःचक्रणीय (Recyclable) पद्धति के द्वारा अपशिष्ट से उपयोगी सामग्री निकालने हेतु पर्याप्त स्थान के भंडारण सुविधाएँ स्थापित करेंगे, जहाँ अपशिष्ट चुनने वाले और अपशिष्ट संग्रहण करने वाले पुनःचक्रणीय सामग्री यथा-कागज, प्लास्टिक, धातु, सीसा आदि पृथक कर सकेंगे एवं इन सामग्रियों को पुनः कबाड़ी वाले को बेचकर निकाय राशि प्राप्त कर सकती है।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 माच(cid:24) 2019 ix. ठोस अपशिष्ट के प्रोसेसिंग के साथ नगरपालिका ठोस अपशिष्ट इनर्ट एवं रिजेक्ट्स का निपटान वैज्ञानिक रीति से स्वच्छ भूमि भराई सुविधा में किया जाएगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 में विहित प्रावधानों के अनुसार भूमि भराई स्थल की पहचान की जाएगी।
x. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्रियाकलापों के क्रियान्वयन की समीक्षा एवं मॉनिटर करने हेतु जिला स्तर पर, जिला मजिस्टे्रट की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गयी है।
xi. शहरी स्थानीय निकाय द्वारा अपशिष्ट उत्पादकों से कूड़ा संग्रहण, परिवहन तथा निपटान के लिए सेवा उपलब्ध करने के लिए यूजर फीस का प्रावधान किया गया है। शहरी स्थानीय निकाय यूजर फीस का संग्रहण संपत्ति कर का अथवा निर्वाचक बोर्ड द्वारा यथा निर्णीत पृथकरूप से कर सकेगी। यूजर फीस के संग्रहण के लिए नगरपालिका की मुद्रित रसीद का उपयोग किया जाएगा। xii. जो भी कोई ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली अथवा इस उपविधि के किसी प्रावधान का उल्लंघन करता है अथवा उनका पालन करने में असफल रहता है तो उनके लिए अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है।
xiii. नागरिक/अपशिष्ट उत्पादक/प्रदूषक द्वारा मॉडल बिहार नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपविधि, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन या भंग की दशा में बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अनुसार अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकेगी।
xiv. शहरी स्थानीय निकाय कम से कम प्रतिमाह इस उपविधि के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी तथा इस उपविधि के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक समुचित कदम उठाएगी।
6. इस विनियमन में किसी किसी प्रकार के स्पष्टीकरण एवं व्याख्या करने का अधिकार नगर विकास एवं आवास विभाग के पास होगा।
7. इस उपविधि के हिंदी एवं अंग्रेजी संस्करण में भिन्नता पाये जाने पर अंग्रेजी संस्करण मान्य होगा। 8. राज्य मंत्रिपरिषद् की दिनांक-05.03.2019 को संपन्न बैठक के मद सं.-14 के रूप में बिहार नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल उपविधि, 2019 की स्वीकृति प्रदान की गई है।
9. अतः ''बिहार नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल उपविधि, 2019'' की प्रशासनिक स्वीकृति पर सरकार की सहमति संसूचित की जाती है।
vkns'k&आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रति सरकार के सभी विभागों के विभागाध्यक्षों/प्रमंडलीय आयुक्तों/जिला पदाधिकारी/सभी नगर निकायों/महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, चैतन्य प्रसाद, सरकार के प्रधान सचिव।
————
[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)
ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 374%5'1+200 ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in