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वित्त विभागवित्त विभागवित्त विभागवित्त विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 29 जुलाई 201929 जुलाई 201929 जुलाई 201929 जुलाई 2019 विषय :-विषय :-विषय :-विषय :- नयी अंशदायी पेंशन योजना के अंनयी अंशदायी पेंशन योजना के अंनयी अंशदायी पेंशन योजना के अंनयी अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य अंशदान की सीमा को 10 तर्गत राज्य अंशदान की सीमा को 10 तर्गत राज्य अंशदान की सीमा को 10 तर्गत राज्य अंशदान की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने एवं निवेश विकल्प की सुविधा प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने एवं निवेश विकल्प की सुविधा प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने एवं निवेश विकल्प की सुविधा प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने एवं निवेश विकल्प की सुविधा प्रदान करने के संबंध में। प्रदान करने के संबंध में। प्रदान करने के संबंध में। प्रदान करने के संबंध में।
केन्द्र सरकार, वित्त मंत्रालय की अधिसूचना संख्या 05/07/2003-ईॉसीॉवी-पीॉ आरॉ, दिनांक 22.12.2003 के आलोक में राज्य सरकार के वित्त विभागीय संकल्प संख्या 1964, दिनांक 31.08.2005 के द्वारा दिनांक 01.09.2005 के प्रभाव से केन्द्र सरकार के अनुरूप राज्य में राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनॉपीॉएसॉ) लागू की गयी है। यह एक अंशदान आधारित पेंशन योजना है, जिसमें किसी कर्मी को प्राप्त मूल वेतन एवं अनुमान्य महंगाई भत्ता के योग का 10 प्रतिशत कर्मी अंशदान एवं इसी के समतुल्य सरकारी अंशदान मासिक आधार पर की जाती है।
2. भारत सरकार के वित्तीय सेवाएँ विभाग, वित्त मंत्रालय की अधिसूचना संख्या -F.No.1/3/2016-PR, दिनांक 31.01.2019 के द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से संबंधित दिनांक 22.12.2003 की अधिसूचना में संशोधन करते हुए कर्मी अंशदान को 10 प्रतिशत रखते हुए सरकारी अंशदान की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया है तथा कर्मियों को पेंशन निधि एवं निवेश पैटर्न में चयन का विकल्प प्रदान किया गया है।
3. केन्द्र सरकार के उपर्युक्त निर्णय के आलोक में राज्य सरकार द्वारा भी समरूप व्यवस्था लागू करने का मामला विचाराधीन था, क्योंकि नेशनल पेंशन प्रणाली केन्द्र सरकार के समरूप राज्य में भी अंगीकृत की गयी है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 29292929 जुलाईजुलाईजुलाईजुलाई 2019201920192019 4. सम्यक विचारोपरांत राज्य सरकार द्वारा निर्गत संकल्प संख्या 1964, दिनांक 31.08.2005 में निम्नवत संशोधन किया जाता है :-
(i) उक्त अधिसूचना के कंडिका-4 में "दिनांक 01.09.2005 को या उसके बाद राज्य सरकार के अधीन नियुक्त कर्मियों के मासिक वेतन से मूल वेतनअनुमान्य जीवनयापन भत्ता के योग का 10 (दस) प्रतिशत राशि अंशदान के रूप में कटौती की जायेगी तथा उतनी ही राशि नियोक्ता अर्थात् राज्य सरकार द्वारा अंशदान के रूप में दी जायेगी" को निम्नवत प्रतिस्थापित किया जाता है :-
"दिनांक 01.09.2005 को या उसके बाद राज्य सरकार के अधीन नियुक्त कर्मियों के मासिक वेतन से उनके मूल वेतन तथा महंगाई भत्ता के योग का 10 (दस) प्रतिशत राज्यकर्मी अंशदान के रूप कटौती की जायेगी तथा उनके मूल वेतन और महंगाई भत्ते के योग का 14 (चौदह) प्रतिशत राशि नियोक्ता अर्थात् राज्य सरकार द्वारा अंशदान के रूप में दी जायेगी।" (ii) एनॉपीॉएसॉ टीयर-1 में पेंशन निधि और निवेश पैटर्न के विकल्प की सुविधा देने हेतु उक्त अधिसूचना के कंडिका-11 के बाद निम्नांकित तीन प्रावधान कंडिका 12, 13 एवं 14 के रूप में प्रख्यापित किये जायेंगे :- (A) कंडिका-12 पेंशन निधि का विकल्पकंडिका-12 पेंशन निधि का विकल्पकंडिका-12 पेंशन निधि का विकल्पकंडिका-12 पेंशन निधि का विकल्पः—निजी क्षेत्र में अभिदाताओं के मामले के सदृश्य, सरकारी अभिदाताओं को भी निजी क्षेत्र पेंशन निधि सहित किसी भी पेंशन निधि का चयन करने की अनुमति दी जाएगी। वे वर्ष में एक बार अपने विकल्प को बदल सकते हैं। तथापि, सम्मिलित सार्वजनिक क्षेत्र पेंशन निधि की वर्तमान व्यवस्था मौजूदा और नये सरकारी अंशदाताओं के लिए स्वतः उपलब्ध रहेगी।
(B) ककककंडिका-13 निवेश पद्धति का विकल्पंडिका-13 निवेश पद्धति का विकल्पंडिका-13 निवेश पद्धति का विकल्पंडिका-13 निवेश पद्धति का विकल्पः—सरकारी कर्मचारियों को निवेश के निम्नलिखित विकल्प दिये जाऐंगे, यथाः-
(a) सरकारी कर्मचारियों के लिए विहित वर्तमान योजना मौजूदा और नये सरकारी अंशदाताओं के लिए स्वतः उपलब्ध योजना के रूप में जारी रहेगी। इस योजना के अंतर्गत, पीएफआरडीए के दिशानिर्देशों के अनुसार सार्वजनिक उपक्रम क्षेत्र के तीन निधि प्रबंधकों के बीच उनके पूर्व के कार्य निष्पादन के आधार पर निधियाँ आवंटित की जाती है।
(b) वैसे सरकारी कर्मचारी जो न्यूनतम जोखिम राशि के साथ निर्धारित प्रतिफल के विकल्प का चयन करते हैं, को सरकारी प्रतिभूतियों (योजना जी) में 100% निवेश करने का विकल्प दिया जायेगा। (c) जो सरकारी कर्मचारी उच्चतर प्रतिफल के लिए विकल्प का चयन करते हैं, उन्हें जीवनचक्र पर आधारित निम्नलिखित दो योजनाओं का विकल्प दिया जायेगाः-
(i) परम्परागत जीवनचक्र निधि, जिसमें इक्विटी में निवेश की
अधिकतम सीमा 25% निर्धारित होगी- (एलसी-25)
(ii) सामान्य जीवनचक्र निधि, जिसमें इक्विटी में निवेश की
अधिकतम सीमा 50% निर्धारित होगी- (एलसी-50)
कंडिका-14 पुराने कॉर्पस के विकल्पों को लागू करनाः—सरकारी क्षेत्र के (C) कंडिका-14 पुराने कॉर्पस के विकल्पों को लागू करना कंडिका-14 पुराने कॉर्पस के विकल्पों को लागू करना कंडिका-14 पुराने कॉर्पस के विकल्पों को लागू करना अभिदाताओं के संबंध में 1 लाख करोड़ रूपये से अधिक राशि वाले भारी-भरकम पुराने कॉर्पस को मौजूदा पेंशन निधि प्रबंधकों से अंतरित करने का प्रभाव बाजार पर भी पड़ने की संभावना है। सरकारी अभिदाताओं को संचित निधि के संबंध में पेंशन निधि अथवा निवेश3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 29292929 जुलाईजुलाईजुलाईजुलाई 2019201920192019 पद्धति को एक बारगी बदलने की अनुमति देने में पीएफआरडीए को व्यवहारिक कठिनाई हो सकती है। अतः सम्प्रति पेंशन निधि अथवा निवेश पद्धति में परिवर्तन की अनुमति केवल बढ़ी हुई निधि संबंध में ही दी जाएगी।
(iii) उपर्युक्त प्रावधान दिनांक 01.07.2019 के प्रभाव सेे लागू
होगा।
आदेश :— आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में सर्वसाधारण के सूचनार्थ प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राहुल सिंहराहुल सिंहराहुल सिंहराहुल सिंह, सचिव (व्यय)।
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