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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 August 2019

Published 05 August 2019

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-08-05.919
Languages
English, Hindi

(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 14 (cid:19)(cid:4)वण 1(cid:22)41 (cid:23)श(cid:24)(cid:25)

(स(cid:26)(cid:24) पटन(cid:4) (cid:22)1(cid:22)) पटन(cid:4)(cid:29) स(cid:30)मव(cid:4)र(cid:29) 5 अग(cid:7)त 2019 बिहार विधान-सभा सचिवालय ——— vf/klwpuk 25 tqykbZ 2019

सं॰ वि॰स॰वि॰-16/2019-2370/वि॰स॰।—''बिहार विद्यालय परीक्षा समिति विधेयक, 2019'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक 25 जुलाई, 2019 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।

आदेश सेआदेश सेआदेश सेआदेश से,,,, बटेश्वर नाथ पाण्डेय,बटेश्वर नाथ पाण्डेय,बटेश्वर नाथ पाण्डेय,बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिवसचिवसचिवसचिव ।।।।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019 [वि॰स॰वि॰-15/2019]= बिहार बिहार बिहार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति विद्यालय परीक्षा समिति विद्यालय परीक्षा समिति विद्यालय परीक्षा समिति विधेयकविधेयकविधेयकविधेयक, 2019, 2019, 2019, 2019

भारत-गणतंत्र के सत्तरवें वर्ष में, बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्न रूप में यह अधिनियमित होः-

अध्याय-I

प्रारम्भिक

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ।-(1) यह अधिनियम ''बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम, 2019'' कही जा सकेगी।

(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह राजकीय गजट में इसके प्रकाशन की तिथि से प्रवृा होगी। 2. परिभाषाएँ।- इस अधिनियम में, जब तक कि कोई बात विषय या संदर्भ में विरूद्ध न हो :-

(क) 'अकादमिक सत्र' से अभिप्रेत है चालू वर्ष की 1ली अप्रैल से अगले वर्ष के 31 मार्च तक की बारह माहों की अवधि;

(ख) 'सम्बद्ध विद्यालय' से अभिप्रेत है शैक्षणिक संस्थान जो समिति से, इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनी नियमावली एवं विनियमावली के प्रावधानों के अनुसार वर्ग XII तक के लिए, विशेषाधिकार प्राप्त हो;

(ग) 'सम्बद्धता कमिटी' से अभिप्रेत है अधिनियम की धारा- 20 के अधीन गठित सम्बद्धता कमिटी; (घ) 'नियुक्ति प्राधिकार' से अभिप्रेत है कार्यालय परिचारी स्तर से ऊपर के सभी कर्मियों के संबंध में अध्यक्ष और कार्यालय परिचारी स्तर के कर्मियों के संबंध में सचिव;

(ड.) 'अपीलीय प्राधिकार' से अभिप्रेत है कार्यालय परिचारी स्तर से ऊपर के सभी कर्मियों के संबंध में समिति तथा कार्यालय परिचारी स्तर के कर्मियों के संबंध में अध्यक्ष;

(च) 'परिशिष्ट' से अभिप्रेत है इस अधिनियम में संलग्न परिशिष्ट; (छ) 'समिति' से अभिप्रेत है बिहार स्कूल एक्जामिनेशन बोर्ड ऐक्ट, 1952 की धारा-3 के अन्तर्गत स्थापित तथा इस अधिनियम की धारा-3 के अधीन स्थापित की जाने वाली बिहार विद्यालय परीक्षा समिति;

(ज) 'अध्यक्ष' से अभिप्रेत है समिति का अध्यक्ष; (झ) 'विभाग' से अभिप्रेत है शिक्षा विभाग, बिहार सरकार; (ञ) 'परीक्षा' से अभिप्रेत है समिति द्वारा संचालित परीक्षा; (ट) 'सरकार' से अभिप्रेत है बिहार राज्य सरकार; (ठ) 'सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय' से अभिप्रेत है बिहार सरकार द्वारा स्थापित शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय;

(ड) 'प्रधानाध्यापक या प्रधानाध्यापिका' से अभिप्रेत है समिति द्वारा सम्बद्ध किसी उच्च माध्यमिक या माध्यमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक या प्रधानाध्यापिका;

(ढ़) 'विभागाध्यक्ष' से अभिप्रेत है इस अधिनियम की धारा-13(2) में प्रगणित विभिन्न स्कन्धों के प्रमुख; (ण) 'गैर-सरकारी संगठन' से अभिप्रेत है शैक्षणिक एवं सामाजिक प्रयोजनों के लिए सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन ऐक्ट, 1860 के अधीन रजिस्ट्री—त या इन्डियन ट्रस्ट ऐक्ट, 1882 के अधीन सृजित या कम्पनीज ऐक्ट, 1956 की धारा-25 के अधीन रजिस्ट्री—त किसी ऐसे नाम के साथ कोई संगठन या संस्थान या सोसाइटी या ट्रस्ट या कोई अन्य निकाय;

(त) 'विहित' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन समिति द्वारा विरचित नियमावली एवं विनियमावली द्वारा विहित;

(थ) 'विनियमावली' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन समिति द्वारा विरचित विनियमावली; (द) 'नियम' से अभिप्रेत है कि इस अधिनियम के अधीन विभाग द्वारा विरचित नियम; (ध) 'विद्यालय' से अभिप्रेत है समिति द्वारा मान्यता एवं सम्बद्धता प्राप्त माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय;

(न) 'माध्यमिक विद्यालय' से अभिप्रेत है समिति द्वारा यथाविहित 10वें वर्ग तक के पाठ्‌यक्रम का शिक्षा प्रदायी कोई विद्यालय और इसमें समिति द्वारा सम्यक रूप से सम्बद्ध संस्थान शामिल हैं; (प) 'उच्च माध्यमिक विद्यालय' से अभिप्रेत है समिति द्वारा यथाविहित इन्टरमीडियेट (+2) वर्ग तक के पाठ्‌यक्रम का शिक्षा प्रदायी कोई विद्यालय, और इसमें समिति द्वारा सम्यक रूप से सम्बद्ध इन्टरमीडियेट (+2) शिक्षण संस्थान शामिल हैं;

(फ) 'सचिव' से अभिप्रेत है समिति का सचिव; (ब) 'राज्य से अभिप्रेत है' बिहार राज्य; (भ) 'राज्य सरकार' से अभिप्रेत है बिहार राज्य सरकार;

3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019

(म) 'राज्य विश्वविद्यालय' से अभिप्रेत है विश्वविद्यालय जो बिहार सरकार द्वारा; बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-1976, पटना विश्वविद्यालय अधिनियम-1976, नालन्दा खुला विश्वविद्यालय अधिनियम-1995 और आर्यभट्‌ट ज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम-2008 के अंतर्गत स्थापित विश्वविद्यालय

(य) 'उपाध्यक्ष' से अभिप्रेत है समिति का उपाध्यक्ष।

अध्याय-II

समिति

3. समिति की स्थापना एवं निगमन।-(1) सरकार द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के नाम से एक समिति स्थापित की जायेगी जो शाश्वत उत्तराधिकार एवं सामान्य मुहर के साथ एक निगम निकाय होगी तथा उस नाम से वाद ला सकेगी एवं उसके विरूद्ध वाद लाया जा सकेगा।

(2) समिति को, चल एवं अचल सम्पत्ति, दोनों को, अर्जित करने तथा धारण करने, और उसके द्वारा धारित किसी सम्पत्ति को इस अधिनियम एवं इसके अधीन बनायी गयी नियमावली/विनियमावली के उपबंधों के अध्यधीन अन्तरित करने तथा अनुबंध करने, और इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए आवश्यक अन्य कोई कार्य करने की शक्ति होगी।

(3) समिति का मुख्यालय पटना में अवस्थित होगा और इसके क्षेत्रीय कार्यालय समिति के निर्णयानुसार विभिन्न स्थानों पर अवस्थित किये जा सकेंगे ।

4. समिति का गठन-(1)समिति निम्नलिखित से गठित होगी-

(क) अध्यक्ष; (ख) उपाध्यक्ष; (ग) निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार (पदेन); (घ) समिति का सचिव, सदस्य-सचिव के रूप में; (ड़) सरकार द्वारा मनोनीत बिहार राज्य के किन्हीं दो राज्य विश्वविद्यालयों से दो प्रतिनिधि; (च) सरकार द्वारा मनोनीत सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय का एक प्राचार्य; (छ) राज्य सरकार के अधीन किसी संस्थान से सरकार द्वारा मनोनीत दो व्यक्ति, जो राज्य सरकार की राय में परीक्षा पद्धति की विशेषज्ञीय जानकारी रखते हों।

(2) धारा 5(4) एवं 6(4), के उपबंधों के अध्यधीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल सरकार द्वारा निर्गत अधिसूचना की तिथि के प्रभाव से तीन वर्षों की अवधि के लिए अथवा सरकार के अगले आदेश तक प्रभावी होगा।

5. अध्यक्ष की नियुक्ति एवं हटाया जाना।- (1) अध्यक्ष की नियुक्ति सरकार करेगी। (2) अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किए जाने वाले व्यक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा के सचिव से अन्यून पद पर कार्यरत अथवा सेवानिवृत पदाधिकारी होंगे ।

(3) अध्यक्ष का वेतन, भत्ते एवं अन्य सेवाशर्तें वही होंगें जैसा कि सरकार द्वारा अवधारित की जाय। (4) सरकार, अधिसूचना द्वारा, अध्यक्ष को किसी भी समय हटा सकेगी। (5) धारा 5(2) के अध्यधीन कोई व्यक्ति, जिसे पूर्व में अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया हो, वह भी सरकार द्वारा अध्यक्ष पद पर नियुक्त किये जाने हेतु योग्य होगा ।

6. उपाध्यक्ष की नियुक्ति एवं हटाया जाना।-

(1) उपाध्यक्ष की नियुक्ति सरकार करेगी। (2) उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किए जाने वाले व्यक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा अथवा ग्रुप-ए केन्द्रीय सेवा के पदाधिकारी अथवा बिहार प्रशासनिक सेवा के अपर सचिव अथवा उसके ऊपर के पदाधिकारी होंगे ।

(3) उपाध्यक्ष का वेतन, भत्ते एवं अन्य सेवाशर्तें वही होंगें जैसा कि सरकार द्वारा अवधारित किया जायेगा।

(4) सरकार, अधिसूचना द्वारा उपाध्यक्ष को किसी भी समय हटा सकेगी ।

7. अध्यक्ष के पद में रिक्ति।-

(1) यदि अध्यक्ष की मृत्यु, त्यागपत्र, हटाये जाने या अन्यथा के कारण पदावधि पूरा करने में असमर्थ हो जाय तो उपाध्यक्ष या सरकार द्वारा नियुक्त अन्य कोई व्यक्ति अध्यक्ष के पदीय कार्यों एवं र्काव्यों का सम्पादन, सरकार द्वारा, अधिनियम की धारा 5(1) के अधीन किसी अध्यक्ष की नियुक्ति किये जाने तक, के लिए करेगा ।

(2) अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष समिति की बैठकों की अध्यक्षता करेगा।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019 8. सचिव की नियुक्ति एवं हटाया जाना।-

(1) सरकार समिति के सचिव को ऐसी शर्तों एवं ऐसी अवधि के लिए नियुक्त करेगी जैसा कि सरकार द्वारा विहित की जाय।

(2) सचिव के पद पर नियुक्त किए जाने वाले व्यक्ति बिहार शिक्षा सेवा के संयुक्त निदेशक स्तर या उसके ऊपर के पदाधिकारी अथवा बिहार प्रशासनिक सेवा के संयुक्त सचिव स्तर के या उसके ऊपर के पदाधिकारी होंगे ।

(3) सरकार, अधिसूचना द्वारा, सचिव को किसी भी समय हटा सकेगी।

9. समिति की रिक्तियों, आदि के कारण कार्यों अथवा कार्यवाहियों को अविधिमान्य नहीं करना।-समिति में किसी रिक्ति के अस्तित्व मात्र अथवा, यथास्थिति, समिति या कमिटी, के गठन में त्रुटि के आधार पर समिति या समिति की किसी कमिटी के किसी कार्य या कार्यवाही पर प्रश्न नहीं उठाया जायेगा।

10. कामकाज का संचालन।-समिति, विनियमावली द्वारा, समिति या इस अधिनियम के अधीन समिति द्वारा गठित किसी कमिटी, की बैठकों में कामकाज के संचालन को विनियमित करने संबंधी अनुसरणीय प्रक्रिया विहित करेगी।

11. समिति की शक्तियाँ एवं —त्य।-(1) समिति, इस अधिनियम के अधीन आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएँ करेगी।

(2) समिति-

(क) समिति से सम्बद्ध विद्यालयों के साथ सम्यक रूप से पंजीकृत छात्रों की माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाओं का संचालन करेगी;

(ख) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (एन॰सी॰टी॰ई॰) से मान्यता प्राप्त एवं समिति द्वारा सम्बद्ध संस्थानों के डिप्लोमा इन एलीमेन्टरी एजुकेशन (डीएल॰एड॰) के लिए परीक्षाओं का संचालन करेगी;

(ग) ऐसे अन्य परीक्षाओं का संचालन करेगी, जैसा कि विभाग अथवा समिति समय-समय पर निदेशित करेगी;

(घ) समिति द्वारा संचालित परीक्षाओं के परिणाम प्रकाशित करेगी और ऐसी परीक्षओं के लिए सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पुरस्कार एवं छात्रवृाि प्रदान करेगी;

(ड.) डिप्लोमा इन एलीमेन्टरी एजुकेशन (डीएल॰एड॰) पाठ्‌यक्रम का संचालन करनेवाले संस्थानों और माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को सम्बद्धता प्रदान करेगी; (च) समिति के साथ सम्बद्ध विद्यालयों/संस्थानों को विनियमित करेगी; (छ) विद्यालयों/संस्थानों, जिन्हें समिति द्वारा सम्बद्धता प्रदान की गयी है, की सम्बद्धता को निलंबित या रद्‌द करने की शक्ति समिति को होगी;

(ज) परीक्षाओं के संचालन, परिणामों का प्रकाशन और सर्टिफिकेट एवं अंक-पत्र प्रदान करने के लिए विहित प्रक्रिया निर्धारित करेगी;

(झ) समिति के सम्बद्ध विद्यालयों में छात्रों के प्रवेश और ऐसे छात्रों को समिति द्वारा संचालित की जानेवाली माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाओं में शामिल होने के लिए अनुमति हेतु शर्तों का निर्धारण करेगी;

() समिति द्वारा संचालित परीक्षाओं में अनुचित तरीकों के इस्तेमाल में लिप्त छात्रों/संस्थानों को विवर्जित कर सकेगी;

(ट) ऐसी फीस माँगेगी एवं प्राप्त करेगी जैसा समिति द्वारा विहित किया जाय; (ठ) पाठ्‌यक्रम संबंधी एवं पाठ्‌येतर क्रियाकलापों को प्रोत्साहित एवं सम्प्रवर्तित करेगी; (ड) छात्रों, शिक्षकाें, अभिभावकों एवंं अन्य ऐसे व्यक्तियों, जिन्हें समिति आवश्यक समझे, के ज्ञान एवं जागरूकता में सुधार करने का प्रयास करेगी;

(ढ़) शैक्षणिक संस्थानों को उनके संरचनात्मक सुधार के लिए अथवा बेहतर प्रदर्शन हेतु प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान दे सकेगी;

(ण) अभ्यर्थियों की उपलब्धियों के निर्धारण की उन्नत रीतियों का ईजाद करेगी एवं ऐसी रीतियों का प्रयोग करेगी;

(त) विद्यालयों के निरीक्षण की व्यवस्था कर सकेगी; (थ) ऐसी अन्य विभागीय परीक्षाओं का संचालन करेगी और ऐसे अन्य कर्त्तव्यों का निर्वहन करेगी जो विहित किये जायँ;

(द) अधिनियम के अधीन सौंपे गये कार्यों एवं र्काव्यों के निर्वहन हेतु, कमिटियों का गठन एवं नियुक्ति कर सकेगी;

(ध) समिति अपने विभिन्न कार्यालयों के लिए प्रशाखा पदाधिकारी स्तर तक के विभिन्न पदों का सृजन करेगी। प्रशाखा पदाधिकारी स्तर के उपर के पदों का सृजन विभाग की पूर्वानुमोदन से किया जाएगा;

5 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019

(न) ऐसे अन्य अस्थायी पदों का सृजन अधिकतम एक वर्ष के लिए कर सकेगी, जैसा कि अधिनियम के अधीन सौंपे गये कार्यों एवं र्काव्यों के निर्वहन हेतु आवश्यक समझा जाय और ऐसे पदों के विरूद्ध तदर्थ आधार पर एक वर्ष के लिए व्यक्तियों का नियोजन कर सकेगी; और

(प) अपने क्षेत्राधीन उच्च माध्यमिक विद्यालय और/अथवा माध्यमिक विद्यालय में ऑनलाइन नामांकन लेने की शक्ति होगी।

(3) समिति को ऐसी वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियाँ होंगी जैसा कि परिशिष्ट-1 में विनिर्दिष्ट हैं। 12. समिति को निदेश देने हेतु सरकार की शक्ति।-सरकार, समिति को, समय-समय पर, ऐसे सामान्य या विशेष निदेश जारी कर सकेगी, जैसा कि वह उचित समझे। समिति, अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में ऐसे निदेशों का अनुपालन करेगी।

13. समिति के पदाधिकारी।-(1) समिति के निम्नलिखित पदाधिकारी होंगे, यथा-

(i) अध्यक्ष, (ii) उपाध्यक्ष, (iii) सचिव, (iv) विभिन्न स्कन्धों के विभागाध्यक्ष,जैसा कि इस धारा की उपधारा (2) में परिभाषित है, (v) ऐसे अन्य पदाधिकारी जैसा परिशिष्ट-2 में उल्लिखित है, (vi) ऐसे अन्य पदाधिकारी जो इस अधिनियम के अधीन बनी नियमावली द्वारा यथाविहित, समय-समय पर, समिति द्वारा निर्णित किये जायँ।

(2) समिति के निम्नलिखित पदाधिकारी अपने-अपने स्कंधों के विभागाध्यक्ष होंगे-

(i) निदेशक (शैक्षणिक) ः शैक्षणिक स्कन्ध (ii) मुख्य निगरानी पदाधिकारी ः निगरानी स्कन्ध (iii) परीक्षा नियंत्रक, माध्यमिक ः माध्यमिक परीक्षा स्कन्ध (iv) परीक्षा नियंत्रक, उच्च माध्यमिक ः उच्च माध्यमिक परीक्षा स्कन्ध (v) परीक्षा नियंत्रक, विविध ः विविध परीक्षा स्कन्ध (vi) निदेशक (सूचना प्रौद्योेगिकी) ः सूचना प्रौद्योगिकी स्कन्ध

(3) विभिन्न स्कन्धों के विभागाध्यक्षों की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियाँ ऐसी होगी जैसा कि परिशिष्ट-1 में विनिर्दिष्ट है।

परन्तु यह कि यथावश्यक, समिति के पदाधिकारियों के पदों को प्रतिनियुक्ति द्वारा भी राज्य अथवा केन्द्र सरकार के पदाधिकारियों से भरा जा सकेगा।

14. अध्यक्ष की शक्तियाँ एवं कर्त्तव्य।-

(1) अध्यक्ष को समिति की बैठकें आहूत करने की शक्ति होगी । (2) समिति के प्रशासनिक कामकाज से उद्‌भुत किसी आकस्मिकता, जिसमें अध्यक्ष की राय में तुरंत कार्रवाई किया जाना अपेक्षित हो, की स्थिति में अध्यक्ष ऐसी कार्रवाई करेगा जैसा कि वह आवश्यक समझे और तत्पश्चात स्वयं द्वारा —त कार्रवाई का प्रतिवेदन समिति को उसकी अगली बैठक में देगा।

(3) वह कार्यालय परिचारी स्तर से ऊपर के सभी कर्मियों का नियुक्ति प्राधिकार एवं अनुशासनिक प्राधिकार होगा।

(4) अध्यक्ष की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियाँ ऐसी होगी जैसा कि परिशिष्ट-1 में विनिर्दिष्ट है। (5) अध्यक्ष ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करेगा जैसा कि अधिनियम के अधीन विरचित नियमावली एवं विनियमावली द्वारा उसे प्रदा की जायँ।

(6) अध्यक्ष द्वारा ऐसे अन्य कत्र्तव्यों एवं दायित्वों का भी निर्वहन किया जायेगा, जो समय-समय पर सरकार द्वारा निदेशित किया जाय ।

15. उपाध्यक्ष की शक्तियाँ एवं कर्त्तव्य।-

(1) उपाध्यक्ष, अध्यक्ष की अनुपस्थिति में, समिति की बैठकों का पीठासीन पदाधिकारी होगा। (2) उपाध्यक्ष की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियाँ ऐसी होगी जैसा कि परिशिष्ट-1 में विनिर्दिष्ट है। उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग अध्यक्ष कर सकेगा ।

(3) अध्यक्ष अपनी वित्तीय और/अथवा प्रशासनिक शक्तियाँ सहित, अपनी शक्तियों एवं कृत्य में से किसी का प्रत्यायोजन उपाध्यक्ष को कर सकेगा। इसके अतिरिक्त, अध्यक्ष उपाध्यक्ष को किसी अन्य कार्य या कर्त्तव्य का जिम्मा दे सकेगा।6 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019 16. सचिव की शक्तियाँ एवं कर्त्तव्य।-

(1) सचिव, समिति के नियंत्रण के अधीन रहते हुए, समिति का मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी होगा। वह वार्षिक प्राक्कलनों एवं लेखाओं का विवरण प्रस्तुत करने हेतु उत्तरदायी होगा।

(2) सचिव समिति का सदस्य-सचिव होगा। (3) सचिव यह देखने के लिए उत्तरदायी होगा कि सभी धन उन्हीं प्रयोजनों हेतु व्यय हो रहे हैं जिसके लिए वे स्वीकृत या आवंटित हुए है।

(4) सचिव समिति की बैठकों की कार्यवृत्त संधारित करने हेतु उत्तरदायी होगा। (5) सचिव कार्यालय परिचारी स्तर के कर्मियोें का नियुक्ति एवं अनुशासनिक प्राधिकार होगा। (6) सचिव की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियाँ ऐसी होगी जैसा कि परिशिष्ट-1 में विनिर्दिष्ट है। (7) सचिव ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करेगा जैसा कि अधिनियम के अधीन विरचित नियमावली एवं विनियमावली द्वारा विहित की जाय।

17. समिति के परीक्षा नियंत्रकों की शक्तियाँ एवं कर्त्तव्य।- परीक्षा नियंत्रकों की निम्नलिखित शक्तियाँ एवं कर्त्तव्य होंगे, यथा -

(क) परीक्षाओं के परिणामों को विचारित, मॉडरेट, अवधारित एवं प्रकाशित करना; (ख) संबंधित परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को प्रवेश देना और, किसी भी कारण से जो उसकी राय में परीक्षा पद्धति एवं अधिनियम के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता हो, अभ्यर्थियों को ऐसी परीक्षा में उन्हें प्रस्तुत होने से निरर्हित करना।

(ग) परीक्षा केन्द्रों एवं मूल्यांकन केन्द्रों का निर्धारण। (घ) परीक्षाओं के लिए पेपर सेटरों, मॉडरेटरों, परीक्षकों, परिगणकों, पर्यवेक्षकों एवं वीक्षकों के रूप में नियुक्ति के लिए उपयुक्त व्यक्तियों की सूची तैयार करना और ऐसी नियुक्तियाँ करना। (ड.) परीक्षाओं का संचालन, विज्ञप्तियों का प्रकाशन, परीक्षाफल की तैयारी एवं प्रकाशन। (च) जाँच से संबंधित मामलों एवं लंबित परीक्षाफल का सुधार/प्रकाशन। (छ) ऐसे अन्य कार्य जो समय-समय पर समिति द्वारा निर्धारित की जायेगी ।

18. समिति के अन्य पदाधिकारियों के कर्त्तव्य।-(1) निदेशक (शैक्षणिक), मुख्य निगरानी पदाधिकारी एवं निदेशक (सूचना एवं प्रौद्योगिकी) के कर्त्तव्य निम्नानुसार होंगेः-

(i) निदेशक (शैक्षणिक) -निदेशक (शैक्षणिक), शैक्षणिक स्कन्ध का प्रधान होगा और वह माध्यमिक, उच्च माध्यमिक एवं अन्य प्रशिक्षण पाठ्‌यक्रमों के लिए संस्थानों की संबद्धता अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रदान करेगा । वह पाठ्‌यक्रम एवं पाठ्‌य विवरण की अनुशंसा एवं समीक्षा करेगा। वह समिति द्वारा समय-समय पर निर्धारित अन्य कार्य करेगा। (ii) मुख्य निगरानी पदाधिकारी- मुख्य निगरानी पदाधिकारी, निगरानी स्कन्ध का प्रधान होगा। समिति के मुख्य कार्यालय की विभिन्न शाखाओं एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में भ्रष्टाचार एवं कदाचार का उद्‌भेदन एवं निरोध करना उसका र्काव्य होगा और ऐसे कर्मियों के विरूद्ध समुचित कार्रवाई की अनुशंसा करेगा जो कदाचार एवं समिति के हितों के प्रतिकूल कार्याें में लिप्त पाये जाते हों।

(iii) निदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी)-निदेशक (सूचना प्राद्योगिकी), सूचना प्रौद्योगिकी स्कन्ध (आई0टी0 विंग) का प्रधान होगा और समिति की विभिन्न परीक्षाओं के सूचना प्रौद्योगिकी (आई0टी0) संबंधी कार्यों का संचालन सहित समिति के कामकाज के लिए सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी युक्ति, प्रबंधन कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायी होगा।

(2) समिति को, ऐसे अन्य कार्यों को समिति के पदाधिकारियों को प्रदान करने की शक्ति होगी, जो आवश्यक समझा जाय।

(3) परिशिष्ट-2 में उल्लिखित समिति के अन्य पदाधिकारियों के कर्त्तव्यों का निर्धारण, समय-समय पर, समिति द्वारा किया जाएगा।

19. सम्बद्धता की स्वीकृति एवं वापस करने की शक्तियाँ।-

(1) इस अधिनियम की धारा-20 के अंतर्गत गठित सम्बद्धता कमिटी की अनुशंसा पर किसी गैर सरकारी संस्थानों या निजी व्यक्तियों द्वारा स्थापित माध्यमिक, उच्च माध्यमिक तथा अन्य विद्यालय स्थापना की सम्बद्धता स्वीकृत करने या वापस लेने की शक्ति समिति को होगी तथा विभाग के अनुमोदन के पश्चात इस संबंध में विनियमावली बनाने की शक्ति भी समिति को होगी। परन्तु इन्टरमीडिएट (2) स्तर की शिक्षा देने वाली संस्थाएँ बिहार इन्टरमीडिएट शिक्षा परिषद्‌ अधिनियम, 1992 की धारा-39 के अधीन मान्यता प्राप्त समझी जायेंगी अथवा धारा-41 के अधीन स्थापित और स्थापना के लिए मान्यता प्राप्त अथवा अनुज्ञाप्त संस्थाएँ उच्च माध्यमिक परीक्षा के लिए बोर्ड से संबद्ध समझी जायेंगी ;

7 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019

परन्तु इसके अतिरिक्त वैसी इन्टरमीडिएट (2) शिक्षा संस्थान, जिन्हें पूर्व से मान्यता प्राप्त हो तथा वे अपना नाम परिवर्तित कर उच्च माध्यमिक विद्यालय, उन सभी सुविधा और शिक्षकों के साथ माध्यमिक स्तर तथा उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा प्रदान करने के लिए किये हों को समिति द्वारा विनियमावली के अंतर्गत एक समय सीमा निर्धारित करते हुए प्रदान की जायेगी। (2) समिति को वैसे माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों, जिनकी प्रस्वीकृति धारा-19 के उपधारा (1) के तहत की गई है, उसे समिति के विचारण के पश्चात, वापस/रद्‌द/निलंबित करने की शक्ति होगी, जिस प्रस्वीकृत विद्यालयों/संस्थानों द्वारा प्रस्वीकृति के लिए निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं किया जायेगा या अन्य किसी प्रकार से छात्रों, समिति अथवा सामान्य शिक्षा व्यवस्था के हित का पालन नहीं कर रहे हो।

परन्तु साथ ही ऐसे विद्यालयों की प्रस्वीकृति वापस लेने/रद्‌द किये जाने के पूर्व, समिति द्वारा सम्बद्ध विद्यालय को सुनवाई का अवसर देगी, और विद्यालय में नामांकित विद्यार्थी को उनके शैक्षणिक सत्र को पूरा करने तथा समिति की आगामी परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्रदान करेगी।

(3) धारा-19 की उपधारा (1) के अंतर्गत जब माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की प्रस्वीकृति प्रदान की गई हो या समिति द्वारा अधिनियम की धारा-19(1) के अंतर्गत प्रस्वीकृति वापस/रद्‌द किये जाने का अंतिम निर्णय लिया जाने वाला हो, समिति के विवेकानुसार संस्थान को सकारण बताते हुए निलंबित किये जाने की शक्ति होगी। ऐसे संस्थानों की प्रस्वीकृति निलंबित किये जाने के पूर्व इनसे कारण पृच्छा प्राप्त करना आवश्यक नहीं होगा।

20. सम्बद्धता कमिटी।-

(1) समिति द्वारा, गैर-सरकारी संस्थाओं या निजी व्यक्तियों द्वारा स्थापित माध्यमिक, उच्च माध्यमिक तथा अन्य विद्यालय, जिनके लिए इसे परीक्षा आयोजित करनी होती है, की सम्बद्धता स्वी—त करने या वापस लेने हेतु अनुशंसा करने के लिए एक सम्बद्धता कमिटी का गठन किया जायेगा। (2) सम्बद्धता कमिटी की अनुशंसा को समिति के समक्ष उपस्थापित कर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा। सम्बद्धता कमिटी की अनुशंसा स्वीकृत करने की बाध्यता समिति पर नहीं होगी। समिति द्वारा अन्य कमिटी का गठन कर माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की अनुशंसा प्राप्त करने की शक्ति, समिति में निहित होगी।

(3) सम्बद्धता कमिटी का गठन निम्न प्रकार होगाः-

(i) समिति के सचिव; (ii) निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, बिहार सरकार; (iii) समिति के निदेशक (शैक्षणिक) ; (iv) समिति के मुख्य निगरानी पदाधिकारी ।

(4) समिति का सचिव कमिटी के संयोजक के रूप में कार्य करेगा।

21. समिति को अवक्रमित करने की शक्तियाँ।-

(1) यदि सरकार की राय में समिति उस पर अधिनियम द्वारा या के अधीन अधिरोपित कर्त्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हो अथवा अपने कर्त्तव्य पालन में लगातार असफल हो अथवा सरकार द्वारा धारा-12 के अधीन जारी निदेशों का अनुपालन नहीं किया हो अथवा अपनी शक्तियों से परे कार्य किया हो अथवा अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया हो, तो सरकार, अधिसूचना द्वारा समिति को अवक्रमित कर सकेगीः परन्तु यह कि इस उपधारा के अधीन अधिसूचना जारी करने के पूर्व, सरकार, समिति को कारण बताने के लिए कि क्यों नहीं उसे अवक्रमित कर दिया जाना चाहिए, एक युक्ति युक्त अवसर प्रदान करेगी और समिति के स्पष्टीकरण एवं आपत्तियाँ, यदि हों, पर विचार करेगी। (2) उपधारा (1) के अधीन समिति के अवक्रमण हेतु अधिसूचना के प्रकाशित होने पर-

(क) समिति के सभी सदस्य अवक्रमण की तारीख के प्रभाव से अपने पद छोड़ देंगे; (ख) अधिनियम के उपबंधों द्वारा या के अधीन समिति द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग किये जाने या पालन किये जाने वाली सभी शक्तियाँ एवं कर्त्तव्य, अवक्रमण की अवधि में, ऐसे व्यक्तियों द्वारा प्रयोग या पालन किये जायेंगे जैसा कि सरकार निदेश दे; तथा (ग) समिति में निहित सभी सम्पत्तियाँ, अवक्रमण अवधि में, सरकार में निहित होंगी। (3) उपधारा (1) के अधीन जारी अधिसूचना में विनिर्दिष्ट अवक्रमण अवधि की समाप्ति पर, सरकार- (क) अवक्रमण अवधि को आगे की ऐसी अवधि के लिए विस्तारित कर सकेगी जैसा कि वह आवश्यक समझे; या

(ख) धारा-4 में यथा उपबंधित समिति का पुनर्गठन कर सकेगी।8 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019

अध्याय-III

समिति की निधि

22. समिति की निधि।-

(1) समिति के लिए एक निधि स्थापित की जायेगी, जो समिति में निहित होगी और इस अधिनियम के प्रयोजनों हेतु, उसमें अंतर्विष्ट उपबंधों के अधीन होगी, जो समिति की निधि के नाम से जानी जाएगी ।

(2) समिति की निधि में जमा किये जायेंगे-

(क) सरकार द्वारा बिहार राज्य की संचित निधि से समिति को आवंटित सभी रकम और इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनायी गयी नियमावली एवं विनियमावली के उपबंधों को कार्यान्वित करने के प्रयोजनों से समिति द्वारा उधार लिये गये सभी रकम;

(ख) इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनायी गयी नियमावली एवं विनियमावली के किसी उपबंध के अधीन भुगतेय एवं उद्‌ग्रहित सभी फीस सहित समिति द्वारा या की ओर से प्राप्त सभी राशि; तथा

(ग) समिति द्वारा प्राप्त सभी अन्य रकम जो पूर्ववर्ती खंडों में शामिल नहीं हैं।

(3) समिति की निधि के रूप में प्राप्त राशि किसी भी सूचीकृत वाणिज्यिक बैंक/बैंकों (भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रस्वीकृति प्राप्त) में रखा जायेगा और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के लेखा नाम के खाते में जमा किया जायेगा ।

23. समिति की निधि का उपयोजन।-समिति की निधि निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए लागू होगीः- (क) इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनायी गयी नियमावली एवं विनियमावली के प्रयोजनों हेतु समिति द्वारा उपगत उधार के प्रति संदाय में;

(ख) समिति के पदाधिकारियों एवं स्टाफ के वेतनों एवं भत्तों के भुगतान में; (ग) समिति एवं विभिन्न कमिटियों के सदस्यों के यात्रा एवं अन्य भत्तों के भुगतान में, (घ) परीक्षाओं के संचालन और इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनायी गयी नियमावली एवं विनियमावली के अधीन समिति को सौंपे गये —त्यों के निर्वहन में उपगत व्ययों के भुगतान में;

(ङ) समिति की निधि के अंकेक्षण लागत के भुगतान में; (च) पुनरीक्षित पाठ्‌य-क्रम को लागू करने एवं अन्य सुधारों हेतु विद्यालयों को समर्थ बनाने के लिए विद्यालयों के बीच अनुदान के रूप में वितरण के लिए अनुदान के भुगतान में,

(छ) समिति द्वारा सम्बद्धता प्राप्त किसी भी शिक्षण संस्थान के आधारभूत संरचना के विकास अथवा उसके कार्य प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए अनुदान के भुगतान में,

(ज) आधारभूत संरचना के विकास के साथ भूमि एवं भवन के क्रय, भूमि एवं भवन के किराये का भुगतान, सुरक्षा एवं वाहन के किराये का भुगतान, भवन निर्माण, मशीनरी, वाहन, उपस्कर, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर आदि के क्रय हेतु भुगतान में;

(झ) छात्रों के बीच पाठ्‌यक्रम संबंधी एवं पाठ्‌येतर क्रियाकलापों को प्रोत्साहित एवं सम्प्रवर्तित करने में; (ञ) छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं अन्य ऐसे व्यक्तियों, जिन्हें समिति आवश्यक समझे, के ज्ञान एवं जागरूकता का सुधार करने में;

(ट) समिति से सम्बद्ध किसी शैक्षणिक संस्थान को उसके संरचनात्मक सुधार के लिए अथवा बेहतर प्रदर्शन हेतु प्रोत्साहित करने हेतु अनुदान देने मेंं;

(ठ) समिति के कार्य और/अथवा कार्य-संस्कृति में सुधार लाने हेतु या समिति के पदाधिकारियों एवं स्टाफ की कार्य क्षमता में सुधार के लिए किसी क्रियाकलाप हेतु भुगतान में;

(ड) किसी मुकदमा या कार्यवाही, जिसमें समिति एक पक्षकार हो, के खर्च में; तथा (ढ़) बोर्ड की स्वीकृति से पांच करोड़ रूपये तक एवं विभाग की पूर्व स्वीकृति से पांच करोड़ रूपये से अधिक तक समिति के प्रयोजनों हेतु समिति द्वारा घोषित समिति के किसी अन्य खर्च, जो पूर्ववर्ती खंडों में निर्दिष्ट नहीं हैं, के भुगतान मेंः

परन्तु यह कि खंडों (च)एवं (छ)में निर्दिष्ट उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किसी रकम की स्वीकृति समिति के अनुमोदन के अध्यधीन होगी।

24. समिति के लेखाओं का अंकेक्षण।- समिति के लेखा अंकेक्षणीय होंगे।9 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019 अध्याय-IV

माध्यमिक विद्यालय/उच्च माध्यमिक विद्यालय/विविध अन्य परीक्षाएँ

25. माध्यमिक विद्यालय परीक्षा।- समिति, माध्यमिक विद्यालय परीक्षाएँ नामक परीक्षाओं का संचालन करेगी जिसमें ऐसे सभी अभ्यर्थियों को शामिल होने की अनुमति दी जा सकेगी जिन्होंने समिति से सम्बद्ध माध्यमिक या उच्च माध्यमिक विद्यालयों के माध्यमिक स्तर पर पढ़ाये गये विहित पाठ्‌यक्रम को पूरा कर लिये हों और, किसी विधि में किसी बात के अन्तर्विष्ट होते हुए भी, कोई छात्र, जिसने माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो, एक छात्र के रूप में उच्च विद्यालयों/महाविद्यालयों के उच्च माध्यमिक अनुभाग में, ऐसी शर्तों, जैसा कि विधि के अधीन बनाये गये कानूनों, अध्यादेशों एवं विनियमावली द्वारा विहित की गयी हो, के पूरा होने के अधीन रहते हुए प्रवेश पाने के लिए पात्र होगा;

परन्तु यह कि पाठ्‌यक्रम ऐसे समूहों में एवं ऐसे निदेशों के अनुसार होगा जैसा कि विभाग द्वारा समय-समय पर अधिकथित किया जाय।

26. उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षाएँ।- समिति, उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षाएँ नामक परीक्षाओं का संचालन करेगी जिसमें ऐसे सभी अभ्यर्थियों को शामिल होने की अनुमति दी जा सकेगी जिन्होंने उच्च माध्यमिक विद्यालयों/महाविद्यालयों के इन्टरमीडियेट अनुभाग/महाविद्यालयों के उच्च माध्यमिक स्तर पर पढ़ाये गये विहित पाठ्‌यक्रम को पूरा कर लिये हों और किसी विधि में किसी बात के अन्तर्विष्ट होते हुए भी कोई छात्र जिसने उच्च माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो एक छात्र के रूप में तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा निगमित किसी विश्वविद्यालय में, ऐसी शर्तों, जैसा कि संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा उनके निगमन की विधि के अधीन बनाये गये कानूनों, अध्यादेशों एवं विनियमावली द्वारा विहित की गयी हो, के पूरा होने के अधीन रहते हुए प्रवेश पाने के लिए पात्र होगा;

परन्तु यह कि पाठ्‌यक्रम ऐसे समूहों में एवं ऐसे निदेशों के अनुसार होगा जैसा कि विभाग द्वारा समय-समय पर अधिकथित किया जाय।

27. विविध अन्य परीक्षाएँ।- समिति द्वारा संचालित किये जाने हेतु सरकार द्वारा अधिसूचित विविध अन्य परीक्षाएँ नाम से जानी जानेवाली ऐसी परीक्षाएँ समिति संचालित करेगी जिसमें ऐसे सभी अभ्यर्थियों को शामिल होने की अनुमति दी जा सकेगी, जिन्होंने आवेदन दिया हो तथा समिति द्वारा विहित नियमावली एवं विनियमावली के अनुसार शामिल होने हेतु अर्हक हों।

28. माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालय/विविध अन्य परीक्षाओं के उद्देश्य।- समिति द्वारा संचालित की जानेवाली माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालय/विविध अन्य परीक्षाओं का उद्देश्य अभ्यर्थियों की भारत संघ के उपयोगी नागरिक के रूप में, उनकी अर्हताओं और विभिन्न व्यवसायों एवं सेवाओं में उनके आमेलन की तैयारी तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने की उनकी उपयुक्तता की जाँच करना होगा।

अध्याय-V

क्षेत्रीय कार्यालय

29. समिति के क्षेत्रीय कार्यालय।-

(1) समिति का पटना में मुख्यालय कार्यालय के अतिरिक्त समिति के निर्णयानुसार, अन्य जगहों पर क्षेत्रीय कार्यालय होंगे।

(2) समिति के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा छात्रों/अभ्यर्थियों की शिकायतों से संबंधित आवेदन भी स्वीकार किया जायेगा एवं उनके निवारण हेतु कार्रवाई किया जायेगा ।

30. क्षेत्रीय कार्यालयों के कर्त्तव्य एवं कार्य।- क्षेत्रीय कार्यालयों के अन्य कर्त्तव्य एवं कार्य निम्नवत होंगे, यथा-

(i) उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक परीक्षाओं संबंधी वृहत त्रुटि सुधार। वृहत त्रुटिसुधार से अभिप्रेत है मौलिक बदलाव संबंधी संशोधन, यथा- जन्म तिथि, लिंग, श्रेणी, नाम आदि।

(ii) उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक परीक्षाओं संबंधी लघु त्रुटि सुधार। लघु त्रुटि सुधार से अभिप्रेत है उच्चारण संबंधी त्रुटियों का सुधार।

(iii) माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाओं संबंधी द्वितीयक (डुप्लीकेट) प्रमाण पत्र निर्गत करना (यथा- डुप्लीकेट सर्टिफिकेट, इंगलिश वर्जन सर्टिफिकेट, मार्कशीट, इत्यादि)।

(iv) माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाओं संबंधी रिजल्ट का ऑनलाइन सत्यापन। (v) समिति के निदेशानुसार, परीक्षाओं से संबंधित विविध प्रकार के कार्य।

परंतु यह कि क्षेत्रीय कार्यालयों के र्काव्यों एवं कार्यों को, समय-समय पर, समिति द्वारा संशोधित किया जा सकेगा।

31. क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारी पदाधिकारी की प्रशासनिक एवं विाीय शक्तियाँ।- क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारी पदाधिकारी की प्रशासनिक एवं विाीय शक्तियाँ परिशिष्ट-1 के अनुसार होगी।10 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019

अध्याय-VI

विविध

32. नियमावली बनाने की शक्ति।- (1) सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों एवं उद्देश्यों को क्रियान्वित करने हेतु अधिसूचना द्वारा, नियमावली बना सकेगी।

33. समिति की विनियमावली बनाने की शक्ति।- समिति, विभाग द्वारा सम्पुष्टि के अध्यधीन, निम्नलिखित में से सभी या किसी विषयों का उपबंध करने हेतु विनियमावली बना सकेगी जो अधिनियम एवं इसके अधीन बनायी गयी नियमावली से असंगत नहीं हो, यथा-

(क) समिति की बैठकों में कामकाज के संचालन को विनियमित करनेवाली अनुसरणीय प्रक्रिया; (ख) समिति से सम्बद्ध विद्यालयों/संस्थानों के संचालन हेतु; (ग) समिति द्वारा प्रस्वीकृत विद्यालयों के शिक्षण स्तर में सुधार हेतु; (घ) विद्यालयों का सम्बद्धीकरण/असम्बद्धीकरण; (ड.) समिति के पदाधिकारी/कर्मी के पद पर स्थायी/नियमित नियुक्ति हेतु प्रक्रिया एवं रीति का निर्धारण एवं ऐसे पदों हेतु अर्हता आदि का निर्धारण;

(च) समिति के पदाधिकारियों/कर्मियों की सेवा शर्तों का निर्धारण; एवं (छ) ऐसे कोई विषय, जो इस अधिनियम या इसके अधीन बनायी गयी नियमावली के अनुसार विनियमावली द्वारा उपबंधित किये जाने हैं या किये जा सकते हैं।

34. अपील एवं पुनर्विचार।-

(1) सचिव या संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा पारित किसी भी आदेश को संशोधित करने की शक्ति अध्यक्ष में निहित होगी।

(2) किसी व्यक्ति द्वारा सचिव के आदेश से उद्‌भुत अपील अध्यक्ष के समक्ष की जा सकेगी। (3) किसी व्यक्ति द्वारा अध्यक्ष के आदेश से उद्‌भुत अपील समिति के समक्ष की जा सकेगी। (4) समिति द्वारा पारित आदेश से उद्‌भुत कोई अपील नहीं की जा सकेगी, पीड़ित व्यक्ति समिति के समक्ष पुनर्विचार हेतु आवेदन दे सकेगा।

(5) कोई भी अपील तब तक ग्रहण न की जाएगी जब तक कि अपील, जिस आदेश के विरूद्ध अपील की जा रही हो उसकी प्रति अपीलकत्र्ता को प्राप्त होने की तिथि से दो महीने के भीतर न कर दी जाए, परन्तु यदि अपीलीय प्राधिकार का यह समाधान हो जाए कि अपीलकत्र्ता द्वारा समय पर अपील न करने का पर्याप्त कारण था, तो वह उक्त अवधि की समाप्ति के बाद भी अपील ग्रहण कर सकेगा ।

35. समिति की आस्तियों एवं दायित्वों का अर्जन।- समिति एवं उसके किसी कार्यालय द्वारा अर्जित सभी आस्तियाँ एवं दायित्व यथा- अचल, चल, भूमि, भवनों, भंडारों, वाहनों, पुस्तकों, नकद, प्रतिभूतियों, विनिवेशों, उपस्करों आदि समिति के नियंत्रणाधीन समझे जायेंगे। इस अधिनियम के प्रभावी होने के पूर्व किये गये सभी एकरारनामे एवं अनुबंध और तदनुसार सृजित दायित्व इस अधिनियम के अधीन समझे जायेंगे।

36. सद्‌भावहीन किया गया अनुबंध।- इस अधिनियम के प्रारम्भ होने के पूर्व किसी व्यक्ति द्वारा समिति के साथ किया गया कोई एकरारनामा या अनुबंध, यदि पाया जाता है कि सद्‌भावपूर्वक नहीं किया गया है तो समिति के हितों के विरूद्ध किया गया ऐसा अनुबंध एवं एकरारनामा रद्द किया जा सकेगा या उस हद तक परिवर्तित किया जा सकेगा।

37. व्यावृत्ति।- जब तक समिति इस अधिनियम के समुचित उपबंधों के अधीन नियमावली एवं विनियमावली नहीं बना लेती है तब तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में प्रचलित एवं पूर्व से लागू नियमावली एवं विनियमावली, जहाँ तक वे इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत नहीं हों, लागू रहेंगी।

38. निरसन एवं व्यावृत्ति।-

(1) बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम, 1952 (1952 का बिहार अधिनियम) और उसमें तत्पश्चात्‌ समय-समय पर किये गये सभी संशोधन एतद्‌ द्वारा निरसित किये जाते हैं।

(2) ऐसा निरसन के होते हुए भी, उक्त अधिनियम द्वारा या के अधीन प्रदत्त किसी शक्ति का प्रयोग करते हुए किया गया कोई कार्य या की गयी कोई कार्रवाई इस अधिनियम द्वारा या के अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किया गया कार्य या की गयी कार्रवाई समझी जायेगी, मानो यह अधिनियम उस दिन प्रवृत्त था जब ऐसा कार्य किया गया या कार्रवाई की गयी।

(3) इस अधिनियम के निरसन के पूर्व लंबित या अन्यथा कार्यवाही उक्त अधिनियम के अंतर्गत लंबित मानी जायेगी तथा उक्त अधिनियम के प्रावधानों के तहत निष्पादित होगी।

39. नियम, विनियमावली और आदेश को लागू करना।- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम, 1952 (बिहार अधिनियम 1952) के अन्तर्गत बनाये गये प्रत्येक नियम, विनियम, आदेश अथवा अधिसूचना, जो समय-समय पर सरकार, समिति या प्राधिकार द्वारा बनाये गये है, तबतक प्रभावी माने जायेगे, जबतक सरकार या समिति द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत किये गये प्रावधानों के अनुकूल नियम या विनियम नहीं बना लेती है।11 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019 40. कठिनाईयों का निराकरण करने की सरकार की शक्ति।- यदि इस अधिनियम के किसी प्रावधान को क्रियान्वित करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो सरकार ऐसी कठिनाई का निराकरण करने हेतु आदेश/निदेश जारी कर सकेगी, जो समिति पर बाध्यकारी होगी।

41. व्याख्या।- इस अधिनियम के हिन्दी एवं अंग्रेजी संस्करण के प्रावधानों की व्याख्या करने में किसी अस्पष्टता या अंतर के मामले में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो इस अधिनियम की अंग्रेजी संस्करण का प्रावधान मान्य होगा ।

परिशिष्ट-1

1. समिति, अध्यक्ष, सचिव, विभागाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारी की विाीय एवं प्रशासनिक शक्तियाँ

पद का नाम विाीय शक्तियाँ प्रशासनिक शक्तियाँ
छुट्टी अनुशासनिक मामले
समिति 25 लाख से ऊपर। - अध्यक्ष द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध अपीलीय प्राधिकार।
अध्यक्ष 20 लाख के ऊपर एवं 25 लाख तक। समिति के उपाध्यक्ष की सभी प्रकार की छुट्टियों का स्वीकृति प्राधिकार। (i) कार्यालय परिचारी स्तर से ऊपर के सभी कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों का नियुक्ति प्राधिकार। (ii) सचिव द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध अपीलीय प्राधिकार।
उपाध्यक्ष 10 लाख के ऊपर एवं 20 लाख तक। समिति के सचिव की सभी प्रकार की छुट्टियों का स्वीकृति प्राधिकार। --
सचिव 10 लाख तक। (i) समिति के विभागाध्यक्षों की सभी प्रकार की छुट्टियों के स्वीकृति प्राधिकार। (ii) समिति के सभी पदाधिकारियों एवं स्टाफ की सभी प्रकार की छुट्टियों (आकस्मिक/प्रतिबंधित/ क्षतिपूरक छुट्टी को छोड़कर) का स्वीकृति प्राधिकार। कार्यालय परिचारी स्तर के कर्मियों का नियुक्ति प्राधिकार।
विभागाध्यक्ष 1 लाख तक। नियमों के अनुसार अपने स्कंध के सभी स्टाफ को आकस्मिक/ प्रतिबंधित/क्षतिपूरक छुट्टियों का स्वीकृति प्राधिकार। नियमों के अनुसार अपने स्कंध के प्रशाखा पदाधिकारी स्तर तक के कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों को निलंबित करना तथा उनके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करना।
क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारी 0.75 लाख तक। क्षेत्रीय कार्यालयों में पदस्थापित पदाधिकारियों एवं स्टाफ को आकस्मिक/प्रतिबंधित/क्षतिपूरक छुट्टियों का स्वीकृति प्राधिकार। -

नोट :

1. अध्यक्ष का सभी विभागाध्यक्षों पर नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण रहेगा। सचिव एवं विभागाध्यक्षों द्वारा पारित निलंबन आदेश तथा सचिव द्वारा अधिरोपित दंडों को अध्यक्ष द्वारा समीक्षित एवं संशोधित किया जा सकेगा। उपाध्यक्ष, सचिव एवं विभागाध्यक्षों की उपर्युक्त वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियाँ अध्यक्ष द्वारा परिवर्तित की जा सकेंगी। 2. विभाग, समय-समय पर, उपर्युक्त शक्तियों को पुनर्परिभाषित कर सकेगा, और इसलिए, यह परिशिष्ट, समय-समय पर, विभाग द्वारा संशोधित किया जा सकेगा।12 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019 परिशिष्ट-2 समिति के विभिन्न स्कंधों के पदाधिकारीगण इस अधिनियम की धारा-12 (2) में उल्लिखित विभागाध्यक्षों से भिन्न, समिति के विभिन्न स्कंधों के पदाधिकारीगण निम्नानुसार होंगे, यथा-

1. सचिवालय स्कंध- (क) अपर सचिव (ख) विशेष कार्य पदाधिकारी (ग) संयुक्त सचिव (घ) संयुक्त सचिव (क्षेत्रीय कार्यालय) (ड.) संयुक्त सचिव (OFSS) (च) उप सचिव (छ) उप सचिव (OFSS) (ज) विा पदाधिकारी (झ) मुख्य लेखा पदाधिकारी (ञ) सहायक सचिव (ट) सहायक सचिव (OFSS) (ठ) विधि पदाधिकारी (ड) जनसम्पर्क पदाधिकारी (ढ़) प्रशासनिक पदाधिकारी (ण) प्रोजेक्ट मैनेजर (त) प्रोजेक्ट मैनेजर (OFSS) (थ) सहायक अभियंता (द) लेखा पदाधिकारी

2. शैक्षणिक स्कंध-

(क) निदेशक (शैक्षणिक) (ख) सहायक सचिव (सम्बद्धता एवं अनुदान) (ग) सहायक सचिव (शिक्षक एवं प्रशिक्षण) (घ) अकादमिक परामर्शी (कला/मानविकी) (ड.) अकादमिक परामर्शी (विज्ञान/गणित)

3. निगरानी स्कंध-

(क) मुख्य निगरानी पदाधिकारी (ख) निगरानी पदाधिकारी 4. माध्यमिक परीक्षा स्कंध-

(क) परीक्षा नियंत्रक (ख) उप परीक्षा नियंत्रक

5. उच्च माध्यमिक परीक्षा स्कंध-

(क) परीक्षा नियंत्रक (ख) उप परीक्षा नियंत्रक

6. विविध परीक्षा स्कंध-

(क) परीक्षा नियंत्रक (ख) उप परीक्षा नियंत्रक

7. सूचना प्रौद्योगिकी स्कंध-

(क) निदेशक (ख) उप निदेशक (ग) उप निदेशक (OFSS) (घ) सिस्टम एनालिस्ट

नोट- उपर्युक्त सूची में, समय-समय पर, समिति परिवर्तन कर सकेगी।

बटेश्वर नाथ पाण्डेय,बटेश्वर नाथ पाण्डेय,बटेश्वर नाथ पाण्डेय,बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिवसचिवसचिवसचिव ।।।।13 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 अग(cid:7)त 2019

उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु

चूॅंकि, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम, 1952 द्वारा स्थापित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की स्थापना का उद्देश्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त विद्यार्थियों के लिए परीक्षा संचालित करना एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में गुणात्मक विकास करना है, और

चूॅंकि, बिहार इन्टरमीडिएट शिक्षा परिषद्‌ के निरसन उपरान्त विघटित बिहार इन्टरमीडिएट शिक्षा परिषद्‌ को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में संविलियित किये जाने के कारण समिति के उत्तरदायित्वों एवं कर्त्तव्यों में वृद्धि हुई है, और

चूॅंकि, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तरीय शिक्षा तथा परीक्षा के क्षेत्र में उत्तरोत्तर विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, और

चूॅंकि, अपरिहार्य स्थितियों में, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम, 1952 (यथा अद्यतन संशोधित) को प्रभावी बनाने, विसंगतियों को दूर करने, जबावदेही सुनिश्चित करने एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम, 1952 (यथा अद्यतन संशोधित) को निरसित करते हुए उसके स्थान पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम, 2019 को अधिनियमित किया जाना आवश्यक एवं समीचीन है, इसलिए, अब, उपर्युक्त उद्देश्य की पूर्त्ति के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति विधेयक, 2019 को अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एवं अभिष्ट है।।

((((कृष्णनन्दन प्रसाद वर्माकृष्णनन्दन प्रसाद वर्माकृष्णनन्दन प्रसाद वर्माकृष्णनन्दन प्रसाद वर्मा)))) भार-साभार-साभार-साभार-साधक, सदस्य ।धक, सदस्य ।धक, सदस्य ।धक, सदस्य । पटना पटना पटना पटना दिनांक 2दिनांक 2दिनांक 2दिनांक 25555-07-07-07-07----2019201920192019

बटेश्वर नाथ पाण्डेय,बटेश्वर नाथ पाण्डेय,बटेश्वर नाथ पाण्डेय,बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव,सचिव,सचिव,सचिव, बिहार विधान-सभा ।बिहार विधान-सभा ।बिहार विधान-सभा ।बिहार विधान-सभा ।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 August 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-08-05.919/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-08-05.919.