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विधि विभाग
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संकल्प
21 अगस्त 2019
विषयः- माननीय उच्च न्यायालय, पटना की स्थापना में कार्यरत आदेशपालों में से जो सीधे न्यायालय कार्यों से संबद्ध है या न्यायालय कार्यों की अवधि में माननीय न्यायाधीशों से संबद्ध है, उन्हें पूर्ववत वर्दी आपूर्त्ति एवं धुलाई भत्ता का भुगतान जारी रखने एवं शेष आदेशपालों को वित्त विभागीय संकल्प सं0-1172 दिनांक 15.02.18 के आलोक में ही वर्दी भत्ता देने के संबंध में।
पूर्व में वित्त विभागीय पत्रांक-1442 दिनांक 08.03.2000 के आलोक में चालकों तथा चतुर्थ वर्गीय कर्मियों को वर्दी/पोषाक/जूता इत्यादि की आपूर्ति की जाती रही है। इस निमित्त आपूर्त्ति की जाने वाली वर्दी (कपड़ा/जूता इत्यादि) एवं सिलाई की पुनरीक्षित दरें वित्त विभागीय पत्रांक-814 दिनांक 06.02.17 द्वारा निर्धारित थी। साथ ही इन कर्मियों को वित्त विभागीय संकल्प सं0-12422 दिनांक 31.12.2009 के आलोक में धुलाई भत्ता 60/-रु0 प्रति माह अनुमान्य था।
2. इसके पश्चात् वित्त विभागीय संकल्प सं0-1172 दिनांक 15.02.2018 द्वारा पूर्व में प्रचलित व्यवस्था अर्थात वर्दी/पोषाक/जूता की आपूर्ति की व्यवस्था को समाप्त करते हुए राज्य के चालकोंं/परिचारी संवर्ग के कर्मियों को वर्दी भत्ता (धुलाई भत्ता सहित) के रूप में रूपया 5,000/- (पाँच हजार) प्रति वर्ष अनुमान्य किया गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22222222 अगःतअगःतअगःतअगःत 2019201920192019 ```` 5000/- (पाँच हजार) रुपये से बढ़ाकर ```` 10000/- (दस हजार) रुपये किया जाए अथवा वर्दी आपूर्त्ति एवं धुलाई भत्ता के भुगतान की पुरानी व्यवस्था जारी रखी जाए। उच्च न्यायालय स्थापना में कार्यरत आदेशपालों को अब तक अनुमान्य वर्दी धुलाई भत्ता के अलावा दो तरह के सिलाये हुए वर्दी- एक सफेद, दूसरा लाल रंग में कोट पगड़ी सहित, बैच, स्वेटर, कम्बल, फ्रिल, फ्रिंज, बरसाती, बेल्ट, जूता, मोजा, पॉलिश, ब्रश इत्यादि आपूर्त्ति की जाती रही है।
4. माननीय उच्च न्यायालय की व्यवस्था एवं परंपरा अन्य कार्यालयों से अलग हटकर है जहाँ आदेशपालों को वर्दी आदि Maintain करना पड़ता है और प्रतिदिन नियमित डे्रस में उपस्थित होना पड़ता है जो गर्मी एवं सर्दी का अलग-अलग रंग का निर्धारित है।
5. अतएव इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा सम्यक विचारोपरांत निर्णय लिया गया है किः-माननीय उच्च न्यायालय की स्थापना में कार्यरत आदेशपालों में से जो सीधे न्यायालय कार्यों से संबद्ध है या न्यायालय कार्यों की अवधि में माननीय न्यायाधीशों से संबद्ध है, उन्हें पूर्ववत वर्दी आपूर्त्ति एवं धुलाई भत्ता का भुगतान जारी रखा जाए, उनके संदर्भ में वित्त विभागीय संकल्प सं0-1172 दिनांक 15.02.2018 प्रभावी नहीं रहेगा। शेष आदेशपालों को वित्त विभागीय संकल्प सं0-1172 दिनांक 15.02.18 के आलोक में ही वर्दी भत्ता देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मदन किशोर कौशिक, सरकार के सचिव।
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