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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 26 August 2019

Published 26 August 2019

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-08-26.984
Languages
English, Hindi

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la 22/नि॰सि॰(देव॰)10-105/94@1339—श्री रामदत्त प्रसाद शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध कोतवाली थाना, राँची में दर्ज प्राथमिकी सं0-241/94 में भारतीय 403 विधान की धारा-420/467/468/491/120,बी/406 एवं 51 के अधीन जालसाजी एवं धोखाधड़ी कर षड्‌यंत्र के तहत गाड़ी का जालसाजी कागजात तैयार कर जाली नम्बर प्लेट लगाकर माल का हेराफेरी करने के आरोपों में मुकदमा दर्ज होने के कारण एवं जेल चले जाने के कारण श्री शर्मा को विभागीय आदेश सं0-498 दिनांक 15.09.94 द्वारा बिहार सेवा संहिता के नियम-100 के तहत आदेश निर्गत होने की तिथि से निलंबित किया गया एवं श्री शर्मा के विरूद्ध विभागीय आदेश सं0-3448 दिनांक 20.12.97 द्वारा विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। श्री शर्मा तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा उपर्युक्त आदेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में CWJC सं0-4157/99 दायर किया गया। उक्त याचिका में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-01.06.99 एवं दिनांक 25.08.99 को पारित न्याय निर्णय में विभागीय आदेश सं0-493 दिनांक 15.09.94 को निरस्त कर दिया गया एवं निदेश दिया गया कि निलंबन अवधि का वेतनादि भुगतान का निर्णय क्रिमिनल केश एवं विभागीय कार्यवाही के अन्तिम निर्णय के फलाफल पर निर्भर करेंगा। माननीय उच्च न्यायालय के उपरोक्त न्याय आदेश में विभागीय आदेश सं0-493 दिनांक 15.9.94 निरस्त करते हुए श्री शर्मा को दिनांक 25.8.99 की तिथि से निलंबन मुक्त किया गया। 2. माननीय उच्च न्यायालय के निदेश के आलोक में विभागीय सं0-2419 दिनांक 03.12.99 द्वारा श्री शर्मा के विरूद्ध सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) के नियम-55 के अंतर्गत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 3. श्री शर्मा द्वारा दिया गया बचाव-बयान एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी तथा समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी से असहमत होते हुए असहमति के निम्न बिन्दु प्रमाणित पाये गयेः-

(क) बिहार गवर्नमेंट सर्वेंट कंडक्ट रूल्स के नियम-16 के अन्तर्गत दो ट्रकों बी0एच0क्यू0-7635 एवं डब्लू0जी0ए0-5039, जो उनके पुत्र के नाम पर था, उसके लिए सरकार की स्वीकृति बिना प्राप्त किये टे्रडिंग करना नियमानुकूल नही था। हालॉकि गाड़ी इनके पुत्र के नाम पर था, किन्तु राँची2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 26262626 अगःतअगःतअगःतअगःत 2019201920192019 कोतवाली थाना काण्ड सं0-236/94 दिनांक 20.5.94 में खुद इनके द्वारा एफ0आई0आर0 दर्ज किया जाना यह साबित करता है कि ये भी पुत्र के नाम पर टे्रडिंग/बिजनेस में संलग्न थे जो बिहार गवर्नमेंट कंडक्ट रूल्स के नियम-16 का उल्लंघन है।

(ख) डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग में श्री शर्मा द्वारा दिये गए साक्ष्य के अनुसार यह लगता है कि इनके द्वारा परमिशन माँगी गयी थी, किन्तु बिना परमिशन के डीम्ड परमिशन बिहार गवर्नमेंट सर्वेन्ट कंडक्ट रूल्स में नही हैं। अतः इन्हें स्वीकृति प्राप्त कर ही बेटे के नाम पर ट्रक खरीदना या टे्रडिंग करना चाहिए था।

अतः उपरोक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार ने श्री रामदत्त प्रसाद शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी0) में जारी रखते हुए निम्न दण्ड पर द्वितीय कारण पृच्छा पूछने का निर्णय लिया गयाः-

(क) बिहार पेंशन नियमावली के नियम -43 (बी0) के अन्तर्गत शत प्रतिशत पेंशन पर सदा के लिए रोक। (4) तद्‌नुसार श्री शर्मा से विभागीय पत्रांक-1866 दिनांक 24.9.2001 द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी। श्री शर्मा द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा का उत्तर एवं अन्य अभिलेख/कागजात की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी तथा सरकार द्वारा श्री शर्मा के विरूद्ध निम्न आरोप प्रमाणित पाये गयेः-

(क) बिहार गवर्नमेंट सर्वेंट कंडक्ट रूल्स के नियम-16 के अन्तर्गत दो ट्रकों बी0एच0क्यू0-7635 एवं डब्लू0जी0ए0-5039, जो उनके पुत्र के नाम पर था, उसके लिए सरकार की स्वीकृति बिना प्राप्त किये टे्रडिंग करना नियमानुकूल नही था। हालॉकि गाड़ी इनके पुत्र के नाम पर था, किन्तु राँची कोतवाली थाना काण्ड सं0-236/94 दिनांक 20.5.94 में खुद इनके द्वारा एफ0आई0आर0 दर्ज किया जाना यह साबित करता है कि ये भी पुत्र के नाम पर टे्रडिंग/बिजनेस में संलग्न थे जो बिहार गवर्नमेंट कंडक्ट रूल्स के नियम-16 का उल्लंघन है।

(ख) डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग में श्री शर्मा द्वारा दिये गए साक्ष्य के अनुसार यह लगता है कि इनके द्वारा परमिशन माँगी गयी थी, किन्तु बिना परमिशन के डीम्ड परमिशन बिहार गवर्नमेंट सर्वेन्ट कंडक्ट रूल्स में नही हैं। अतः इन्हें स्वीकृति प्राप्त कर ही बेटे के नाम पर ट्रक खरीदना या टे्रडिंग करना चाहिए था।

उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री रामदत्त प्रसाद शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता को निम्न दण्ड सरकार द्वारा देने का निर्णय लिया गयाः-

(क) बिहार पेंशन नियमावली के नियम -43(बी0) के अन्तर्गत 75% (पच्चहत्तर प्रतिशत) पेंशन पर दो वर्षाें तक रोक।

(ख) निलंबन अवधि दिनांक 14.9.95 से 24.8.99 तक निलंबन भत्ता के अतिरिक्त कुछ देय नही ंहोगा, किन्तु पेंशनादि प्रयोजनार्थ उक्त अवधि की गणना की जाएगी।

उक्त दण्डादेश के विरूद्ध याची द्वारा विभागीय पुनर्विलोकन अर्जी दायर किया गया जो दिनांक 04.01.2003 को निरस्त कर दिया गया। तत्पश्चात्‌ आरोपी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में CWJC सं0-5290/2003 दायर कर दोनों विभागीय आदेश की चुनौती दी गयी तथा माननीय न्यायालय द्वारा निरस्त करते हुए परिणामी लाभ तथा निलम्बन अवधि के पूर्ण वेतन के भुगतान का आदेश पारित किया गया। विभाग द्वारा उक्त आदेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में LPA सं0-430/2013 दायर किया गया, जो माननीय उच्च न्यायालय के खण्डपीठ द्वारा दिनांक 12.04.2013 को निरस्त कर दिया गया। उक्त न्याय निर्णय के विरूद्व विभाग द्वारा SLP (एस0एल0पी0) दायर किया गया जिसमें सर्वोच्य न्यायालय द्वारा SLP No. 33758/2013 को खारिज कर दिया गया और कहा गया कि '' उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं हैं। इस प्रकार अब यह बाध्यकारी हो गया कि CWJC सं0-5290/2003 में पारित न्याय निर्णय के आदेश का अनुपाल किया जाय।

उक्त के आलोक में मामले की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरांत विभाग द्वारा निर्गत दण्डादेश सं0-251 सहपठित ज्ञापांक-1001 दिनांक 27.8.2002 को निरस्त करते हुए श्री रामदत्त प्रसाद शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत, जल संसाधन विभाग, पटना को सभी परिणामी लाभ भुगतान करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया हैं (निलंबन अवधि में दिए गये जीवन-निर्वाह भत्ता को घटाकर)।

उक्त न्याय निर्णय के आलोक में श्री रामदत्त प्रसाद शर्मा के विरूद्ध विभागीय आदेश सं0-251 सह-पठित ज्ञापांक-1001 दिनांक 27.8.2002 द्वारा निर्गत दण्डादेश को निरस्त करने एवं उनकी सभी परिणामी लाभ भुगतान करने3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 26262626 अगःतअगःतअगःतअगःत 2019201920192019 (निलंबन अवधि में दिए गए जीवन निर्वाह भत्ता को घटाकर) का निर्णय लिया गया है जिसपर अपर मुख्य सचिव के अनुमोदनोपरांत माननीय मंत्री महोदय का अनुमोदन प्राप्त हैं।

उक्त निर्णय श्री रामदत्त प्रसाद शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 रसूल मियॉ] ljdkj ds voj lfpoA

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 26 August 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-08-26.984/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-08-26.984.