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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 29 August 2019

Published 29 August 2019

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-08-29.1016
Languages
English, Hindi

(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क

ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत

(cid:17) भ(cid:4)(cid:19) 1(cid:21)41 (cid:23)श(cid:24)(cid:25)

(स(cid:26)(cid:24) पटन(cid:4) 1(cid:24)1(cid:29)) पटन(cid:4)(cid:30) व५ह!प०तव(cid:4)र(cid:30) 29 अग(cid:8)त 2019 सं॰ बी/विधि-व्यवस्था-03/2019-8306 गृह विभाग (विशेष शाखा) ——— संकल्प 9 vxLr 2019 विषयविषयविषयविषय :- :- :- :- अभियोजन (सअभियोजन (सअभियोजन (सअभियोजन (सामान्य एवं त्वरित विचारण) एवं अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं (प्रति-षपथ पत्र, न्यायादेषों का ामान्य एवं त्वरित विचारण) एवं अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं (प्रति-षपथ पत्र, न्यायादेषों का ामान्य एवं त्वरित विचारण) एवं अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं (प्रति-षपथ पत्र, न्यायादेषों का ामान्य एवं त्वरित विचारण) एवं अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं (प्रति-षपथ पत्र, न्यायादेषों का अनुपालन, जमानत रद्‌दीकरण, सीअनुपालन, जमानत रद्‌दीकरण, सीअनुपालन, जमानत रद्‌दीकरण, सीअनुपालन, जमानत रद्‌दीकरण, सी....सीसीसीसी....एएएए.... के तहत निरूद्धादेष आदि) में जिला पुलिस की कार्यक्षमता में के तहत निरूद्धादेष आदि) में जिला पुलिस की कार्यक्षमता में के तहत निरूद्धादेष आदि) में जिला पुलिस की कार्यक्षमता में के तहत निरूद्धादेष आदि) में जिला पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि के संबंध में।वृद्धि के संबंध में।वृद्धि के संबंध में।वृद्धि के संबंध में।

बदलते परिवेष में न्यायिक प्रक्रियाओं में पुलिस बल की क्षमता में वृद्धि की आवष्यकता महसूस की जा रही है। पुलिस संगठन के विभिन्न कार्यालयों में न्यायिक कार्यों के लिए अलग शाखा नहीं होने के कारण न्यायिक कार्यों का निष्पादन समय पर नहीं हो पाता है, जिसका लाभ अभियुक्तों को मिलता है एवं पुलिस संगठन तथा राज्य के आम नागरिकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उपर्युक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि न्यायिक मामलों के त्वरित निष्पादन, इसके मूल्यांकन एवं अनुश्रवण को सुदृढ़ करने हेतु निम्न व्यवस्था की जाएगी :-

1111.... पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए प्रावधान ः- प्रत्येक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विधि शाखा एवं अभियोजन शाखा का गठन किया जाएगा।

पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) जिले की विधि शाखा एवं अभियोजन शाखा के प्रभारी पदाधिकारी होंगे। जिन जिलों में स्वतंत्र अनुमण्डलीय न्यायालय कार्य कर रहे हैं, वहां प्रत्येक अनुमण्डलीय न्यायालय के लिए अलग अभियोजन शाखा गठित की जाएगी, जो अभियोजन षाखा के प्रभारी पुलिस निरीक्षक के अधीन कार्य करेगी। विभिन्न शाखाओं के लिए मानव संसाधन की संख्या निम्न प्रकार होगी जिसे वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक बढ़ा-घटा सकेंगे।

क्र क्र....सससस.... क्र क्र पदनाम श् धि विविविविधि धि धि शाखा अभियोजन शाखा
जिला एवं सत्र न्यायालय अनुमण्डलीय न्यायालय
1 पुलिस निरीक्षक 1-2 1 -
2 पुलिस अवर निरीक्षक 1-3 1-3 1-2
3 सहायक अवर निरीक्षक/सिपाही 2-4 2-5 1-3
2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 29 अग(cid:8)त 2019

क्षेत्र में पदस्थापित पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उप-महानिरीक्षक कार्यालय के लिए प्रावधान।।।।----इन 2222.... क्षेत्र में पदस्थापित पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उप-महानिरीक्षक कार्यालय के लिए प्रावधान क्षेत्र में पदस्थापित पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उप-महानिरीक्षक कार्यालय के लिए प्रावधान क्षेत्र में पदस्थापित पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उप-महानिरीक्षक कार्यालय के लिए प्रावधान स्तरों पर क्षेत्राधिकार के जिलों में चलने वाले अभियोजन आदि कार्यों की समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जाता है। अतः इन दोनाें कार्यालयों में एक विधि षाखा गठित की जाएगी जो समेकित रूप से न्यायालय संबंधी सभी उत्तरदायित्वों का निर्वहन करेगी। इनमें पदाधिकारियों एवं कर्मियों की संख्या निम्न प्रकार होगी-

क्र क्र....सससस.... क्र क्र पदनाम श् क्षेत्र में पदस्थापित पुलिस महानिरीक्षक/ उप-महानिरीक्षक कार्यालय
1. पुलिस उपाधीक्षक 1
2. पुलिस निरीक्षक 1-2
3. पुलिस अवर निरीक्षक 1-3
4. सहायक अवर निरीक्षक/सिपाही 2-4

पुलिस महानिदेषक कार्यालय के लिए प्रावधानप्रावधानप्रावधानप्रावधान।।।।---- पुलिस महानिदेषक कार्यालय में, राज्य में पुलिस के 3333.... पुलिस महानिदेषक कार्यालय के लिए पुलिस महानिदेषक कार्यालय के लिए पुलिस महानिदेषक कार्यालय के लिए विभिन्न कार्यालयों द्वारा की जा रही कार्रवाई का पर्यवेक्षण, विभिन्न जिला एवं सत्र न्यायालयों तथा अनुमंडलीय न्यायालयों में चल रही विचारण संबंधी गतिविधियों का पर्यवेक्षण, अनुश्रवण, मार्गदर्षन तथा माननीय उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित कार्यों का निष्पादन किया जाता है। पुलिस महानिदेषक कार्यालय में अलग-अलग विधि षाखा एवं अभियोजन षाखाओं का गठन किया किया जाएगा। इनमें पदाधिकारियों एवं कर्मियों की संख्या निम्न प्रकार होगी-

क्र क्र....सससस.... क्र क्र पदनाम श् विधि षाखा विि ध षाखा अभियोजन षाखा
1. पुलिस उपाधीक्षक 1 1
2. पुलिस निरीक्षक 1-2 2-3
3. पुलिस अवर निरीक्षक 2-3 1-2
4. सहायक अवर निरीक्षक/सिपाही 3-4 2-3

पुलिस महानिदेषक द्वारा इन दोनों षाखाओं के पर्यवेक्षण के लिए किसी वरीय पदाधिकारी को नामित किया जाएगा। इइइइनके लिए किसी नये पद सृजन की आवष्यकता नहीं है बल्कि पूर्व से उपलब्ध पदाधिकारियों एवं कर्मियों से नके लिए किसी नये पद सृजन की आवष्यकता नहीं है बल्कि पूर्व से उपलब्ध पदाधिकारियों एवं कर्मियों से नके लिए किसी नये पद सृजन की आवष्यकता नहीं है बल्कि पूर्व से उपलब्ध पदाधिकारियों एवं कर्मियों से नके लिए किसी नये पद सृजन की आवष्यकता नहीं है बल्कि पूर्व से उपलब्ध पदाधिकारियों एवं कर्मियों से ही उपरोक्त कर्मियों को चयनित किया जाएगा। ही उपरोक्त कर्मियों को चयनित किया जाएगा। ही उपरोक्त कर्मियों को चयनित किया जाएगा। ही उपरोक्त कर्मियों को चयनित किया जाएगा।

5555.... अभियोजन शाखा अभियोजन शाखा अभियोजन शाखा अभियोजन शाखा के कार्य के कार्य के कार्य के कार्य (Duties of Prosecution Section)

5555....1111 सामान्य विचारण सामान्य विचारण सामान्य विचारण सामान्य विचारण (Regular Trial) :- :- :- :- (क) (क) (क) (क) विचारण केविचारण केविचारण केविचारण के चरण चरण चरण चरण (Stages of Trial) ।-।-।-।- काण्डों में पुलिस द्वारा आरोप-पत्र समर्पित किए जाने के उपरान्त न्यायालय में विचारण के दौरान निम्न चरणों से संबंधित कार्रवाई की जाती है।

(i) मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अनुमण्डलीय दण्डाधिकारी/प्राधिकृत दण्डाधिकारी

द्वारा संज्ञान (Cognizance by CJM/SDJM/Designated Magistrate) (ii) सत्र वादों में कमिटमेन्ट (Commitment in Sessions Trial Cases) (iii) विचारण हेतु संबद्ध न्यायालय को पृष्ठांकन (Transfer to Trial Court) (iv) पुलिस दस्तावेजों की आपूर्ति (Supply of Police Papers) (v) आरोप गठन ( Framing of Charge) (vi) अभियोजन साक्ष्य (Prosecution Evidence) (vii) दप्रसं की धारा 313 के तहत अभियुक्त का बयान (Accused Statement u/s

313 CrPC)

(viii) बचाव साक्ष्य ( Defence Evidence) (ix) बहस (Arguments) (x) फैसला (Judgement)

अभियोजन शाखा द्वारा यह अनुश्रवण किया जाएगा कि कोई भी कांड विचारण के किस चरण में है ताकि अगली निर्धारित तिथि पर अपेक्षित कार्रवाई सुनिष्चित करने में सहयोग प्रदान किया जा सके।

(ख)(ख)(ख)(ख) न्यायालय में न्यायालय में न्यायालय में न्यायालय में सार्थक कार्रवाई के लिए अवयव सार्थक कार्रवाई के लिए अवयव सार्थक कार्रवाई के लिए अवयव सार्थक कार्रवाई के लिए अवयव ।।।।- - - - विचारण के दौरान न्यायालय में सार्थक कार्रवाई होने के लिए निर्धारित तिथि को अभियुक्त, अभियोजन साक्षी एवं प्रदर्ष, यदि कोई हो की उपस्थिति सुनिष्चित करना अभियोजन शाखा की जिम्मेदारी होगी।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 29 अग(cid:8)त 2019 (ग)(ग)(ग)(ग) अभिलेखों का संधारणअभिलेखों का संधारणअभिलेखों का संधारणअभिलेखों का संधारण ।।।।- - - - न्यायालय में चल रहे विचारण, किसी मामले में माननीय उच्च न्यायालय अथवा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विचारण को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निदेष दिये जाने की स्थिति में वैसे मामले का अनुश्रवण, प्रतिदिन गवाही हेतु न्यायालय में आने वाले साक्षियों का विवरण, उनकी गवाही दर्ज हो सकी अथवा नहीं तथा गवाही नहीं होने के कारण एवं आवष्यक अभिलेखों का संधारण आदि अभियोजन शाखा द्वारा किया जाएगा।

आवष्यकतानुसार अभिलेखों के संधारण हेतु प्रपत्र पुलिस मुख्यालय अथवा क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्वारा निर्धारित किए जाएंगे।

6666.... त्वरित विचारण त्वरित विचारण त्वरित विचारण त्वरित विचारण (Speedy Trial) :- :- :- :- चुने हुए काण्डों में विचारण को शीघ्रता से पूर्ण करने के संबंध में निम्न बिन्दु महत्वपूर्ण है :-

(क)(क)(क)(क) कांडों का चयनकांडों का चयनकांडों का चयनकांडों का चयन- त्वरित विचारण के लिए कांडों का चयन सूझ-बूझ से करना आवष्यक है। निम्न प्रकार के कांडों में त्वरित विचारण कराना सुगम होगा-

(i) नये कांडनये कांडनये कांडनये कांड।।।।- जिन कांडों में आरोप-पत्र विगत कुछ दिनों में दायर किए गए हों। (ii) कम अभियुक्तकम अभियुक्तकम अभियुक्तकम अभियुक्त।।।।-अभियुक्तों की संख्या सीमित होने पर विचारण तीव्रता से हो

सकता है।

(iii) कम गवाहकम गवाहकम गवाहकम गवाह।।।।- जिन कांडों में कम अभियोजन साक्षियों से हीं आरोपों को साबित

किया जा सकता हो ।

(iv) हिरासत में अभियुक्तहिरासत में अभियुक्तहिरासत में अभियुक्तहिरासत में अभियुक्त ।।।।- यदि अभियुक्त न्यायिक हिरासत में हो तो विचारण तीव्रता

से हो सकता है।

(v) प्रत्यक्ष साक्ष्यप्रत्यक्ष साक्ष्यप्रत्यक्ष साक्ष्यप्रत्यक्ष साक्ष्य (Direct Evidence) ।।।।- जहॉं अभियोजन साक्ष्य प्रत्यक्ष हो न कि

परिस्थितिजन्य।

(vi) इसके अतिरिक्त अन्य कोई कांड जो पुलिस अधीक्षक के विचार से त्वरित विचारण

के योग्य हो।

(ख) (ख) (ख) (ख) गवाही के पूर्व के चरण- गवाही के पूर्व के चरण- गवाही के पूर्व के चरण- गवाही के पूर्व के चरण- अभियोजन पक्ष की गवाही दर्ज होने के पूर्व विचारण के निम्न चरणों को षीघ्रता से पूर्ण करा लेना आवष्यक है यथा- (i) CJM/SDJM द्वारा संज्ञान की कार्रवाई का अनुश्रवण अभियोजन षाखा के

पदाधिकारियों द्वारा किया जाएगा ताकि इसमें कोई विलंब न हो।

(ii) संज्ञान के बाद अभिलेखों का स्थानान्तरण- कमिटमेंट के लिए सत्र न्यायाधीष तक एवं विचारण के लिए चिन्हित दंडाधिकारी/अपर सत्र न्यायाधीष तक तत्परता से पूर्ण करना चाहिए। इसमें न्यायालय के कर्मियों का सहयोग लिया जा सकता है। (iii) पुलिस दस्तावेजों की आपूर्ति आरोप-पत्र के साथ ही कर दी जाएगी ताकि इसमें

विलंब न हो।

(iv) आरोप गठन का प्रारूप लोक अभियोजक द्वारा तैयार किया जाना उपयोगी होता है। (ग)(ग)(ग)(ग) अल्प अंतराल पर विचारण की तिथि का अल्प अंतराल पर विचारण की तिथि का अल्प अंतराल पर विचारण की तिथि का अल्प अंतराल पर विचारण की तिथि का निर्धारण निर्धारण निर्धारण निर्धारण (Quick Dates) ।।।।- - - - कम अंतराल पर न्यायालय द्वारा विचारण के लिए तिथियॉं निर्धारित करने हेतु पुलिस अधीक्षक स्वयं मॉनेटरिंग सेल की बैठक में अथवा अन्य प्रकार से जिला एवं सत्र न्यायाधीष से अनुरोध करेंगे । साथ ही अभियोजन षाखा के पदाधिकारी न्यायालय के कर्मियों (पेषकार) से समन्वय रख कर ऐसा सुनिष्चित करेंगे।

(घ)(घ)(घ)(घ) अभियोजन साक्षियों की गवाहीअभियोजन साक्षियों की गवाहीअभियोजन साक्षियों की गवाहीअभियोजन साक्षियों की गवाही-

(i) निर्धारित तिथि पर गवाह को अनिवार्य रूप से उपस्थित करने हेतु अभियोजन षाखा एवं जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी आवष्यक प्रयास किए जाएंगे।

(ii) सरकारी पदाधिकारी विषेषतः पुलिस पदाधिकारियों की उपलब्धता बिना विलम्ब के सुनिष्चित कराया जाएगा। पदाधिकारी के अन्यत्र स्थानान्तरित हो जाने पर उनके नियंत्री पदाधिकारी से अनुरोध कर इनकी उपस्थिति सुनिष्चित कराई जाएगी। इसके लिए तैयार की गई वेबसाईट का उपयोग किया जाना लाभदायक होगा।

(iii) जब गवाह उपलब्ध हों तो उनकी गवाही पूर्ण किये बगैर Adjournment/ Postponement के अनुरोध का विरोध किया जाएगा और विषेष परिस्थिति में ही न्यायालय से Adjournment/Postponement स्वीकृत करने का अनुरोध किया जाएगा ।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 29 अग(cid:8)त 2019 (iv) सरकारी पदाधिकारी, विषेषतः पुलिस पदाधिकारी द्वारा गवाही देने में आना-कानी करने अथवा अभियोजन के विरूद्ध गवाही देने अर्थात Hostile हो जाने पर उसके विरूद्ध अनुषासनिक कार्रवाई हेतु अभियोजक द्वारा प्रतिवेदन समर्पित किया जाएगा। (v) साक्षियों के बयान दर्ज होने के दौरान अभियोजन पक्ष साक्ष्यों की समीक्षा कर अनावष्यक साक्षियों की गवाही छोड़ देने (Drop) का अनुरोध न्यायालय से कर सकेगा।

(vi) परिचारी प्रवर, चिकित्सक आदि के लिए सामूहिक तिथि (Block Dates) प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।

(च)(च)(च)(च) बचाव साक्षीबचाव साक्षीबचाव साक्षीबचाव साक्षी।।।।- - - -

(i) बचाव साक्षियों की सूची समर्पित नहीं कर विचारण को लंबित रखने के प्रयास का

अभियोजन पक्ष द्वारा विरोध किया जाएगा।

(ii) बचाव पक्ष द्वारा साक्षियों के लिए अनावष्यक तिथि देने हेतु किए गए अनुरोध का विरोध किया जाएगा और कोई उपयोगी कार्रवाई नहीं होने पर बचाव साक्ष्य समाप्त करने का अनुरोध किया जाएगा।

(छ) (छ) (छ) (छ) बहसबहसबहसबहस।।।।---- अभियोजन पक्ष की बहस को संक्षिप्त एवं महत्वपूर्ण बिन्दुओं तक ही सीमित रख कर बहस अल्प समय में पूरा किया जाएगा और अनावष्यक रूप से लंबी बचाव पक्ष की बहस का अभियोजक द्वारा विरोध किया जाएगा।

(ज)(ज)(ज)(ज) अभियोजकअभियोजकअभियोजकअभियोजक।।।।- त्वरित विचारण के लिए यह आवष्यक है कि जिला पुलिस अधीक्षक अपने जिले के सभी अभियोजकों से विचारण की स्थिति से अवगत हों और औपचारिक एवं अनौपचारिक सम्पर्क के द्वारा अभियोजन में आने वाली समस्याओं का निराकरण करने में सहयोगी हों। जिले के लोक अभियोजक एवं जिला अभियोजन पदाधिकारी निःसंकोच जिला पुलिस अधीक्षक को अपनी समस्याओं की जानकारी देंगे तथा उनके निराकरण हेतु एकजुट होकर प्रयास करेंगे। जिला पदाधिकारी की अभियोजकों के साथ होने वाली बैठक में पुलिस अधीक्षक भी यथासम्भव सम्मिलित होंगे।

(झ) (झ) (झ) (झ) कारा अधीक्षककारा अधीक्षककारा अधीक्षककारा अधीक्षक।।।।- न्यायिक हिरासत में जेल में निरूद्ध अभियुक्तों की निर्धारित तिथियों को न्यायालय में उपस्थिति सुनिष्चित करना काराधीक्षक की जिम्मेवारी है। काराधीक्षक को जिले के पुलिस अधीक्षक से नियमित सम्पर्क में रहना लाभदायक होगा।

7777.... त्वरित अपील त्वरित अपील त्वरित अपील त्वरित अपील (Speedy Appeal) ।।।।- दोषसिद्ध अभियुक्तों द्वारा न्न्न्न्यायिक दण्डाधिकारी के आदेषों के विरूद्ध सत्र न्यायाधीष के समक्ष दायर अपीलों का लेखा-जोखा लोक अभियोजक से सम्पर्क कर प्राप्त करेंगे। न्यायालय द्वारा अपील दायर होने के उपरान्त सामान्यतः निम्न चरणों में कार्रवाई की जाती है -

(क) माननीय सत्र न्यायाधीष द्वारा लोक अभियोजक/चिन्हित अपर लोक अभियोजक को अपील की प्रति उपलब्ध कराई जाती है।

(ख) लोक अभियोजक द्वारा अग्रतर कार्रवाई हेतु अपर लोक अभियोजकों में अपीलों का वितरण किया जाता है।

(ग) सम्बद्ध अपर लोक अभियोजक द्वारा अपील के सम्बंध में जवाब सत्र न्यायालय में दायर किया जाता है।

(घ) तदोपरान्त सत्र न्यायाधीष द्वारा तिथि निर्धारित कर अपील की सुनवाई की जाती है। सामान्यतः 2- 3 तिथियों में अपील का निष्पादन कर दिया जाता है।

पुलिस अधीक्षक जिले के लोक अभियोजक से समन्वय रख कर इन अपीलों के त्वरित निष्पादन हेतु कार्रवाई करेंगे एवं सभी प्रकार का सहयोग तत्परता से उपलब्ध कराएगे।

8888.... पुलिस एवं न्यायालय के रिकार्ड का मिलान (बुझारत) पुलिस एवं न्यायालय के रिकार्ड का मिलान (बुझारत) ।- अभियोजन षाखा के द्वारा कांडों में न्यायालय पुलिस एवं न्यायालय के रिकार्ड का मिलान (बुझारत) पुलिस एवं न्यायालय के रिकार्ड का मिलान (बुझारत) में समर्पित होने वाले सभी अंतिम प्रतिवेदनों/आरोप-पत्रों का लेखा-जोखा रखा जाएगा। पुलिस निरीक्षकों द्वारा तैयार किये गये दैनिक प्रतिवेदन की जॉंच अभियोजन षाखा द्वारा की जाएगी। माह में निष्पादित कांडों एवं माह के अंत में लंबित कांडों की संख्या एवं सूची को सत्यापित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक मासिक अपराध समीक्षा में अभियोजन शाखा द्वारा तैयार किए गए निष्पादित एवं लंबित कांडों की संख्या अंकित करेंगे। श्

9999.... वारन्ट, ईष्तेहार एवं कुर्की-जप्ती का लेखा-जोखा एवं उसकी प्राप्ति में सहयोग वारन्ट, ईष्तेहार एवं कुर्की-जप्ती का लेखा-जोखा एवं उसकी प्राप्ति में सहयोग।।।।- - - - जिले के विभिन्न वारन्ट, ईष्तेहार एवं कुर्की-जप्ती का लेखा-जोखा एवं उसकी प्राप्ति में सहयोग वारन्ट, ईष्तेहार एवं कुर्की-जप्ती का लेखा-जोखा एवं उसकी प्राप्ति में सहयोग थाने के अनुसंधानकर्ताओं को विभिन्न न्यायालयों से वारंट, इष्तेहार एवं कुर्की-जप्ती आदि प्राप्त करने में अभियोजन षाखा के पदाधिकारियों द्वारा वांछित सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसी क्रम में वे इसका लेखा-जोखा भी संधारित करेंगे। विभिन्न थानों में लंबित वारंट एवं कुर्की-जप्ती की संख्या अभियोजन षाखा द्वारा सत्यापित की जाएगी। 10101010.... अभियोजन षाखा के पदाधिकारी न्यायालय में पुलिस के सम्पर्क पदाधिकारी का कार्य करेंगे और अनुसंधान के क्रम में सभी अनुसंधानकर्ताओं को आवष्यकतानुसार सहयोग प्रदान करेंगे। वे न्यायालय के विभिन्न कोटि के पदाधिकारियों एवं कर्मियों से व्यक्तिगत समन्वय बनाए रखेंगे।5 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 29 अग(cid:8)त 2019 11111111.... न्यायालय से संबंधित अन्य कोई कार्य।

विधि शाखा विधि शाखा विधि शाखा विधि शाखा के कार्य के कार्य के कार्य के कार्य (Duties of Legal Section)

विभिन्न प्रकार की याचिकाओं में ससमय प्रति-षपथ पत्र दायर किया जाना (Filing of Counter 15151515.... विभिन्न प्रकार की याचिकाओं में ससमय प्रति-षपथ पत्र दायर किया जाना विभिन्न प्रकार की याचिकाओं में ससमय प्रति-षपथ पत्र दायर किया जाना विभिन्न प्रकार की याचिकाओं में ससमय प्रति-षपथ पत्र दायर किया जाना Affidavits) ।।।।---- माननीय उच्च न्यायालय/सर्वोच्च न्यायालय में दायर की गई याचिकाओं में जिला पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस संगठन के अन्य वरीय पदाधिकारियों को प्रतिवादी बनाया जाता है। ऐसे मामलों में विधि षाखा के पदाधिकारी जिले के लोक अभियोजक अथवा अन्य चिन्हित वकील के सहयोग से प्रतिषपथ पत्र का प्रारूप तैयार कराकर पुलिस अधीक्षक का अनुमोदन प्राप्त करेंगे और माननीय उच्च न्यायालय/सर्वोच्च न्यायालय में निर्धारित सरकारी वकील के माध्यम से प्रतिषपथ पत्र दायर करना सुनिष्चित करायेंगे।

एक से अधिक प्रतिवादी होने और सभी का प्रतिषपथ पत्र दायर करना आवष्यक होने पर सबके बीच समन्वय रख कर बिना किसी विरोधाभाष वाला प्रारूप तैयार किया जाएगा।

ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई करने के लिए लंबित प्रतिषपथ पत्र एवं न्यायालय में चल रही याचिकाओं के संबंध में पंजी संधारित किया जाएगा।

विधि षाखा की गतिविधि पर पुलिस अधीक्षक निरंतर सूक्ष्म निगरानी रखेंगे।

विभिन्न न्यायादेषों का क्रियान्वयन (Implementation of Judicial Orders) ।।।।---- माननीय उच्च 16161616.... विभिन्न न्यायादेषों का क्रियान्वयन विभिन्न न्यायादेषों का क्रियान्वयन विभिन्न न्यायादेषों का क्रियान्वयन न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित न्यायादेष के अनुपालन में विधि षाखा द्वारा पुलिस अधीक्षक को पूर्ण सहयोग किया जाएगा।

17171717.... जमानत का रद्‌दीकरण जमानत का रद्‌दीकरण जमानत का रद्‌दीकरण जमानत का रद्‌दीकरण (Bail Cancellation)- सत्र न्यायालय के आदेषों के विरूद्ध- सत्र न्यायालय के आदेषों के विरूद्ध- सत्र न्यायालय के आदेषों के विरूद्ध- सत्र न्यायालय के आदेषों के विरूद्ध।।।।- स- स- स- सत्र न्यायालय द्वारा जमानत दिये जाते समय निर्धारित शर्तों (Conditions) का अभियुक्त के द्वारा उल्लंघन करने पर Bail Cancellation हेतु सत्र न्यायालय में आवेदन दायर किया जाएगा।

सत्र न्यायालय द्वारा दिए गए जमानत को निरस्त कराने (Quashing) हेतु राज्य सरकार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाती है। सामान्य तौर पर याचिका के साथ अनुलग्नक के रूप में निम्न अभिलेखों की सत्यापित प्रति की आवष्यकता होती है-

(क)(क)(क)(क) प्राथमिकी (FIR)- जिनमें अभियुक्त को जमानत मिली हो। (ख) आरोप पत्र - जिस कांड में जमानत दी गई हो, उसमें अभियुक्त के विरूद्ध समर्पित आरोप पत्र।

(ग) न्यायालय के जमानत आदेश की सत्यापित प्रति। (घ) नए कांड की प्राथमिकी - जिसमें नामित होने के कारण अभियुक्त जमानत रद्‌द करने का प्रस्ताव है।

(च) नये कांड की पर्यवेक्षण टिप्पणी, प्रतिवेदन- 2 आदि। (छ) अभियुक्त का आपराधिक इतिहास।

ऐसे सभी मामलों में विद्वान महाधिवक्ता से मार्गदर्षन अवष्य प्राप्त किया जाएगा एवं उनके द्वारा दी गई सलाह के अनुसार तत्परता से कार्य किया जाएगा।

18181818.... Bihar Control of Crime Act, 1981 के तहत कार्रवाईके तहत कार्रवाईके तहत कार्रवाईके तहत कार्रवाई ।।।।---- वैसे सभी अपराधी, जो लोक व्यवस्था (Public Order) के लिए खतरा हों, उनके विरूद्ध इस कानून की धारा- 3 एवं धारा- 12 के अन्तर्गत निरोधात्मक कार्रवाई हेतु गुणात्मक एवं प्रक्रियात्मक आवष्यकताओं (Substantial and Procedural Requirements ) का सूक्ष्मता से पालन किया जाएगा। विधि षाखा इन कार्रवाईयों को पूर्ण करने में पुलिस अधीक्षक को सभी आवष्यक सहयोग प्रदान करेगी एवं गृह विभाग, बिहार से निर्गत नीति निदेषों का अनुपालन किया जाएगा। 19191919.... त्वरित अपील त्वरित अपील त्वरित अपील त्वरित अपील (Speedy Appeal)- सत्र न्यायालय के आदेषों के विरूद्ध- सत्र न्यायालय के आदेषों के विरूद्ध- सत्र न्यायालय के आदेषों के विरूद्ध- सत्र न्यायालय के आदेषों के विरूद्ध ।।।।---- ऐसे सभी मामलों में विद्वान महाधिवक्ता से मार्गदर्षन अवष्य प्राप्त किया जाएगा एवं उनके कार्यालय द्वारा दी गई सलाह के अनुसार तत्परता से कार्य किया जाएगा।

20202020.... माननीय उच्च/सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित अन्य कोई कार्य।

अन्य अनुसंधान इकाईयों यथा अपराध अनुसंधान विभाग, आर्थिक अपराध इकाई में भी 21212121.... राज्य में अवस्थित अन्य अनुसंधान इकाईयों यथा अपराध अनुसंधान विभाग, आर्थिक अपराध इकाई में भी अन्य अनुसंधान इकाईयों यथा अपराध अनुसंधान विभाग, आर्थिक अपराध इकाई में भी अन्य अनुसंधान इकाईयों यथा अपराध अनुसंधान विभाग, आर्थिक अपराध इकाई में भी अभियोजन षाखा एवं विधि षाखा गठित कअभियोजन षाखा एवं विधि षाखा गठित कअभियोजन षाखा एवं विधि षाखा गठित कअभियोजन षाखा एवं विधि षाखा गठित की जायेगीी जायेगीी जायेगीी जायेगी जहॉं उपरोक्त कंडिकाओं के अनुसार वे अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करेंगी। इन षाखाओं में कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों की संख्या का निर्धारण सम्बन्धित अपर पुलिस महानिदेषक द्वारा किया जाएगा।6 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 29 अग(cid:8)त 2019 22222222.... प्रशिक्षणप्रशिक्षणप्रशिक्षणप्रशिक्षण।।।।- - - - न्यायालय संबंधी कार्यों को सभी अनिवार्य प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया जाएगा। साथ ही अभियोजन षाखा एवं विधि शाखा के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को उनके कार्यों के संबंध में अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रषिक्षण कार्यक्रमों का संचालन पुलिस महानिदेषक (प्रषिक्षण) के निदेषानुसार किया जाएगा।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प का प्रकाशन सर्वसाधारण की जानकारी हेतु बिहार गजट के असाधारण अंक में किया जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 29 August 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-08-29.1016/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-08-29.1016.