Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 September 2019

Published 02 September 2019

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-09-02.1025
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क

ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत

11 भ(cid:4)(cid:19) 1(cid:20)41 (cid:22)श(cid:23)(cid:24)

((((स(cid:25)(cid:23) पटन(cid:4) 1(cid:23)25) ) ) ) पटन(cid:4)(cid:30) सोमवारसोमवारसोमवारसोमवार(cid:30) 2222 िसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बरररर 2019201920192019 संसंसंसं॰ ॰ ॰ ॰ 2/आरोप-01-09/2015-सा0प्र0-2/आरोप-01-09/2015-सा0प्र0-2/आरोप-01-09/2015-सा0प्र0-2/आरोप-01-09/2015-सा0प्र0-8598859885988598 सामान्य सामान्य सामान्य सामान्य प्रशासनप्रशासनप्रशासनप्रशासन विभागविभागविभागविभाग

——— संकल्संकल्संकल्संकल्पपपप 27 जून 201927 जून 201927 जून 201927 जून 2019

मो0 सलाउद्दीन खाँ (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 268/11, तत्कालीन उप विकास आयुक्त, गोपालगंज सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 090/2010 दिनांक 22.12.2010 के प्राथमिक अभियुक्त श्री भानू प्रताप चौहान, पंचायत सचिव के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के फलस्वरूप प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की गहन समीक्षा नहीं करने एवं विधि सम्मत प्रस्ताव समर्पित नहीं करने संबंधी आरोप के लिए जिला पदाधिकारी, गोपालगंज के पत्रांक 179 दिनांक 13.03.2015 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर उपलब्ध कराया गया।

उक्त प्रतिवेदित आरोप एवं मो0 सलाउद्दीन खाँ के पत्रांक 1715 दिनांक 12.06.2015 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, गोपालगंज के पत्रांक 600 दिनांक 05.08.2015 से प्राप्त मंतव्य के समीक्षोपरांत मो0 खाँ के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4606 दिनांक 29.06.2016 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के तहत्‌ विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 347 दिनांक 01.08.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी की समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरान्त जाँच प्रतिवेदन से निम्नलिखित बिन्दुओं पर असहमति व्यक्त की गयी :-

(i) श्री भानू प्रताप चौहान, पंचयात सचिव के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की गहन समीक्षा मो0 खाँ के द्वारा नहीं की गयी। मो0 खाँ के द्वारा गहन समीक्षा की जानी चाहिए थी तथा गहन समीक्षा करते हुए जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए पुनः जाँच करवाने अथवा असहमति के आधार पर आरोपी पंचायत सचिव से अभ्यावेदन प्राप्त कर वृहत्‌ दंड (जिसमें सेवा से बर्खास्तगी भी शामिल है) का प्रस्ताव दिया जाना चाहिए था, जो उनके द्वारा नहीं दिया गया।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2222 िसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बरररर 2019201920192019 (ii) मो0 खाँ के द्वारा मात्र संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष के आधार पर ही प्रस्ताव दिया गया, आरोप की गंभीरता को नहीं देखा गया, जिस कारण घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गये आरोपी पंचायत सचिव को लाभ प्राप्त हुआ।

असहमति के उक्त बिन्दुओं को उल्लेखित कर विभागीय पत्रांक 14055 दिनांक 07.11.2017 द्वारा मो0 खाँ से अभ्यावेदन/बचाव-बयान की मांग की गयी। मो0 खाँ द्वारा दिनांक 20.12.2017 को अभ्यावेदन/बचाव-बयान समर्पित किया गया।

मो0 खाँ के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण, प्राप्त जाँच प्रतिवेदन पर संचिका में संधारित अभिलेखों के समीक्षोपरांत पाया गया कि इनके द्वारा अपने अभ्यावेदन में किसी नये तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया। इनके द्वारा उन्हीं तथ्यों का उल्लेख किया गया, जो उनके द्वारा पूर्व में किया गया था। मो0 खाँ द्वारा आरोपित पंचायत सचिव के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए दंड अधिरोपित करने हेतु प्रस्ताव दिया गया, लेकिन वरीय पदाधिकारी होने के नाते रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने जैसे गम्भीर आरोप के लिए संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की गहन समीक्षा किया जाना चाहिए था, जो इनके द्वारा नहीं किया गया। मो0 खाँ को गहन समीक्षा करते हुए जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए पुनः जाँच करवाने अथवा असहमति के आधार पर आरोपी पंचायत सचिव से अभ्यावेदन प्राप्त कर वृहत्‌ दंड (जिसमें सेवा से बर्खास्तगी भी शामिल है) का प्रस्ताव दिया जाना चाहिए था। मो0 खाँ द्वारा आरोप की गम्भीरता को नहीं देखा गया। मात्र संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष के आधार पर ही प्रस्ताव दिया गया, जिस कारण घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गये आरोपी पंचायत सचिव को लाभ प्राप्त हुआ। वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरांत मो0 खाँ के अभ्यावेदन/बचाव-बयान को अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''पेंशन सेपेंशन सेपेंशन सेपेंशन से 5555% (पाँच प्रतिशत) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती''(पाँच प्रतिशत) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती''(पाँच प्रतिशत) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती''(पाँच प्रतिशत) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती'' करने का दंड अधिरोपित करने का दंड विनिश्श्श्श्चित किया गया। विभागीय पत्रांक 3920 दिनांक 21.03.2018 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से मो0 खाँ के विरूद्ध विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर सहमति/परामर्श की मांग की गई। आयोग के पत्रांक 2875 दिनांक 28.01.2019 द्वारा अपने परामर्श में बिना तार्किक तथ्य पेश किये प्रस्तावित दंड अधिक होने का अभिमत दिया गया।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरांत बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त अमिभत पर असहमति व्यक्त किया गया तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3247 दिनांक 08.03.2019 द्वारा मो0 खाँ के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''पेंशन सेपेंशन सेपेंशन सेपेंशन से 5555% (पाँच प्रतिश(पाँच प्रतिश(पाँच प्रतिश(पाँच प्रतिशत) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती''त) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती''त) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती''त) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती'' करने का दंड संसूचित किया गया।

मो0 खाँ द्वारा उक्त दंड के विरूद्ध दिनांक 06.04.2019 को विभाग में पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया।

उक्त समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन, जाँच प्रतिवेदन, बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त अभिमत एवं उपलब्ध अभिलेख की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि मो0 खाँ द्वारा जिला पदाधिकारी, गोपालगंज का मंतव्य, विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन एवं बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त अभिमत का मूल रूप से हवाला देते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है। यहाँ उल्लेखनीय है कि मो0 खाँ, तत्कालीन उप विकास आयुक्त द्वारा आरोपित पंचायत सचिव के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए दंड अधिरोपित करने हेतु प्रस्ताव दिया गया। एक वरीय पदाधिकारी होने के नाते रिश्वत लेते हुए रंगे3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2222 िसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बरररर 2019201920192019 हाथ पकड़े जाने जैसे गंभीर आरोपों के लिए संचलित विभागीय कार्यवाही की गहन समीक्षा की जानी चाहिए थी, जो इनके द्वारा नहीं किया गया। जिला पदाधिकारी, गोपालगंज द्वारा मो0 खाँ के स्पष्टीकरण को यद्यपि स्वीकार किया गया है, परंतु कारणों को अंकित नहीं किया गया है। मो0 खाँ के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा बिना तथ्यात्मक तथ्य पेश किये अपना अभिमत दिया गया है।

वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरांत मो0 खाँ के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकार करने एवं इनके विरूद्ध अधिरोपित दंड को पूर्ववत्‌ बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है।

अतएव अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार मो0 सलाउद्दीन खाँ (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 268/11, तत्कालीन उप विकास आयुक्त, गोपालगंज सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3247 दिनांक 08.03.2019 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के संगत प्रावधानों के तहत्‌ अधिरोपित दंड''पेंशन सेपेंशन सेपेंशन सेपेंशन से 5555% (पाँच प्रतिशत) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती''(पाँच प्रतिशत) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती''(पाँच प्रतिशत) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती''(पाँच प्रतिशत) की राशि 5 (पाँच) वर्षों तक कटौती'' को पूर्ववत्‌ बरकरार रखा जाता है।

दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशिशशशत त त त अअअआदेादेादेादेशशशश :-ः-ः-ः- आदेआदेआदेआदेशशशश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाि दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाि दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाि

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र रामराजेन्द्र रामराजेन्द्र रामराजेन्द्र राम,,,, सरकार के अपर सचिव।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1025%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 September 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-09-02.1025/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-09-02.1025.