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श्री हरिषंकर प्रसाद कुषवाहा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1252/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, दलसिंहसराय, समस्तीपुर सम्प्रति निलंबित को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा गिरफ्तार किये जाने की सूचना जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर के ज्ञापांक 560 दिनांक 05.02.2016 द्वारा विभाग को उपलब्ध करायी गयी। साथ ही निगरानी विभाग के ज्ञापांक 205 दिनांक 11.02.2016 द्वारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को संबोधित पत्र की प्रतिलिपि द्वारा सूचित किया गया कि निगरानी धावादल द्वारा परिवादी श्री अमर नाथ चौधरी से 10,000/-(दस हजार) रूपये रिष्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने के बावत श्री कुषवाहा के विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 014/2016 दिनांक 05.02.2016, धारा-7/13(2)-सह-पठित धारा-13(1)डी0 भ्र0नि0अधि0, 1988 दर्ज किया गया है।
उपर्युक्त प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3552 दिनांक 09.03.2016 द्वारा श्री कुशवाहा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1) एवं 9(2)(क) के संगत प्रावधानों के तहत् दिनांक 05.02.2016 के प्रभाव से निलंबित किया गया तथा जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर से श्री कुशवाहा के विरूद्ध आरोप-पत्र गठित कर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। माननीय उच्च न्यायालय से दिनांक 26.04.2016 को जमानत मिलने के उपरान्त श्री कुषवाहा दिनांक 28.04.2016 को शहीद खुदीराम बोस, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर से रिहा हुए। श्री कुषवाहा द्वारा दिनांक 16.05.2016 को विभाग में योगदान हेतु अपना आवेदन समर्पित किया गया। विभागीय आदेष ज्ञापांक 9121 दिनांक 28.06.2016 द्वारा इनके योगदान को अस्वी—त करते हुए निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना निर्धारित किया गया।
श्री कुशवाहा के विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 014/2016 दिनांक 05.02.2016 में सक्षम न्यायालय में अभियोजन चलाने हेतु विधि विभाग द्वारा अभियोजन की स्वी—ति दी गई।
जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक 165/(मु0)स्था0 दिनांक 18.05.2016 द्वारा श्री कुषवाहा के विरूद्ध आरोप प्रपत्र 'क' गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया। उक्त के आलोक में विभागीय पत्रांक 7752 दिनांक2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2222 िसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बरररर 2019201920192019 31.05.2016 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' में अन्तर्विष्ट आरोपों पर श्री कुषवाहा से स्पष्टीकरण किया गया। श्री कुषवाहा द्वारा दिनांक 16.06.2016 को अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।
श्री कुषवाहा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त इनके विरूद्ध आरोप प्रथम दृष्टया सही पाया गया। अतएव अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुषवाहा को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने जैसे गंभीर आरोपों की वृहद जाँच हेतु इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9823 दिनांक 18.07.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
संचालन पदाधिकारी-सह-विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक 354 दिनांक 12.04.2018 द्वारा श्री कुशवाहा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुशवाहा के विरूद्ध गठित कुल-02 आरोपों में से आरोप संख्या-01 को अप्रमाणित एवं आरोप संख्या-02 को अंशतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
उक्त के आलोक में विभागीय पत्रांक 6363 दिनांक 16.05.2018 द्वारा श्री कुशवाहा को जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए इन्हें बचाव अभ्यावेदन उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। उक्त के आलोक में श्री कुशवाहा द्वारा दिनांक 23.08.2018 को अपना बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया।
अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुशवाहा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं इनसे प्राप्त बचाव अभ्यावेदन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि परिवादी, श्री अमरनाथ चौधरी, पिता-स्व0 रामदहीन चौधरी, ग्रामपोस्ट-रामपुर जलालपुर, थाना-दलसिंहसराय ने एक आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षक-सह-थाना अध्यक्ष, निगरानी थाना को दिनांक 25.01.2016 को दिया, जिसमें उल्लेख किया गया कि भूमि विवाद निराकरण संख्या 17/2015 में भूमि सुधार उप समार्हाा, श्री हरिशंकर प्रसाद कुशवाहा द्वारा सुनवाई पूरी कर ली गयी है, लेकिन आदेश पारित नहीं किया गया है। आदेश पारित करने के लिए श्री कुशवाहा द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
उक्त के आलोक में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा सम्यक् अनुसंधानोपरान्त श्री कुशवाहा के विरूद्ध कार्रवाई की गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के धावादल द्वारा श्री कुशवाहा को परिवादी श्री अमरनाथ चौधरी से 10,000/-(दस हजार) रूपये घूस लेते रगे हाथों गिरफ्तार किया गया तथा इनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 014/2016 दिनांक 05.02.2016 दर्ज किया गया। उक्त थाना कांड में विधि विभाग के आदेश संख्या 73/जे0 दिनांक 18.04.2016 द्वारा सक्षम न्यायालय में अभियोजन चलाने हेतु अभियोजन की स्वी—ति दी गयी तथा माननीय विशेष न्यायालय में आरोप-पत्र संख्या 27/2016 दिनांक 04.04.2016 भी समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री कुशवाहा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनसे प्राप्त लिखित बचाव बयान, उक्त बचाव बयान पर विभागीय मंतव्य के आलोक में श्री कुशवाहा का लिखित प्रतिक्रिया/आपाि, विभागीय कार्यवाही के क्रम में गवाही के विश्लेषणोपरान्त आरोप संख्या-02 को अंशतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। श्री कुशवाहा को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है, जो एक सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल है, के आलोक में संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री कुशवाहा के बचाव अभ्यावेदन को अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अस्वी—त किया गया। वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री कुशवाहा के विरूद्ध आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(xi) के संगत नियमों के तहत् 'सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हरता होगी' का दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।
विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 15935 दिनांक 06.12.2018 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गई। उक्त के आलोक में आयोग के पत्रांक 3565 दिनांक 27.03.2019 द्वारा विभागीय दण्ड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त किया गया।
अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री कुशवाहा के विरूद्ध विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से प्राप्त सहमति के आलोक में श्री हरिषंकर प्रसाद कुषवाहा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1252/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, दलसिंहसराय, समस्तीपुर सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एंव अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14(xi) के तहत् 'सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी' का दण्ड देने का निर्णय अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया।
अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री हरिषंकर प्रसाद कुषवाहा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1252/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, दलसिंहसराय, समस्तीपुर सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एंव अपील) नियमावली, 20053 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2222 िसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बिसत(cid:26)बरररर 2019201920192019 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14(xi) के तहत् ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी'' का दण्ड संसूचित किया जाता है।
आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री हरिषंकर प्रसाद कुषवाहा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1252/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, दलसिंहसराय, समस्तीपुर सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र राम, सरकार के अपर सचिव।
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