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((((स(cid:26)(cid:24) पटन(cid:4) 1(cid:24)41) ) ) ) पटन(cid:4)(cid:29) मंगलवारमंगलवारमंगलवारमंगलवार(cid:29) 3333 िसत(cid:27)बिसत(cid:27)बिसत(cid:27)बिसत(cid:27)बरररर 2019201920192019 सं॰ 02 वन्य प्राणी-19/2019--1214(ई.)/प॰व॰ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ——— संकल्प 2 सितम्बर 2019
बिहार राज्य के पश्चिम चम्पारण जिले में अवस्थित वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष, हिमालय के तराई क्षेत्र में व्याघ्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आवासन स्थल है, जहाँ व्याघ्र संरक्षण प्लान (Tiger Conservation Plan) के अनुरूप वन्यप्राणी प्रबंधन किये जाने के फलस्वरूप उक्त आरक्ष में बाघों की संख्या बढ़कर 43 हो गयी है एवं अन्य वन्य प्राणियों यथा साँभर, चितल, गौर आदि की संख्या में भी उत्तरोत्तर वृद्धि हुई हैं। इस व्याघ्र आरक्ष का क्षेत्र नेपाल से उार प्रदेश तक विकसित है। वर्त्तमान में वनरक्षियाें के माध्यम से इसकी सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है, परंतु वनरक्षियों की भी संख्या बल काफी कम होने के कारण व्याघ्र आरक्ष की सुरक्षा एवं संरक्षण में कठिनाई होती है। फलस्वरूप वन्यप्राणी अपराध की आशंका बनी रहती है।
2. उक्त कठिनाई के दृृष्टिपथ में बाघ की सुरक्षा हेतु पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के अन्तर्गत गठित राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकार के द्वारा प्रोजेक्ट टाईगर के अन्तर्गत बाघों की सुरक्षा हेतु उनके पत्रांक-15-5/2008 -NTCA (पार्ट-1) दिनांक-11.08.2009 द्वारा विभिन्न राज्य सरकारों को व्याघ्र आरक्ष में विशेष व्याघ्र संरक्षण बल का गठन करने का निदेष दिया गया।
3. बिहार राज्य द्वारा अपर वन महानिदेशक (बाघ परियोजना)-सह-सदस्य सचिव, राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण को STPF के गठन संबंधी प्रस्ताव भेजा गया था, जिसपर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्वतन मंत्रालय के पत्रांक F.No.-15-30(1)/2019-NTCA दिनांक-07.05.2019 द्वारा सहमति दी गयी।
4. उपर्युक्त वर्णित स्थिति में राज्य सरकार द्वारा सम्यक विचारोपरांत बिहार राज्य में अवस्थित पष्चिम चम्पारण जिले के अन्तर्गत वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष के लिए निम्न प्रकार विशेष व्याघ्र संरक्षण बल (STPF) गठित किया जाता है :-
2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 3333 िसत(cid:27)बिसत(cid:27)बिसत(cid:27)बिसत(cid:27)बरररर 2019201920192019(II) राज्य सरकार के द्वारा STPF हेतु 01 सहायक वन संरक्षक, 03 वनों के क्षेत्र पदाधिकारी, 18 वनपाल, तथा 90 टाईगर गार्ड (वनरक्षी के समकक्ष) के अतिरिक्त पदों का सृजन किया जायेगा। सहायक वन संरक्षक वनों के क्षेत्र पदाधिकारी तथा वनपाल के पदों को विभाग में उपलब्ध पदाधिकारियों/ कर्मचारियों सेे भरा जायेगा। 90 टाईगर गार्ड में से 63 टाईगर गार्ड का चयन विभाग में, 35 वर्ष से कम की उम्र के उपलब्ध वनरक्षियों में से, एक चयन समिति के द्वारा किया जायेगा। वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष, प॰ चम्पारण जिले के रामनगर, गौनहा, मैनाटॉड़ एवं बगहा-2 ब्लॉक में अवस्थित है। अतएव 30 प्रतिशत टाईगर गार्ड के पदों पर (27 पद) पश्चिमी चम्पारण जिले के उक्त 4 ब्लॉक के स्थानीय निवासियों में से, योग्य अभ्यर्थियों को प्राधिकृत सेवा प्रदाता से नाम लेकर, चयन समिति के द्वारा चयन किया जायेगा।
(III) निदेशक, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण, बिहार चयन समिति के अध्यक्ष होंगे तथा क्षेत्र निदेशक, वाल्मीकि टाईगर रिजर्व/वन प्रमंडल पदाधिकारी, वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष, प्रमंडल-1 एवं 2/NTCA एवं SSB द्वारा नामित प्रतिनिधि इस चयन समिति के अन्य सदस्य होगें। STPF के कार्यों एवं आवश्यकताओें के दृष्टिपथ में टाईगर गार्ड के चयन हेतु इस समिति द्वारा शारीरिक मानदण्डों का भी निर्धारण किया जायेगा।
(IV) STPF के टाईगर गार्ड का वेतनमान Level- 3 (21700-30200) देय होगा तथा मूल वेतन का 20 प्रतिशत राशि अतिरिक्त दिये जाने का प्रावधान रखा जायेगा।
(V) राज्य सरकार के द्वारा टाईगर गार्ड की नियुक्ति, प्रशिक्षण, प्रोन्नति एवं 40 वर्ष के बाद इनके वनरक्षी संवर्ग में समंजित किये जाने के निमित्त बिहार अवर वन सेवा नियमावली, 2013 में पर्याप्त संशोधन किया जायेगा।
(VI) STPF के टाईगर गार्ड 40 वर्ष की उम्र तक इस बल में वाल्मीकि टाईगर रिजर्व में कार्य करेंगे तत्पष्चात राज्य के अन्य क्षेत्रों में इनको पदस्थापित किया जायेगा तथा इनके स्थान पर नये वनरक्षियों को वाल्मीकि टाईगर रिजर्व में पदस्थापित किया जायेगा।
(VII) STPF के सदस्य वन पदाधिकारी होंगे तथा इनको विधिनुसार वन पदाधिकारी की सभी शक्तियाँ प्राप्त होगी, परंतु राज्य सरकार के द्वारा इन्हें बाघों के शिकार, टाईगर हेबिटेट में अन्य अपराधों पर नियंत्रण के निमित हथियार (Fire Arm) चलाने हेतु आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-197(3) के अधीन अधिसूचना के द्वारा शक्तियाँ प्रदान की जायेगी। इस संबंध में आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा-197(2) STPF के सदस्यों पर प्रभावी होगी।
(VIII) STPF के सदस्यों को राज्य के पुलिस विभाग एवं केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों के द्वारा वनों के अन्दर शिकार को रोकने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण दिया जायेगा। इनके प्रशिक्षण हेतु गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इंडिया रिजर्व बटालियन के पाठ्यक्रम के आधार पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण दिया जायेगा।
(IX) STPF का उपयोग सिर्फ बाघों एवं इनके अधिवास की सुरक्षा के लिए होगा। किसी भी परिस्थिति में इन बलों का उपयोग अन्य कार्यों में नहीं किया जायेगा।
(X) STPF के टाईगर गार्ड के पद पर जबतक नियमित नियुक्ति नहीं होती है, तबतक बाघों के शिकार पर नियंत्रण हेतु संविदा आधारित पूर्व सैनिकों की सेवा ली जायेगी।
(XI) STPF हेतु NTCA एवं राज्य के द्वारा Non Recurring व्यय हेतु 60ः40 के अनुपात में तथा Recurring व्यय हेतु 50ः50 के अनुपात में राशि का वहन किया जायेगा।
(XII) STPF के अन्तर्गत टाईगर गार्ड की नियुक्ति एवं अनुशासनिक पदाधिकारी संबंधित वन प्रमंडल पदाधिकारी होंगे, परंतु STPF पर प्रशासनिक नियंत्रण की शक्ति क्षेत्र निदेशक, वाल्मीकि टाईगर रिजर्व की होगी।
आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपक कुमार सिंह, सरकार के प्रधान सचिव।