निबंधन संख्या पी0टी0-40
बिहार गजट
बिहार सरकार }kjk प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, inLFkkiu, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। 2-3 भाग-1-क—Lo;alsod xqYeksa के समादे"Vkओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और eq[rkjh परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-jkT;iky और dk;kZ/;{kksa द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---
भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और mPp U;k;ky; के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और jkT; गजटों के उ(cid:7373)रण।
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भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची i`"B
i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:LFkkपित विधेयक,उDr विधान मंडल में उपLFkkपित या उपLFkkपित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में पुर:LFkkपन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की T;ss"B अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:LFkkfir विधेयक, संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:LFkkiu के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA 4-4 पूरक
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पूरक-क 5-7बिहार गजट, 30 vDrwcj 2019 2 भाग-1 नियुक्ति, inLFkkiu] बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। —————
परिवहन विभाग
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अधिसूचना
23 अक्तूबर 2019
सं0 02/शमन-07(A)/2015, परि॰-7829--मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा 200 के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए पटना जिलान्तर्गत यातायात पुलिस के निम्नलिखित पदाधिकारियों को दिनांक 23.10.2019 से अगले 6 (छः) माह के लिए मोटरयान अधिनियम, 1988-सहपठित-मोटरयान (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा-177, 178, 179, 180, 181, 182(1), 183(1), 184, 186, 189, 190(2), 194B, 194C, 194D, 194E, 194F के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट दण्डनीय अपराधों के लिए शमन की शक्ति प्रदान की जाती है। शमन की राशि उक्त धाराओं मेें विहित राशि से कम नहीं होगी।
| क्र0 सं0 | पदाधिकारियों का नाम | कार्य क्षेत्र |
| 1. | सभी परिचारी यातायात, पटना | पटना नगर क्षेत्र |
| 2. | परिचारी प्रवर यातायात, पटना | पटना नगर क्षेत्र |
| 3. | पुलिस निरीक्षक, यातायात | पटना नगर क्षेत्र |
| 4. | सभी पुलिस अवर निरीक्षक, यातायात, पटना | पटना नगर क्षेत्र |
2. यह अधिसूचना दिनांक 23.10.2019 की तिथि से प्रभावी होगा। 3. वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना/पुलिस अधीक्षक, यातायात, पटना अपने नियंत्रणाधीन उपरोक्त पुलिस पदाधिकारियों द्वारा वसूली की गयी शमन की राशि के संबंध में पदाधिकारियों के कार्यकलाप की समीक्षा भी की जाएगी। मामले के समीक्षोपरांत ही अगले छः माह के बाद अवधि विस्तार पर विचार किया जाएगा।
बिहार के राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, सचिव।
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सामान्य प्रशासन विभाग
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अधिसूचनाएं
22 अगस्त 2019
सं0 7/शक्ति प्र0-13-01/2018 सा0प्र0-11600--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (ऐक्ट 2, 1974) की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिकाें को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भाें में अंकित विवरण के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं और निदेश देते हैं कि उक्त कार्मिक विभिन्न जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (ऐक्ट 2, 1974) के अतंर्गत दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
| क्र0 स0 | कार्मिक का नाम एवं पद नाम | द0प्र0सं0 1973 की धारा, जिसके तहत शक्ति प्रदान की गयी है | तिथि/अवधि | प्रयोजन | दण्डाधिकारी (विशेष कार्यपालक/ कार्यपालक) | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1 | जिलाधिकारी, मधेपुरा के पत्रांक-631-2 दि0 01.08.2019 में अंकित पदाधिकारियों- 1. श्री राजीव र जन, ं अवर निबंधक, उदाकिशुनगंज 2. श्री कौशल किशोर पासवान, अनुमण्डल कल्याण पदाधिकारी, उदाकिशुनगंज | द0प्र0सं0 1973 की धारा-20 एवं धारा-144 | नियमित पदस्थापन होने तक | विधि व्यवस्था | कार्यपालक दंडाधिकारी | मधेपुरा |
| 2 | जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद क े पत्रांक-545 दि0 22.07. 2019 मं अंकित श्री े बिरेन्द्र कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, दाउदनगर | द0प्र0सं0 1973 की धारा-20 | नियमित पदस्थापन होने तक | विधि व्यवस्था | कार्यपालक दंडाधिकारी | औरंगाबाद |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।
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15 जुलाई 2019
सं0 7/शक्ति प्र0-13-01/2018 सा0प्र0-9426--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (ऐक्ट 2, 1974) की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिकाें को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भाें में अंकित विवरण के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं और निदेश देते हैं कि उक्त कार्मिक विभिन्न जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (ऐक्ट 2, 1974) के अतंर्गत दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
| क्र0 स0 | कार्मिक का नाम एवं पद नाम | द0प्र0सं0 1973 की धारा, जिसके तहत शक्ति प्रदान की गयी है | तिथि/अवधि | प्रयोजन | दण्डाधिकारी (विशेष कार्यपालक/ कार्यपालक) | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1 | जिला पदाधिकारी, अरवल के पत्रांक-184 दि0 01.06.2019 में अंकित कार्मिक। | द0प्र0सं0 1973 की धारा-20 | कार्यपालक दंडाधिकारी, अरवल के नियमित पदस्थापन होने तक | विधि व्यवस्था | कार्यपालक दंडाधिकारी | अरवल |
| 2 | जिला पदाधिकारी, वैशाली के पत्रांक-570 दि0 05.07.2019 में अंकित कार्मिक। | द0प्र0सं0 1973 की धारा-20 | अगले आदेश तक | विधि व्यवस्था | कार्यपालक दंडाधिकारी | वैशाली |
| 3 | जिला पदाधिकारी, मधुबनी क े पत्रांक-1418 दि0 27. 06.2019 म े ं अंकित कार्मिक। | द0प्र0सं0 1973 की धारा-20 | कार्यपालक दंडाधिकारी के नियमित पदस्थापन होने तक | विधि व्यवस्था | कार्यपालक दंडाधिकारी | मधुबनी |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 32—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.inबिहार गजट, 30 vDrwcj 2019 4
भाग-9-ख
निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA —————
सूचना --------
No. 1134---I, VINOD Kumar Verma R/0 E-4/2 IGIMS Campus Rajabazar, Patna declare that I have changed my son Name from Anshit to Anshit Verma Affidavit No. 12620 dated 20.07.2019.
Vinod Kumar.
————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 32—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in5 बिहार गजट, 30 vDrwcj 2019
बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी }kjk प्रकाशित
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-05/2018--8991 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------- संकल्प 18 अक्तूबर 2019
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री सत्येन्द्र कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, अररिया के विरूद्ध उनके शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर में पदस्थापन के दौरान कारा के गेट पंजी/मुलाकाती पंजी पर हस्ताक्षर नहीं किये जाने, वार्ड इंचार्ज द्वारा बंदियों से अवैध राषि की वसूली किये जाने, उप महानिरीक्षक (प्र0) के कारा में निरीक्षण के क्रम में उन्हें जान से मारने की धमकी देने, छोटे-मोटे कारणों से भी कैदियों को लम्बे-लम्बे समय तक एवं बार-बार कारा अस्पताल में नियम विरूद्ध रखे जाने तथा कारा में कतिपय स्तरों पर व्याप्त अनियमितता के प्रतिवेदित आरोपों में उनके द्वारा गंभीर अनुषासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई है। श्री कुमार का यह कृत्य बिहार कारा हस्तक एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1), (2) के विहित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।
2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री सत्येन्द्र कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, अररिया के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय।
3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (2) के तहत आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी तथा श्री रूपक कुमार, सहायक कारा महानिरीक्षक (क्षेत्र), कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 4. श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. विभागीय कार्यवाही के संचालन के प्रस्ताव पर माननीय मुख्य (गृह) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। 6. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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सं0 कारा/नि0को0(विविध)-10-10/2018--8992
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संकल्प
18 अक्तूबर 2019
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री सीप्रियन टोप्पो, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, जमुई के विरूद्ध उनके मंडल कारा, मधुबनी में पदस्थापन के दौरान वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए निविदा में खाद्यान, विविध सामग्री एवं हरी सब्जी की आपूर्ति हेतु विगत दो वर्षों का कारा संवेदक के रूप में अनुभव की अनिवार्यता की अनावष्यक शर्त लगाकर पूर्व से कार्यरत आपूरकों को अवैध लाभ पहुँचाने, तकनीकी निविदा में असफल निविदादाता, श्री विष्वनाथ ठाकुर का नाम बिड सीट में अंकित कर तथा भ्रमित कर जिलाधिकारी, मधुबनी काबिहार गजट, 30 vDrwcj 2019 6 हस्ताक्षर प्राप्त किये जाने एवं बिहार वित्त (संषोधन) नियमावली, 2005 के नियम 131झ(i) के प्रावधान का उल्लंघन करने के प्रतिवेदित आरोपों में उनके द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई है। श्री टोप्पो का यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1), (2) के विहित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।
2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री सीप्रियन टोप्पो, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, जमुई के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय।
3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (2) के तहत आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री टोप्पो से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. विभागीय कार्यवाही के संचालन के प्रस्ताव पर माननीय मुख्य (गृह) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। 6. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-16/2019--9161
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संकल्प
23 अक्तूबर 2019
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री राजेष कुमार राय, अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(7) के विहित प्रावधान का उल्लंघन करते हुए श्री सुभाष कुमार, तत्कालीन सहायक अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित करने में गंभीर लापरवाही बरती गई है। श्री राय का यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1) के विहित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।
2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री राजेष कुमार राय, अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय।
3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (2) के तहत आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री राय से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. विभागीय कार्यवाही के संचालन के प्रस्ताव पर माननीय मुख्य (गृह) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। 6. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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सं0 कारा/नि0को0(उपा0)-02-07/2015--9078
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संकल्प
22 अक्तूबर 2019
श्री कृपा षंकर पाण्डेय, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, किषनगंज सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध उनके मंडल कारा, किषनगंज में पदस्थापन के दौरान कारा के सप्लायर की बेटी का शारीरिक शोषण करने, अवैध आचरण में लिप्त होने एवं अन्य गंभीर प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1722 दिनांक 16.03.2016 द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलम्बनावस्था में उन्हें मंडल कारा बेतिया में संलग्न किया गया। साथ ही उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1938 दिनांक 30.03.2016 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, पूर्णियाँ प्रमण्डल, पूर्णियाँ को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।7 बिहार गजट, 30 vDrwcj 2019 2. अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1029 दिनांक 19.02.2018 द्वारा श्री पाण्डेय को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि दिनांक 31.01.2018 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली-1950 के नियम 43 (बी) के तहत सम्परिवर्तित कर दिया गया।
3. उक्त प्रतिवेदित आरोप के लिए श्री पाण्डेय के विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही के फलाफल के पश्चात् प्रमाणित आरोपों के लिए अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 276 दिनांक 09.01.2019 द्वारा निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :-
''पेंशन से 50% (पचास प्रतिशत) की राशि स्थायी रूप से कटौती का दंड'' 4. श्री पाण्डेय दिनांक 16.03.2016 से 31.01.2018 तक निलंबित रहें। श्री पाण्डेय को निलंबन अवधि में देय जीवन यापन भत्ता के बिन्दु पर निर्णय लिये जाने हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-11 (5) के निहित प्रावधान के आलोक में विभागीय ज्ञापांक 1323 दिनांक 13.02.2019 द्वारा उनसे साठ दिनों के अन्दर अभ्यावेदन की मांग की गयी। 5. उक्त के आलोक में श्री पाण्डेय का अभ्यावेदन दिनांक 24.08.2019 को प्राप्त हुआ। श्री पाण्डेय द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में उल्लिखित किया गया है कि उनके उपर दर्ज प्राथमिकी (FIR) एवं विभागीय कार्यवाही में लगाए गए आरोप समान थे, विभागीय कार्यवाही में उन्हें दोषी ठहराया गया है जबकि माननीय न्यायालय, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रथम, किशनगंज द्वारा उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया है। 6. श्री पाण्डेय द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। श्री पाण्डेय के विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही एवं उनके विरूद्ध दायर आपराधिक वाद दोनों बिलकुल अलग मामले हैं। श्री पाण्डेय के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही में पद का दुरूपयोग करने, आपूर्तिकर्त्ता की सौतेली पुत्री का यौन शोषण करने, पेन ड्राइव में लाकर बंदियों को अष्लील विडियो (video) दिखाने, बंदियों का शारीरिक एवं मानसिक शोषण करने, पद की गरिमा के अनुरूप आचारण नहीं करने, कारा की व्यवस्था, प्रषासन एवं सुरक्षा के प्रति असंवेदनषीलता बरतने, स्वेच्छाचारिता करने एवं भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है। विभागीय कार्यवाही में श्री पाण्डेय के विरूद्ध बलात्कार, अप्रा—तिक यौनाचार आदि से संबंधित कोई आरोप नहीं लगाये गये थे, जबकि आपराधिक वाद में श्री पाण्डेय के विरूद्ध ये मुख्य आरोप थे। इस प्रकार विभागीय कार्यवाही में उनके विरूद्ध लगाये गये आरोप आपराधिक काण्ड में लगाये गये आरोपों से बिलकुल भिन्न है। उपरोक्त तथ्यों के आलोक में श्री पाण्डेय का यह तर्क कि उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही में जिस आरोप के लिए उन्हें दोषी ठहराया गया था, उसी आरोप में माननीय न्यायालय द्वारा उन्हें दोषमुक्त किया गया है, पूर्णतः गलत है।
7. श्री पाण्डेय के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष एवं श्री पाण्डेय द्वारा दायर द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब पर सम्यक् विचारोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति प्राप्त कर श्री पाण्डेय के विरूद्ध 'पेंषन से 50% की राषि स्थायी रूप से कटौती का दण्ड' अधिरोपित किया गया है।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री पाण्डेय के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6254 दिनांक 18.
07.2019 के माध्यम से अस्वीकृत किया जा चुका है। उनके विरूद्ध अधिरोपित दण्डादेश को किसी प्राधिकार (authority) द्वारा निरस्त या संशोधित नहीं किया गया है। श्री पाण्डेय पर लगाये गये अनैतिक आचरण के गंभीर आरोप प्रमाणित पाये गये हैं। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री पाण्डेय का निलम्बन औचित्यपूर्ण है। अतः श्री पाण्डेय का अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है।
8. अतः उपरोक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में श्री कृपा शंकर पाण्डेय, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, किशनगंज सम्प्रति सेवानिवृत्त के निलंबन अवधि दिनांक-16.03.2016 से 31.01.2018 तक के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 के उप नियम-7 एवं 8 के आलोक में निम्न आदेश संसूचित किया जाता है :-
''निलम्बन अविध में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा तथा इस अवधि की गणना पेंषन प्रदायी सेवा के रूप में की जायेगी।''
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 32—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in