Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 November 2019

Published 11 November 2019

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-11-11.1239
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:20)0-40 िनबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र

ह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 20 dkfrZd 1(cid:23)41 (cid:25)श(cid:15)(cid:26)

((((स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 1239) ) ) ) पटन(cid:4)

पटन(cid:4)(cid:27) 'kqØokj(cid:27) 8 uoEcj 2019201920192019 नगर विकास एवं आवास विभाग ———— अधिसूचना 5 नवम्बर 2019

सं0 01/स्था0 (आरोप)-09/2017-

श्री स्नेह पयोधर (बि॰न॰से॰), तत्कालीन 01/स्था0 (आरोप)-09/2017-5699--न0वि0एवंआ0वि0। श्री स्नेह पयोधर (बि॰न॰से॰), तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, कसबा सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय जिला पदाधिकारी, पूर्णियां का कार्यालय) के कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, कसबा सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय जिला पदाधिकारी, पूर्णियां का कार्यालय) के कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, कसबा सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय जिला पदाधिकारी, पूर्णियां का कार्यालय) के विरूद्ध नगर पंचायत, कसबा में कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर पदस्थापन के दौरान कर्तव्यों के प्रति बरती गयी घोर विरूद्ध नगर पंचायत, कसबा में कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर पदस्थापन के दौरान कर्तव्यों के प्रति बरती गयी घोर लापरवाही एवं अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने तथा सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, सात निश्चय योजना के तहत लापरवाही एवं अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने तथा सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, सात निश्चय योजना के तहत लापरवाही एवं अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने तथा सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, सात निश्चय योजना के तहत चलाये जा रहे कार्यक्रम - ''हर घर नल का जल'' एवं शौचालय निर्माण के कार्यान्वयन में मनमानी रवैया अपनाने के चलाये जा रहे कार्यक्रम - ''हर घर नल का जल'' एवं शौचालय निर्माण के कार्यान्वयन में मनमानी रवैया अपन चलाये जा रहे कार्यक्रम - ''हर घर नल का जल'' एवं शौचालय निर्माण के कार्यान्वयन में मनमानी रवैया अपन 2017 द्वारा इनके विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप गठित कर कारण जिला पदाधिकारी, पूर्णिया के पत्रांक 1563 दिनांक 14.11.2017 द्वारा इनके विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप गठित कर कारण जिला पदाधिकारी, पूर्णिया के पत्रांक 1563 दिनांक 14 कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने की अनुशंसा की गयी। कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने की अनुशंसा की गयी। 2. श्री स्नेह पयोधर के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा प्रपत्र 'क' में निम्नवत आरोप प्रतिवे

श्री स्नेह पयोधर के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा प्रपत्र 'क' में निम्नवत आरोप प्रतिवेदित किया गया था - (i) श्री पयोधर दिनांक 04.07

दित किया गया था - 2017 को आयोजित सात निश्चय योजना की समीक्षात्मक बैठक में अनधिकृत 07.2017 को आयोजित सात निश्चय योजना की समीक्षात्मक बैठक में अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाये गये। इनके अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए इनसे ज्ञापांक 5236/सी॰ दिनांक 06.10.2017 द्वारा रूप से अनुपस्थित पाये गये। इनके अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए इनसे ज्ञापांक 5236/सी॰ दिनांक 06 रूप से अनुपस्थित पाये गये। इनके अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए इनसे ज्ञापांक 5236/सी॰ दिनांक 06 2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करते स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इन्होंने अपने पत्रांक 935/न॰पं॰ दिनांक 06.10.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करते स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इन्होंने अपने प 2017 तक आकस्मिक अवकाश का अनुरोध किया। ये पुनः बिना अधोहस्ताक्षरी से हुए दिनांक 11.10.2017 से 14.10.2017 तक आकस्मिक अवकाश का अनुरोध किया। ये पुनः बिना अधोहस्ताक्षरी से 2017 तक आकस्मिक अवकाश का अनुरोध किया। ये पुनः बिना अधोहस्ताक्षरी से अनुमति प्राप्त किये ही अवकाश पर चले गये। इनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया। पुनः पत्रांक अनुमति प्राप्त किये ही अवकाश पर चले गये। इनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया। पुनः अनुमति प्राप्त किये ही अवकाश पर चले गये। इनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया। पुनः 2017 एवं पत्रांक 982/न॰पं॰ दिनांक 02.11.2017 द्वारा आकस्मिक अवकाश का आवेदन पत्र 2017 द्वारा आकस्मिक अवकाश का आवेदन पत्र 973/न॰पं॰ दिनांक 28.10.2017 एवं पत्रांक 982/न॰पं॰ दिनांक 02 2017 से अवकाश पर बिना स्वीकृत कराये, अवकाश पर चले गये। दिनांक 09 बिना स्वीकृत कराये, अवकाश पर चले गये। दिनांक 09.11.2017 को स्वयं के चिकित्सार्थ 10.11.2017 से अवकाश पर चिकित्सा पुर्जा में किसी प्रकार के आराम की सलाह इन्हें नहीं जाने का अनुरोध किया गया। आवेदन के साथ संलग्न चिकित्सा पुर्जा में किसी प्रकार के आराम की सलाह इन्हें नहीं जाने का अनुरोध किया गया। आवेदन के साथ संलग्न दी गयी है। पूर्व से भी इनके द्वारा कार्य में कोताही बरती जा रही है। ये भिन्न-भिन्न तरह से बहाना बनाकर अनुमति दी गयी है। पूर्व से भी इनके द्वारा कार्य में कोताही बरती जा रही है। ये भिन्न-भिन्न तरह से बहाना बनाकर अनुमति दी गयी है। पूर्व से भी इनके द्वारा कार्य में कोताही बरती जा रही है। ये भिन्न-भिन्न तरह से बहाना बनाकर अनुमति प्राप्त किये बिना अवकाश में जाते रहते हैं। प्राप्त किये बिना अवकाश में जाते रहते हैं।

(ii) पत्रांक 1447/जि॰यो॰ दिनांक 01

पयोधर को सात निश्चय की योजनाओं की ) पत्रांक 1447/जि॰यो॰ दिनांक 01.11.2017 द्वारा श्री पयोधर को सात निश्चय की योजनाओं की उपलब्धियों के आधार पर तैयार की जाने वाली मासिक रैकिंग प्रतिवेदन से संबंधित आँकड़ा प्रत्येक माह की 02री उपलब्धियों के आधार पर तैयार की जाने वाली मासिक रैकिंग प्रतिवेदन से संबंधित आँकड़ा प्रत्येक माह की 02री उपलब्धियों के आधार पर तैयार की जाने वाली मासिक रैकिंग प्रतिवेदन से संबंधित आँकड़ा प्रत्येक माह की 02री तारीख तक उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया था, परन्तु इनके द्वारा प्रतिवेदन उपलब्ध कराने में कोई अभिरूचि नहीं तारीख तक उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया था, परन्तु इनके द्वारा प्रतिवेदन उपलब्ध कराने में कोई अभिरूचि नहीं तारीख तक उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया था, परन्तु इनके द्वारा प्रतिवेदन उपलब्ध कराने में कोई अभिरूचि नहीं ली गयी तथा दूरभाष पर भी सम्पर्क नहीं हो पाया। इनका मोबाईल स्विच ऑफ पाया गया। विगत बैठकों में कई बार गयी तथा दूरभाष पर भी सम्पर्क नहीं हो पाया। इनका मोबाईल स्विच ऑफ पाया गया। विगत बैठकों में कई बार गयी तथा दूरभाष पर भी सम्पर्क नहीं हो पाया। इनका मोबाईल स्विच ऑफ पाया गया। विगत बैठकों में कई बार निदेश दिये जाने के बावजूद इनके द्वारा सात निश्चय योजना से संबंधित जिला का रैकिंग प्रतिवेदन प्रपत्र-6, 8 एवं 10 निदेश दिये जाने के बावजूद इनके द्वारा सात निश्चय योजना से संबंधित जिला का रैकिंग प्रतिवेदन प्रपत्र-6, 8 एवं 10 निदेश दिये जाने के बावजूद इनके द्वारा सात निश्चय योजना से संबंधित जिला का रैकिंग प्रतिवेदन प्रपत्र-6, 8 एवं 102 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8888 नवम्बरनवम्बरनवम्बरनवम्बर 2019201920192019 में समर्पित नहीं किया गया। इनके अकर्मण्यता के कारण ससमय रैकिंग प्रतिवेदन विकास आयुक्त (बिहार विकास मिशन), बिहार, पटना को भेजने में काफी कठिनाई हो रही है। इनका कार्यकलाप काफी असंतोषप्रद है।

(iii) दिनांक 11.10.2017 को आयोजित सात निश्चय योजना की समीक्षा बैठक में ये अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाये गये। ''शौचालय निर्माण, घर तक पक्की गली-नालियाँ एवं नल का जल'' योजना की उपलब्धियों की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि सर्वेक्षण में कसबा नगर पंचायत में 5200 घर शौचालय विहीन पाये गये। समीक्षा में नोडल पदाधिकारी, नगर पंचायत, कसबा-सह-भूमि सुधार उप समाहर्ता, धमदाहा द्वारा बताया गया कि सर्वे पश्चात जो नगर पंचायत कसबा में शौचालय विहीन परिवारों की संख्या प्रतिवेदित किया गया है, वह प्रथम दृष्टया गलत प्रतीत होता है तथा पुनर्सर्वेक्षण/सत्यापन की आवश्यकता प्रतीत होती है।

(iv) नगर पंचायत, कसबा में पी॰एच॰ई॰डी॰ द्वारा करीब 12 किलोमीटर लम्बी पाईपलाईन तथा 1000 गैलन की क्षमता वाले जलमीनार का निर्माण पूर्व में कराया गया है, परन्तु इनके द्वारा पी॰एच॰ई॰डी॰ द्वारा तैयार जलमीनार एवं पाईपलाईन को टेक ओवर नहीं किया गया। पुनः इनके द्वारा नगर पंचायत, कसबा में प्रत्येक वार्ड में नई बोरिंग करवाने की कार्रवाई की जा रही है जबकि पूर्व में ही पी॰एच॰ई॰डी॰ द्वारा 17 वार्डों में से 14 वार्डों को पाईप से आच्छादित किया जा चुका है। पूर्व में आच्छादित किये गये पाईप की स्थिति अच्छी रहने के बावजूद पी॰एच॰ई॰डी॰ के पाईपलाईन, बोरिंग एवं जलमीनार को टेक ओवर करने में इनके द्वारा असमर्थता व्यक्त की गयी। यह उनके कार्य के प्रति असंवेदनशीलता, सरकारी सम्पत्ति की बर्बादी तथा सरकारी राशि के दुरूपयोग करने की प्रवृति को परिलक्षित करता है। इस संबंध में इनसे ज्ञापांक 5675/सी॰ दिनांक 05.11.2017 द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गयी, परन्तु इन्होंने अपना स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया। ये बार-बार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते हुए सरकार के महत्वपूर्ण योजना ''सात निश्चय'' के तहत चलाये जा रहे कार्यक्रम ''हर घर नल का जल'' एवं ''शौचालय निर्माण'' के कार्यान्वयन के साथ-साथ अन्य कार्यों के निष्पादन में भी आदेश की अवहेलना करते हुए मनमानापूर्ण रवैया, घोर लापरवाही एवं अकर्मण्यता बरत रहे हैं। 3. जिला पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा श्री स्नेह पयोधर, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, कसबा के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में प्रतिवेदित उक्त आरोपों के संबंध में विभागीय पत्रांक 7809 दिनांक 08.12.2017 द्वारा इन्हें एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, किन्तु इनका स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने के कारण बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के भाग IV के नियम 9(1)(क) के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं॰-8090 दिनांक 22.12.2017 द्वारा इन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया गया और निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय जिला पदाधिकारी, पूर्णिया का कार्यालय निर्धारित किया गया। 4. विभागीय संकल्प ज्ञापांक-302 दिनांक 11.01.2018 द्वारा श्री पयोधर के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। विभागीय कार्यवाही का संचालन पदाधिकारी नगर आयुक्त, नगर निगम, कटिहार को नामित करते हुए जिला पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा नामित पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया। उक्त विभागीय संकल्प के निर्णय के आलोक में जिला पदाधिकारी, पूर्णिया के आदेश ज्ञापांक 467 दिनांक 16.04.2018 द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष सरकारी पक्ष प्रस्तुत करने हेतु श्री अभिराम त्रिवेदी, वरीय उप समाहत्र्ता, पूर्णिया को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 5. जिला पदाधिकारी, पूर्णिया के पत्रांक 125 दिनांक 06.02.2018 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि श्री पयोधर, निलंबित कार्यपालक पदाधिकारी निलंबन के उपरांत आज तक न तो मुख्यालय में योगदान किये हैं और न ही उपस्थित हो रहे हैं। जिला पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आलोक में श्री पयोधर से विभागीय पत्रांक 1118 दिनांक 21.02.2018 द्वारा इनके आवासीय पता पर पत्र भेजकर कारण पृच्छा की माँग की गयी, परन्तु इनके द्वारा कारण पृच्छा समर्पित नहीं किया गया। जिला पदाधिकारी के उक्त प्रतिवेदन के आलोक में इनके विरूद्ध पूरक प्रपत्र 'क' में आरोप गठित कर इस आरोप को भी विभागीय कार्यवाही में सम्मिलित करते हुए विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्देश विभागीय पत्रांक 1379 दिनांक 07.03.2018 द्वारा नगर आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, नगर निगम, कटिहार को दिया गया। 6. जिला पदाधिकारी, पूर्णिया के पत्रांक 405 दिनांक 26.03.2018 एवं पत्रांक 683 दिनांक 05.06.2018 द्वारा पुनः प्रतिवेदित किया गया कि श्री पयोधर, निलंबित कार्यपालक पदाधिकारी आज तक मुख्यालय में योगदान नहीं किये हैं और न ही उपस्थित हुए हैं तथा नगर आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, नगर निगम, कटिहार के पत्रांक 771 दिनांक 11.06.2018 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि श्री स्नेह पयोधर, निलंबित कार्यपालक पदाधिकारी से कोई सम्पर्क नहीं हो पा रहा है, वे न तो कार्यालय में आकर सम्पर्क कर रहे हैं और न ही जिला कार्यालय, पूर्णिया में अपना योगदान ही दिये हैं, जिसके कारण इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है। जिला पदाधिकारी एवं संचालन पदाधिकारी के उक्त प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक 3551 दिनांक 06.07.2018 द्वारा श्री पयोधर को निर्धारित मुख्यालय (जिला पदाधिकारी, पूर्णिया का कार्यालय) में योगदान देने एवं विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होने संबंधी आवश्यक सूचना ''सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग'' के माध्यम से दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित करायी गयी। 7. प्रकाशित सूचना के आलोक में श्री पयोधर ने संचालन पदाधिकारी को संबोधित आवेदन दिनांक 18.07.2018 द्वारा दिनांक 18.07.2018 को उपस्थित होने का उल्लेख किया गया और अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु एक पक्ष का समय देने का अनुरोध किया गया, जिसकी सूचना विभाग को भी दी गयी। श्री पयोधर के उक्त पत्र के आलोक में विभागीय पत्रांक 4093 दिनांक 30.07.2018 द्वारा नगर आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, नगर निगम, कटिहार से श्री पयोधर की3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11111111 नवम्बरनवम्बरनवम्बरनवम्बर 2019201920192019 उपस्थिति दर्ज किये जाने संबंधी प्रतिवेदन की माँग की गयी तथा जिला पदाधिकारी, पूर्णिया से समाचार पत्र के माध्यम से प्रकाशित सूचना के आलोक में श्री पयोधर द्वारा निर्धारित मुख्यालय में योगदान किये जाने संबंधी प्रतिवेदन की माँग की गयी। जिला पदाधिकारी, पूर्णिया के पत्रांक 1043 दिनांक 06.08.2018 द्वारा विभाग को प्रतिवेदित किया गया कि श्री पयोधर, निलंबित कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा आज तक मुख्यालय में योगदान नहीं किया गया है और न ही उपस्थित हुए हैं। नगर आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी से इनकी उपस्थिति के संबंध में प्रतिवेदन अप्राप्त रहने के कारण पुनः विभागीय पत्रांक 4762 दिनांक 04.09.2018 द्वारा श्री पयोधर की उपस्थिति के संबंध में अविलंब विभाग को अवगत कराने का निर्देश दिया गया। 8. नगर आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी द्वारा ज्ञापांक 1670 दिनांक 30.11.2018 से प्रतिवेदित किया गया कि श्री पयोधर द्वारा दिनांक 18.07.2018 को कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने हेतु एक पक्ष के समय की माँग की गयी तथा दिनांक 02.08.2018 को उनके द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत साक्ष्य में इनके द्वारा किसी प्रकार का प्रमाणिक साक्ष्य उपस्थापित नहीं किया गया तथा इन पर लगाये गये आरोप के विरूद्ध समर्पित उत्तर संतोषप्रद नहीं है। संचालन पदाधिकारी द्वारा यह भी प्रतिवेदित किया गया कि निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय जिला पदाधिकारी, पूर्णिया का कार्यालय निर्धारित किया गया था, किन्तु इनके द्वारा आज तक योगदान नहीं किया गया, जो स्पष्ट रूप से सरकारी निदेश की अवहेलना एवं कत्र्तव्य के प्रति लापरवाही को प्रमाणित करता है। 9. नगर आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी द्वारा पत्रांक 1799 दिनांक 11.12.2018 से श्री पयोधर के विरूद्ध संचालित की गयी विभागीय कार्यवाही का अभिलेख एवं विस्तृत मंतव्य विभाग को उपलब्ध कराया गया है, जिसमें श्री पयोधर के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में प्रतिवेदित सभी आरोपों को प्रमाणित पाया गया है। 10. नगर पंचायत, कसबा में कार्यपालक पदाधिकारी के पदस्थापन के दौरान श्री स्नेह पयोधर (बि॰न॰से॰) द्वारा कत्र्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने एवं अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण गठित प्रपत्र 'क' में इनके विरूद्ध अधिरोपित आरोपों को विभागीय कार्यवाही के उपरांत संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये सभी आरोपों के आलोक में विभागीय पत्रांक 2014 दिनांक 09.04.2019 द्वारा श्री पयोधर से विभागीय कार्यवाही के अधिगम की छायाप्रति संलग्न करते हुए एक पक्ष के अंदर द्वितीय कारण पृच्छा की माँग की गयी। श्री पयोधर से कारण पृच्छा अप्राप्त रहने के कारण पुनः विभागीय पत्रांक 2641 दिनांक 28.05.2019 द्वारा अंतिम रूप से स्मारित करते हुए अविलंब द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित करने का निर्देश दिया गया, किन्तु श्री पयोधर द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया गया, जिससे यह प्रमाणित होता है कि इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए इन्हें कुछ नहीं कहना है। 11. उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री पयोधर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में आरोप गठित कर इन्हें संचालन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर देते हुए विधिवत विभागीय कार्यवाही का संचालन किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये सभी आरोपों के आधार पर इनसे दो बार द्वितीय कारण पृच्छा की माँग की गयी, किन्तु श्री पयोधर द्वारा कोई जबाव समर्पित नहीं किया गया। 12. उल्लेखनीय है कि श्री पयोधर को पूर्व में भी कार्यपालक पदाधिकारी, कंकड़बाग अंचल, पटना नगर निगम में पदस्थापन के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने/कार्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने एवं आपदा की स्थिति में भी कार्य में रूचि नहीं लेने के आरोपों के लिए इन्हें विभागीय अधिसूचना सं॰-2505 दिनांक 20.08.2014 द्वारा निलंबित किया गया था और विभागीय कार्यवाही के संचालन में प्रमाणित पाये गये आरोपों के आधार पर विभागीय अधिसूचना सं॰-7123 दिनांक 07.10.2016 द्वारा इन्हें निलंबन से मुक्त करते हुए इन पर असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि रोकने का दण्ड अधिरोपित किया गया था। पूर्व के निलंबन से मुक्त होने के उपरांत ही इनका पदस्थापन विभागीय अधिसूचना सं॰-2120 दिनांक 20.03.2017 द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, कसबा के पद पर किया गया था। इस प्रकार ये पूर्व में भी लगभग 02 वर्षों से अधिक की अवधि तक निलंबित रहे हैं। इनके कार्यकलाप से स्पष्ट है कि श्री पयोधर जान-बूझकर अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और सरकारी कार्यों के निर्वहन एवं अपने कत्र्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आदी रहे हैं, जो सरकारी कर्मियों के लिए विहित आचार नियमावली के प्रतिकूल है और इनके स्वेच्छाचारिता एवं मनमाना रवैया को प्रदर्शित करता है। यह भी उल्लेखनीय है कि श्री पयोधर द्वारा उक्त पूरे निलंबन अवधि में कभी भी निलंबन से मुक्त करने हेतु विभाग से किसी प्रकार का लिखित/मौखिक अनुरोध नहीं किया गया, जिससे यह स्पष्ट परिलक्षित होता है कि इन्हें सरकारी सेवा में बने रहने की इच्छा नहीं है। उक्त के आलोक में श्री पयोधर सरकारी सेवा में बने रहने के योग्य नहीं हैं और इनका कार्यकलाप वृहद दण्ड के योग्य है। 13. वर्णित परिप्रेक्ष्य में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री स्नेह पयोधर (बि॰न॰से॰), कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, कसबा सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय जिला पदाधिकारी, पूर्णिया का कार्यालय) को इनके विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) (संशोधन) नियमावली, 2007 के नियम 2(14)(XI) के तहत वृहद दण्ड स्वरूप इन पर ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिये निरर्हता होगी'' का दण्ड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया है। 14. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिये गये निर्णय पर सहमति प्रदान करने हेतु विभागीय पत्रांक-4203 दिनांक 08.08.19 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति संसूचित करने का अनुरोध किया गया। इस क्रम में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-1230 दिनांक 22.08.19 द्वारा परामर्श दिया गया कि आरोपित पदाधिकारी के राजपत्रित कोटि लेवल-9 के पदाधिकारी नहीं होने की स्थिति में आयोग का परामर्श अपेक्षित नहीं है।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8888 नवम्बरनवम्बरनवम्बरनवम्बर 2019201920192019 15. अतएव; श्री स्नेह पयोधर (बि॰न॰से॰), कार्यपालक पदाधिकारी (ग्रेड पे रू0 4600/- सम्प्रति वेतन स्तर-7), नगर पंचायत, कसबा सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय जिला पदाधिकारी, पूर्णिया का कार्यालय) को इनके विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) (संशोधन) नियमावली, 2007 के नियम 2(14)(XI) के तहत वृहद दण्ड स्वरूप इन पर ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिये निरर्हता होगी'' का दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता है। 16. श्री स्नेह पयोधर (बि॰न॰से॰) के ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिये निरर्हता होगी'' के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक-24.10.2019 के मद सं0-33 के रूप में स्वीकृति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार, सरकार के विशेष सचिव

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1239%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 November 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-11-11.1239/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-11-11.1239.