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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 November 2019

Published 11 November 2019

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-11-11.1241
Languages
English, Hindi

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पटन(cid:4)(cid:27) lkseokj(cid:27) 11 uoEcj 2019201920192019 सं॰ 27/आरोप-01-64/2019 सा॰प्र॰-14582 सं॰ 27/आरोप-01-64/2019 सा॰प्र॰-14582 lkekU; iz'kklu foHkkx ———— ladYi 24 अक्टूबर 2019

2017 द्वारा आरोप पत्र गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया।

श्री महेश्वर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1098/2011, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर श्री महेश्वर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1098/2011, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर श्री महेश्वर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1098/2011, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मोतिहारी सम्प्रति नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, चकिया के विरूद्ध बस स्टैन्ड छतौनी एवं नगर परिषद, मोतिहारी सम्प्रति नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, चकिया के विरूद्ध बस स्टैन्ड छतौनी एवं नगर परिषद, मोतिहारी सम्प्रति नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, चकिया के विरूद्ध बस स्टैन्ड छतौनी एवं नगर के कार्यालय के पीछे पार्किंग स्थान की बन्दोबस्ती हेतु सुरक्षित जमा की निर्धारित राशि से कम राशि के कार्यालय के पीछे पार्किंग स्थान की बन्दोबस्ती हेतु सुरक्षित जमा की निर्धारित राशि से कम राशि परिषद, मोतिहारी के कार्यालय के पीछे पार्किंग स्थान की बन्दोबस्ती हेतु सुरक्षित जमा की निर्धारित राशि से कम राशि में करने, बजट में प्रावधानित राशि से अधिक राशि का बिना बोर्ड/सशक्त स्थायी समिति से पारित कर कर्मचारियों का में करने, बजट में प्रावधानित राशि से अधिक राशि का बिना बोर्ड/सशक्त स्थायी समिति से पारित कर कर्मचारियों का में करने, बजट में प्रावधानित राशि से अधिक राशि का बिना बोर्ड/सशक्त स्थायी समिति से पारित कर कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने, एल0ई0डी0 लाइट एवं जी0पी0एस0 क्रय म ें विाीय शक्ति प्राप्त किये बिना एवं तकनीकी मूल्यांकन वेतन भुगतान करने, एल0ई0डी0 लाइट एवं जी0पी0एस0 क्रय में विाीय शक्ति प्राप्त किये बिना एवं तकनीकी मूल्यांकन निविदा के शर्तो के अनुरूप नहीं करने आदि के आरोपों के लिये नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 988 निविदा के शर्तो के अनुरूप नहीं करने आदि के आरोपों के लिये नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 988 निविदा के शर्तो के अनुरूप नहीं करने आदि के आरोपों के लिये नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 988 दिनांक 14.02.2017 द्वारा आरोप पत्र गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया। श्री सिंह से उक्त आरोपों के संबंध में विभागीय पत्रांक 2536 दिनांक 02.03.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित 2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित श्री सिंह से उक्त आरोपों के संब करने का निदेश दिया गया। श्री सिंह के पत्रांक 377 दिनांक 16.03.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री 2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री करने का निदेश दिया गया। श्री सिंह के पत्रांक 377 दिनांक 16 सिंह के समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 6011 दिनांक 22 2017 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग से सिंह के समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 6011 दिनांक 22.05.2017 द्वारा नगर विकास एवं आवा मंतव्य की मांग की गयी। उक्त के आलोक में नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 6028 दिनांक 0809.2017 मंतव्य की मांग की गयी। उक्त के आलोक में नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 6028 दिनांक 0809 मंतव्य की मांग की गयी। उक्त के आलोक में नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 6028 दिनांक 0809 द्वारा प्राप्त मंतव्य में श्री सिंह के स्पष्टीकरण को स्वीकारयोग्य नहीं पाया गया। द्वारा प्राप्त मंतव्य में श्री सिंह के स्पष्टीकरण को स्वीकारयोग्य नहीं पाया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टी करण एवं नगर विकास एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्राप्त मंतव्य के सम्यक विचारोपरांत श्री सिंह के विरूद्ध अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की आवास विभाग द्वारा प्राप्त मंतव्य के सम्यक विचारोपरांत श्री सिंह के विरूद्ध अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की आवास विभाग द्वारा प्राप्त मंतव्य के सम्यक विचारोपरांत श्री सिंह के विरूद्ध अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जांच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के संगत प्रावधानों जांच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के संगत प्रावधानों जांच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 15296 दिनांक 01 2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय ल्प ज्ञापांक 15296 दिनांक 01.12.2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय कार्यवाही में आयुक्त तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, कार्यवाही में आयुक्त तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, कार्यवाही में आयुक्त तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मातिहारी द्वारा नामित किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। मातिहारी द्वारा नामित किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी निय 2018 द्वारा जांच प्रतिवेदन समर्पित आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 15 दिनांक 31.03.2018 द्वारा जांच प्रतिवेदन समर्पित आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 15 दिनांक 31 किया गया। उक्त जांच प्रतिवेदन में श्री सिंह के विरूद्ध आरोप सं0-1 एवं 3 को आंशिक प्रमाणित तथा आरोप सं0-2, किया गया। उक्त जांच प्रतिवेदन में श्री सिंह के विरूद्ध आरोप सं0-1 एवं 3 को आंशिक प्रमाणित तथा आरोप सं0-2, किया गया। उक्त जांच प्रतिवेदन में श्री सिंह के विरूद्ध आरोप सं0-1 एवं 3 को आंशिक प्रमाणित तथा आरोप सं0-2, 2018 एवं पत्रांक 13033 दिनांक 28. 4 एवं 5 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। विभागीय पत्रांक 5929 दिनांक 09.05.2018 एवं पत्रांक 13033 दिनांक 28 4 एवं 5 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया ग 2018 द्वारा प्राप्त जांच प्रतिवेदन पर श्री सिंह से बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। उक्त के आलोक में जांच 09.2018 द्वारा प्राप्त जांच प्रतिवेदन पर श्री सिंह से बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। उक्त के आलोक में जांच 2018 द्वारा प्राप्त जांच प्रतिवेदन पर श्री सिंह से बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। उक्त के आलोक में जांच2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11111111 uoEcjuoEcjuoEcjuoEcj 2019201920192019 प्रतिवेदन पर श्री सिंह के पत्रांक 473 दिनांक 29.10.2018 द्वारा लिखित अभ्यावेदन एवं पत्रांक 549 दिनांक 11.12.2018 द्वारा पूरक बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उल्लेखित है किः- (i) संचालन पदाधिकारी के द्वारा अपने जांच प्रतिवेदन में मूल स्पष्टीकरण पत्रांक 377 दिनांक 16.03.2017 की अनदेखी करते हुए उसमें वर्णित किसी तथ्य एवं साक्ष्य का उल्लेख नहीं है, दूसरी ओर उनके पूरक स्पष्टीकरण में वर्णित तथ्य एवं साक्ष्य को अनदेखी करते हुए उसका भी उल्लेख नहीं किया है।

(ii) श्री सिंह को प्रतिपरीक्षण (Cross Examination) का अवसर संचालन पदाधिकारी ने नहीं दिया जो प्रावधान एवं नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त के विरूद्ध है, जब भी उन्होंने प्रस्तोता पदाधिकारी से नियम दिखाने को कहता था तो संचालन पदाधिकारी कहते थे जो भी पूछना है उनसे (संचालन पदाधिकारी से) पूछिये। संचालन पदाधिकारी से जब कहा जाता तो संचालन पदाधिकारी चूप रहने के लिए कहते थे।

(iii) श्री सिंह नगर परिषद, मोतिहारी में अंशकालिक प्रतिनियुक्त पदाधिकारी थे। मुख्य रूप से वे चकिया और मोतिहारी के कार्यपालक पदाधिकारी थे। चकिया और मोतिहारी के बीच की दूरी 50 कि0मी0 है। उनके द्वारा जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के आदेश ज्ञापांक 125/स्था0 मोतिहारी, दिनांक 13.02.2016 के आलोक में प्रभारी नगर कार्यपालक पदाधिकारी कार्य करना प्रारंभ किया। इस प्रकार डाक की अंतिम बोली (पांचवें राउण्ड) में उन्होंने कोई बोली नहीं लगाई। उसके पश्चात कागजात पर (बीड पर) उन्होंने अपना हस्ताक्षर भी किया।

(iv) दिनांक 28.03.2016 को ही नगर परिषद, मोतिहारी का प्रभार श्री सिंह द्वारा श्री कुमार मंगलम को सौप दिया। श्री कुमार मंगलम के द्वारा ही उक्त सैरात की शेष राशि जमा करने हेतु आदेश निर्गत किया गया। जहां तक राजस्व विभाग के पत्रांक 612 दिनांक 18.09.1997 में सैरातोें के सुरक्षित जमा निर्धारण की अवधि की बात है वह अवधि तीन वर्षो के लिये है। यदि कोई भी व्यक्ति उक्त बन्दोबस्ती की राशि से अधिक की राशि पर बन्दोबस्ती लेने के लिये तैयार रहते तो वे आपाि देते तथा दिनांक 31.03.2016 तक तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी उक्त सैरात को बन्दोबस्त के आधार पर वे दिनांक 13.05.2016 को शेष राशि जमा करने का आदेश निर्गत करते।

(v) संचालन पदाधिकारी महोदय के द्वारा आरोप संख्या-3 के निष्कर्ष में लिखा गया है कि आरोप आंशिक प्रमाणित, लेकिन आरोप आंशिक प्रमाणित किस साक्ष्य के आधार पर लिखा गया है, संलग्न नहीं है।

(vi) मैं नगर पालिका के अल्पवेतन भोगी मजदूर आदि का भुगतान किया जो प्रावधान के तहत है। इस लिए यह आरोप आंशिक रूप से भी प्रमाणित नहीं होता है। ज्यादा राशि भुगतान करने के लिए सशक्त स्थाई समिति से अनुमति लेना है इसका भी कोई साक्ष्य संचालन पदाधिकारी ने संलग्न नहीं किये हैं। उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि संचालन पदाधिकारी अपने मन से बगैर साक्ष्य के उक्त आरोप को आंशिक प्रमाणित की बात लिखे हैं, जो गलत है। उन पर (श्री सिंह) लगाया गया यह आरोप आंशिक रूप से भी प्रमाणित नहीं होता है। ज्ञातव्य हो कि नगर विकास के मामलों भुगतान/बजट आदि पर समार्हाा/ प्रधान सचिव की अनुमति लेने का प्रावधान नहीं है।

(vii) आरोप सं0-04 के संबंध में बगैर साक्ष्य का लिखा गया है कि ''आरोप प्रमाणित''। उन्होंने दिनांक 29.10.2018 को पत्रांक 473 कार्यालय, भूमि सुधार उप समार्हाा, फुलपरास के द्वारा अपना बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया जिसमें तथ्य सहित साक्ष्य है। जिसके अवलोकन से स्पष्ट होगा कि यह आरोप भी श्री सिंह पर प्रमाणित नहीं होता है।

(viii) जी.पी.एस. की तकनीकी बिड में क्रमांक 02 एवं 03 पर अंकित निविदादाता वारंटी/गारंटी का सर्टिफिकेट दिये हैं, जो तकनीकी बिड के कॉलम 07 में अंकित है। जहां तक बिहार सरकार के तीन वर्ष के अनुभव की बात है। वह निविदा के शर्त में अंकित नहीं है। प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के द्वारा निविदा की प्रति का अध्ययन नहीं किया गया है तथा तकनीकी बिड के कॉलम 07 का भी अवलोकन नहीं किया है।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी के प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन, आरोपी पदाधिकारी का बचाव बयान एवं उपस्थापन पदाधिकारी के मंतव्य की सम्यक समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत श्री सिंह द्वारा अभ्यावेदन में उन्हीं बातों को दूहराया गया है, जिसका उल्लेख उनके द्वारा पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण/ संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत बचाव बयान में किया गया था। उनके द्वारा कोई ऐसा तथ्य/ साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिसपर विचार किया जा सके। उक्त के आलोक में संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रतिवेदित आरोप, आरोपी पदाधिकारी के बचाव बयान एवं उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य के विश्लेषणोपरांत श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित कुल 05 अंतर्विष्ट आरोपों में से आरोप संख्या-01 एवं 03 आंशिक प्रमाणित तथा 02, 04 एवं 05 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में श्री सिंह द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन स्वीकार्य योग्य नहीं है, अतः इसे अस्वीकृत करते हुए श्री महेश्वर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1098/2011, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मोतिहारी सम्प्रति नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, चकिया के विरूद्ध बन्दोबस्ती सुरक्षित जमा की निर्धारित राशि से कम राशि में किया जाना/बजट में प्रावधानित राशि से अधिक राशि का बिना बोर्ड/सशक्त स्थाीय समिति से पारित कर कर्मचारियों का भुगतान कर दिया जाना/ विाीय शक्ति प्राप्त किये बिना विाीय बिड खोलना और उसका अनुमोदन किया जाना/ तकनीकी बिड में असफल निविदाकारों का विाीय बिड खोले जाने से3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11111111 uoEcjuoEcjuoEcjuoEcj 2019201920192019 संबंधित आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित/आंशिक प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिये बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत (i) निन्दन (वर्ष 2016-17) (ii) संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक का दंड विनिश्चित किया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव विभागीय पत्रांक 8933 दिनांक 04.07.2019 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से मंतव्य/परामर्श की मांग की गयी। उक्त के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1574 दिनांक-26.09.2019 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ। अतः उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग के परामर्श से सहमत होते हुए जांच प्रतिवेदन में प्रमाणित/आंशिक प्रमाणित आरोपों के आलोक में श्री महेश्वर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1098/2011, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मोतिहारी सम्प्रति नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, चकिया के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत श्री सिंह को (i) निन्दन (वर्ष 2016-17) (ii) संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक का दंड देने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया। अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री महेश्वर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1098/2011, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मोतिहारी सम्प्रति नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, चकिया के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत श्री सिंह को (i) निन्दन (वर्ष 2016-17) (ii) संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा श्री महेश्वर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1098/2011, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मोतिहारी सम्प्रति नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, चकिया एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1241%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 November 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-11-11.1241/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-11-11.1241.