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पटन(cid:4)(cid:27) o`gLifrokj(cid:27) 21 uoEcj 2019201920192019 सं॰ 08/नि॰था॰-11-07/2015-सा॰प्र॰-14290 सं॰ सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 18 अक्टूबर 2019 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 21212121 uoEcjuoEcjuoEcjuoEcj 2019201920192019 4. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं श्री प्रसाद से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9446 दिनांक 17.07.2018 द्वारा श्री शिव शंकर प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-630/11 को निलंबन मुक्त किया गया तथा श्री प्रसाद द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन को अस्वीकृत करते हुए आरोपों की प्रमाणिकता के आधार पर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 15232 दिनांक 23.11.2018 द्वारा श्री प्रसाद को निम्न दंड संसूचित किया गयाः-
(I) ''देय तिथि से प्रोन्नति पर 05 वर्षो तक रोक'', एवं (II) ''तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक'' (III) ''निलंबन अवधि के संबंध में अलग से निर्णय लिया जायेगा''
5. उक्त कंडिका-4(III) के आलोक में विभागीय पत्रांक 17149 दिनांक 31.12.2018 द्वारा श्री प्रसाद के निलंबन अवधि के वेतनादि भुगतान के संबंध में निर्णय लेने हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11(5) के सुसंगत प्रावधानों के तहत स्पष्टीकरण की मांग की गयी। स्मारोंपरांत श्री प्रसाद द्वारा निलंबन अवधि के वेतनादि भुगतान के संबंध में अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।
6. श्री प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। जिसमें पाया गया कि श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपाें के लिए संचालित विभागीय कार्यवाही मेें संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों के संदर्भ में श्री प्रसाद द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन के समीक्षोपरांत ही उन्हें ''देय तिथि से प्रोन्नति पर पांच वर्षाें तक का रोक तथा तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दंड संसूचित किया गया है।
7. उक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री प्रसाद द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अस्वीकृत करते हुए उनके निलंबन अवधि के लिए उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा का निर्णय लिया गया है। अतएव श्री शिव शंकर प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-630/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, राजगीर सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, मुजफ्फरपुर को निलंबन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
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