िनबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:20)0-40 िनबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र
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[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 30 dkfrZd 1(cid:23)41 (cid:25)श(cid:15)(cid:26)
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पटन(cid:4)(cid:27) o`gLifrokj(cid:27) 21 uoEcj 2019201920192019 उक्त के आलोक में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध विभागीय पत्रांक 1744 दिनांक 24.02
मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोप निम्नवत् हैः-
सं॰ 2/सी॰-10105/2010-सा॰प्र॰-8160 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 9 जून 2019 मो0 परवेज उल्लाह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1030/08 के विरूद्ध प्रखंड विकास पदाधिकारी, अररिया सदर, मो0 परवेज उल्लाह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1030/08 के विरूद्ध प्रखंड विकास पदाधिकारी, अररिया सदर, मो0 परवेज उल्लाह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1030/08 के विरूद्ध प्रखंड विकास पदाधिकारी, अररिया सदर, त बैंक में नहीं जमा करा कर डेहटी अररिया के रूप में पदस्थापन अवधि के दौरान इंदिरा आवास की राशि राष्ट्रीय—त बैंक में नहीं जमा करा कर डेहटी अररिया के रूप में पदस्थापन अवधि के दौरान इंदिरा आवास की राशि राष्ट्रीय में जमा कर इंदिरा आवास योजना की मार्गदर्शिका के विपरीत कार्य करने, उच्चाधिकारियों के आदेश की पैक्स में जमा कर इंदिरा आवास योजना की मार्गदर्शिका के विपरीत कार्य करने, उच्चाधिकारियों के आदेश की में जमा कर इंदिरा आवास योजना की मार्गदर्शिका के विपरीत कार्य करने, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने, इंदिरा आवास मद की राशि के दुरूपयोग, गबन तथा कदाचार का मार्ग प्रशस्त करने तथा इंदिरा अवहेलना करने, इंदिरा आवास मद की राशि के दुरूपयोग, गबन तथा कदाचार का मार्ग प्रशस्त करने तथा इंदिरा अवहेलना करने, इंदिरा आवास मद की राशि के दुरूपयोग, गबन तथा कदाचार का मार्ग प्रशस्त करने तथा इंदिरा दि प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प संख्या आवास के लाभार्थियों के चयन में भारी अनियमितता बरतने इत्या आवास के लाभार्थियों के चयन में भारी अनियमितता बरतने इत्यादि प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प संख्या 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही चलायी गई। 9513 दिनांक 23.09.2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही चलायी गई। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत पाया गया कि विभागीय कार्यवाही के फलस्वरूप संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत पाया गया कि विभागीय कार्यवाही के फलस्वरूप ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव द्वारा दिनांक 31 2008 को समर्पित स्थल जाँच प्रतिवेदन, जिसमें आरोपित ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव द्वारा दिनांक 31.12.2008 को समर्पित स्थल जाँच प्रतिवेदन, जिसमें आरोपित पदाधिकारी का नाम उक्त स्थल जाँच प्रतिवेदन में अंकित है, को आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' में अंतर्विष्ट आरोपों को सिद्ध पदाधिकारी का नाम उक्त स्थल जाँच प्रतिवेदन में अंकित है, को आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' में अंतर्विष्ट आरोपों को सिद्ध पदाधिकारी का नाम उक्त स्थल जाँच प्रतिवेदन में अंकित है, को आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' में अंतर्विष्ट आरोपों को सिद्ध करने हेतु साक्ष्य नहीं बनाया गया। 02.2010 द्वारा ग्रामीण उक्त के आलोक में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध वि विकास विभाग से पूरक आरोप-पत्र गठित कर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त विकास विभाग से पूरक आरोप-पत्र गठित कर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त विकास विभाग से पूरक आरोप-पत्र गठित कर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त पूरक आरोप-पत्र के आलोक में मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) पूरक आरोप-पत्र के आलोक में मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) पूरक आरोप-पत्र के आलोक में मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-18(1) के तहत विभागीय कार्यवाही में अग्रेतर विस्तृत जाँच करने का अनुरोध आयुक्त, नियमावली, 2005 के नियम-18(1) के तहत विभागीय कार्यवाही में अग्रेतर विस्तृत जाँच करने का अनुरोध आयुक्त, नियम-18(1) के तहत विभागीय कार्यवाही में अग्रेतर विस्तृत जाँच करने का अनुरोध आयुक्त, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ-सह-संचालन पदाधिकारी से किया गया। पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ-सह-संचालन पदाधिकारी से किया गया। मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोप निम्नवत् हैः- 1. आरोप 01ः--डेहटी पैक्स में नियम के विरूद्ध आरोप 01ः--डेहटी पैक्स में नियम के विरूद्ध इंदिरा आवास योजना का राशि जमा करना। 2. आरोप 02ः-डेहटी पैक्स के प्रबंधक एवं बिचौलिये के मिलीभगत से डेहटी पैक्स में रखे गये राशि गबन कर आरोप 02ः-डेहटी पैक्स के प्रबंधक एवं बिचौलिये के मिलीभगत से डेहटी पैक्स में रखे गये राशि गबन कर आरोप 02ः-डेहटी पैक्स के प्रबंधक एवं बिचौलिये के मिलीभगत से डेहटी पैक्स में रखे गये राशि गबन कर व्यक्तिगत उपयोग करना। आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ के पत्रांक 731 दिनांक 26.03.2011 द्वारा जा आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूण्ि
2011 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध आरोपों को प्रमाणित पाया गया। समर्पित किया गया, जिसमें मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध
संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में मो0 परवेज उल्लाह से विभागीय पत्रांक 4909 दिनांक04.05. संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में मो0 परवेज उल्लाह से विभागीय पत्रांक 4909 दिनांक04 संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में मो0 परवेज उल्लाह से विभागीय पत्रांक 4909 दिनांक04 रित अवधि के बाद भी बचाव अभ्यावेदन समर्पित 2011 द्वारा कारण पृच्छा किया गया। मो0 परवेज उल्लाह द्वारा निर्धारित अवधि के बाद भी बचाव अभ्यावेदन समर्पित 2011 द्वारा कारण पृच्छा किया गया। मो0 परवेज उल्लाह द्वारा निर्धा नहीं किया गया।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 21212121 uoEcjuoEcjuoEcjuoEcj 2019201920192019 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत् बर्खास्तगी एवं निलम्बन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होने का दण्ड देने का निर्णय लिया गया। मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से विभागीय पत्रांक 6865 दिनांक 17.06.2011 द्वारा परामर्श की मांग की गई। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1526 दिनांक 14.09.2011 द्वारा दण्ड के प्रस्ताव में सहमति व्यक्त की गई। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन तथा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से प्राप्त परामर्श के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2764 दिनांक 21.02.2012 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के तहत मो0 परवेज उल्लाह को सेवा से बर्खास्त किया गया। साथ ही इनके निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त अन्य कोई राशि देय नहीं का आदेश संसूचित किया गया। विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2764 दिनांक 21.02.2012 द्वारा अधिरोपित दंड के विरूद्ध मो0 परवेज उल्लाह द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0-8915/2016 दायर किया गया। उक्त रिट याचिका में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 17.01.2019 को पारित आदेश के आलोक में मो0 परवेज उल्लाह द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी दायर किया गया है।
माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 17.01.2019 को पारित आदेश का कार्यकारी अंश निम्नवत् है :-
Since the issue of alternative remedy is raised by the State itself, this Court would direct that the review of the petitioner be considered by the respondent-authorities without raising any issue of the same being barred by delay. Let the review application under Rule 24 (2) of the Bihar CCA Rules, 2005 be filed within four weeks from today.
In the event, the same is done, the concerned authority would consider the same and dispose it of in accordance with law expeditiously by a reasoned and speaking order, preferably within a period of three months thereafter.
Writ petition stands disposed of.
मो0 परवेज उल्लाह का अपने पुनर्विलोकन अर्जी में कहना है किः-
आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, पूर्णियाँ प्रमंडल का द्वितीय जाँच प्रतिवेदन इन्हेें कभी प्राप्त नहीं हुआ। द्वितीय जाँच प्रतिवेदन जो माननीय आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित से संबंधित द्वितीय कारण पृच्छा इनसे कभी नहीं पूछा गया और न इस संबंध में इन्हें कोई पत्र प्राप्त हुआ। इन्हें बर्खास्तगी का पत्र तक कभी प्राप्त नहीं हुआ। जब अन्य पदाधिकारी को राहत मिली तो इन्होंने भी न्यायालय जाने का मन बनाया। इनका यह भी कहना है कि जब इन्हें द्वितीय विभागीय कार्यवाही के लिए पूर्णियाँ प्रमंडल भेजा गया उस समय आयुक्त द्वारा इन्हें केवल 5-10 मिनट का समय दिया गया एवं इनका नाम-पता पूछा और इन्हें वापस कर दिया गया। इनसे न बयान लिया गया न ही दर्ज किया गया और ना ही किसी साक्षी की उपस्थिति दर्ज की गयी। कोई लाभुक भी वहां उपस्थित नहीं हुए और इस प्रकार बिना कार्रवाई के TERMINATION ORDER जारी कर दिया गया। उप विकास आयुक्त, अररिया के पत्रांक 1726 दिनांक 02.12.2000 के आदेश के आलोक में जिला के अन्य कार्यालयों की तरह इनके कार्यालय का भी एक खाता डेहटी पैक्स में खाता संख्या 3221 चालू किया गया था। उक्त खाता में ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव राम बाबू सिंह एवं अशोक कुमार राकेश निरीक्षी पदाधिकारी के निरीक्षण से पूर्व ही राशि शून्य थी। किसी भी प्रकार का लेन देन बन्द था जिसका विवरण जांच प्रतिवेदन से स्पष्ट है। प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, पटना के पत्रांक 13780 दिनांक 13.10.2008 द्वारा निर्देश दिया गया था कि जिनका राशि भी पैक्स में है दिनांक 20.10.2008 के पूर्व राशि को निकाल कर राष्ट्री—त बैंक/कॉप-रेटिव बैंक में जमा कर दें। उक्त पत्र में अंकित तिथि में एक वर्ष पूर्व ही न तो पैक्स में रूपया भेजा गया और न ही किसी लाभुक के खाते में रूपया भेजा गया। यानि किसी भी प्रकार का लेन-देन बंद था। इन्हें उप विकास आयुक्त, अररिया से इस संबंध में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ था और न ही इन्होंने किसी वरीय पदाधिकारी के आदेश की कभी अवहेलना की। इनका आगे कहना है कि द्वितीय विभागीय कार्यवाही में दर्शाया गया है कि ये पलासी प्रखण्ड का प्रखंड विकास पदाधिकारी थे, जबकि ये अपने पुरे सेवा काल में कभी भी पलासी में पदस्थापित नहीं थे। इनके विरूद्ध विभाग कार्यवाही के फलाफल में श्री राम बाबू सिंह के जांच प्रतिवेदन एवं हयातपुर पंचायत के लाभुकों को प्राप्त भुगतान से संबंधित तत्कालिक प्रखंड विकास पदाधिकारी, अररिया के जाँच प्रतिवेदन का विवरण है। राम बाबू सिंह के जाँच प्रतिवेदन में तीन लाभुकों का मात्र विवरण दिया है, जो बटुरबाड़ी पंचायत के लाभुक है, जिन्हें क्रमशः 15,000 भुगतान पाया दर्शाया गया है। हो सकता है कि वो अपने आवश्यकता अनुसार रूपया प्राप्त किया हो। जहाँ तक लाभुको के चयन का प्रश्न है वह ग्राम सभा के माध्यम से किया जाता है। ग्राम सभा में जो लाभुक चुने जाते थे की सूची मुखिया, पंचायत सचिव के माध्यम से कार्यालय को प्राप्त होते थे, जिनमें लाभुकों का पूरा विवरण एवं खाता नंबर भी अंकित होता था, के आलोक में कार्यालय से ADVICE के माध्यम से उन लाभुकों के खाते में राशि TRANSFER कर दी जाती थी। ग्राम सभा में गलती से किसी लाभुक का गलत चयन हो गया हो, जांच3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 21212121 uoEcjuoEcjuoEcjuoEcj 2019201920192019 उपरांत सुधार या राशि की वसूली के अनुशंसा भी होनी चाहिए थी। जहाँ तक हियातपुर पंचायत में तात्कालिक प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन का प्रश्न है, लाभुकों का चयन ग्राम सभा द्वारा होता था। लाभुकों की सूची तत्पश्चात् लाभुकों के पूर्व विवरण एवं खाता संख्या सूची में अंकित कर पंचायत से ही मुखिया एवं पंचायत सचिव के माध्यम से कार्यालय को प्राप्त होता था। कार्यालय सहायक, प्रधान सहायक एवं नाजीर संतुष्ट होकर उक्त खाते में राशि ADVICE के माध्यम सेTRANSFER करने की अनुशंसा करते थे।
द्वितीय विभागीय कार्यवाही में वर्णित बातों से जाँच प्रतिवेदन में लाभुकों का बयान मेल नहीं है। पैक्स के द्वारा भाग मोहब्बतपुर स्कूल में कैंप लगाकर लाभुकों को राशि के वितरण की बात कही गयी है। अनेक लाभुकों का मकान भी वह अपनी संस्—ति के अनुरूप बनाया है। जाँच प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि लाभुकों को पूर्ण/आंशिक भुगतान किया गया है।
मो0 परवेज उल्लाह द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी की समीक्षा आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आलोक में की गयी। समीक्षा में पाया गया कि इनके द्वारा अपने बचाव में कोई नये तथ्य अथवा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किये गये हैं। मो0 परवेज उल्लाह को अपने बचाव के लिए संचालन पदाधिकारी द्वारा उचित अवसर दिया गया है, जैसा कि संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से स्पष्ट होता है। संचालन पदाधिकारी ने जाँच प्रतिवेदन में पूर्ण तथ्यों के विवेचनोपरान्त आरोपित पदाधिकारी को उनके कार्यकाल में 1,75,50,000/- रू0 डेहटी पैक्स मे जमा कराने तथा नियमों के विरूद्ध राष्ट्रीय—त बैंक के स्थान पर पैक्स में राशि रखने, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने का आरोप प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। आरोपित पदाधिकारी पर गठित पूरक आरोप सं0-2 के संबंध में जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया गया कि डेहटी पैक्स के प्रबन्धक एवं बिचौलिये की मिलीभगत से आरोपित पदाधिकारी द्वारा पैक्स में रखे गये राशि का गबन व्यक्तिगत उपयोग के लिये किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा यह भी प्रतिवेदित किया गया कि आरोपित पदाधिकारी के कार्यकाल अवधि में निर्गत एडभाईस की जिला पदाधिकारी, अररिया के द्वारा जाँच करायी गयी। जिला पदाधिकारी द्वारा करायी गयी जाँच में पाया गया कि डेहटी पैक्स के द्वारा किसी लाभार्थी को पास बुक उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही लाभार्थी को कोई राशि मिली। आरोपित पदाधिकारी के कार्यकाल में कुल 1,75,50,000/- रू0 की राशि बिचौलिये की मिलीभगत से व्यक्तिगत लाभ हेतु उपयोग की गयी एवं लाभार्थी को इसका लाभ नहीं मिल पाया तथा सरकारी राशि का दुरूपयोग किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा अभिमत दिया गया कि इतनी बड़ी संख्या में खाता खोलवाना एवं इतनी बड़ी राशि डेहटी पैक्स में रखना अपने आप में भ्रष्टाचार का द्योतक है। जाँच प्रतिवेदन पर मो0 परवेज उल्लाह को विभागीय पत्रांक 4909 दिनांक 04.05.2011 द्वारा अपने बचाव के लिए अवसर देते हुए कारण-पृच्छा किया गया। उक्त के बावजूद मो0 परवेज उल्लाह द्वारा बचाव-बयान समर्पित नहीं किया गया। मो0 परवेज उल्लाह के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा भी सहमति व्यक्त की गयी।
उपर्युक्त वर्णित स्थिति में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा प्रमाणित गम्भीर आरोपों के लिए मो0 परवेज उल्लाह के पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकार करने एवं इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2764 दिनांक 21.02.2012 द्वारा अधिरोपित बर्खास्तगी के दंड को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (अस्पष्ट), सरकार के अपर सचिव।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1277%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in