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((((स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 1281) ) ) ) पटन(cid:4) बिहार विद्युत विनियामक आयोग ——— अधिसूचना 21 नवम्बर 2019
सं॰ बी.ई.आर.सी.-विविध/(वि
--विद्युत अधिनियम 2003 (2003 का 36) की धारा 94(3) के -विविध/(वि.उप.)-10/18-06--विद्युत अधिनियम 2003 (2003 का 36) की धारा 94(3) के अंतर्गत प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार विधुत विनियामक आयोग की जन-सुनवाई, जिसमें विद्युत अंतर्गत प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार विधुत विनियामक आयोग की जन-सुनवाई, जिसमें विद्युत अंतर्गत प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार विधुत विनियामक आयोग की जन-सुनवाई, जिसमें विद्युत
विद्युत उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने हेतु विद्युत उपभोक्ता उपभोक्ताओं का हित निहित हो, में विद्युत उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने हेतु विद्युत उपभोक्ता उपभोक्ताओं का हित निहित हो, में
प्रतिनिधियों को अधिकृत करने के लिए बिहार विद्युत विनियामक आयोग द्वारा निम्नलिखित मार्गदर्शिका (Guidlines) प्रतिनिधियों को अधिकृत करने के लिए बिहार विद्युत विनियामक आयोग द्वारा निम्नलिखित मार्गदर्शिका ( प्रतिनिधियों को अधिकृत करने के लिए बिहार विद्युत विनियामक आयोग द्वारा निम्नलिखित मार्गदर्शिका (
बनाया जाता है :-
(क) उद्देश्य
है। भारत सरकार ने बिजली के उत्पादन, र्वामान में बिजली की मांग जरूरी आवश्यकता का रूप ले लिया है। भारत सरकार ने बिजली के उत्पादन, र्वामान में बिजली की मांग जरूरी आवश्यकता का रूप ले लिया
संचरण (ट्रॉन्समिशन) एवं वितरण को सुव्यवस्थित करने हेतु "विद्युत अधिनियम 2003" अधिसूचित किया है तथा उसके संचरण (ट्रॉन्समिशन) एवं वितरण को सुव्यवस्थित करने हेतु "विद्युत अधिनियम 2003" अधिसूचित किया है तथा उसके संचरण (ट्रॉन्समिशन) एवं वितरण को सुव्यवस्थित करने हेतु "विद्युत अधिनियम 2003" अधिसूचित किया है तथा उसके अंतर्गत "बिहार विद्युत विनियामक आयोग" का गठन कर आयोग पर विद्युत के उत्पादन, संचरण एवं वितरण के लिए अंतर्गत "बिहार विद्युत विनियामक आयोग" का गठन कर आयोग पर विद्युत के उत्पादन, संचरण एवं वितरण के लिए अंतर्गत "बिहार विद्युत विनियामक आयोग" का गठन कर आयोग पर विद्युत के उत्पादन, संचरण एवं वितरण के लिए विनियमावली (Regulation) बनाने एवं उनका टैरिफ (विक्रय दर) निर्धारित करने का दायित्व सौपा है। उक्त विद्युत ) बनाने एवं उनका टैरिफ (विक्रय दर) निर्धारित करने का दायित्व सौपा है। उक्त विद्युत ) बनाने एवं उनका टैरिफ (विक्रय दर) निर्धारित करने का दायित्व सौपा है। उक्त विद्युत अधिनियम के द्वारा आयोग को एक तरफ विद्युत कम्पनियों को विनियमित करने तथा सरकार के नीतियों को कार्यान्वित अधिनियम के द्वारा आयोग को एक तरफ विद्युत कम्पनियों को विनियमित करने तथा सरकार के नीतियों को कार्यान्वित अधिनियम के द्वारा आयोग को एक तरफ विद्युत कम्पनियों को विनियमित करने तथा सरकार के नीतियों को कार्यान्वित
े संरक्षण का दायित्व भी आयोग पर है। इसीलिए करने की शक्ति दी गयी है तो दूसरी ओर उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण का दायित्व भी आयोग पर है। इसीलिए करने की शक्ति दी गयी है तो दूसरी ओर उपभोक्ताओं के हितों क
आयोग विनियमावली बनाने, टैरिफ निर्धारित करने एवं विद्युत से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने के समय आम नागरिक आयोग विनियमावली बनाने, टैरिफ निर्धारित करने एवं विद्युत से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने के समय आम नागरिक आयोग विनियमावली बनाने, टैरिफ निर्धारित करने एवं विद्युत से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने के समय आम नागरिक एवं हितधारकों (जिनका हित निहित हो) से सलाह, मंतव्य एवं आपाि आमंत्रित कर उन पर जन-सुनवाई कर समुचित एवं हितधारकों (जिनका हित निहित हो) से सलाह, मंतव्य एवं आपाि आमंत्रित कर उन पर जन-सुनवाई कर समुचित एवं हितधारकों (जिनका हित निहित हो) से सलाह, मंतव्य एवं आपाि आमंत्रित कर उन पर जन-सुनवाई कर समुचित नर्णय लेता है, परंतु ऐसा पाया जाता है कि उपरोक्त निहित आयोजित जन-सुनवाई में उपभोक्ताओं के एक बडे़ वर्ग निर्णय लेता है, परंतु ऐसा पाया जाता है कि उपरोक्त निहित आयोजित जन-सुनवाई में उपभोक्ताओं के एक बडे़ वर्ग नर्णय लेता है, परंतु ऐसा पाया जाता है कि उपरोक्त निहित आयोजित जन-सुनवाई में उपभोक्ताओं के एक बडे़ वर्ग का प्रतिनिधित्व नही है क्योंकि औद्योगिक ईकाइयों के समूह (बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन/बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स का प्रतिनिधित्व नही है क्योंकि औद्योगिक ईकाइयों के समूह (बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन/बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स का प्रतिनिधित्व नही है क्योंकि औद्योगिक ईकाइयों के समूह (बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन/बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22222222 uoEcjuoEcjuoEcjuoEcj 2019201920192019 एण्ड इण्डस्ट्रीज) को छोड़कर बिहार में कुटिर ज्योति/घेरलु सेवा (डी.एस.) /गैर घरेलु सेवा (एन.डी.एस)/कृषि एवं सिंचाई (आई.ए.एस.)/स्ट्रीट लाईट/छोटे-छोटे उद्योगो (एल.टी.आई.एस) के श्रेणी के उपभोक्ता संगठित नही है। प्रजातांत्रिक शासन पद्धति में विनियमावली एवं टैरिफ बनाने में उन नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है जिनके लिए ये विनियमावलियाँ अथवा टैरिफ बनायी जाती है और जिससे वे प्रभावित होते है। विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 94 (3) के अंतर्गत आयोग के समक्ष जन-सुनवाई के लिए ऐसे विचारार्थ कार्यवाहियों में प्रभावित वर्ग के उपभोक्ताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करने के लिए उनके किसी व्यक्ति को उनके प्रतिनिधि के रूप में अधिकृत करने का प्रावधान किया गया है। अतएव उनके संबंध में आर्हताएँ निम्न प्रकार होगी :-
(ख) विद्युत उपभोक्ता प्रतिनिधि के चयन हेतु र्शो
1. विद्युत उपभोक्ता प्रतिनिधियों का न कोई पद सृजित है और न ही उनकी संख्या निर्धारित है। समय-समय पर आयोग आवश्यकता के अनुरूप इनकी संख्या निर्धारित करेगा।
2. चयनित विद्युत उपभोक्ता प्रतिनिधि कोई सरकारी या आयोग के सेवक नही होंगे और न हीं उन्हें कोई पारिश्रमिक देय होगा, परंतु आयोग द्वारा आयोजित जन-सुनवाई में पटना के स्थानीय प्रतिनिधि भाग लेते है तो एक दिन के लिए 500/-रू॰ (पाँच सौ) एवं पटना के बाहर के प्रतिनिधियों को 1000/-रू॰ (एक हजार) रूपये दैनिक भाा देय होगा।
3. र्वामान में राज्य में प्राधिकृत किए जाने वाले विद्युत उपभोक्ता विद्युत प्रतिनिधियों की संख्या तत्काल 30 (तीस) होगी, जिसका संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित हैः.-
(क) प्रत्येक प्रमंडल से तीन
1. (एक प्रतिनिधि कुटिर ज्योति घरेलु एवं गैर-घरेलु उपभोक्ता) 2. एक प्रतिनिधि कृषि एवं सिंचाई
3. एक प्रतिनिधि छोटे-छोटे उद्योग धन्धे एवं शीत भंडारण (Cold Storage)
(ख) बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन-एक (राज्य स्तर पर)
(ग) बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एवं इण्डस्ट्रीज से -एक (राज्य स्तर पर)
(घ) बिहार राईस मिल्स एसोसिएशन
4. विद्युत उपभोक्ता प्रतिनिधि के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कम से कम स्नातक होगा क्योंकि अंग्रेजी का ज्ञान होना आवश्यक है।
5. उपभोक्ता प्रतिनिधि कोई निबंधित गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.) या कोई विद्युत उपभोक्ता संघ या कोई व्यक्ति भी हो सकते है।
6. विद्युत उपभोक्ता प्रतिनिधि को बिहार का संबंधित श्रेणी का विद्युत उपभोक्ता होना अनिवार्य होगा, जिन्हें उस श्रेणी के विद्युत की समस्याओं का सूक्ष्म जानकारी हो।
7. आयोग विद्युत उपभोक्ता प्रतिनिधियों को समय-समय पर विनियमों की जानकारी देने हेतु कार्यशाला आयोजित करेगा, जिसमें आने जाने तथा आवश्यकतानुसार आवासन पर होने वाले खर्च हेतु कंडिका 2 में अंकित दैनिक भाा देय होगा।
8. उपभोक्ता प्रतिनिधि की मृत्यु होने पर या स्वेक्षा से कार्य करने में असमर्थता प्रकट करने पर या अन्य कारणों से अयोग्य पाये जाने पर उनके स्थान पर नया चयन किया जायेगा।
9. उपभोक्ता प्रतिनिधि का उम्र साधारणतः न्यूनतम 25 वर्ष होगा अधिकतम उम्र की कोई सीमा नही होगी।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 22222222 uoEcjuoEcjuoEcjuoEcj 2019201920192019
(ग) उपभोक्ता प्रतिनिधियों के कार्य एवं दायित्व
1. चयनित उपभोक्ता प्रतिनिधियों को आयोग अपने राज्य स्तर या क्षेत्र स्तर पर जन-सुनवाई में भाग लेने हेतु आंमत्रित करेगा। वे स्वंय भी समाचार पत्रों में प्रकाशित विषय के आधार पर जन-सुनवाई में उपस्थित होकर मौखिक या लिखित सुझाव/मंतव्य/आपाि प्रस्तुत करेंगे। यदि उपस्थित नही होते है तो लिखित रूप से अपना सुझाव/मंतव्य/आपाि समर्पित कर सकते है।
2. चयनित प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में "उपभोक्ता जागरूकता शिविर" का आयोजन करेंगे जिसमें विद्युत कंपनियाँ एवं आयोग उनको सहायता प्रदान करेगें।
3. उपभोक्ताओं को जागरूक करने हेतु चयनित प्रतिनिधि पोस्टर या फोल्डर या फ्लैक्स बैनर वितरण करने संबंधित सहायता करेगें।
4. विद्युत उपभोक्ता प्रतिनिधियों के मोबाईल नंबर सार्वजनिक किए जायेगें ताकि अन्य उपभोक्ता उनसे सम्पर्क बना सके।
5. उपभोक्ता प्रतिनिधि यदि ग्राम पंचायत, ग्राम कचहरी, विद्यान मंडल के सदस्य निर्वाचित हो जाते है या केन्द्र/राज्य सरकार के सरकारी, अर्द्धसरकारी सेवक के रूप में नियुक्त हो जाते है, तब वे इस कार्य से स्वतः मुक्त समझे जायेगें।
6. उपभोक्ता प्रतिनिधि विद्युत उपभोक्ताओं को जागरूक करने या उनके व्यापक समस्याओं के निराकरण हेतु अपना सुझाव आयोग को भेजा करेगें।
7. अन्य कार्य जो समय-समय पर आयोग द्वारा निर्धारित किया जायेगा।
(घ) चयन की प्रक्रिया
(1) उपभोक्ता प्रतिनिधियों के चयन के लिए बिहार के प्रमुख समाचार पत्रों में संक्षिप्त विज्ञापन प्रकाशित कर विहित प्रपत्र में आवेदन प्राप्त किए जायेगें।
(2) आयोग के स्तर पर एक चयन समिति होगी जिसके द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों की समीक्षा कर योग्य आवेदकों को Short List कर सूची तैयार किया जाएगा।
(3) सीमित संख्या में योग्य आवेदकों की सूची तैयार कर आयोग को समर्पित करेगा।
(4) आयोग समिति के अनुशंसा पर विमर्श प्राप्त चयन सूची को अंतिम रूप देगा।
(5) चयन सूची की वैधता एक साल रहेगी जिसे आयोग विस्तारित कर सकता है।
आयोग के आदेश से रामेश्वर प्रसाद दास, सचिव।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1281%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in