Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 26 November 2019

Published 26 November 2019

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-11-26.1291
Languages
English, Hindi

(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 5 [(cid:19)ह(cid:4)यण 1(cid:23)41 (cid:25)श(cid:26)(cid:27)

(cid:25)स(cid:28)(cid:26) पटन(cid:4) 12(cid:23)1(cid:27) पटन(cid:4) म(cid:28)गलव(cid:4)र 2$ नव%बर 2(cid:26)1(cid:23) बिहार विधान सभा सचिवालय ——— अधिसूचना 26 नवम्बर 2019

ä~xXâCÑç∫ä∫Ñç∫CNV]OMNVCPMQR]Ñç∫ä∫—{{ÑÅÖâà=ÇàâLâì=Ñççâå=äÉâLâì=ÑçLëXÇz=OMNVGGz= íâë= ÑÅÖâà= ÑçLâì= äeââ= Éë~= Ñåìâ~Ç= OS= ìçbÅàz= OMNV= Çâë= áèàBicââÑáê= Öèîâ= cââz= ÑÅÖâà= ÑçLâì= äeââ= ÇÜ= áòÑÕXâ=êcââ=ÇâXw=ä~éâóì=ÑìXÉâçóÜ=Çë=ÑìXÉCNNS=Çë=îrêñwê=ã∞ëDX=îâpà=Öëêè=äÑÖê=áòÇâÑDâê=ÑÇXâ= íâêâ=Öp=^=

îâåëDâ=äëz=

ÅsëDçà=ìâcâ=áâKjëXz=

äÑéç=^2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:25)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:27) 2$ नव%बर 2(cid:26)1(cid:23) [वि∫स∫वि∫-18/2019] fcgkj djk/kku fookn lek/kku fo/ks;d] 2019 fcgkj djk/kku fookn lek/kku fo/ks;d] 2019 fcgkj djk/kku fookn lek/kku fo/ks;d] 2019 fcgkj djk/kku fookn lek/kku fo/ks;d] 2019

प्रस्तावना ः-बिहार वित्त अधिनियम, भाग I (बिहार अधिनियम 5/1981) [जो बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005) की धारा 94 द्वारा निरसित किये जाने के पूर्व था।] बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005), बिहार स्थानीय क्षेत्र में उपभोग, व्यवहार अथवा बिक्री हेतु मालों के प्रवेश पर कर अधिनियम, 1993, (बिहार अधिनियम 16/1993) बिहार होटल विलास वस्तु कर अधिनियम, 1988 (बिहार अधिनियम 5/1988), बिहार मनोरंजन कर अधिनियम, 1948 (बिहार अधिनियम XXXV/1948), बिहार विज्ञापन पर कर अधिनियम, 2007, [जो बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (अधिनियम 12/2017) की धारा 173 द्वारा निरसित किए जाने के पूर्व थे।], बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 1948 (बिहार अधिनियम 36/1948) [जो बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 2018 (बिहार अधिनियम 4/2018) की धारा 23 द्वारा निरसित किए जाने के पूर्व था] और केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 (अधिनियम 74/1956), के कार्यवाहियों से उत्पन्न विवादों के समाधान हेतु विधेयक। भारत-गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ।-(1) यह अधिनियम बिहार कराधान विवाद समाधान अधिनियम, 2019 कहा जा सकेगा। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) अन्यथा उपबंधित के सिवाय इस अधिनियम के उपबंध उस तारीख को प्रवृत्त होंगे, जो राज्य-कर आयुक्त राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा नियत करे :

परन्तु राज्य सरकार, इस प्रयोजनार्थ राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, उक्त तीन माह की अवधि को, अधिसूचना में यथा विनिर्दिष्ट अवधि तक परन्तु तीन माह से अनधिक के लिए बढ़ा सकेगी।

अध्याय I

प्रारम्भिक।

2. परिभाषाएं।- इस अधिनियम में जब तक कि संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो-

(क) ''अधिनियम'' से अभिप्रेत है बिहार कराधान विवाद समाधान अधिनियम, 2019; (ख) ''स्वी—त कर'' से अभिप्रेत है विधि के अधीन पक्षकार द्वारा दाखिल विवरणी में स्वीकार की गई देय कर की राशि;

(ग) ''अपील'' से अभिप्रेत है विधि के अधीन बिहार वित्त अधिनियम, 1981 की धारा 9 या बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 10 के अधीन नियुक्त और क्षेत्रीय अधिकारिता वाले राज्य-कर अपर आयुक्त (अपील) अथवा राज्य-कर संयुक्त आयुक्त (अपील) के समक्ष लम्बित अपील;

(घ) विवादित बकाया कर, शास्ति या ब्याज या फाईन से अभिप्रेत है, -

(i) प्रासंगिक अधिनियम के अन्तर्गत निर्धारिती द्वारा कर निर्धारण या पुनर्करनिर्धारण के उपरांत भुगतेय कर, चाहे जिस नाम से जाना जाए, या

(ii) प्रासंगिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार विवरणी दाखिल करने में हुए व्यतिक्रम के लिए निर्धारिती पर आरोपित शास्ति, या

(iii) अधिनियम के तहत निर्धारिती द्वारा भुगतेय ब्याज, -

(क) जो कर निर्धारण या पुनर्करनिर्धारण से पूर्व कर के विलंब भुगतान या भुगतान नहीं

करने के कारण निर्धारित; या

(ख) जो कर निर्धारण या पुनर्करनिर्धारण के पश्चात्‌ कर का भुगतान नहीं करने या कर का

कम भुगतान के लिए अवधारित, यथा स्थिति, विवाद में हो।

(ड.) ''निर्धारित कर'' से अभिप्रेत है विधि के अधीन कर-निर्धारण अथवा पुनर्करनिर्धारण आदेश के अधीन चुकाया जाने वाला विनिश्चित कर;

(च) ''विवाद'' से अभिप्रेत है विधि के अधीन जून, 2017 के 30वें दिन या उससे पहले समाप्त होने वाली किसी भी अवधि के संबंध में 31 दिसम्बर, 2019 को लंबित मामले जिसके लिए- (i) विधि के अधीन नियुक्त अथवा विहित अथवा प्राधिकृत प्राधिकारी द्वारा कर, सूद, फाईन अथवा शास्ति अधिरोपित किया गया है; या

(ii) कर निर्धारण आदेष, पुनर्करनिर्धारण आदेश, संवीक्षा आदेश या कोई अन्य आदेश पारित किया गया है; या3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2(cid:2) नव(cid:6)बर 2(cid:26)1(cid:23) (iii) अपील, पुनरीक्षण, पुनर्विलोकन, रेफेरेंश, रिट पिटीशन अथवा विशेष इजाजत से याचिका दाखिल की गई हो; या

(iv) पुनरीक्षण या पुनर्विलोकन कार्यवाही प्रारंभ की गई हो; या (v) कर, ब्याज, फाईन या शास्ति के भुगतान के लिए आवेदक को नोटिस या आदेश निर्गत किया गया हो; या

(vi) विधि के अधीन किसी भी कार्यवाही में कर, ब्याज, फाईन या शास्ति के भुगतान करने का नोटिस जारी किया गया है; या

(vii) विधि के अधीन अथवा बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 के अधीन नियुक्त अथवा विहित अथवा प्राधि—त प्राधिकारी द्वारा प्रारम्भ किये गये अथवा के समक्ष लम्बित कर, सूद, फाईन अथवा शास्ति की वसूली हेतु कार्यवाही शुरू की गई है;

(छ) ''विवादित राशि'', किसी विवाद के संबंध में, से अभिप्रेत है कोई कर, सूद, फाईन अथवा शास्ति की राशि जो पक्षकार के पास भुगतान के लिए बकाया है;

(ज) ''प्रपत्र'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के साथ संलग्न प्रपत्र; (झ) ''विधि'' से अभिप्रेत है बिहार वित्त अधिनियम, भाग I (बिहार अधिनियम 5/1981) [जो बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005) की धारा 94 द्वारा निरसित किये जाने के पूर्व था।] बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005), बिहार स्थानीय क्षेत्र में उपभोग, व्यवहार अथवा बिक्री हेतु मालों के प्रवेश पर कर अधिनियम, 1993, (बिहार अधिनियम 16/1993) बिहार होटल विलास वस्तु कर अधिनियम, 1988 (बिहार अधिनियम 5/1988), बिहार मनोरंजन कर अधिनियम, 1948 (बिहार अधिनियम XXXV/1948), बिहार विज्ञापन पर कर अधिनियम, 2007, [जो बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (अधिनियम 12/2017) की धारा 173 द्वारा निरसित किए जाने के पूर्व थे।], बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 1948 (बिहार अधिनियम 36/1948) [जो बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 2018 (बिहार अधिनियम 4/2018) की धारा 23 द्वारा निरसित किए जाने के पूर्व था] और केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 (अधिनियम 74/1956)

(ञ) ''पक्षकार'' से अभिप्रेत है कोई व्यक्ति जो विधि के अधीन विवाद का एक पक्षकार हो और इस अधिनियम के अधीन किसी विवाद के समाधान हेतु आवेदन दाखिल करता हो; (ट) ''विहित'' से अभिप्रेत जो इस अधिनियम के अधीन बनायी गयी नियमावली में विहित है; (ठ) इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ ''विहित प्राधिकारी'' से अभिप्रेत है वैसे पदाधिकारी जो बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 10 में वर्णित हैं;

(ड) ''पुनरीक्षण'' से अभिप्रेत है विधि के अधीन पुनरीक्षण के लिए आवेदन, जो न्यायाधिकरण अथवा बिहार वित्त अधिनियम, 1981 भाग I की धारा 9 या बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 10 के अधीन नियुक्त वाणिज्य-कर आयुक्त के समक्ष लम्बित हो;

(ढ़) किसी विवाद के संदर्भ में ''समाधानित'' से अभिप्रेत है ऐसे विवाद से संबंधित कार्यवाही का निपटारा और समापन;

(ण) ''समाधान-राशि'' से अभिप्रेत है वह राशि जिसका भुगतान करने पर विवाद का समाधान हो जायेगा;

(त) इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ ''वैधानिक घोषणा-पत्र/प्रमाण-पत्र'' से अभिप्रेत है वैसे घोषणा पत्र/प्रमाण पत्र जिसका उल्लेख केन्द्रीय बिक्री-कर (रजिस्ट्रेशन एवं सकलावर्त) नियमावली, 1957 के नियम 12 में है;

(थ) ''न्यायाधिकरण'' से अभिप्रेत है बिहार वित्त अधिनियम, 1981, भाग I की धारा 8 या बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 9 के अधीन गठित न्यायाधिकरण;

(द) ''विवरणीत आवर्त्त'' से अभिप्रेत है विधि के अधीन पक्षकार द्वारा विवरणी में अभिलिखित किया गया सकल आवर्त्त;

(ध) शब्दों या अभिव्यक्तियों जो इसमें परिभाषित नहीं हैं, के वही अर्थ होंगे जो विधि के अधीन क्रमशः उनके प्रति समनुदेशित किए गए हों।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:25)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:27) 2$ नव%बर 2(cid:26)1(cid:23)

अध्याय II

विवाद का समाधान

3. समाधान-राशि।- (1) इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अधीन विधि के तहत्‌ लंबित विवाद का समाधान पक्षकार के द्वारा इस निमित्त दिए गए आवेदन पर नीचे संलग्न तालिका के कॉलम-3 में विनिर्दिष्ट समाधान राशि के भुगतान पर किया जा सकेगा।

तालिका

क्रम सं0 विवाद की प्रकृति समाधान राशि
1 2 3
1. वैधानिक घोषणा-पत्र/प्रमाण-पत्र के आभाव या अप्रस्तुतीकरण के कारण सृजित बकाया कर आवेदन करने की तारीख तक आवेदक के पास उपलब्ध वैधानिक प्रपत्रों में सन्निहित कर राशि के समायोजन के पश्चात्‌ विवाद के बकाया राशि की शेष राशि का 100% या ऐसी बकाया राशि के मद में पूर्व से भुगतान की गई राशि, जो भी अधिक हो;
2. बकाया कर विवाद में बकाया कर राशि का 35% या ऐसी बकाया राशि के मद में पूर्व से भुगतान की गई राशि, जो भी अधिक हो;
3. विधि के अधीन किसी आदेश के माध्यम से अधिरोपित शास्ति या ब्याज या फाईन से उत्पन्न विवाद विवादित शास्ति या ब्याज या फाईन, यथास्थिति, की राशि का 10% या ऐसे बकाया राशि के मद मे पूर्व ं स भुगतान की गई राशि, जो भी अधिक हो; े

स्पष्टीकरण I- समाधान----राषि में स्वीकृत कर बकाया के विरूद्ध भुगतान की गई कोई राषि शामिल नहीं होगी एवं पक्षकार स्वीकृत कर की संपूर्ण राषि जमा करेगा।

स्पष्टीकरण II- जहाँ विवाद के समाधान के लिए इच्छुक किसी पक्षकार ने इस अधिनियम के आरंभ होने के पूर्व, विवादित राषि के मद में समाधान राषि के समतुल्य या अधिक राषि का भुगतान पहले ही कर दिया हो, तो उक्त राषि समाधान-राषि का भुगतान मानी जायेगी किन्तु समाधान-राशि से अधिक जमा राषि वापस नहीं की जाएगी।

स्पष्टीकरण III- जहाँ विवाद के समाधान के लिए इच्छुक किसी पक्षकार ने यदि इस अधिनियम के आरंभ होने के पूर्व, विवाद के संदर्भ में किसी राषि को जमा कर दिया हो तो उक्त राषि को समाधान-राषि का भुगतान समझा जाऐगा एवं पक्षकार को केवल अंतर-राषि का भुगतान करना होगा।

(2) तत्‌समय प्रवृत्त किसी विधि में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, किन्तु इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अधीन रहते हुए, किसी ऐसे विवाद का समाधान हो चुका माना जायेगा, जिसके संबंध में उप-धारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट राशि, विनिर्दिष्ट रीति से एवं समय के भीतर सरकारी कोषागार में जमा कर दी गई है, और उसे किसी अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष जारी नहीं रखा जाएगा।

(3) निम्नलिखित मामलों में अधिनियम की धारा 5 के अन्तर्गत विवाद समाधान आदेश पारित होने पर- (i) न्यायाधिकरण के समक्ष लम्बित पुनरीक्षण आदेश, अथवा (ii) रेफेरेन्स, अथवा (iii) रिट पिटीशन, अथवा (iv) विशेष अनुमति याचिका (स्पेशल लीव पिटीशन)

ऐसा माना जायेगा कि उक्त पुनरीक्षण, रेफेरेन्स, रिट पिटीशन अथवा विशेष अनुमति याचिका पूर्वोक्त समाधान के तहत निष्पादित कर दी गई है।

अध्याय III

विवाद के समाधान का तरीका

4. समाधान के लिए आवेदन।- विवाद के समाधान के लिए इच्छुक कोई पक्षकार अपना आवेदन विहित पदाधिकारी के समक्ष ऐसे प्रपत्र एवं रीति और समय सीमा के अन्तर्गत प्रस्तुत करेगा जैसा कि विहित किया जाय। 5. आवेदन का निष्पादन।- (1) धारा 4 एवं तदैव बनी नियमावली में वर्णित अवधि एवं आवश्यकताओं के अनुरूप जबतक आवेदन नहीं होगा तब तक किसी आवेदन पर विहित प्राधिकारी द्वारा विचार नहीं किया जायेगाः (2) धारा 4 के अन्तर्गत समर्पित आवेदन के संबंध में ऐसी रीति और समय सीमा के अन्तर्गत कार्रवाई की जायेगी जैसा कि विहित किया जाय।5 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2(cid:2) नव(cid:6)बर 2(cid:26)1(cid:23) 6. नियमों को बनाने की शक्ति।-

(1) सरकार अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकेगी।

(2) उपधारा (1) के उपबंधों के सामान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, सरकार, ऐसे सभी या किसी मामले के लिए नियम बना सकेगी जिन्हें विहित करने की अपेक्षा इस अधिनियम द्वारा की गयी है या जिनकी बावत नियम प्रावधान किये जाते हैं।

वित्तीय संलेख

बिहार वित्त अधिनियम, 1981 भाग I, बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005, बिहार प्रवेश कर अधिनियम, 1993, बिहार होटल विलासिता कर अधिनियम, 1988, बिहार मनोरंजन कर अधिनियम, 1948, बिहार विज्ञापन पर कर अधिनियम, 2007, बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 1948 और केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत दिनांक 30 जून, 2017 तक के कार्यवाहियों से उत्पन्न कर, शास्ति एवं सूद की सृजित माँग के समाधान हेतु बिहार कराधान विवाद समाधान विधेयक को अधिनियमित करने का प्रस्ताव है।

इसी उद्देश्य से बिहार कराधान विवाद समाधान विधेयक, 2019 को अधिनियमित कराना आवश्यक है। बिहार कराधान विवाद समाधान विधेयक, 2019 पर वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।

सुशील कुमार मोदी, भार-साधक सदस्य।

उद्देश्य एवं हेतु राज्य के संसाधनों में अभिवृद्धि आवश्यक है। उपर्युक्त लक्ष्य की पूर्ति हेतु राजस्व वृद्धि के लिए उपाय चिन्हित किये गये हैं। राजस्व संग्रहण में अभिवृद्धि हेतुु चिन्हित इन उपायों को कार्यान्वित करने के लिए बिहार कराधान विवाद समाधान विधेयक, 2019 को अधिनियमित करने की आवश्यकता है। यही इस विधेयक का उद्देश्य है और इसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का अभीष्ठ है।

सुशील कुमार मोदी, भार-साधक सदस्य। पटना, दिनांक-26.11.2019

बटेश्वर नाथ पाण्डेय, सचिव, बिहार विधान सभा।

————

[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)

ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 12(cid:3)1(cid:4)5(cid:6)1+1(cid:8) %ड(cid:17)'ट('प(cid:17)'? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 26 November 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-11-26.1291/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-11-26.1291.