Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 27 November 2019

Published 27 November 2019

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-11-27.48
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

निबंधन la[;k पी0टी0-40

बिहार गजट

बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-5 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

---

भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण।

---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची पृष्ठ

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। ---

पूरक

---

पूरक-क 6-9बिहार गजट, 27 uoEcj 2019 2 भाग-1 नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। —————

कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------- अधिसूचनाएं 9 जनवरी 2019 सं0 कारा/स्था0 (अधी0) 01-03/2019/8704--श्री अभय प्रताप सिंह, परीक्ष्यमान काराधीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना (प्रतिनियुक्त केन्द्रीय कारा, मोतिहारी) से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2016 के माध्यम से वाणिज्य कर पदाधिकारी के पद पर अंतिम रूप से चयन होने के फलस्वरूप उक्त पद पर योगदान देने हेतु विरमित करने का अनुरोध किया गया है। 2. विभागीय आदेश ज्ञापांक-470 दिनांक 17.01.2019 द्वारा श्री अभय प्रताप सिंह, परीक्ष्यमान काराधीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2016 के दिनांक 21.01.2019 को निर्धारित साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति प्रदान की गयी थी। वाणिज्य कर कार्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पत्रांक-2671 दिनांक 03.09.2019 द्वारा उनकी नियुक्ति वाणिज्य कर पदाधिकारी के पद पर की गयी है। 3. अतः श्री अभय प्रताप सिंह, परीक्ष्यमान काराधीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना के पद से त्याग पत्र स्वीकृत करते हुए उन्हें कमिश्नर वाणिज्य कर, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत वाणिज्य कर पदाधिकारी के पद पर योगदान देने हेतु विरमित किया जाता है। 4. यह आदेश निर्गत की तिथि से प्रभावी होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।

-------- 28 अक्तूबर 2019 सं0 कारा/स्था0 (चि0) 01-03/2019/9281--राज्य की काराओं में पदस्थापित निम्नांकित चिकित्सा पदाधिकारियों को स्थानान्तरित करते हुए उनके नाम के समक्ष स्तम्भ-5 में अंकित कारा में पदस्थापित किया जाता हैः-

क्र0 चिकित्सा पदाधिकारी का नाम ग ृह जिला वर्तमान पदस्थापित कारा का नाम नव पदस्थापित कारा का नाम
1 2 3 4 5
1 डॉ0 अरबिन्द कुमार भागलपुर आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना उपकारा, उदाकिशुनगंज
2 डॉ0 अशोक कुमार गौतम पटना उपकारा, बाढ़ उपकारा, दाउदनगर
3 डॉ0 मो0 शमीम दरभंगा उपकारा, पटना सिटी उपकारा, बेनीपट्टी
4 डॉ0 सुरेन्द्र कुमार महतो दरभंगा मंडल कारा, हाजीपुर मंडल कारा, किशनगंज
5 डॉ0 हिदायत उल्लाह पालवी पटना मंडल कारा, सासाराम उपकारा, शेरघाटी
6 डॉ0 दिपेन्द्र सिंह पटना केन्द्रीय कारा, मोतिहारी उपकारा, बगहा
7 डॉ0 शंकर नंद देव दरभंगा मंडल कारा, मधुबनी मंडल कारा, सुपौल
8 डॉ0 दिगम्बर शर्मा पूर्णियाँ मंडल कारा, अररिया मंडल कारा, मधेपुरा
9 डॉ0 शशि भूषण बाँका शहीद जुब्बा सहनी केन्द्रीय कारा, भागलपुर उपकारा, नवगछिया
10 डॉ0 राज कुमार मुंगेर मंडल कारा, लखीसराय मंडल कारा, शेखपुरा

2. सभी संबंधित काराधीक्षकों को निदेश दिया जाता है कि उपर्युक्त आदेश के आलोक में स्थानान्तरित चिकित्सा पदाधिकारियों को तुरंत विरमित कर अनुपालन प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।3 बिहार गजट, 27 uoEcj 2019

18 अक्तूबर 2019

सं0 कारा/स्था0(अधी0)-01-10/2019-8982--CWJC No.-22597/2012 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में वाद से आच्छादित बिहार कारा सेवा के 16 पदाधिकारियों का वेतनमान 01.01.1996 के प्रभाव से 6500-10500/- के स्थान पर 8000-13500/- स्वीकृत होने के फलस्वरूप वैसे पदाधिकारियों जिन्हें ए0सी0पी0/एम0ए0सी0पी0 का लाभ पूर्व से प्राप्त है, उनका वित्तीय उन्नयन (ए0सी0पी0/एम0ए0सी0पी0) को उनके नाम के समक्ष स्तंभ-3 में अंकित तिथि एवं स्तंभ-4 में अंकित वेतनमान में निम्नरूपेण संशोधित किया जाता है :-

क्र0 पदाािधकारी का नाम वित्तीय उन्नयन की तिथि वेतनमान
1 2 3 4
1 श्री सुरेन्द्र कुमार अम्बष्ठ प्रथम ए0सी0पी0-30.05.2000 द्वितीय ए0सी0पी0-01.04.2008 तृतीय एम0ए0सी0पी0-01.04.2014 10000-15200 PB-3 G.P.-7600 PB-3 G.P.-8700
2 श्री मुस्ताक अंसारी प्रथम ए0सी0पी0-09.08.1999 द्वितीय ए0सी0पी0-07.01.2008 10000-15200 PB-3 G.P.-7600
3 श्री उमाकांत शरण प्रथम ए0सी0पी0-09.08.1999 द्वितीय एम0ए0सी0पी0-01.01.2009 10000-15200 PB-3 G.P.-7600
4 श्री ओम प्रकाश गुप्ता प्रथम ए0सी0पी0-09.08.1999 द्वितीय एम0ए0सी0पी0-01.01.2009 10000-15200 PB-3 G.P.-7600
5 श्री प्रताप नारायण सिंह प्रथम ए0सी0पी0-09.08.1999 द्वितीय एम0ए0सी0पी0-01.07.2011 10000-15200 PB-3 G.P.-7600
6 श्री दिलीप कुमार सिंह प्रथम ए0सी0पी0-09.08.1999 द्वितीय एम0ए0सी0पी0-21.07.2009 तृतीय एम0ए0सी0पी0-31.03.2016 10000-15200 PB-3 G.P.-7600 PB-3 G.P.-8700
7 श्री षिवेन्द्र प्रियदर्शी प्रथम ए0सी0पी0-14.06.2005 10000-15200
8 श्री उमेश प्रसाद सिंह प्रथम ए0सी0पी0-09.08.1999 10000-15200
9 श्री नीरज कुमार झा प्रथम ए0सी0पी0-08.11.2007 PB-3 15600- 39100 G.P.-6600
10 श्री रूपक कुमार प्रथम ए0सी0पी0-10.11.2007 PB-3 15600- 39100 G.P.-6600
11 श्री जितेन्द्र कुमार प्रथम ए0सी0पी0-08.11.2007 PB-3 15600- 39100 G.P.-6600

2. वित्त विभागीय परिपत्र संख्या-3637 दिनांक 10.04.2013 के आलोक में वेतन उन्नयन निर्धारण संबंधी विकल्प अधिसूचना निर्गत की तिथि से एक माह के अन्दर लिखित रूप से कार्यालय प्रधान को देना अनिवार्य होगा।

3. उपर्युक्त किसी भी कर्मी के संबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि या पार्थक्य पाये जाने पर संबंधित पदाधिकारी को प्रदत्त ए0सी0पी0/एम0ए0सी0पी0 योजना के लाभ से संबंधित आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जाएगा तथा उन्हें भुगतान की गयी राशि की वसूली/प्रतिपूर्ति कर ली जाएगी।

बिहार राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्रशासन)।

------- पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ------- अधिसूचना 14 नवम्बर 2019

सं0 भा॰व0से0 (स्था॰)-07/2018-4136/प॰व॰--श्री अभय कुमार, भा॰व॰से॰, (2001), क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, भागलपुर अगले आदेश तक वन संरक्षक, भागलपुर अंचल, भागलपुर के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेगें।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव।बिहार गजट, 27 uoEcj 2019 4 शिक्षा विभाग ------- अधिसूचना 18 नवम्बर 2019 सं0 15/एम 1-145/2013-2665--जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना नियमावली 2014 के अध्याय 3 में वर्णित प्रावधान के तहत इस संस्थान के प्रबंधन एवं संचालन हेतु निम्न रूपेण एक शासी परिषद्‌ का गठन किया जाता है :-

ः- अध्यक्ष (पदेन) 01. माननीय शिक्षा मंत्री, बिहार 02. अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार ः- उपाध्यक्ष (पदेन) 03. प्रधान सचिव/सचिव, वित्त विभाग, बिहार या उनके द्वारा नामित ः- सदस्य

कोई पदाधिकारी

04. निदेशक, उच्च शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार ः- सदस्य ः- सदस्य 05. संस्थान के निदेशक, ः- सदस्य सचिव 06. संस्थान के सचिव प्रशासन/रजिस्ट्रार ः- सदस्य 07. मो0 एजाज अहमद, निदेशक, अरबी एवं फारसी शोध संस्थान,

पटना

08. श्री रामाशंकर आर्य, डीन, पटना विश्वविद्यालय, पटना ः- सदस्य ः- सदस्य 09. श्री पुष्पेन्द्र कुमार, प्राध्यापक एवं अध्यक्ष, टाटा इंस्टीच्यूट ऑफ

सोशल साइसेंज, पटना सेंटर

10. डॉ0 अभय कुमार, प्राध्यापक, डी0ए0वी0 कॉलेज, सीवान ः- सदस्य

नियमावली के प्रावधानानुसार शासी परिषद्‌ की बैठक वर्ष में 04 बार आयोजित होगी। बैठक के कोरम के लिए न्यून्तम 05 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरशद फिरोज, उप-सचिव।

&&&&&&&

yksd LokLF; vfHk;a=.k foHkkx

&&&&&&

vf/klwpuk,a

27 vxLr 2019

सं0 5/आ02-1055/2019-1428--श्री प्रीतिश शेखर, कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य रूपांकण एवं योजना प्रमंडल संख्या-10, पटना को कार्यहित में स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सासाराम के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

प्रवीण कुमार गुप्ता, संयुक्त सचिव।

&&&&&&

27 vxLr 2019

सं0 5/आ02-1038/2019-1430--श्री प्रसुन कुमार, कार्यपालक अभियंता (असैनिक) विशेष पदाधिकारी के तकनीकी सलाहकार, मुख्यालय पटना सम्प्रति प्रतिनियुक्त कार्यपालक अभियंता (असैनिक) लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सीतामढ़ी को कार्यहित में प्रतिनियुक्ति समाप्त कर स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सहरसा के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

सं0 5/आ02-1038/2019-1431--श्री कालिका प्रसाद, कार्यपालक अभियंता (असैनिक), जो लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सीतामढ़ी में पूर्व से पदस्थापित है, का पदस्थापन बरकरार रखते हुए अगले आदेश तक अपने कार्यों के अतिरिक्त कार्यपालक अभियंता (असैनिक) लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, शिवहर के पद पर पूर्ववत प्रतिनियुक्ति रखा जाता है। 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, प्रवीण कुमार गुप्ता, संयुक्त सचिव।5 बिहार गजट, 27 uoEcj 2019

वाणिज्य-कर विभाग

-------

अधिसूचना

21 नवम्बर 2019

क्र॰ स ॰ ं उम्मीदवारों का नाम स युक्त मेधा ं क्रमांक जन्म तिथि ग ह जिला ृ योगदान की तिथि
1 2 3 4 5 6
1. श्री अमरेश कुमार 179 05.01.1985 पटना 20.09.2019 (अपराह्‌न)

सं0 6/नि॰प्रति॰नि॰-01-02/2018-3528/वा॰कर--56वीं से 59वीं सम्मिलित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित बिहार वित्त सेवा के अन्तर्गत वाणिज्य-कर पदाधिकारी सम्प्रति राज्य-कर सहायक आयुक्त के पद पर विभागीय अधिसूचना संख्या-7082 दिनांक 11.12.2018 के आलोक में औपबंधिक रूप से नियुक्त अभ्यर्थियों द्वारा उनके नाम के सामने कॉलम-6 में अंकित वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय, बिहार, पटना में दिये गये योगदान की तिथि से पुनरीक्षित वेतनस्तर-9 रू॰-53100-167800 में बिहार वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत राज्य-कर सहायक आयुक्त (परीक्ष्यमान) के पद पर योगदान स्वी—त किया जाता है :- क्र॰ सं॰

रहेंगे एवं तद्‌नुसार उनके वेतनादि का भुगतान वाणिज्य-कर विभाग, बिहार, पटना के मुख्यालय से किया जायेगा। 3. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जनक राम, उप-सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना }kjk प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 36—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.inबिहार गजट, 27 uoEcj 2019 6

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

—————

सं0 08/आरोप-01-212/2014सा॰-12710 सामान्य प्रशासन विभाग ------ संकल्प 13 सितम्बर 2019 श्री शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-29/11, तत्कालीन उप विकास आयुक्त, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना) के विरूद्ध प्राप्त आरोप पत्र 'क' में नैतिक नीचता (Moral Turpitude) प्रधान सहायक-सह-लेखापाल को प्रताड़ित करने, बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने, बैठकों में भाग नहीं लेने, नरेगा की योजनाओं में बी॰आर॰जी॰एफ॰ की निधि से क्रय में अनियमितता का आरोप जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा प्रतिवेदित किये गये थे। उक्त प्रतिवेदित आरोप के लिये विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2762, दिनांक 26.03.2010 द्वारा श्री पाण्डेय को निलंबित किया गया एवं संकल्प ज्ञापांक-1973, दिनांक 04.02.2011 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया। विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक-707, दिनांक 29.08.2012 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा चार बिन्दुओं पर गठित आरोप में से मात्र आरोप सं॰-04 के प्रथम अंश को प्रमाणित पाया गया। यौनाचार में लिप्त रहने से संबंधित सी॰डी॰ की अनुपलब्धता के कारण उनके द्वारा उसे प्रमाणित नहीं माना गया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा सी॰डी॰ के जाँचोपरांत श्री पाण्डेय के विरूद्ध यौनाचार में लिप्त रहने का आरोप प्रमाणित पाया गया। इस संबंध में आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि सी॰डी॰ में श्री पाण्डेय द्वारा यौनाचार का स्पष्ट चित्रण है जिसकी पुष्टि विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने भी की है। प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं विधि विज्ञान प्रयोगशाला से प्राप्त सी॰डी॰ को संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-15425, दिनांक 08.11.2012 एवं विभागीय पत्रांक-15514, दिनांक 24.09.2013 के द्वारा श्री पाण्डेय से लिखित अभ्यावेदन की माँग की गयी। श्री पाण्डेय द्वारा दिनांक 16.11.2012 को अपना लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया। अपने अभ्यावेदन में उनके द्वारा आरोप सं॰-04 के प्रथम अंश के संबंध में उल्लेख किया गया कि आई॰टी॰ सेल की स्थापना हेतु क्रय समिति की बैठक विधिवत की गई। प्राप्त निविदा के आधार पर समिति के द्वारा सर्वसम्मति से कम्प्युटर हेतु मानक एवं मान्यता प्राप्त कंपनी के नाम क्रयादेश निर्गत किया गया। कम्प्यूटर एवं संदर्भित सामग्री क्रय करने संबंधी निर्णय पंचायती राज विभाग के मार्गदर्शक पत्रक का अक्षरशः पालन करते हुए किया गया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के जाँच प्रतिवेदन पर श्री पाण्डेय का कहना है कि तत्कालीन जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के द्वारा उनके विरूद्ध सोची-समझी साजिश के तहत षड्‌यंत्रकारी आरोप लगाये गये है। विभागीय जाँच आयुक्त के द्वारा भी इस आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया है। श्री पाण्डेय के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं श्री पाण्डेय द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि श्री पाण्डेय के विरूद्ध प्रतिवेतिद आरोपों में से आरोप सं॰-04 का प्रथम अंश विभागीय जाँच आयुक्त के द्वारा प्रमाणित पाया गया। यौनाचार में लिप्त रहने के आरोप से संबंधित सी॰डी॰ की अनुपलब्धता के कारण संचालन पदाधिकारी के द्वारा प्रमाणित नहीं माना गया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के द्वारा सी॰डी॰ में जाँचोपरांत सी॰डी॰ C1, C2, C3 (श्री पाण्डेय के डिजिटल फोटोग्राफ) के पुरूष के समान है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के प्रतिवेदन के आधार पर श्री पाण्डेय के विरूद्ध यौनाचार में लिप्त रहने का आरोप प्रमाणित है, जो सरकारी सेवक के आचरण के विरूद्ध है, तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (i)(iii) के प्रतिकूल है। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री पाण्डेय को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रंण एवं अपील) संशोधन, 2007 के नियम-14(xi) के तहत सेवा से बर्खास्त किये जाने एवं निलंबन अवधि में जीवन-यापन भत्ता के अतिरिक्त अन्य कोई राशि का भुगतान नहीं करने का निर्णय लिया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा निरूपित दंड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श हेतु अनुरोध किया गया। आयोग ने अपने पत्रांक-948, दिनांक 18.07.2014 द्वारा परामर्श दिया7 बिहार गजट, 27 uoEcj 2019 कि-'' सम्यक्‌ विचारोपरांत आयोग को स्पष्ट हुआ कि उपर्युक्त आरोपों के परिपेक्ष्य में प्रस्तावित दंड अनुपातिक नहीं है। अतः आयोग विभागीय दंड प्रस्ताव से असहमति व्यक्त करता है। '' आयोग से प्राप्त परामर्श के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा श्री पाण्डेय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी एवं विधि विज्ञान प्रयोगशाला से प्राप्त जाँच प्रतिवेदनों की पुनः समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत आरोपो को प्रमाणित पाते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांंक 13026 दिनांक 18.06.2014 द्वारा श्री पाण्डेय को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रंण एवं अपील) संशोधन, 2007 के नियम-14(xi) के तहत निलंबन से मुक्त करते हुए निम्नाकिंत शास्ति अधिरोपित किया गया :- (1) एक वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोक, (2) सेवानिवृत्ति तक स्थायी रूप से प्रोन्नति पर रोक (3) निन्दन एवं

(4) निलंबन अवधि में जीवन-निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ भी देय नहीं।

उक्त संसूचित दंडादेश के विरूद्ध श्री पाण्डेय द्वारा मा0 उच्च न्यायालय, पटना में CWJC सं0 13854/16 दायर किया गया, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 12.07.2019 को पारित आदेश का कार्यकारी अंश निम्नवत्‌ है :-

"In such view of the matter, the impugned order of punishment is set aside for the present and the matter is remanded back to the enquiry officer to hold an inquiry with regard to charge no. 1 only after giving a report of Forensic Science Laboratory to the petitioner and whatever the plea has been taken by him will be considered in accordance with law.

However, it is made clean that the petitioner has already been superannuated from service, so only the proceeding may initiated under Section 43 (B) of the Bihar Pension Rules. With the aforesaid observations and directions, this write application stands allowed." उक्त न्यायादेश के आलोक में मामले की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक्‌ विचारोपरांत श्री पाण्डेय को संसूचित दंडादेश को वापस लेने एवं न्यायादेश के अनुरूप उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिये गये उक्त निर्णय के आलोक में श्री पाण्डेय को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13026 दिनांक 18. 09.2014 द्वारा संसूचित दंड को वापस लिया जाता है।

2. साथ ही मामले की जांच हेतु श्री पाण्डेय के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करते हुए मुख्य जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा उप विकास आयुक्त, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को उपस्थापन/ प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, अवर सचिव।

------ सं0 08/आरोप-01-117/2015, सा॰प्र॰-14169 ------ संकल्प 16 अक्तूबर 2019 श्री विनोद कुमार ठाकुर, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-567/11 के विरूद्ध विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, गंडक योजना, मुजफ्फरपुर के पदस्थापन काल के दौरान भू-अर्जन के क्रम में अनियमित रूप से पंचाट घोषित कर सरकार को आर्थिक क्षति पहुँचाने संंबंधी आरोपों के लिए जल संसाधान विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1985 दिनांक 25.11.2015 एवं पत्रांक-1520 दिनांक 07.09.2016 द्वारा क्रमशः आरोप पत्र (प्रपत्र 'क') एवं पूरक आरोप पत्र (प्रपत्र 'क') अनुशासनिक कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ। उक्त के आधार पर विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशानिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र (प्रपत्र 'क') की प्रति संलग्न करते हुए पत्रांक-15320 दिनांक 14.11.2016 द्वारा श्री ठाकुर से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री ठाकुर का स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4857 दिनांक 25.04.2017 द्वारा श्री ठाकुर के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की वृहद जाँच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. संयुक्त आयुक्त (विभागीय जाँच) तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-27 दिनांक 31.07.2018 द्वारा श्री ठाकुर के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री ठाकुर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप सं॰-01, 02, 03, 04, 05, 07 तथा 08 को प्रमाणित आरोप सं॰-06 को प्रथम द्रष्टया प्रमाणित तथा आरोप सं॰-09 (i), (ii) को आंशिक प्रमाणित तथा आरोप सं॰-09 (iii), (iv) एवं (v) को प्रमाणित होने का अन्तिम निष्कर्ष दिया गया। उक्त जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-11819 दिनांक 04.09.2018 द्वारा प्रमाणित आरोपों पर श्री ठाकुर से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। श्री ठाकुर का लिखित अभिकथन (दिनांक 05.10.2018) प्राप्त हुआ। श्री8 बिहार गजट, 27 uoEcj 2019 ठाकुर द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन में उन्हीं तथ्यों का उल्लेख किया गया, जो उनके द्वारा विभागीय कार्यवाही के क्रम में संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित स्पष्टीकरण/बचाव बयान में किया गया। उनके द्वारा किसी नये तथ्य का उल्लेख नहीं किया गया। 3. श्री ठाकुर के विरूद्ध गठित आरोप पत्र (प्रपत्र 'क'), संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं श्री ठाकुर द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्री ठाकुर द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया तथा प्रमाणित आरोपों के लिए श्री ठाकुर के विरूद्ध (i) निन्दन (ii) संचयी प्रभाव से कालमान वेतन में दो प्रक्रम पर अवनति का दंड विनिश्चित किया गया। उक्त विनिश्चित दंड पर विभागीय पत्रांक-8788 दिनांक 02.07.2019 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से मंतव्य की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1573 दिनांक 26.09.2019 द्वारा आयोग की पूर्ण पीठ द्वारा उक्त विनिश्चित दंड पर सहमति व्यक्त किया गया। उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरांत श्री विनोद कुमार ठाकुर, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-567/11 के तत्कालीन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, गंडक योजना, मुजफ्फरपुर को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के सुसंगत प्रावधानों के तहत निम्न शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है :- (i) निन्दन, (ii) संचयी प्रभाव से कालमान वेतन में दो प्रक्रम पर अवनति का दंड। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, अवर सचिव।

------ सं0 08/आरोप-01-212/2014सा॰-14814 ------ संकल्प 30 अक्तूबर 2019 श्री सुशील कुमार मिश्र, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1014/11 (1438/2004) तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, परैया, गया के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, गया द्वारा योजनाओं में अनियमितता का आरेाप प्रतिवेदित किया गया। उक्त प्रतिवेदित आरोप के लिये विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5218, दिनांक 18.05.2007 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया, जियके लिए आयुक्त पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-1084, दिनांक 20.10.2008 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। श्री मिश्र के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के जांच प्रतिवेदन एवं संचिका में उपलब्ध तथ्यों के समीक्षोपरांत श्री मिश्र के विरूद्ध योजना के कार्यो में अनियमितता बरते जाने संबंधी आरोप प्रमाणित पाया गया। श्री मिश्र को उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2158 दिनांक 24.03.2009 द्वारा दो वेतन वृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दंड संसूचित किया गया। 3. उक्त संसूचित दंडादेश के विरूद्ध श्री मिश्र द्वारा मा0 उच्च न्यायालय, पटना में CWJC सं0 10450/2011 दायर किया गया, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 15.07.2019 को पारित आदेश का मुख्य कार्यकारी अंश निम्नवत्‌ है :-

"6. Once the Authorities resorted to the procedure prescribed under Rule 17 of the Bihar Government Servants (Classification, Control & Appeal) Rules, 2005 (for brevity, Bihar CCA Rules) by issuance of a charge memo and had subjected the petitioner to an enquiry, they were required to observe the prescribed procedure thereafter before arriving at a final conclusion having penal consequences. The magnitude of the penal consequence is irrelevant in the circumstance. From the records, it appears that without issuing any second show cause notice as required in the Bihar CCA Rules, petitioner has been visited with the order of punishment dated 24.03.2009. The order of punishment is, therefore, quashed.

7 The consequential order dated 21.08.2009 giving effect to the order of punishment, therefore, stands quashed.

8 The petitioner has also filed Review under Rule 24 (2) of the Bihar CCA Rules. The same has been rejected by Annexure 11 dated 24.03.2011 merely affirming the illegal order of punishment. Since the order of punishment has already been quashed, the same must also collapse and the same is quashed.

9 On the basis of the enquiry report, it would be open to the Enquiry Officer to take appropriate action in accordance with law.

9 बिहार गजट, 27 uoEcj 2019

10 Writ petition stands disposed of." 4. उक्त न्यायादेश के आलोक में मामले की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक्‌ विचारोपरांत श्री मिश्र को संसूचित दंडादेश (विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5158 दिनांक 24.03.2009) तथा पुर्नविलोकन अर्जी अस्वीकृत करने से संबंधित विभागीय पत्रांक 3277 दिनांक 24.03.2011 को वापस लिया जाता है।

5. माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 15.07.2019 को पारित न्यायादेश के कंडिका-09 के अनुरूप श्री मिश्र के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 मेें विहित प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही जारी रखते हुए जांच पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के Stage से अग्रेत्तर कार्रवाई करने का निर्णय भी लिया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, अवर सचिव।

------ सं0 08/आरोप-01-31/2019,सा॰प्र॰-14893 ------ संकल्प 31 अक्तूबर 2019 श्री सुधीर कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1345/11, जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, रोहतास को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के निगरानी टीम द्वारा दिनांक 21.08.2019 को परिवादी श्री गोवर्द्धन सिंह से 90,000/- (नब्बे हजार) रूपये रिश्वते लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर केन्द्रीय कारा, बेउर पटना भेजे जाने तथा उनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं॰-036/2019 दिनांक 21.08.2019 धारा-7(a) भ्र॰नि॰अधि॰, 1988 (संशोधित नियम-2018) दर्ज होने की सूचना खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-4633 दिनांक 28.09.2019 द्वारा उपलब्ध कराते हुए विधि सम्मत अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है। उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(1)(क) एवं (ग) तथा 9(2) के प्रावधानों के तहत श्री सुधीर कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1345/11, जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, रोहतास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की तिथि दिनांक 21.08.2019 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया जाता है। निलंबित अवधि में श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-10 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, अवर सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना }kjk प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 36—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 27 November 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-11-27.48/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-11-27.48.