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अधिसूचना
29 सितम्बर 2018
सं॰ 842--पटना जिलान्तर्गत श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, बिहार राज्य पटना जिलान्तर्गत श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली,
जिसकी निबंधन सं0- 4476, दिनांक धार्मिक न्यास पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4476, दिनांक धार्मिक न्यास पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, 24.01.2018 है।
इस न्यास के संबंध में स्थानीय जनता का एक आवेदन पर्षद को प्राप्त हुआ, जिसमें न्यास के संबंध में सूचना दी इस न्यास के संबंध में स्थानीय जनता का एक आवेदन पर्षद को प्राप्त हुआ, जिसमें न्यास के संबंध में सूचना दी इस न्यास के संबंध में स्थानीय जनता का एक आवेदन पर्षद को प्राप्त हुआ, जिसमें न्यास के संबंध में सूचना दी 2017 द्वारा अंचल अधिकारी गयी तथा निबंधन किये जाने का अनुरोध किया ग गयी तथा निबंधन किये जाने का अनुरोध किया गया। पर्षदीय पत्रांक- 3304, दिनांक 27.03.2017 द्वारा अंचल अधिकारी सदर पटना को न्यास की जाँच हेतु पत्र दिया गया। न्यास का पर्षद के द्वारा स्थल निरीक्षण भी करवाया गया। स्थल सदर पटना को न्यास की जाँच हेतु पत्र दिया गया। न्यास का पर्षद के द्वारा स्थल निरीक्षण भी करवाया गया। स्थल निरीक्षण में मन्दिर को प्राचीन एवं सार्वजनिक पाया गया तथा इसका प्रबंधन स्थानीय जनता के द्वारा किया जाना निरीक्षण में मन्दिर को प्राचीन एवं सार्वजनिक पाया गया तथा इसका प्रबंधन स्थानीय जनता के द्वारा किया जाना निरीक्षण में मन्दिर को प्राचीन एवं सार्वजनिक पाया गया तथा इसका प्रबंधन स्थानीय जनता के द्वारा किया जाना प्रकाष में आया। मन्दिर के निबंधन हेतु श्री नीरज कुमार आजाद (आवेदक) से शपथ-पत्र भी प्राप्त किया गया। प्रकाष में आया। मन्दिर के निबंधन हेतु श्री नीरज कुमार आजाद (आवेदक) से शपथ-पत्र भी प्राप्त किया गया प्रकाष में आया। मन्दिर के निबंधन हेतु श्री नीरज कुमार आजाद (आवेदक) से शपथ-पत्र भी प्राप्त किया गया तद्उपरान्त न्यास का निबंधन पर्षद में किया गया। पर्षद को पत्र दिनांक 05.02.2018 द्वारा आम सभा में चयनित 2018 द्वारा आम सभा में चयनित तद्उपरान्त न्यास का निबंधन पर्षद मे 2018 द्वारा उक्त सूची को सदस्यों की सूची न्यास समिति गठन हेतु प्राप्त ह सदस्यों की सूची न्यास समिति गठन हेतु प्राप्त हुयी। पर्षदीय पत्रांक-2536, दिनांक 05.03.2018 द्वारा उक्त सूची को षत किया गया। थाना से प्रतिवेदन नहीं प्राप्त हुआ परन्तु लोक थाना प्रभारी, आलमगंज को चरित्र सत्यापण हेतु प्रेषित किया गया। थाना से प्रतिवेदन नहीं प्राप्त हुआ परन्तु लोक थाना प्रभारी, आलमगंज को चरित्र सत्यापण हेतु प्रेि सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत वरीय पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से प्रस्तावित न्यास समिति के सात सदस्यों सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत वरीय पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से प्रस्तावित न्यास समिति के सात सदस्यों सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत वरीय पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से प्रस्तावित न्यास समिति के सात सदस्यों का चरित्र सत्यापन प्राप्त हुआ। प्राप्त सूच 2018 को न्यास स्थल पर चस्पा का चरित्र सत्यापन प्राप्त हुआ। प्राप्त सूची को पर्षदीय पत्रांक-707, दिनांक 11.09.2018 को न्यास स्थल किया गया। निर्धारित समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी किसी प्रकार की कोई आपत्ति पर्षद कार्यालय को प्राप्त किया गया। निर्धारित समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी किसी प्रकार की कोई आपत्ति पर्षद कार्यालय को प्राप्त किया गया। निर्धारित समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी किसी प्रकार की कोई आपत्ति पर्षद कार्यालय को प्राप्त नहीं हुयी है।
उपरोक्त परिस्थिति में उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास उपरोक्त परिस्थिति में उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास उपरोक्त परिस्थिति में उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास न्तर्गत एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति का गठन अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति का गठन अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के अ आवष्यक प्रतीत होता है। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 4444 दिसम्बरदिसम्बरदिसम्बरदिसम्बर 2019201920192019 योजना '' श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम '' श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की '' श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की '' श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, पटना''मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, पटना''मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, पटना''मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम '' श्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडश्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडश्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडश्री श्री द्वय महावीर स्थान, गुड़ की मंडी, अरफाबाद, राजपूत टोली, पटना'' ी, अरफाबाद, राजपूत टोली, पटना'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल ी, अरफाबाद, राजपूत टोली, पटना'' ी, अरफाबाद, राजपूत टोली, पटना'' संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्तियों की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ, तीर्थ-यात्री एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय, न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में, आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के बजट, आय-व्यय की विवरणी, पर्षद शुल्क, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। 6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझी जाय, तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि, यदि कोई हो तो, उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) श्री किषोरी प्रसाद, पिता-स्व0 बद्री साव, पटना - अध्यक्ष (2) श्री नीरज कुमार आजाद, पिता-स्व0 बद्री पासवान, पटना - सचिव (3) श्री मनोज साव, पिता-स्व0 मथुरा साव, पटना - कोषाध्यक्ष (4) श्री जानकी महतो, पिता- स्व0 रघुवीर महतो, पटना - सदस्य (5) श्री रामनाथ पंडित, पिता-स्व0 भोला पंडित, पटना - सदस्य (6) श्री राजू कुमार, पिता- श्री बैजू प्रसाद, पटना - सदस्य (7) श्री अमित कुमार अलबेला, पिता- स्व0 नथुनी महतो, पटना - सदस्य
13. उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल, अधिसूचना का गजट प्रकाषन होने की तिथि से अगले 05 वर्षों का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति की निरन्तरता पर यथोचित निर्णय लिया जा सकेगा।
विश्वासभाजन, अखिलेष कुमार जैन, प्रशासक।
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