Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 13 December 2019

Published 13 December 2019

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2019-12-13.1333
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:20)0-40 िनबंधन सं(cid:10)या

ॢबह(cid:4)र

ह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 22 vxzgk;.k 1(cid:22)41 (cid:24)श(cid:15)(cid:25) 22

((((स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 1333) ) ) ) पटन(cid:4)

पटन(cid:4)(cid:26) 'kqØokj(cid:26) 13 fnlEcj 2019201920192019 सं॰ 08/आरोप-01-30/2016-सा॰प्र॰-16237 सं॰ 08/आरोप-01- सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 29 नवम्बर 2019

रने की अनुशंसा की गयी।

2003 को मृत्यु के उपरांत उनके मंडल कारा, सासाराम के विचाराधीन बंदी संजीत कुमार की दिनांक 23.04.2003 को मृत्यु के उपरांत उनके मंडल कारा, सासाराम के विचाराधीन बंदी संजीत कुमार की दिनांक 23 पिता श्री रासबिहारी राम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में रिट याचिका दायर किया गया। एतद्‌ संबंधी पिता श्री रासबिहारी राम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में रिट याचिका दायर किया गया। एतद्‌ संबंधी पिता श्री रासबिहारी राम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में रिट याचिका दायर किया गया। एतद्‌ संबंधी 2011 को पारित न्यायादेश में मृत बंदी संख्या-6102/2006 में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 17.05.2011 को पारित न्यायादेश में मृत बंदी सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-6102/2006 में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 17 के याचिका कर्त्ता पिता को 250000/- रूपया मुआवजा देने एवं मजिस्टेरियल जांच में विलंम्ब एवं दोषपूर्ण जांच के के याचिका कर्त्ता पिता को 250000/- रूपया मुआवजा देने एवं मजिस्टेरियल जांच में विलंम्ब एवं दोषपूर्ण जांच के के याचिका कर्त्ता पिता को 250000/- रूपया मुआवजा देने एवं मजिस्टेरियल जांच में विलंम्ब एवं दोषपूर्ण जांच के लिए दोषी पदाधिकारियों से इसकी वसूली करने का निदेश दिया गया। जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम द्वारा वसूली करने का निदेश दिया गया। जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम द्वारा मुआवजा की राशि का भुगतान याचिका कर्त्ता को कर दिया गया। कारा महानिरीक्षक, बिहार, पटना के पत्रांक-1515 मुआवजा की राशि का भुगतान याचिका कर्त्ता को कर दिया गया। कारा महानिरीक्षक, बिहार, पटना के पत्रांक-1515 मुआवजा की राशि का भुगतान याचिका कर्त्ता को कर दिया गया। कारा महानिरीक्षक, बिहार, पटना के पत्रांक-1515 2012 द्वारा मुआवजा की राशि की वसूली संबंधित दोषी पदाधिकारियों से करने की अनुशंसा की गयी। दिनांक 11.04.2012 द्वारा मुआवजा की राशि की वसूली संबंधित दोषी पदाधिकारियों से क उक्त क्रम में विभागीय पत्रांक 7718 दिनांक 30 2012 द्वारा श्री शालीग्राम साह, बि0प्र0से0 एवं श्री सूर्य उक्त क्रम में विभागीय पत्रांक 7718 दिनांक 30.05.2012 द्वारा श्री शालीग्राम साह, बि0प्र0से0 एवं श्री सूर्य नारायण सिंह, बि0प्र0से0 से न्यायादेश के अनुपालन में मुआवजा की राशि वसूली हेतु स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री नारायण सिंह, बि0प्र0से0 से न्यायादेश के अनुपालन में मुआवजा की राशि वसूली हेतु स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री नारायण सिंह, बि0प्र0से0 से न्यायादेश के अनुपालन में मुआवजा की राशि वसूली हेतु स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री शालीग्राम साह, बि0प्र0से0 द्वारा अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक 35 दिनांक 27 2012) उपलब्ध कराया गया। श्री साह से े0 द्वारा अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक 35 दिनांक 27.06.2012) उपलब्ध कराया गया। श्री साह से प्राप्त स्पष्टीकरण पर कारा विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, गृह (कारा) विभाग, प्राप्त स्पष्टीकरण पर कारा विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, गृह (कारा) विभाग, प्राप्त स्पष्टीकरण पर कारा विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, गृह (कारा) विभाग, रण पर अपना मंतव्य उपलब्ध कराया गया। बिहार, पटना के पत्रांक 4022 दिनांक 06.07.2016 द्वारा श्री साह के स्पष्टीकरण पर अपना मंतव्य उपलब्ध कराया गया। बिहार, पटना के पत्रांक 4022 दिनांक 06 जिसमें श्री साह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को असंतोषदप्रद बताया गया।'' जिसमें श्री साह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को असंतोषदप्रद बताया गया।''तदुपरांत न्यायादेश के अनुपालन में मुआवजा की राशि वसुली के लिए श्री साह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही तदुपरांत न्यायादेश के अनुपालन में मुआवजा की राशि वसुली के लिए श्री साह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही तदुपरांत न्यायादेश के अनुपालन में मुआवजा की राशि वसुली के लिए श्री साह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही रा महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना संचालन के निमित विभागीय पत्रांक 11485 दिनांक 24.08.2016 द्वारा महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना संचालन के निमित विभागीय पत्रांक 11485 दिनांक 24 से आरोप पत्र की मांग की गयी। कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक 5780 दिनांक 20.09.2016 द्वारा श्री से आरोप पत्र की मांग की गयी। कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक 5780 दिनांक 20 से आरोप पत्र की मांग की गयी। कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक 5780 दिनांक 20 मंडल कारा, सासाराम के विचाराधीन बंदी संजीत कुमार साह, तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी, सासाराम के विरूद्ध मंडल कारा, सासाराम के विचाराधीन बंदी संजीत कुमा साह, तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी, सासाराम के विरूद्ध की दिनांक 23.04.2003 को कारा अस्पताल के शौचालय में फाँसी लगाकर आत्महत्या किये जाने संबंधी घटना की 2003 को कारा अस्पताल के शौचालय में फाँसी लगाकर आत्महत्या किये जाने संबंधी घटना की 2003 को कारा अस्पताल के शौचालय में फाँसी लगाकर आत्महत्या किये जाने संबंधी घटना की जमा नहीं करने से संबंधित आरोप दोषपूर्ण मजिस्टेरियल जाँच करने एवं जांच में काफी विलंब करने तथा एम.ई.आर. जमा नहीं करने से संबंधित आरोप दोषपूर्ण मजिस्टेरियल जाँच करने एवं जांच में काफी विलंब करने तथा एम पत्र उपलब्ध कराया गया। प्राप्त आरोप पत्र के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र पुनर्गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र पुनर्गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र पुनर्गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त करते हुए विभागीय पत्रांक 8823 दिनांक 02.07.2019 द्वारा श्री साह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। 2019 द्वारा श्री साह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अनुमोदन प्राप्त करते हुए विभागीय पत्रांक 8823 दिनांक 02 समें उन्होंने अपने उपर इस क्रम में श्री साह ने अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक 125 दिनांक 30.07.2019) समर्पित किया, जिसमें उन्होंने अपने उपर इस क्रम में श्री साह ने अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक 125 दिनांक 30 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11113333 fnlEcj fnlEcj fnlEcj fnlEcj 2019201920192019 लगाये गये अरोपों का प्रतिकार करते हुए सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-6102/2006 में पारित न्यायादेश के अनुरूप राशि की वसूली को क्षांत करने एवं विभागीय कार्यवाही को निरस्त करने का अनुरोध विभाग से किया। सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-6102/2006 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश, गठित आरोप पत्र एवं श्री साह से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। जिसमें पाया गया कि पूर्व में सी0डब्ल्यू0जे0सं0-6102/2006 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में श्री साह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर प्रभारी पदाधिकारी कारा एव सुधार सेवाएं, गृह विभाग (कारा), बिहार, पटना से मंतव्य प्राप्त हुआ, जो निम्नवत हैः-

''श्री शालीग्राम साह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में वस्तुनिष्ठ तथ्य या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं की गयी है, जिससे यह प्रमाणित हो कि मजिस्टेरियल जांच प्रतिवेदन समर्पित करने में इनके स्तर से विलंब नहीं किया गया है। यद्यपि इन्होंने अपने स्पष्टीकरण में जिला पदाधिकारी, रोहतास का पत्रांक 1617/गो0 दिनांक 02.06.2003 (जिसके द्वारा उन्हें घटना का जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया था) तथा 26 दिनों के अन्दर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का उल्लेख किया गया है, परन्तु इसके समर्थन में कोई भी सुसंगत कागजात एम0ई0आर की प्रति जमा या प्राप्ति रसीद आदि साक्ष्य के रूप में संलग्न नहीं किया गया है। साथ ही बचाव में यह कहना कि कार्यो की अधिकता एवं मृतक के घर पर जाकर सभी संबंधित व्यक्तियाें तथा कारा कर्मियों का बयान दर्ज करने में अत्यधिक समय लग जाने संबंधी दलील युक्तिसंगत नहीं है। बचाव साक्ष्य स्पष्टीकरण में संलग्न नहीं है तथा जांच पदाधिकारी नियुक्त किये जाने के बाद से 26 दिनों के अन्तर्गत एम0ई0आर0 जमा किये जाने की पुष्टि साक्ष्य के अभाव में नहीं होती है। अतः श्री साह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण असंतोषप्रद है।

इस मामले में एक अन्य आरोपित पदाधिकारी श्री सूर्यनारायण सिंह, बि0प्र0से0 सम्प्रति सेवानिवृत से बिहार पेंशन नियमावलीे 1950 के नियम-139 के अधीन 1,25,000/- रूपये की वसूली का निर्णय लिया गया है। उपर्युक्त वर्णित तथ्यों तथा कारा एवं सुधार सेवाएं, गृह विभाग (कारा), बिहार, पटना से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री साह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को अस्वीकृत किया जाता है। साथ ही कर्त्तव्य एवं दायित्व के निर्वहन में बरती गयी लापरवाही के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-19 में निहित प्रावधानों के तहत श्री शालीग्राम साह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1021/2011, तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी, सासाराम सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, बाँका को उक्त नियमावली के नियम-14 में उल्लेखित निम्न दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता हैः- (1) निदंन (वर्ष 2003-04) (2) श्री साह के वेतन से 1,25,000/-रु0 (एक लाख पच्चीस हजार रूपये मात्र)

की वसूली करने।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय सरकार के अवर सचिव।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1333%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 13 December 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2019-12-13.1333/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2019-12-13.1333.