िनबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:20)0-40 िनबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र
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[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 29 vxzgk;.k 1(cid:22)41 (cid:24)श(cid:15)(cid:25) 2
((((स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 1347) ) ) ) पटन(cid:4)
पटन(cid:4)(cid:26) 'kqØokj(cid:26) 20 fnlEcj 2019201920192019
सं 06-सू॰प्रा॰-55/2018-1391
सूचना प्रावैधिकी विभाग
———
संकल्प
13 दिसम्बर 2019
सूचना प्रावैधिकी विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन भवनों में ऑफिस स्पेस के आवंटन से सूचना प्रावैधिकी विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन भवनों में ऑफिस स्पेस विषय : सूचना प्रावैधिकी विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन भवनों में ऑफिस स्पेस संबंधित दिशा-निर्देश की स्वीकृति के संबंध में। संबंधित दिशा-निर्देश की स्वीकृति के संबंध में।
्राधिकृत एजेंसी के द्वारा सीधे की जाएगी :-
संरचनाओं को विकसित करने राज्य में आई॰टी॰/आई॰टी॰इ॰एस॰ एवं इ॰एस॰डी॰एम॰ प्रक्षेत्र के आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने राज्य में आई॰टी॰/आई॰टी॰इ॰एस॰ एवं इ॰एस॰डी॰एम॰ प्रक्षेत्र के आधारभूत तथा प्रक्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित किए जाने हेतु विभागीय संकल्प संख्या-765 दिनांक 26.06.2014 निर्गत तथा प्रक्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित किए जाने हेतु विभागीय संकल्प संख्या-765 दिनांक 26 तथा प्रक्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित किए जाने हेतु विभागीय संकल्प संख्या-765 दिनांक 26 है। 2. तद्हेतु सूचना प्रावैधिकी विभाग के द्वारा विभिन्न स्थानों पर यथा- डाक बँगला चौराहा, बिहटा, राजगीर में तद्हेतु सूचना प्रावैधिकी विभाग के द्वारा विभिन्न स्थानों पर यथा- डाक बँगला चौराहा, बिहटा, राजगीर में तद्हेतु सूचना प्रावैधिकी विभाग के द्वारा विभिन्न स्थानों पर यथा- डाक बँगला चौराहा, बिहटा, राजगीर में आधारभूत संरचनाओं का विकास म अधिग्रहित किया गया है। अधिग्रहित भूखण्डों में से कतिपय भूखण्डों पर आधारभूत संरचनाओं का विकास भूमि अधिग्रहित किया गया है। अधिग्रहित भूखण्डों में से कतिपय भूखण्डों पर के माध्यम से PPP मोड से कराये जाने की योजना है। इसके अतिरिक्त बिस्कोमान टॉवर Concessionaire के माध्यम से इसके अतिरिक्त बिस्कोमान टॉवर स्थित 7वीं, 8वीं, 9वीं, 11वीं, 13वीं एवं 14वीं मंजिल का अधिग्रहण किया गया है। स्थित 7वीं, 8वीं, 9वीं, 11वीं, 13वीं एवं 14वीं मंजिल का अध्ि 3. सूचना प्रावैधिकी विभाग अथवा इसके द्वारा प्राधिकृत एजेंसी के द्वारा विभिन्न आधारभूत संरचनाओं, यथा सूचना प्रावैधिकी विभाग अथवा इसके द्वारा प्राधिकृत एजेंसी के द्वारा विभिन्न आधारभूत संरचनाओं, यथा सूचना प्रावैधिकी विभाग अथवा इसके द्वारा प्राधिकृत एजेंसी के द्वारा विभिन्न आधारभूत संरचनाओं, यथा आई॰टी॰ टॉवर, आई॰टी॰ पार्क इत्यादि को विकसित करने के क्रम में सृजित Office space एवं बिस्कोमान टॉवर के एवं बिस्कोमान टॉवर के आई॰टी॰ टॉवर, आई॰टी॰ पार्क इत्यादि को विकसित करने के क्रम में सृजित ॉफिस स्पेस स्टार्ट-अप तथा स्थापित आई॰टी॰/आई॰टी॰ई॰एस॰ और ई०एस०डी०एम० विभिन्न मंजिलों पर स्थित ऑफिस स्पेस स्टार्ट-अप तथा स्थापित आई॰टी॰/आई॰टी॰ई॰एस॰ और ई०एस०डी०एम० ॉफिस स्पेस स्टार्ट-अप तथा स्थापित आई॰टी॰/आई॰टी॰ई॰एस॰ और ई०एस०डी०एम० कंपनियों को आवंटित किया जाएगा। ऑफिस स्पेस के आवंटन हेतु दिशा-निर्देश का निर्धारण निम्न रूप से किया जाता है। यह दिशा-निर्देश 4. ऑफिस स्पेस के आवंटन हेतु दिशा-निर्देश का निर्धारण निम्न रूप से किया जाता है। यह दिशा-निर्देश ऑफिस स्पेस के आवंटन हेतु दिशा-निर्देश का निर्धारण निम्न रूप से किया जाता है। यह दिशा-निर्देश मात्र उस आवंटन प्रक्रिया पर लागू होगी, जो विभाग/प्राधिकृत एजेंसी के द्वारा सीधे की जाएगी :- मात्र उस आवंटन प्रक्रिया पर लागू होगी, जो विभाग/प (क) निवेश के लिए लक्ष्य क्षेत्रवार (क) निवेश के लिए लक्ष्य क्षेत्रवार राज्य के सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क आई०टी०/आई०टी०, आई०टी०ई०एस० और ई०एस०डी०एम० कंपनियों राज्य के सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क आई०टी०/आई०टी०, आई०टी०ई०एस० और ई०एस०डी०एम० कंपनियों राज्य के सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क आई०टी०/आई०टी०, आई०टी०ई०एस० और ई०एस०डी०एम० कंपनियों े क्षेत्र में कार्य कर रहे के साथ-साथ आई०टी०, आई०टी०ई०एस० उत्पादों और सेवाओं के अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहे के साथ-साथ आई०टी०, आई०टी०ई०एस० उत्पादों और सेवाओं के अनुसंधान एवं विकास क स्टार्ट-अप को राज्य में निवेश हेतु आकर्षित करने का लक्ष्य है। लक्षित क्षेत्र में कार्य कर रही कंपनियों को प्राथमिकता स्टार्ट-अप को राज्य में निवेश हेतु आकर्षित करने का लक्ष्य है। लक्षित क्षेत्र में कार्य कर रही कंपनियों को प्राथमिकता स्टार्ट-अप को राज्य में निवेश हेतु आकर्षित करने का लक्ष्य है। लक्षित क्षेत्र में कार्य कर रही कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 20 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 2019 (cid:1) आई०टी०/आई०टी०ई०एस० कंपनियों के लक्षित क्षेत्र :-
• आई०टी० उत्पाद/सॉफ्टवेयर और सेवाएँ • बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिग (बी०पी०ओ०) • नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिग (के०पी०ओ०) • लीगल प्रोसेस आउटसोर्सिग (एल०पी०ओ०) • कॉल सेंटर • डिजिटल कन्टेन्ट डेवलपमेंट • स्मार्ट टेक्नोलॉजी • इन्टरनेट ऑफ थिंग्स (आई०ओ०टी०) • डाटा सेंटर टेक्नोलॉजी • बिग डाटा एनालेटिक्स • कोई अन्य नई और उन्नतिशील टेक्नोलॉजी
(cid:1) आई०टी०, आई०टी०ई०एस० और ई०एस०डी०एम० कंपनियों के लिए कॉरपोरेट ऑफिसः- सूचना प्रावैधिकी के लिए इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर डिजाईन और विनिर्माण (जिसमें अन्तः स्थापित सॉफ्टवेयर शामिल होगा), टेलीक्म्युनिकेशन्स, डिफेंस, मेडिकल, इन्डस्ट्रियल ऑटोमेटिव, रोबोटिक्स, उपभोक्ता उत्पाद, एप्लीकेशन्स और उनके भाग, उपरोक्त उत्पादों और एप्लीकेशन्स के लिए आवश्यक हिस्से और सहायक उपकरण।
(ख) स्टार्टअप की परिभाषा जैसा कि बिहार स्टार्टअप्स पॉलिसी-2017 में परिभाषित किया गया है। संदर्भ के लिए कृपया 'परिशिष्ट-5' में परिभाषा देखें।
(ग) योजना कार्यकारी समिति
ऑफिस स्पेस आवंटन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने हेतु योजना कार्यकारी समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति की संरचना, दायित्व एवं शक्तियाँ विभाग के द्वारा निर्धारित की जाएगी।
| प्रधान सचिव/सचिव, सूचना प्रावैधिकी विभाग | अध्यक्ष |
| प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेन्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड | सदस्य संयोजक |
| निदेशक, उद्योग विभाग | सदस्य |
| आंतरिक वित्तीय सलाहकार, सूचना प्रावैधिकी विभाग/वित्त विभाग के प्रतिनिधि | सदस्य |
| संयुक्त निदेशक, एस॰टी॰पी॰आई॰, पटना। | सदस्य |
| निदेशक, आई॰आई॰टी॰, पटना अथवा उनके प्राधिकृत प्रतिनिधि। | सदस्य |
| उद्योग संघों के प्रतिनिधि (सूचना प्रावैधिकी विभाग के द्वारा मनोनीत किया जायेगा) प्रत्येक मनोनयन एक वर्ष हेतु किया जा सकेगा। | सदस्य |
योजना कार्यकारी समिति के पास कंपनियों के चयन और स्थल आवंटन के निर्णय का अधिकार होगा। इसके कार्य निम्न होंगे :-
• स्थल के विकास और आवंटन की नीतियों/दिशा-निदेर्शों की समीक्षा एवं बदलावों का सुझाव देना। • आवंटन के नियम व शर्त्तों की मंजूरी देना। • कार्यालय स्थान के पट्टा किराया और शुल्कों के अन्य घटकों का निर्धारण। समिति के द्वारा अलग-अलग मंजिलों के लिए अलग-अलग दर का निर्धारण करने का भी अधिकार होगा।
• पट्टा किराया, एप्लीकेशन प्रोसेसिंग-फी जैसे अन्य घटकों की समीक्षा करना और यथोचित बदलावों का सुझाव देना। • आवंटन के लिए जगह की उपलब्धता के अनुसार हर तिमाही की शुरूआत में कंपनियों के आवेदनों की समीक्षा एवं कंपनियों का चयन करना। इस तरह प्रत्येक निमंत्रण, समीक्षा और आवंटन का सेट एक आवंटन चक्र बनाएगा। आवंटन प्रक्रिया कुल उपलब्ध ऑफिस स्पेस के 150% आवंटन क्षमता तक जारी रहेगी।
• निरीक्षण और मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर पट्टा अवधि को बढ़ाने/घटाने की किसी भी मामले का निष्पादन करना।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 20 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 2019 • परिशिष्ट-2 और 3 में परिभाषित आई०टी०/आई०टी०ई०एस० और ई०एस०डी०एम० सेक्टर के लक्षित क्षेत्रों की समय-समय पर समीक्षा करना।
• रख-रखाव और अन्य शुल्कों का निर्धारण व समय-समय पर उसमें बदलाव करना। • मूल्यांकन अनुश्रवण कमिटी का गठन करना व निर्देश देना। • आवदकों के लिए पात्रता मानदंडों का निर्धारण और संशोधन। (घ) स्टार्टअप कंपनियों का चयन और ऑफिस स्पेस का आवंटन :-
बिहार स्टार्टअप नीति 2017 में परिभाषित स्टार्टअप कंपनियों को प्लग एण्ड प्ले सुविधायुक्त ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराई जाएगी। प्लग एण्ड प्ले सुविधा में विकसित ऑफिस स्पेस के अतिरिक्त सामान्यतः मीटिंग रूमस, बे्रकआउट एरिया, वॉशरूम और रिसेप्शन एरिया भी सम्मिलित होंगे। अन्य सुविधाओं में हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए आवश्यक बैंडविथ के साथ फाईबर ऑप्टिक केबल, डीजल जनरेटर के माध्यम से पावर बैकअप के साथ निर्बाध पावर सप्लाई, समर्पित एलिवेटर और सुरक्षा सेवाएँ, ऑपरेशन और मेंटनेंस, हाउसकिपिंग और पेस्ट कन्ट्रोल जैसी सुविधा प्रबंधन सेवाएँ सन्निहित होंगी। आवंटन की अवधि :- आवंटन की प्रारंम्भिक अवधि 6 माह की होगी जो सभी शुल्कों से मुक्त होगी और जिसे निरीक्षण एवं मूल्यांकन रिपोर्ट और योजना कार्यकारी समिति के निर्णय के आधार पर 6 माह के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त स्टार्टअप के पास योजना कार्यकारी समिति द्वारा तय दरों पर किराए का भुगतान कर आवंटन अवधि को दो (2) वर्षों के लिए विस्तारित करने का विकल्प होगा। (i) स्टार्टअप्स हेतु आरक्षित स्थल के आवंटन की प्रक्रिया के चरण :-
(cid:1) विभाग आवंटन हेतु उपलब्ध स्थल/रिक्ति का समाचार पत्र के माध्यम से विज्ञापन प्रकाशित करेगा। (cid:1) योजना कार्यकारी समिति सभी प्रस्तावों का स्कोरिंग मानदंडों के अनुसार मूल्यांकन करेगी और तदनुसार स्पेस आवंटन पर निर्णय लेगी एवं मूल्यांकन अनुश्रवण समिति सभी प्रस्तावों का स्थापित मानदंड के अनुसार मूल्यांकन करेंगी एवं इस प्रकार से तैयार मेधा सूची को योजना कार्यकारी समिति के समक्ष निर्णयार्थ रखेगी।
(cid:1) योजना कार्यकारी समिति द्वारा आवंटन पर निर्णय। (cid:1) सभी चयनित स्टार्टअप के साथ एकरारनामा। (ii) स्टार्टअप्स के लिए रिक्ति की अधिसूचना
स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध स्थान की सूचना दो प्रमुख अंगे्रजी और एक हिन्दी राष्ट्रीय समाचार-पत्र में विज्ञापन के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा।
(iii) स्पेस आवंटन के लिए आवेदन का विवरण कृपया इसके लिए 'परिशिष्ट-1' देखें।
(iv) मूल्यांकन मानदंड
स्टार्ट-अप कंपनियों को स्थल का आवंटन निम्नलिखित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा :- (cid:1) प्राथमिकता के क्षेत्र और अनुसंधान और विकास सेवाओं में काम करने वाली कंपनियाँ, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और आई०टी०/आई०टी०ई०एस० एवं ई०एस०डी०एम० सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली कम्पनियां आवेदित कर सकेंगी। आई०टी० कंपनियाँ, जो इस परिसर को केवल मार्केटिंग कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करेंगे, उन कंपनियों को स्थान आवंटन नहीं किया जाएगा।
(cid:1) विचार की गुणवत्ता, संभाव्यता, व्यवसायिक योजना, राजस्व मॉडल टीम की संरचना इत्यादि।
| क्रमांक | मानदंड | अंक | |
| 1. | मूलभूत कार्य क्षेत्र | आई०टी० और आई०टी०ई०एस० सेक्टर में अनुसंधान और विकास सेवाएँ (परिशिष्ट-4) | 30 |
| लक्षित क्षेत्र में उत्पाद/सॉफ्टवेयर विकास (परिशिष्ट-3) | 25 | ||
| गैर-लक्षित क्षेत्र में उत्पाद/सॉफ्टवेयर विकास विकास | 20 | ||
| 2. | स्थापना के वर्ष (अवधि की गणना मूल्यांकन तारीख पर की जाएगी) | 1 वर्ष से कम | 15 |
| 1 वर्ष से ज्यादा या 3 वर्ष | 10 | ||
| 3 वर्ष से ज्यादा और 5 वर्ष से कम | 05 | ||
| 3. | बिहार स्टार्टअप नीति 2017 के अन्तर्गत सर्टिफाईड स्टार्टअप कम्पनी। | 05 | |
| कुल अंक (ए) | 50 | ||
| 1. | • वििस्तृत व्यवसाय/प्रोजेक्ट योजना | 25 | |
| • विचार की गुणवत्ता, संभाव्यता, व्यवसायिक योजना, राजस्व मॉडल टीम की संरचना इत्यादि। | |||
| 2. | उत्पाद विवरण और प्रौद्योगिकी क्षेत्र | 25 | |
| कुल अंक (बी) | 50 |
(3) कुल तकनीकी स्कोर कुल प्राप्तांक-(ए) कुल प्राप्तांक-(बी) संचयी तकनीकी स्कोर-(100 में से) (v) पात्रता :-
(cid:1) 60 से अधिक संचयी टेक्निकल स्कोर को पाने वाली कंपनियाँ परिसर के अंदर वर्क स्टेशन्स/केविन्स जैसी अन्य सुविधाएँ प्राप्त करने की पात्र होगी।
(cid:1) किसी विशेष आवंटन चक्र में प्राप्त सभी आवेदनों में से, उच्चत्तम संचयी तकनीकी स्कोर प्राप्त करने वाली कंपनी को तकनीकी रूप से सबसे योग्य (टीएमक्यू) कहा जाएगा। ऐसी कंपनी का आवंटन पर पहला अधिकार होगा और इसकी आवंटन आवश्यकता पहले पूरी की जाएगी।
(cid:1) तकनीकी रूप से सबसे योग्य कम्पनी (टीएमक्यू) की आवश्यकता पूरी होने के बाद ही अन्य तकनीकी रूप से योग्य कंपनियों की आवश्यकता पूरी की जाएगी।
(cid:1) आवेदनों की स्थिति के संबंध में जानकारी हेतु प्रतीक्षा सूची जारी की जाएगी।
(vi) ऑफिस स्पेस का आवंटन :-
(cid:1) मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर एक मेधा सूची तैयार की जाएगी और उच्चतम संचयी स्केार प्राप्त करने वाले स्टार्टअप को आवंटन का पहला अधिकार होगा।
(cid:1) मूल्यांकन के आधार पर प्रत्येक आवंटी को अधिसूचित आवंटन सूची की अधिसूचना, जिसमें आवंटन के नियमों एवं शर्त्तों का उल्लेख होगा, उपलब्ध कराया जाएगा।
| क्रमांक | श्रेणी | समय-सीमा (दिनों में) |
| 1. | एप्लीकेशन विंडो खुलना | T |
| 2. | प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि | T + 21 |
| 3. | योजना कार्यकारी समिति द्वारा कंपनी से स्पष्टीकरण का अनुरोध | T + 21 के बाद आवश्यकतानुसार |
| 4. | प्रतीक्षा सूची के साथ कंपनीवार आवंटन के विवरण | T + 45 |
| 5. | अंतिम एकरारनामा | T + 75 |
(cid:1) 6 माह के अंत में नियम व शर्त्तों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए मूल्यांकन अनुश्रवण समिति स्टार्टअप के प्रदर्शन की समीक्षा करेगी और नियम व शर्त्तों के किसी भी उल्लंघन के मामलें में उचित कार्यवाही करेगी।
(ix) मूल्यांकन अनुश्रवण समिति :-
5 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 20 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 2019योजना कार्यकारी समिति के द्वारा मूल्यांकन अनुश्रवण समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति आवंटन की सम्पूर्ण प्रक्रिया के क्रियान्वयन हेतु उत्तरदायी होगा :- • रिक्तियों का आकलन। • आवंटन के मानदंड का निर्धारण। • प्राप्त आवेदनों की समीक्षा तथा उसकी मार्किंग/मुल्यांकन। • आवंटन के शर्त्तों का निर्धारण। • आवंटनों का सतत् अनुश्रवण एवं समयबद्ध समीक्षा।
(ड़) बेयर शेल ऑफिस स्पेस का आवंटन :-
स्टार्ट-अप हेतु आरक्षित ऑफिस स्पेस के अतिरिक्त ऐसे ऑफिस स्पेस भी आवंटित किये जाएंगें जिसमें आवश्यकतानुसार आंतरिक रेनोवेशन तथा फर्निशिंग का कार्य आवंटी कम्पनी के द्वारा स्वतः किया जाएगा। (i) आवेदन और आवंटन के चरण आवेदन और आवंटन में निम्न चरण शामिल हाेंगे :- (ii) बेयर शेल ऑफिस स्पेस की अधिसूचना :-
(cid:1) विभाग कम-से-कम दो प्रमुख अंगे्रजी और एक हिंदी राष्ट्रीय समाचार-पत्र में विज्ञापन के माध्यम से ऑफिस स्पेस की उपलब्धता विज्ञापित करेगा, साथ ही बेल्ट्रॉन के वेबसाइट या राज्य सरकार द्वारा निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपयोग किए जाने वाले अन्य किसी पोर्टल पर भी विज्ञापन उपलब्ध कराए जाएंगे। (cid:1) विज्ञापन में स्पेस के आवंटन के लिए पात्रता मानदंड उल्लिखित किए जाएंगे। (cid:1) विज्ञापन में निम्नलिखित विवरण भरित होंगे। साथ ही बेल्ट्रॉन के बेवसाईट या राज्य सरकार द्वारा निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपयोग किए जाने वाले अन्य किसी पोर्टल पर भी विज्ञापन उपलब्ध कराये जाएंगे। • परिकल्पित आधारभूत संरचना एवं सुविधाओं की विवरणी • साइट प्लान और लेआउट • प्रति वर्गफुट किराया • सिक्योरिटी डिपॉजिट • आवंटन प्रक्रिया की समय-सीमा • लीज एग्रीमेंट का नमूना।
(cid:1) विज्ञापन के माध्यम से आवंटन की अहर्त्ता का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा।
(iii) आवेदन प्रक्रिया :-
(क) इच्छु्रक कंपनियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। (ख) कंपनियों को आवेदन-फॉर्म में निर्देशित विवरण प्रदान करने के लिए प्रस्ताव जमा करना होगा, नई तकनीकों और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर बदलाव के अधीन। (ग) योजना कार्यकारी समिति आवेदनों का मूल्यांकन करेगा। प्राप्त आवेदन लक्षित/प्राथमिकता क्षेत्र और गैर लक्षित/प्राथमिकता क्षेत्र में वर्गीकृत किए जाएंगे।
(iv) मूल्यांकन मानदंड
मूल्यांकन मानदंड निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित है :-
• लक्षित/प्राथमिकता क्षेत्र में कार्य कर रही कंपनियों को प्राथमिकता। • अधिक रोजगार पैदा करने वाले स्थापित कम्पनियों को प्राथमिकता; एवं • आई०टी० कंपनियाँ, जो इस परिसर को केवल मार्केटिंग कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करेंगे, उन कंपनियों को स्थान आवंटन नहीं किया जाएगा।
• स्थल के अधिकतम उपयोग को वरीयता।
| क्रमांक | मानदंड | स्कोर | मान |
| ए. | तकनीकी स्कोर (टीएस) | 50.00 | 80 |
| बी. | वित्तीय स्कोर (एफएस) | 50.00 | 20 |
| सी. | संचयी कुल स्कोर (सीटीएस) | (टीएस x 0.8) (एफएस x 0.2) |
(1) तकनीकी स्कोर :-
| क्रमांक | खंड | मानदंड | तकनीकी स्कोर |
| 1 | प्रस्तावित कार्य क्षेत्र (अधिकतम स्कोर-15) | आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम प्राथमिकता क्षेत्र | 15 |
| आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम अन्य क्षेत्र | 10 | ||
| 2 | स्थापना के वर्ष | > =5 वर्ष | 10 |
| 3 वर्ष या उससे ज्यादा और 5 वर्ष से कम | 07 | ||
| (अधिकतम स्कोर-10) | 3 वर्ष से कम | 05 | |
| 3 | टीम का आकार-आवश्यक सीटों की संख्या (अधिकतम स्कोर-15) | 100 से अधिक | 15 |
| 50 से 99 | 12 | ||
| 25 से 49 | 9 | ||
| 10 से 24 | 6 | ||
| 4 | 50 वर्ग फुट प्रति सीट से विचलन (अधिकतक स्कोर-10) | 20 % से कम विचलन | 10 |
| 20 % से 30 % विचलन | 08 | ||
| 30 % से अधिक विचलन | 05 | ||
| कुछ तकनीकी स्कोर (टीएस) | 50 |
योजना कार्यकारी समिति के द्वारा आवंटित किये जाने वाले स्पेस का एक न्यूनतम आधार मूल्य (एम०बी०पी०) तय किया जाएगा। एम०बी०पी० से कम उद्धत मूल्य (क्यू०पी०) का वित्तीय प्रस्ताव खारिज कर दिया जाएगा। योजना कार्यकारी समिति को इस नीति के अंतर्गत विनिश्चित नियम एवं शर्त्तों में आवश्यकतानुसार छूट देने के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार होगा। वित्तीय स्कोर की गणना निम्नानुसार की जाएगी :-
| क्रमांक | उद्धत मूल्य (क्यूपी) न्यूनतम आधार मूल्य (एमबीपी) के % के रूप में | वित्तीय स्कोर (%) |
| 1 | 100%≤ क्यूपी ≤ 125% | 50.00% |
| 2 | 125%≤क्यूपी ≤ 150% | 55.00% |
| 3 | 150%≤क्यूपी ≤ 175% | 60.00% |
| 4 | 175%≤क्यूपी ≤ 200% | 65.00% |
| 5 | 200%≤क्यूपी ≤ 225% | 70.00% |
| 6 | 225%≤क्यूपी ≤ 250% | 75.00% |
| 7 | 250%≤क्यूपी ≤ 275% | 80.00% |
| 8 | 275%≤क्यूपी ≤ 300% | 90.00% |
| 9 | क्यूपी ≥ 300% | 100.00% |
संचयी कुल स्कोर = (टीएस X 0.8) (एफएस X 0.2)
(v) पात्रता :-
• आवंटन के लिए पात्र होने के लिए, कंपनी को संचयी कुल स्कोर का कम से कम 60% अंक प्राप्त करना होगा।7 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 20 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 2019 • योग्यता सूची के प्रकाशन के पश्चात् यदि आवेदकों को एक ही स्कोर प्राप्त होते हैं, तब उच्चतम संचयी तकनीकी स्कोर प्राप्त करने वाली कंपनी को प्राथमिकता दी जाएगी।
(vi) ऑफिस स्पेस का आवंटन :-
(cid:1) मूल्यांकन मानदंड के आधार पर मेरिटलिस्ट तैयार की जाएगी और सबसे उच्चतम संचयी स्कोर प्राप्त करने वाली कंपनी को आवंटन का पहला अधिकार प्राप्त होगा।
(cid:1) सभी आवंटियों को एक आवंटन पत्र निर्गत किया जाएगा, जिसमें आवंटन की सभी शर्त्तों का उल्लेख होगा। (cid:1) आवंटन पत्र की शर्त्तों के आलोक में आवंटी के द्वारा अपनी सहमति के साथ Security Deposit एवं अन्य कागजात उपलब्ध कराया जाएगा।
(cid:1) निर्धारित समय-सीमा का पालन करने में विफल रहे आवंटन को रद्द कर किया जा सकता है। (vii) लागत और भुगतान विवरण
(क) लीज. रेंट- कंपनी को आवंटित क्षेत्र की प्रत्येक इकाई का एक पट्ठा किराया निर्धारित किया जाएगा। यह राशि अधिकतम 6 महीने की प्रारंभिक बफर अवधि या संचालन की शुरूआत, जो भी पहले हो, के बाद मासिक आधार पर भुगतेय होगी। पट्टा किराया अधिग्रहण के पहले तीन (3) वर्षो के लिए तय किया जाएगा और इसके बाद इसमें योजना कार्यकारी समिति के निर्णय के अनुसार अधिकतम 10%की वार्षिक वृद्धि की जाएगी।
(ख) इंटरनेट सुविधा शूल्क - इंटरनेट/बैंडविड्थ सुविधा का शुल्क उपयोग के आधार पर होगा और
इसका भुगतान आवंटी के द्वारा मासिक करना होगा।
(ग) रख-रखाव शुल्क - यह शुल्क कंपनी को आवंटित क्षेत्र के रख-रखाव हेतु प्रत्येक इकाई पर निश्चित लागत या एक निश्चित वार्षिक राशि जो आवधिक समीक्षा के अधीन होगी, अधिरोपित की जाएगी। इस शुल्क में हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी, ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस और पेस्ट कंट्रोल जैसी सुविधा हेतु प्रबंधन लागत शामिल होगी। इस राशि का मासिक आधार पर भुगतान किया जाएगा और यह राशि योजना कार्यकारी समिति के द्वारा समय-समय पर तय दरों के अनुसार होगी।
(घ) विद्युत प्रभार - आवंटी के द्वारा विद्युत प्रभार मद् में शुल्क का भुगतान करना होगा और
आवधिक समीक्षा के दौरान भुगतान का रसीद फाईल करना होगा। (ड़) सिक्योरिटी डिपॉजिट- आवंटियों को अग्रिम सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा जो कि तीन (3) माह के लीज रेंट के बराबर या मूल राशि, जो भी अधिक हो, निर्धारित किया जाएगा।
नोटः- छः महीने की निरंतर अवधि में उपर्युक्त शुल्क का भुगतान न करने अथवा योजना कार्यकारी समिति के द्वारा तय किए गए शुल्क का भुगतान नहीं करने पर आवंटन सहित उस सुविधा को रद्द कर दिया जाएगा। ए-2. छूट-छूट मानक आवंटन का हिस्सा नहीं होगी। योजना कार्यकारी समिति इस संबंध में यथोचित निर्णय लेने हेतु सक्षम होगी।
उपर्युक्त अवयवों से उत्पन्न शूल्क पर छूट की अनुमान्यता, विशिष्ट योजनाओं/ दिशा-निर्देशों/ अनुदान के माध्यम से दी जायेगी। (viii) लीज अनुबंध का निष्पादन एवं हस्तांतरण :-
लीज अनुबंध में निम्न से संबंधित विवरण दिया जाएगा :-
• निष्पादित किए जाने वाले कार्य का प्रकृत्ति • छूट की शर्त्ते व सीमा, यदि कोई हो तो • कार्य की शुरूआत के लिए समय-सीमा • रिपोर्टिग-तंत्र • अनुश्रवण और समीक्षा-तंत्र • आवंटन का हस्तांतरण • आवंटन का रद्दीकरण • भुगतान में चूक से संबंधित प्रावधान • रिफंड, यदि है तो • विवाद निवारण-तंत्र • आवंटन के प्रबंधन से संबंधित अन्य शर्त्तें8 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 20 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 2019 वास्तविक कब्जा समझौते के निष्पादन के बाद दिया जाएगा। आवंटी को विधिवत हस्ताक्षरित आवंटन के विवरण सहित कब्जा सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
| क्रमांक | श्रेणी | समय-सीमा (दिनों में) |
| 1. | एप्लीकेशन विंडो का खुलना | T |
| 2. | प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि | T + 21 |
| 3. | योजना प्राधिकृत समिति द्वारा कंपनी से स्पष्टीकरण का अनुरोध | T + 21 के बाद आवश्यकतानुसार |
| 4. | प्रतीक्षा सूची के साथ कंपनीवार आवंटन का विवरण और कंपनीवार आवंटन | T + 30 |
| 5. | आवंटन-पत्र जारी होना | T + 45 |
| 6. | सिक्योरिटी डिपोजिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवंटन-पत्र की स्वीकृति | T + 60 |
| 7. | आवंटी और योजना प्राधिकृत समिति के बीच अनुबंध का निष्पादन | T + 75 |
| 8. | अंतिम हस्तांतरण | T + 90 |
• मूल्यांकन अनुश्रवण कमिटि अनुबंध की शर्त्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वर्ष के अंत में कंपनियों के प्रदर्शन की समीक्षा करेगी और आवंटन के नियमों और शर्त्तों के उल्लघन के मामलों में आवश्यक कार्रवाई करेगी।
• कर्मचारियों की प्रस्तावित संख्या से वास्तविक तैनाती में किसी भी विचलन के मामले में, आवंटियों को योजना कार्यकारी समिति की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। ऐसी सभी मामलों की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक अनुवर्त्ती क्रिया की जाएगी।
5. वर्णित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सूचना प्रावैधिकी विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन भवनों में ऑफिस स्पेस के आवंटन से संबंधित दिशा-निर्देश की स्वीकृति प्रदान किया जाता है। आदेश ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को राजकीय राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय और इसकी प्रति सभी विभाग/विभागाध्यक्ष/प्रमंडलीय आयुक्त/जिलाधिकारी/ अनुमंडलाधिकारी को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राहुल सिंह
सरकार के सचिव।9 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 20 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 2019 परिशिष्ट-1
स्थान आवंटन के लिए आवेदन फॉर्म के विवरण का उदाहरण
• कपनी का नाम • कंपनी का परिचय • पंजीकृत पता • फोन और ईमेल • वेबसाइट • फोन और ईमेल के साथ संबंधित व्यक्ति • कार्यक्षेत्र (आई०टी०/आई०टी०ई०एस०/ई०एस०डी०एम०) • लक्षित कार्यक्षेत्र (हाँ/नहीं) • प्रस्तावित कार्यों का विवरण • संस्थापक का विवरण • MoA, AoA पिछले 3 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट (स्टार्टअप के लिए लागू नहीं) • संबद्ध संवैधानिक लाईसेंस (स्टार्टअप के लिए लागू नहीं) • पैन और जी०एस०टी०एन०) • ब्रेकअप के साथ निवेश अनुमान (स्टार्टअप के लिए लागू नहीं) • जगह की आवश्यकता10 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 20 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 2019 परिशिष्ट-2
| प्रोेजेक्ट प्रकार | आई०टी०/आई०टी०ई०एस० निवेश संवर्धन विजन-2017 | ई०एस०डी०एम० विजन-2017 | NaN |
| एंकर यूनिट | एक आई०टी०/आई०टी०ई०एस० इकाई जो राज्य में वाणिज्यिक संचालन के लिए रूपए 100 करोड़, भूमि लागत को छोड़कर, निवेश करे और संचालन की शुरूआत के 3 साल के भीतर जो राज्य में कम-से-कम 250 लोगों को रोजगार प्रदान करें, जिनमें से कम-से-कम 100 लोग बिहार राज्य के निवासी हो। | एक इ र्०एस०डी०एम० इकाई जो राज्य में वाणिज्यक संचालन के लिए रूपए 100 करोड़, भूमि लागत को छोड़कर, निवेश करें और जो राज्य में संचालन की शुरूआत के 3 साल के भीतर कम-से-कम 250 लोगों को रोजगार प्रदान करें। जिनमें कम-से-कम 100 लोग बिहार राज्य के निवासी हो। | NaN |
| अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट | भूमि लागत को छोड़कर रूपए 500 करोड़ के निवेश के साथ बिहार में सेचालन के लिए एक प्रोजेक्ट जिसके वाणिज्यक संचालन के 3 वर्ष के भीतर 1000 लोगों के लिए रोजगार उत्पन्न होगा, जिनमें से कम-से-कम 250 लोग राज्य के निवासी हो। | भूमि लागत को छोड़कर रूपए 500 करोड़ के निवेश के साथ बिहार में संचालन के लिए एक प्रोजेक्ट जिसके वाणिज्यिक संचालन के 3 वर्षों के भीतर 1000 लोगाें के लिए रोजगार उत्पन्न होगा, जिनमें से कम-से-कम 250 लोग राज्य के निवासी हो। | NaN |
| आई०टी०/आई०टी०ई०एस० | ई०एस०डी०एम० | NaN | |
| X. आई०टी० प्रोडक्ट्स सॉफ्टवयेर और सेवाएँ XI. बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिग (बी०पी०ओ०) XII. नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिग (के०पी०ओ०) XIII. कॉल सेन्टर XIV. डिजिटल कंटेंट डेवलपमेंट XV. स्मार्ट टेक्नोलॉजी XVI. इंटरनेट ऑफ थिग्स (आई०ओ०टी०) XVII. डाटा सेंटर टेक्नोलॉजी XVIII. बिग डाटा | X. कम्प्यूटर संबंधी और अन्य ऑफिस इक्विमेंट XI. चिप मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन XII. सेमीकंडक्टर्स XIII. सरवर और स्टोरेज डिवाइसेस XIV. कम्युनिकेशन और नेटवर्किग डिवासेस XV. ओटोमेटिव इलेक्ट्रानिक्स XVI. मेडिकल इलेक्ट्रानिक्स XVII. इन्डस्ट्रियल इलेक्ट्रानिक्स XVIII. टेलीकॉम इलेक्ट्रानिक्स XIX. स्ट्रैटेजिक इलेक्ट्रानिक्स और डिवाइस XX. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैकचरिंग सर्विसेज XXI. सोलर फोटो वॉल्टिक जिसमें पतली पोलिसिलिकोन सेल्स शामिल हो XXII. इलेक्ट्रॉनिक्स ग्राहक उत्पाद XXIII. एलईडी XXIV. एंबेडेड सॉफ्टवेयर XXV. डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट XXVI. इनफार्मेंशन एंड ब्रॉडकास्टिंग इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज | NaN |
परिशिष्ट-4
आई०टी० के अंतर्गत आर०एण्ड०डी० गतिविधियाँ
Reasearch and developmentके अंतर्गत उप भाग जिन पर मूल्यांकन के लिए विचार किया जाएगा :- (cid:1) इण्डस्ट्री 4.0 तकनीक
• बिग डाटा • स्मार्ट सिटीज • ब्लॉकचेन/क्रिप्टो करंसी • ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस • फिनटेक • ई-कॉमर्स • रोबोटिक्स • 3डी प्रिंटिंग • वर्चुअल/ऑगमेंटेड रियलिटी • शेयर्ड इकोनॉमीज • आई०ओ०टी० • नैनो टेक्नोलॉजी/2डी मेटेरियल्स • बॉयो टेक्नोलॉजी/जेनेटिक्स और एग्रीकल्चरल इनोवेशन • स्थान आधारित योजना, सेवा वितरण के लिए जी०आई०एस० प्लेटफॉर्म • हाई परफोर्मेंस कम्प्यूटिंग (एच०पी०सी०)
(cid:1) सूचना उपलब्धता और आपदा प्रबंधन। (cid:1) मूल्यवर्धन और नवाचार के लिए Geospatial Data की उपलब्धता को सक्षम करना। (cid:1) भाषा प्रोद्योगिकियों का विकास को शुरू करना, जो टेक्स्ट रूपांतरण, आवाज पहचान, मशीन अनुवाद, वॉयस वेब, इंटर लिंगुआ इत्यादि को सक्षम बनाकर सेवाओं के वितरण को भाषा से स्वतंत्र बना सके।
(cid:1) आई०सी०टी० पर आधारित ग्रीन तकनीक (cid:1) नवाचार, उत्पाद पेटेंट और आई.पी. के साथ आई०टी० की पृष्ठभूमि के साथ अनुसंधान और विकास13 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 20 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 201920 दिसम्बर 2019 परिशिष्ट-5 परिभाषाएँ सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार :-
सूचना प्रावैधिकी विभाग को आई०टी० प्रौद्योगिकी, अनुप्रयोगों और कार्यक्रमों के प्रचार और प्रसार के लिए नीतियाँ तैयार करने का दायित्व सौंपा गया है। विभाग को राज्य में आई०टी०/आई०टी०एस०/ई०एस०डी०एम० ईकाईयाेँ से निवेश आकर्षित करके मानव संसाधनों के प्रतिभाशाली पूल और स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियाँ बनाने के लिए भी नियुक्त किया गया है। बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड :-
बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बी०एस०ई०डी०सी० लिमिटेड) बिहार सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्पयूटर के सामान और आई०टी० सेवाओं से संबंधित व्यवसाय में संलग्न एक उपक्रम है। कॉरपोरेशन सरकार की तकनीकी जरूरतों को पूरा करता है और राज्य सरकार के विभागों और एजेसियों के लिए आई०टी० परियोजनाओं की अवधारण और कार्यान्वयन करता है। आई०टी० सेक्टर :-
ई०एस०डी०एम० के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की मैन्युफैक्चरिंग जिसमें आई०टी० सॉफ्टवेयर , आई०टी० सर्विसेज, आई०टी० इनेबल्ड सर्विसेज, आई०टी० इन्फ्राट्रक्चर, आई०टी० ट्रनिंग इंस्टिट्यूशन्स और रोबोटिक्स सेंटर शामिल होंगे। आई०टी० सेवा :-
इसके किसी भी सेवा के रूप में परिभाषित किया जाता है जो मूल्यवर्धन के लिए आई०टी० उत्पादों की एक प्रणाली पर किसी भी आई०टी० सॉफ्टवेयर के उपयोग से होता है। आई०टी० इनेबल्ड सर्विसेज :-
ये मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन, लीगल डेटाबेस प्रोसेसिंग, डिजिटल कंटेंट डेवलपमेंट/एनीमेशन, रिमोट मेंटेनेंस, बैक ऑफिस ऑपरेशन्स-अकाउंट्स/फाइनेंशियल सर्विसेज, डाटा प्रोसेसिंग कॉल सेंटर आदि जैसी मानव गहन सेवाएँ है जो दूरसंचार नेटवर्क या इंटरनेट के माध्यम से विस्तृत व्यावसायिक सेगमेंट्स को वितरित की जाती है। कर्मचारी :-
कंपनी के कर्मचारी का अर्थ फर्म द्वारा पारिश्रमिक पर रखे गए पूर्णकालिक, ऑन रोल संसाधन होगा। कंपनी से मांगे जाने पर रोजगार के प्रासंगिक सबूत जैसे रोजगार पत्र, वेतन पर्ची, टी०डी०एस०/फॉर्म-16 और ई०पी०एफ०ओ० और ई०एस०आई० पंजीकरण दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा जा सकता है। ईएसडीएम :-
इसक अर्थ इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होता है।
बेयर शेल ऑफिस :-
स्टार्टअप हेतु आरक्षित ऑफिस स्पेस के इतर ऐसे ऑफिस स्पेस जिसमें आवश्यकतानुसार आंतरिक रेनोवेशन तथा फर्निशिंग का कार्य आवंटी कम्पनी के द्वारा स्वतः किया जाएगा। स्टार्टअप :-
जैसा कि बिहार स्टार्टअप पॉलिसी-2017 में परिभाषित किया गया है, स्टार्टअप का मतलब कोई भी इकाई जिसका बिहार में 5 वर्ष से ज्यादा पहले पंजीकरण ना हुआ हो और जिस का पिछले वित्तीय वर्ष में वार्षिक टर्नओवर 25 करोड़ से ज्यादा ना हो, जो प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा से चलित नए उत्पादों, प्रक्रिया और सेवाओं के नवाचार, विकास, अभियोजन, प्रस्तरण या वाणिज्यिकरण की ओर कार्य करती है। (क) बशर्तें कि इकाई इस पॉलिसी के तहत और लाभ उठाना बंद कर दे यदि पिछले वित्तीय वर्ष में इसका कारोबार 25 करोड़ रूपये से अधिक हो गया है और या पंजीकरण की तारीख से 5 साल पूरे हो गए हों जब तक अन्यथा संदर्भित नहीं हो।
(ख) बशर्तें कि ऐसी इकाई का अस्तित्व पहले से मौजूद किसी व्यापार के विभाजन, या पुनर्निर्माण द्वारा नहीं हुआ हो और अस्तित्व में पहले से ही मौजूद व्यापार के विघटन या पुनर्गठन द्वारा गठित नहीं किया गया हो। (ग) बशर्तें ऐसी इकाई किसी भी मौजूदा व्यवसाय की होल्डिंग या किसी स्टार्टअप को छोड़कर किसी भी अन्य कंपनी की सब्सिडियरी कंपनी ना हो।
(घ) बशर्तें इस कंपनी के संचालन पर लागू कर बिहार में देय हो।
निवेशक सुविधा केन्द्र :-
सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा स्थापित निवेशक सुविधा केन्द्र स्टार्टअप और निवेशकों के बीच समन्वय स्थापित कर आवेदन जमा करने में उनकी मदद करेगा।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1347%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in