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सं॰ पर्या॰ वन-15/2012-1757(ई॰)/प॰व॰
सं॰
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
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संकल्प
16 दिसम्बर 2019
बिहार राज्य अन्तर्गत प्रथम कृषि रोड मैप 2012-13 से 2017-2018 तक की अवधि में हरियाली आवरण को बिहार राज्य अन्तर्गत प्रथम कृषि रोड मैप 2012-13 से 2017-2018 तक की अवधि में हरियाली आवरण को बिहार राज्य अन्तर्गत प्रथम कृषि रोड मैप 2012-13 से 2017-2018 तक की अवधि में हरियाली आवरण को 9.79% से 15% तक ले जाने का संकल्प लेते हुए विभाग में हरियाली मिशन संभाग की स्थापना की गई। मिशन के तक ले जाने का संकल्प लेते हुए विभाग में हरियाली मिशन संभाग की स्थापना की गई। मिशन के तक ले जाने का संकल्प लेते हुए विभाग में हरियाली मिशन संभाग की स्थापना की गई। मिशन के तहत किसानों की निजी भूमि पर कृषि फसल के साथ-साथ विभिन्न प्रजाति के वृक्ष लगाने हेतु विभागीय संकल्प तहत किसानों की निजी भूमि पर कृषि फसल के साथ-साथ विभिन्न प्रजाति के वृक्ष लगाने हेतु विभागी तहत किसानों की निजी भूमि पर कृषि फसल के साथ-साथ विभिन्न प्रजाति के वृक्ष लगाने हेतु विभागी संख्या-573 (ई॰), दिनांक 08.10.2012 द्वारा कृषि वानिकी योजना की स्
2012 द्वारा कृषि वानिकी योजना की स्वीकृति प्रदान की गई।
उक्त स्वीकृति के तहत कृषक बंधुओं द्वारा उनकी भूमि पर किये गये पौधारोपण की उत्तरजीविता के आधार उक्त स्वीकृति के तहत कृषक बंधुओं द्वारा उनकी भूमि पर किये गये पौधारोपण की उत्तरजीविता के आधार उक्त स्वीकृति के तहत कृषक बंधुओं द्वारा उनकी भूमि पर किये गये पौधारोपण की उत्तरजीविता के आधार पर प्रथम वर्ष के अन्त में 15/- रूपये द्वितीय वर्ष के अंत में 10/- रूपये तथा तृतीय वर्ष के अंत में 10/- रूपये पर प्रथम वर्ष के अन्त में 15/- रूपये द्वितीय वर्ष के अंत में 10/- रूपये तथा तृतीय वर्ष के अंत में 10/- रूपये पर प्रथम वर्ष के अन्त में 15/- रूपये द्वितीय वर्ष के अंत में 10/- रूपये तथा तृतीय वर्ष के अंत में 10/- रूपये प्रति पौधा की दर से भुगतान किया जाना प्रावधानित था।
या जाना प्रावधानित था।
इस योजना अन्तर्गत प्रथम वर्ष के पश्चात उत्तरजीविता में कमी का कारण समीक्षोंपरात प्रथम वर्ष में अधिक इस योजना अन्तर्गत प्रथम वर्ष के पश्चात उत्तरजीविता में कमी का कारण समीक्षोंपरात प्रथम वर्ष में अधिक इस योजना अन्तर्गत प्रथम वर्ष के पश्चात उत्तरजीविता में कमी का कारण समीक्षोंपरात प्रथम वर्ष में अधिक प्रोत्सहन राषि के भुगतान की संभावना पायी गयी। फलस्वरूप उत्तरजीविता अधिक होने के उद्देष्य से कृषकों को प्रोत्सहन राषि के भुगतान की संभावना पायी गयी। फलस्वरूप उत्तरजीविता अधिक होने के उद्देष्य से कृषकों को प्रोत्सहन राषि के भुगतान की संभावना पायी गयी। फलस्वरूप उत्तरजीविता अधिक होने के उद्देष्य से कृषकों को विभिन्न वर्षों में दिये जाने वाले प्रोत्साहन राषि 01.2016 द्वारा संषोधित विभिन्न वर्षों में दिये जाने वाले प्रोत्साहन राषि में विभागीय संकल्प संख्या-53 (ई॰) दिनांक 28.01 करते हुए प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष की उत्तरजीविता के आधार पर क्रमषः रूपये 10/-, 10/- एवं करते हुए प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष की उत्तरजीविता के आधार पर क्रमषः रूपये 10/-, 10/- एवं करते हुए प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष की उत्तरजीविता के आधार पर क्रमषः रूपये 10/-, 10/- एवं 15/- प्रोत्साहन राषि देने का प्रावधान किया गया। 15/- प्रोत्साहन राषि देने का प्रावधान किया गया।
2. योजना की सफलता का मध्यावधि मूल्यांक
योजना की सफलता का मध्यावधि मूल्यांकन वर्ष 2015-16 में चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान, पटना, नाबार्ड न वर्ष 2015-16 में चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान, पटना, नाबार्ड कंस्लटेंसी सर्विसेज प्रा. लि. एवं ए. एन सिन्हा, इंस्टीयूट ऑफ सोसल स्टडिज के द्वारा कराये जाने पर पाया गया कि एन. सिन्हा, इंस्टीयूट ऑफ सोसल स्टडिज के द्वारा कराये जाने पर पाया गया कि कृषि वानिकी योजना के तहत पौधों की उत्तरजीविता कम है। मूल्यांकनकर्त्ता एजेंसियों द्वारा योजना को किसानों के कृषि वानिकी योजना के तहत पौधों की उत्तरजीविता कम है। मूल्यांकनकर्त्ता एजेंसियों द्वारा योजना कृषि वानिकी योजना के तहत पौधों की उत्तरजीविता कम है। मूल्यांकनकर्त्ता एजेंसियों द्वारा योजना लिए स्वीकार योग्य बनाने एवं इसकी सफलता दर को बढ़ाने के लिए कतिपय बिन्दुओं पर यथा प्रोत्साहन राशि में वृद्धि लिए स्वीकार योग्य बनाने एवं इसकी सफलता दर को बढ़ाने के लिए कतिपय बिन्दुओं पर यथा प्रोत्साहन राशि में वृद्धि लिए स्वीकार योग्य बनाने एवं इसकी सफलता दर को बढ़ाने के लिए कतिपय बिन्दुओं पर यथा प्रोत्साहन राशि में वृद्धि किये जाने, उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का उपयोग करने, किसानों को और अधिक जागरूक बनाये जाने/समय-समय किये जाने, उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का उपयोग करने, किसानों को और अधिक जागरूक बनाये जाने/समय-समय किये जाने, उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का उपयोग करने, किसानों को और अधिक जागरूक बनाये जाने/समय-समय पर उन्हें प्रशिक्षण दिये जाने तथा अनुश्रवण की उचित व्यवस्था करने का परामर्ष दिया गया।
तथा अनुश्रवण की उचित व्यवस्था करने का परामर्ष दिया गया।
2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 26262626 दिसम्बर 2019दिसम्बर 2019दिसम्बर 2019दिसम्बर 2019(क) किसानों का चयन ः- किसानों से ऑनलाईन/ऑफलाईन आवेदन लेकर उनके द्वारा दिये गये सूचनाओं का कृषि विभाग में संकलित डेटा से मिलान कर सही स्थिति की जानकारी प्राप्त कर ही भूमि रखने वाले इच्छुक किसानों का हीं चयन किया जाना है। साथ ही कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मियों के माध्यम से योजना का और अधिक प्रचार-प्रसार कर सुयोग्य किसानों को चयनित किया जाना है।
तद्नुरूप किसानों के चयन के लिए ऑन लाईन/ऑफ लाईन आवेदन प्राप्त कर इसका सत्यापन कर इच्छुक किसानों को चयन के पश्चात् ही उनकी जमीन पर पौधारोपण की स्वीकृति दी जायेगी।
(ख) पौधारोपण मॉडल -
(i) चयनित किसानों द्वारा आवेदित पौधों के विरूद्ध प्रति पौधा 10/- (रू0 दस) की दर से सुरक्षित राशि ली जायेगी।
(ii) किसान की जमीन पौधारोपण हेतु तैयार होने, पीट की खुदाई उचित दूरी पर पूरा हो जाने की सूचना पर विभाग द्वारा आवश्यक संख्या में पौधा किसान को उपलब्ध करा दिया जायेगा।
(iii) किसान इसका रोपण स्वयं करेगें एवं तीन वर्षों तक पौधों की सुरक्षा एवं सम्पोषण का कार्य भी उनके द्वारा ही किया जायेगा।
(iv) तीन वर्ष बाद जीवित पौधों की गणना के उपरान्त न्यूनतम 50% (पचास) प्रतिशत पौधें जीवित रहने की स्थिति में उन्हें निर्धारित प्रोत्साहन राशि के साथ उनकी सुरक्षित राशि का भुगतान कर दिया जायेगा।
(v) 50% (पचास) प्रतिशत से कम पौधे जीवित रहने की स्थिति में सुरक्षित राशि जप्त कर ली जाय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी नहीं किया जायेगा।
(ग) प्रोत्साहन राशि दर एवं भुगतान की प्रक्रिया :- जीवित पौधों के आधार पर वर्षवार प्रोत्साहन राशि का भुगतान न कर एक ही बार तीन वर्षों के उपरान्त वास्तविक उत्तरजीविता आकलन के आधार पर एवं न्यूनतम 50% (पचास प्रतिषत) उत्तरजीविता रहने पर 60/- रू0 प्रति जीवित पौधे की दर से सीधे DBT के माध्यम से संबंधित किसानों को भुगतान किया जायेगा।
(घ) बजट शीर्ष ः- इस योजना पर होने वाले व्यय की राषि स्कीम मुख्य षीर्ष-2406-वानिकी तथा वन्य प्राणी, उप मुख्य शीर्ष-01-वानिकी, लघु शीर्ष-800-अन्य व्यय, उप शीर्ष-01 05-पथ तट फार्म, विपत्र कोड-19-2406018000105 तथा मुख्य षीर्ष-2406-वानिकी तथा वन्य प्राणी, उप मुख्य शीर्ष-01-वानिकी, लघु शीर्ष-789-अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना, उप शीर्ष-01 03-पथ तट फार्म, विपत्र कोड-19-2406017890103 के अन्तर्गत उपलबध उपबंधित राषि के तहत विकलनीय होगा। इसके निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, संंबंधित वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी होगें।
4. अनुश्रवण-मूल्यांकन-प्रशिक्षण-जागरूकता कार्यक्रम ः- योजना की सफलता हेतु अनुश्रवण-मूल्यांकन-प्रशिक्षण-जागरूकता कार्यक्रम के लिए अलग से इस योजना में प्रावधान कर समर्पित विशेषज्ञों की टीम द्वारा ये कार्य कराये जायेंगे। इन टीमों को आउटर्सोसिंग द्वारा चयन किया जायेगा। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपक कुमार सिंह, सरकार के प्रधान सचिव।
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