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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 15 January 2020

Published 15 January 2020

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-01-15.38
Languages
English, Hindi

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सं॰ अ0नि0-01-22/2019 (स्था0) 104 गृह विभाग अभियोजन निदेशालय ——— संकल्प 13 जनवरी 2020

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (क्रिमिनल) संख्या-156/2016, महेन्द्र चावला एवं अन्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (क्रिमिनल) संख्या-156/2016, महेन्द्र चावला एवं अन्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (क्रिमिनल) संख्या-156/2016, महेन्द्र चावला एवं अन्य 2018 को पारित न्यायादेश द्वारा भारत के सभी राज्यों एवं बनाम भारत संघ एवं अन्य के मामले में दिनांक 05.12.2018 को पारित न्यायादेश द्वारा भारत के सभी राज्यों एवं बनाम भारत संघ एवं अन्य के मामले में दिनांक 05 ें में ''गवाह सुरक्षा योजना, 2018'' को कार्यान्वित करने का आदेश दिया गया है। ें में ''गवाह सुरक्षा योजना, 2018'' को कार्यान्वित करने का आदेश दिया गया है। केन्द्र शासित प्रदेशों में ''गवाह सुरक्षा योजना, 2018'' को कार्यान्वित करने का आदेश दिया गया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (क्रिमिनल) संख्या-156/2016, महेन्द्र चावला एवं अन्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (क्रिमिनल) संख्या-156/2016, महेन्द्र चावला एवं अन्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (क्रिमिनल) संख्या-156/2016, महेन्द्र चावला एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य के मामले में पारित उक्त न्यायादेश के अनुपालन में बिहार राज्य में आपराधिक मामलों बनाम भारत संघ एवं अन्य के मामले में पारित उक्त न्यायादेश के अनुपालन में बिहार राज्य में आपर बनाम भारत संघ एवं अन्य के मामले में पारित उक्त न्यायादेश के अनुपालन में बिहार राज्य में आपर की जाँच, अभियोजन एवं विचारण को निष्पक्ष बनाने के लिए गवाहों को निर्भीक होकर गवाही देने के उद्देश्य से की जाँच, अभियोजन एवं विचारण को निष्पक्ष बनाने के लिए गवाहों को निर्भीक होकर गवाही देने के उद्देश्य से की जाँच, अभियोजन एवं विचारण को निष्पक्ष बनाने के लिए गवाहों को निर्भीक होकर गवाही देने के उद्देश्य से निम्नांकित ''बिहार गवाह सुरक्षा योजना, 2018'' को गठित करते हुए इसके अधिसूचित होने की तिथि से कार्यान्वित निम्नांकित ''बिहार गवाह सुरक्षा योजना, 2018'' को गठित करते हुए इसके अधिसूचित होने की तिथि से कार्यान्वित निम्नांकित ''बिहार गवाह सुरक्षा योजना, 2018'' को गठित करते हुए इसके अधिसूचित होने की तिथि से कार्यान्वित किया जाता हैः-

बिहार गवाह सुरक्षा योजना, 2018

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भः

संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भः

(क) इस योजना का नाम ''बिहार गवाह सुरक्षा योजना, 2018'' होगा। (ख) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (ग) यह योजना इसके राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू होगा।

इस योजना का नाम ''बिहार गवाह सुरक्षा योजना, 2018'' होगा। इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। यह योजना इसके राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू होगा।

भाग-I

2. परिभाषाएँः

''संहिता'' का अर्थ दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) होगा; (क) ''संहिता'' का अर्थ दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) होगा ''गवाह की पहचान को छुपाना'' का अर्थ है जिसमें किसी भी तरीके से, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से, (ख) ''गवाह की पहचान को छुपाना'' का अर्थ है जिसमें किसी भी तरीके से, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से, ''गवाह की पहचान को छुपाना'' का अर्थ है जिसमें किसी भी तरीके से, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से, नाम, पते या अन्य विवरण को प्रकाशित या प्रकट करने पर रोक लगाने वाली कोई भी स्थिति नाम, पते या अन्य विवरण को प्रकाशित या प्रकट करने पर रोक लगाने वाली कोई भी स्थिति नाम, पते या अन्य विवरण को प्रकाशित या प्रकट करने पर रोक लगाने वाली कोई भी स्थिति े अन्वेषण, विचारण के दौरान या विचारणोत्तर, किसी भी स्तर पर गवाह के पहचान शामिल है, जो अन्वेषण, विचारण के दौरान या विचारणोत्तर, किसी भी स्तर पर गवाह के पहचान े अन्वेषण, विचारण के दौरान या विचारणोत्तर, किसी भी स्तर पर गवाह के पहचान का कारण बन सकती है; का कारण बन सकती है2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11115555 tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020 (ग) ''सक्षम प्राधिकार'' का अर्थ है, प्रत्येक जिले में एक स्थायी समिति जिसके अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश हों और जिले के पुलिस अधीक्षक सदस्य तथा जिला अभियोजन पदाधिकारी सदस्य-सचिव हों;

(घ) ''परिवार के सदस्य'' में गवाह के माता-पिता/अभिभावक, पति/पत्नी, लिव इन पार्टनर, भाई-बहन, सन्तान, गवाह के पोता/पोती/नाती/नातिन शामिल है;

(ड.) ''प्रपत्र'' का अर्थ, इस योजना के साथ संलग्न ''गवाह सुरक्षा आवेदन प्रपत्र; (च) ''व्यक्तिगत कक्ष में कार्यवाहियाँ'' (In Camera Proceedings) का अर्थ वे कार्यवाहियॉ जिनमें सक्षम प्राधिकार/न्यायालय केवल उन व्यक्तियों को उपस्थिति की अनुमति देता है जिनकी सुनवाई और गवाह सुरक्षा आवेदन पर निर्णय करने अथवा न्यायालय में साक्ष्य देने के लिए उपस्थित रहने की आवश्यकता है;

(छ) ''लाइव लिंक'' का अर्थ है जिसमें कोई ऐसा लाइव वीडियो लिंक या ऐसी अन्य व्यवस्था शामिल है जिसके माध्यम से गवाह किसी मामले में साक्ष्य हेतु न्यायालय में अथवा सक्षम प्राधिकार से बातचीत करने के लिए भौतिक रूप से उपस्थित न होकर लिंक के माध्यम से उपस्थित रहे;

(ज) ''गवाह सुरक्षा उपायों'' का अर्थ है योजना के भाग-II के कंडिका-7, भाग-III, भाग-IV तथा भाग-V में वर्णित उपाय;

(झ) ''अपराध'' का अर्थ उन अपराधों से है जो मृत्युदंड या आजीवन कारावास या सात साल तक और उससे अधिक के कारावास के साथ दंडनीय हैं और साथ ही वे अपराध जो भारतीय दंड संहिता की धारा-354, 354क, 354ख, 354ग, 354घ और 509 के तहत्‌ दंडनीय अपराध है,

(ञ) ''खतरा विश्लेषण रिपोर्ट'' का अर्थ है, गवाह या उसके परिवार के सदस्यों के प्रति संभावित खतरे की गंभीरता और विश्वसनीयता से संबंधित जॉच करने वाले जिला पुलिस प्रमुख द्वारा तैयार और प्रस्तुत एक विस्तृत रिपोर्ट। इसमें खतरे की तीव्रता, धमकी देने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की मंशा, उद्देश्य और धमकी को पूरा करने संबंधी संसाधनाें के विश्लेषण के अतिरिक्त गवाह या उसके परिवार द्वारा प्रकट उनके जीवन, प्रतिष्ठा या संपत्ति के लिए खतरे की प्रकृति के बारे में विशिष्ट विवरण शामिल होंगे;

यह मामले में किए जाने वाले उपायों के साथ विशिष्ट गवाह सुरक्षा उपायों के बारे में सुझाव देने के अलावा संभावित खतरे की धारणा को भी वर्गीकृत करेगा,

(ट) ''गवाह'' का अर्थ ऐेसे किसी व्यक्ति से है, जो किसी अपराध के बारे में जानकारी या दस्तावेज रखता है,

(ठ) ''गवाह सुरक्षा आवेदन'' का अर्थ है, गवाह सुरक्षा आदेश की मांग के लिए इसके सदस्य-सचिव के माध्यम से सक्षम प्राधिकार के समक्ष निर्धारित प्रपत्र में गवाह द्वारा दिया गया आवेदन। यह आवेदन, गवाह, उसके पारिवारिक सदस्य, उसके द्वारा प्राधिकृत अधिवक्ता या संबंधित अनुसंधानकर्त्ता/ थानाध्यक्ष/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी/काराधीक्षक दे सकतें हैं तथा यह अधिमानतः संबंधित अभियोजन पदाधिकारी के द्वारा अग्रसारित होना चाहिए।

(ड.) ''गवाह सुरक्षा कोष'' का अर्थ, इस योजना के तहत्‌ सक्षम प्राधिकार द्वारा पारित गवाह सुरक्षा आदेश के कार्यान्वयन के दौरान किऐ गए खर्चाें को वहन करने के लिए बनाया गया कोष है;

(ढ) ''गवाह सुरक्षा आदेश'' का अर्थ है, सक्षम प्राधिकार द्वारा गवाह सुरक्षा के संदर्भ में किए जाने वाले उपायों के विवरण से संबंधित पारित आदेश;

(ण) ''गवाह सुरक्षा कोषांग'' का अर्थ है, राज्य में पुलिस महानिरीक्षक(सुरक्षा) की पुलिस या केन्द्रीय पुलिस ऐजेंसियों का एक विशिष्ट प्रकोष्ठ जिसे गवाह सुरक्षा आदेश को लागू करने का कर्तव्य सौंपा गया है।

भाग-II

3. संभावित खतरे के अनुसार गवाहों की श्रेणियाँः

श्रेणी 'क'ः- जहाँ अन्वेषण/जाँच/विचारण अथवा उसके बाद गवाह या उसके परिवार के सदस्यों के जीवन को खतरा हो।

श्रेणी 'ख'ः- जहाँ अन्वेषण/जाँच/विचारण के दौरान अथवा उसके बाद गवाह अथवा उसके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा, प्रतिष्ठा अथवा सम्पत्ति को खतरा हो। श्रेणी 'ग'ः- जहाँ अन्वेषण/जाँच/विचारण के दौरान अथवा उसके बाद खतरा मामूली है और गवाह अथवा उसके परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित करने, डराने-धमकाने, प्रतिष्ठा अथवा सम्पत्ति से संबंधित है।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11115555 tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020 4. राज्य गवाह सुरक्षा कोषः

(क) गवाह सुरक्षा कोष के रूप में ज्ञात एक कोष होगा जिसमें से सक्षम प्राधिकार द्वारा पारित गवाह सुरक्षा आदेश के कार्यान्वयन के दौरान हुए व्यय अथवा तत्संबंधी अन्य व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

(ख) गवाह सुरक्षा कोष में निम्नलिखित शामिल होंगेः

i. राज्य सरकार द्वारा वार्षिक बजट में बजटीय उपबंध से प्राप्ति; ii. न्यायालयों/प्राधिकरणों द्वारा गवाह सुरक्षा कोष में जमा करने के आदेश/अधिरोपित लागतों (Cost) की रकम की प्राप्ति;

iii. केन्द्रीय/राज्य सरकारों द्वारा अनुमत लोकोपकारी धर्मार्थ संस्थाओं/संगठनों/ व्यक्तियों से प्राप्त दान/योगदान;

iv. कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के अधीन दी गई निधियाँ।

(ग) (i) यह कोष अव्यपगत होगा;

(ii) यह कोष गृह विभाग के अधीन होगा तथा इस प्रकार प्रशासित होगा जैसा राज्य सरकार द्वारा विहित की जाय।

5. सक्षम प्राधिकार के समक्ष आवेदन दायर करनाः

इस योजना के अन्तर्गत सुरक्षा आदेश प्राप्त करने के लिए आवेदन सदस्य-सचिव के माध्यम से समर्थन दस्तावेज के साथ, यदि कोई हो, संबंधित जिले, जहाँ अपराध हुआ है, के सक्षम प्राधिकार के समक्ष प्रस्तावित योजना के साथ संलग्न निर्धारित प्रपत्र में दायर किया जा सकता है।

6. आवेदन पर कार्रवाई करने से संबंधित प्रक्रियाः

(क) संबंधित प्राधिकार के सदस्य-सचिव द्वारा निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्राप्त होने पर वह संबंधित पुलिस अनुमंडल के प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपाधीक्षक से खतरा विश्लेषण रिपोर्ट मंगाने के लिए तुरंत आदेश पारित करेगा।

(ख) सक्षम प्राधिकार, आसन्न खतरे के कारण मामले में तत्कालिकता के आधार पर आवेदन की विचाराधीन अवधि के दौरान गवाह अथवा उसके परिवार के सदस्यों के अंतरिम सुरक्षा हेतु आदेश पारित कर सकता है।

परन्तु, आवेदक और उसके परिवार के सदस्यों के जीवन को गंभीर तथा आसन्न खतरे के मामले में तत्काल सुरक्षा देने से पुलिस को कोई बात नहीं रोकेगी।

(ग) पूर्ण गोपनीयता बनाए रखते हुए संभावित खतरा विश्लेषण रिपोर्ट को शीघ्रता से तैयार किया जाएगा और यह रिपोर्ट आदेश प्राप्ति के पॉच कार्य दिवसों के भीतर सक्षम प्राधिकार के पास दी जाएगी। (घ) खतरा विश्लेषण रिपोर्ट में खतरे की श्रेणी निर्धारित की जाएगी और उसमें गवाह अथवा उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए सुरक्षा संबंधी उपायों का सुझाव भी शामिल होगा। (ड.) गवाह सुरक्षा से संबंधित आवेदन पर कार्रवाई करते हुए, सक्षम प्राधिकार गवाह के सुरक्षा जरूरतों का आकलन करने के लिए अधिमानतः व्यक्तिगत रूप से और यदि संभव नहीं है तो इलेक्ट्रॉनिक माध्यमाें के जरिए गवाह और/अथवा उसके परिवार के सदस्यों/नियोजकोें या उचित समझे जाने वाले अन्य किसी व्यक्ति से भी बातचीत करेगा।

(च) सक्षम प्राधिकार द्वारा गवाह सुरक्षा आवेदन पर समस्त सुनवाई पूर्ण गोपनीयता रखते हुए व्यक्तिगत कक्ष में (In Camera) होगी।

(छ) आवेदन का निष्पादन पुलिस प्राधिकारियों से खतरा विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्त होने के पाँच कार्य दिवसों के भीतर किया जाएगा।

(ज) सक्षम प्राधिकार द्वारा पारित गवाह सुरक्षा आदेश का कार्यान्वयन, गवाह सुरक्षा कोषांग अथवा विचारण न्यायालय द्वारा किया जाएगा। सक्षम प्राधिकार द्वारा पारित समस्त गवाह सुरक्षा आदेशों के कार्यान्वयन का समग्र दायित्व राज्य के पुलिस महानिदेशक का होगा।

तथापि, पहचान बदलने और/अथवा स्थान बदलने के लिए सक्षम प्राधिकार द्वारा पारित गवाह सुरक्षा के आदेश का कार्यान्वयन गृह विभाग द्वारा किया जाएगा।

(झ) गवाह सुरक्षा आदेश पारित हो जाने पर गवाह सुरक्षा कोषांग सक्षम प्राधिकार के समक्ष मासिक अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट दायर करेगा।

(ञ) यदि सक्षम प्राधिकार यह पाता है कि गवाह सुरक्षा आदेश में संशोधन करने की आवश्यकता है अथवा इस संबंध में कोई आवेदन दायर किया जाता है तो विचारण पूरा होने पर संबंधित पुलिस अनुमंडल के प्रभारी सहायक पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपाधीक्षक से नई खतरा विश्लेषण रिपोर्ट मांगी जाएगी।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11115555 tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020 7. सुरक्षा उपायों के प्रकारः

जिन गवाह सुरक्षा उपायों का आदेश दिया गया है वे खतरे के अनुपातिक होंगे और विशिष्ट अवधि के लिए होंगे जो एक बार में तीन महीने से अधिक की अवधि के लिए नहीं होंगे। इनमें निम्नलिखित शामिल होगाः-

(क) अन्वेषण, जाँच अथवा विचारण के दौरान गवाह और अभियुक्त का एक-दूसरे से आमना-सामना न हो सके सुनिश्चित किया जाना;

(ख) डाक और टेलीफोन कॉल की मॉनिटरिंग, (ग) गवाह के टेलीफोन नम्बर को बदलने अथवा उसे गैर-सूचीबद्ध टेलीफोन नम्बर देने के लिए टेलीफोन कम्पनी के साथ व्यवस्था करना,

(घ) गवाह के घर पर सुरक्षा उपकरण यथा-सिक्योरिटी डोर्स, सीसीटीवी, अलार्म, फेसिंग आदि लगाना, (ङ) गवाह को बदले हुए नाम अथवा वर्णाक्षरों से सन्दर्भित कर गवाह की पहचान छिपाना, (च) गवाह के लिए आपात स्थिति में संपर्क करने हेतु व्यक्ति को नामित करना, (छ) गवाह के घर के आस-पास गहन सुरक्षा, नियमित गश्त, (ज) रिश्तेदार के घर अथवा आस-पास के नगर में गवाह का अस्थायी तौर पर आवास बदलना, (झ) न्यायालय आने-जाने के लिए एस्कार्ट प्रदान करना और सुनवाई की तारीख के लिए सरकारी वाहन अथवा राज्य के व्यय पर वाहन मुहैया करवाना, (ञ) विचारण व्यक्तिगत कक्ष (In Camera) में करना, (ट) बयान अथवा साक्ष्य दर्ज करने के दौरान एक सहायक व्यक्ति को मौजूद रहने की अनुमति देना, (ठ) विशेष रूप से निर्मित संवेदनशील गवाह (Vulnerable Witness) न्यायालय कमरों का उपयोग करना जिनमें गवाहाें और अभियुक्तों के लिए अलग-अलग रास्तों के अलावा लाइव वीडियो संपर्क, ऐसी वनवे मिरर और स्क्रीन जैसी विशेष व्यवस्थाएं हों जिसमें गवाह के चेहरे के प्रतिबिम्ब में बदलाव करने और गवाह की आवाज के आडियोफीड में बदलाव करने का विकल्प हो ताकि उसकी पहचान न हो सके,

(ड) बिना स्थगन दैनिक आधार पर किए जाने वाले विचारण के दौरान साक्ष्य त्वरित रूप से दर्ज किया जाना को सुनिश्चित करना,

(ढ) निवास स्थान बदलने, भरण-पोषण अथवा नया व्यवसाय शुरू करने, जो भी जरूरी समझा जाए, के प्रयोजन के लिए गवाह सुरक्षा कोष में से गवाह को समय-समय पर आवधिक वित्तीय सहायता/अनुदान प्रदान करना,

(ण) आवश्यक समझे जाने वाले सुरक्षा का कोई अन्य प्रकार,

8. मॉनीटरिंग और समीक्षाः सुरक्षा आदेश पारित हो जाने पर सक्षम प्राधिकार इसके कार्यान्वयन की मॉनिटरिंग करेगा और इस मामले में प्राप्त अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्टों के अनुसार उसकी समीक्षा करेगा। तथापि, सक्षम प्राधिकार गवाह सुरक्षा कोषांग द्वारा प्रस्तुत मासिक अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार तिमाही आधार पर गवाह सुरक्षा आदेश की समीक्षा करेगा। भाग-III

9. पहचान की सुरक्षाः

किसी अपराध का अन्वेषण, जाँच अथवा विचारण के दौरान पहचान की सुरक्षा की मांग करते हुए आवेदन निर्धारित प्रपत्र में सक्षम प्राधिकार के समक्ष उसके सदस्य-सचिव के माध्यम से दायर किया जा सकता है। आवेदन प्राप्त होने पर सक्षम प्राधिकार का सदस्य-सचिव खतरा विश्लेषण रिपोर्ट मंगवाएगा। सक्षम प्राधिकार यह सुनिश्चित करने के लिए गवाह अथवा उसके परिवार के सदस्यों अथवा उचित समझे जाने वाले किसी अन्य व्यक्ति से पूछताछ करेगा कि क्या पहचान सुरक्षा आदेश पारित करने की आवश्यकता है। आवेदन की सुनवाई के दौरान, गवाह की पहचान किसी व्यक्ति के समक्ष प्रकट नहीं की जाएगी, जिससे गवाह की पहचान होने की संभावना हो। तत्पश्चात्‌ सक्षम प्राधिकार अभिलेख में उपलब्ध तथ्य के अनुसार आवेदन का निस्तारण कर सकता है।

सक्षम प्राधिकार द्वारा एक बार गवाह की पहचान के सुरक्षा संबंधी आदेश जारी करने के बाद, गवाह सुरक्षा कोषांग का दायित्व यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे गवाह/उसके परिवार के सदस्यों के नाम/पितृत्व/पेशा/पता/डिजिटल फुटप्रिंटों सहित उसकी पहचान की पूर्ण रूप से सुरक्षा हो सके।

सक्षम प्राधिकार के आदेश के तहत्‌ जब तक किसी गवाह की पहचान का सुरक्षा किया जायेगा तब तक के लिए गवाह सुरक्षा कोषांग उन व्यक्तियों के ब्योरे उपलब्ध करवाएगा जिनसे आपात स्थिति में गवाह द्वारा संपर्क किया जा सके।

भाग-IV

10. पहचान में परिवर्तनः

उपयुक्त मामलों में, जहाँ पर गवाह द्वारा पहचान में परिवर्तन का अनुरोध किया जाता है, तो खतरा विश्लेषण रिपोर्ट के आधार पर सक्षम प्राधिकार द्वारा गवाह को नई पहचान देने का निर्णय लिया जा सकता है।5 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11115555 tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020 नई पहचान देने में, नया नाम/पेशा/पितृत्व प्रदान करना और सरकारी एजेन्सियों द्वारा स्वीकार्य सहायक दस्तावेज उपलब्ध करवाना शामिल है। इन नई पहचान के कारण गवाह अपने विद्यमान शैक्षिक/व्यावसायिक/संपत्ति अधिकारों से वंचित नहीं होगा। भाग-V

11. गवाह को दूसरी जगह बसानाः उपयुक्त मामलों में, जहाँ पर गवाह द्वारा दूसरी जगह पर बसाने का अनुरोध किया जाता है, तो खतरा विश्लेषण रिपोर्ट के आधार पर सक्षम प्राधिकार द्वारा गवाह को दूसरी जगह पर बसाने का निर्णय लिया जा सकता है। सक्षम प्राधिकार गवाह की सुरक्षा, कल्याण और भलाई को ध्यान में रखते हुए गवाह को भारत संघ के किसी राज्य/केन्द्र शासित क्षेत्र में किसी सुरक्षित स्थान पर बसाने का आदेश दे सकता है। इस खर्चे का वहन गवाह सुरक्षा कोषांग से किया जाएगा।

भाग-VI

12. गवाहों को योजना से अवगत करवानाः इस योजना का व्यापक प्रचार किया जायेगा। अनुसंधानकर्त्ता और न्यायालय, गवाहों को ''गवाह सुरक्षा योजना'' और इसकी प्रमुख विशेषताओं के बारे में जानकारी देंगे। 13. गोपनीयता और अभिलेखों का अनुरक्षणः पुलिस, अभियोजन, न्यायालय कर्मी, दोनों पक्षों के वकीलों सहित सभी हितधारक पूर्ण गोपनीयता बनाए रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्थिति में इस योजना के अंतर्गत होने वाली कार्यवाहियों से संबंधित किसी भी अभिलेख, दस्तावेज या सूचना को सिवाय विचारण न्यायालय/अपीलीय न्यायालय के, जिन्हें भी यह जानकारी लिखित आदेश पर ही दी जाएगी, किसी रूप में किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत कार्यवाहियों से संबंधित सभी अभिलेखों को उस समय तक संरक्षित रखा जाएगा जब तक कि न्यायालय के समक्ष संबंधित विचारण या उससे संबंधित अपील लम्बित हो। न्यायालय की अंतिम कार्यवाहियों के निपटान के एक वर्ष के बाद, सक्षम प्राधिकार अभिलेखों की स्कैन की हुई सॉफ्ट प्रतियों का संरक्षण करने के बाद इसकी हार्ड प्रतियों को विनष्ट कर सकता है। 14. व्यय की वसूलीः गवाह द्वारा झूठी शिकायत दर्ज कराए जाने के मामले में, गृह विभाग, गवाह सुरक्षा कोष से हुए व्यय की वसूली की कार्यवाही आरम्भ कर सकता है। 15. समीक्षाः यदि गवाह या पुलिस प्राधिकार सक्षम प्राधिकार द्वारा लिए गए निर्णय से असंतुष्ट है तो, सक्षम प्राधिकार द्वारा आदेश पारित किए जाने के 15 दिनों के भीतर पुनर्विलोकन (Review) आवेदन दायर किया जा सकता है।

बिहार गवाह सुरक्षा योजना, 2018

के अन्तर्गत

गवाह सुरक्षा आवेदन

(दो प्रतियों में भरा जाना है) सक्षम प्राधिकार, जिला.............................के समक्ष, निम्न के लिए आवेदनः 1. गवाह सुरक्षा 2. गवाह पहचान सुरक्षा 3. नई पहचान 4. गवाह को दूसरी जगह पर बसाना

1 . गवाह का विवरण (स्पष्ट अक्षरों में भरेें)ः 1) नाम 2) आयु 3) लिंग (पुरूष/महिला/अन्य) 4) पिता/माता का नाम 5) आवास का पता 6) गवाह का नाम और परिवार के अन्य सदस्यों का ब्यौरा जिन्हें धमकी मिल रही है या उसका अंदेशा है। 7) संपर्क ब्योरा (मोबाइल/ई-मेल) . ........................................ ......................................... ......................................... ......................................... ......................................... .........................................
2 आपराधिक मामले का विवरणः- 1) एफआईआर नं0 2) किस धारा के अधीन है 3) थाना 4) जिला 5) थाना दैनिकी सं. (यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई है) 6) आपराधिक वाद सं. (निजी शिकायत के मामले में) . ........................................ ......................................... ......................................... ......................................... ......................................... .........................................
3. आरोपी का विवरण (यदि उपलब्ध/ज्ञात है) 1) नाम 2) पता . ........................................ .........................................
4 धमकी देने वाले/जिस पर धमकी देने का संदेह है उस व्यक्ति का नाम और अन्य विवरण
5 धमकी की प्रकृतिः-विशिष्ट तारीख, स्थान, और प्रयोग किये गये शब्दों के साथ मामले में प्राप्त धमकी का संक्षिप्त ब्योरा।
6 गवाह द्वारा/के लिए आवेदित गवाह सुरक्षा उपायों का प्रकार।
7 अंतरिम/तात्कालिक गवाह सुरक्षा की आवश्यकता का ब्योरा, यदि अपेक्षित है।
6 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11115555 tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020tuojh 2020

• आवेदक/गवाह द्वारा अधिक जानकारी देने के लिए अतिरिक्त पन्नों का प्रयोग किया जा सकता है।

...................................................... आवेदक का हस्ताक्षर सहित पूरा नाम एवं पता

तारीख.................... स्थान.....................

बचनबद्धता

1. मै वचन देता हूँ कि मैं सक्षम प्राधिकार और राज्य के गृह विभाग तथा गवाह सुरक्षा कोषांग के साथ पूरा सहयोग करूंगा।

2. मैं प्रमाणित करता हूूँ कि इस आवेदन में मेरे द्वारा दी गई सूचना मेरी जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है।

3. मुझे ज्ञात है कि यदि इस आवेदन में मेरे द्वारा दी गई सूचना गलत पाई जाती है तो सक्षम प्राधिकार को योजना के अन्तर्गत गवाह सुरक्षा कोष से मेरे ऊपर किए गए खर्च की वसूली करने का अधिकार होगा।

.......................................... हस्ताक्षर सहित पूरा नाम तारीख.................... स्थान.....................

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अजीत कुमार सिंह, सरकार के उप सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 15 January 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-01-15.38/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-01-15.38.