असाधारण अंक
बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित
14 ek?k 1941 (श0)
fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn fo|kifr ekxZ] iVuk&800001 &&&&&& अधिसूचना 1 मार्च 2019
la0 2288&&भागलपुर जिलान्तर्गत श्री श्री 108 दक्षिण कालिका महारानी मंदिर, गाँव-एकचारी, था0-रसलपुर, अंचल-कहलगाँव पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0-4459 है।
श्री गुरूदेव मंडल द्वारा उक्त मंदिर की फोटोग्राफ, समर्पणनामा की प्रति तथा खतियान की प्रति के साथ मंदिर का निबंधन पर्षद में कराये जाने हेतु प्रार्थना-पत्र दिया गया। उक्त आवेदन के आलोक में स्थानीय जांच करायी गयी तथा अंचलाधिकारी, कहलगांव के प्रतिवेदन के आलोक में पर्षद ने यह पाया कि श्री श्री 108 दक्षिण कालिका महारानी मंदिर, गाँव-एकचारी, था0-रसलपुर, अंचल-कहलगाँव, जिला-भागलपुर एक सार्वजनिक धार्मिक मंदिर है। इन तथ्यों के आलोक में इस मंदिर का निबंधन पर्षद में किया गया, जिसकी निबंधन सं0-4459 है।
उक्त मंदिर की सुरक्षा, देख-भाल व संरक्षण हेतु अंचलाधिकारी, कहलगांव से न्यास समिति के गठन हेतु 11 व्यक्तियों के नामों की सूची की मांग पर्षदीय पत्रांक-2038, दिनांक 17/10/2016 द्वारा की गयी जिसके आलोक में अंचलाधिकारी, कहगांव ने अपने पत्रांक-04, दिनांक 02/01/2017 द्वारा 11 लोगों के नामों की अनुषंसा न्यास समिति के गठन हेतु भेजी। पर्षद द्वारा उक्त अनुषंसित नामों का चरित्र-सत्यापन थानाध्यक्ष, रसलपुर (एकचारी) से कराया गया। सत्यापन प्रतिवेदन संबंधित थाना द्वारा दिनांक 10/04/2017 को भेजी गयी, जिसमें सभी 11 व्यक्तियों का सत्यापन सही पाया गया। इसी बीच श्री उमेष मंडल एवं अन्य लोगों द्वारा दिनांक 05/12/2018 को प्रार्थना-पत्र दिया गया कि न्यास समिति के गठन करने हेतु ग्रामीणों की बैठक बुलाकर नामों का चयन किया जाय।
दिनांक 14/02/2019 को दोनों पक्षों द्वारा स्वीकार किया गया कि सभी सातों सेवायत का निधन हो चुका है। दोनों पक्षों के साथ विचार-विर्मष तथा दोनों पक्षों की सहमति से बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950, की धारा-32 के अन्तर्गत एक नवीन न्यास योजना का निरूपण तथा इसके संचालन के लिए 11 व्यक्तियों की न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया। 2 बिहार गजट (असाधारण), 3 Qjojh 2020 योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री श्री 108 दक्षिण कालिका महारानी मंदिर न्यास योजना, गाँव- एकचारी, था0-रसलपुर, अंचल-कहलगाँव, जिला-भागलपुर'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री 108 दक्षिण कालिका महारानी मंदिर न्यास समिति, गाँव-एकचारी, था0-रसलपुर, अंचल-कहलगाँव, जिला-भागलपुर'' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। यह विवरणी मार्गदर्षिका के आलोक में देय होगा।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) श्री गुरूदेव मंडल पिता- स्व0 जगदीष मंडल, ग्रा0पो0-एकचारी- अध्यक्ष (2) श्री उमेष मंडल पिता- स्व0 ताले मंडल, ग्रा0पो0-एकचारी, रसलपुर उपाध्यक्ष (3) श्री उपेन्द्र नारायण सिंह पिता- स्व0 सरयुग, ग्रा0पो0-एकचारी पष्चिमी टोला- सचिव (4) श्री प्रभास चन्द्र पिता- स्व0 काषी मंडल, ग्रा0पो0- एकचारी पष्चिमी टोला- सदस्य (5) श्री छोटे लाल महलदार पिता- स्व0 अन्तलाल महलदार, ग्रा0पो0-एकचारी पष्चिमी टोला- सदस्य (6) श्री हृदय नारायण मंडल पिता- स्व0 मोहन मंडल, ग्रा0पो0-एकचारी पष्चिमी टोला- सदस्य (7) श्री जय प्रकाष मंडल पिता- स्व0 बंगाली मंडल, ग्रा0पो0-एकचारी पष्चिमी टोला- सदस्य (8) श्री नेपाली मंडल पिता- स्व0 जगदेव मंडल, ग्रा0पो0-एकचारी पष्चिमी टोला- सदस्य (9) श्री विजय कुमार पिता- स्व0 दषरथ मंडल, ग्रा0पो0-एकचारी पष्चिमी टोला- सदस्य (10) श्री राजेन्द्र मंडल पिता- स्व0 जगदीष मंडल, ग्रा0पो0-एकचारी पष्चिमी टोला- सदस्य (11) श्री चौरासी यादव पिता- स्व0 जानकी यादव, ग्रा0पो0-एकचारी पष्चिमी टोला- सदस्य 12. उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्षों का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर इसकी निरन्तरता कायम रहेगी। साथ ही न्यास समिति को यह भी निर्देषित किया जाता है कि न्यास समिति के गठन के उपरांत बैठक आहुत कर सर्वसम्मति से कोषाध्यक्ष का चयन कर पर्षद का अनुमोदन प्राप्त करेगी।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, प्रषासक।