निबंधन संख्या पी0टी0-40 असाधारण अंक बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित
14 ek?k 1941 (श0)
fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn fo|kifr ekxZ] iVuk&800001 &&&&&& अधिसूचना 13 फरवरी 2019
la0 1940&&श्री रामजानकी मंदिर, ग्राम-सिसवा बहुअरवा कला, थाना-षिकारपुर, जिला-पष्चिम चम्पारण पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3385 है। इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सुचारू प्रबंधन हेतु एक न्यास समिति का गठन पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-2727 दिनांक 23.12.1998 के द्वारा अगले आदेष तक के लिए किया गया था। उक्त न्यास समिति द्वारा अपने कार्यो का संतोषजनक ढंग से निष्पादन नहीं करने के कारण पर्षदीय आदेष पत्रांक-4670 दिनांक 06.01.2003 द्वारा बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 29 (2) के अन्तर्गत समिति को भंग कर दिया गया तथा पर्षदीय पत्रांक-1522-36 दिनांक 11.08.2004 द्वारा अधिनियम की धारा 29 (1) के तहत 15 सदस्यीय समिति को मान्यता दी गयी। उक्त न्यास समिति के सभी सदस्यों ने त्याग पत्र देते हुए नयी समिति के गठन का अनुरोध किया जो पर्षद को दिनांक 25.05.2010 को प्राप्त हुआ और दिनांक 05.01.2012 को इसे स्वीकार किया गया। इसके बाद नयी न्यास समिति के गठन हेतु स्थानीय अंचलाधिकारी से पत्राचार किया गया, परन्तु नाम प्राप्त नहीं हुआ। तत्पष्चात् पर्षदीय पत्रांक-404 दिनांक 26.05.2017 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, नरकटियागंज से न्यास समिति के गठन हेतु 11 व्यक्यिों की एक सूची उपलबध कराने का आग्रह किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने पत्रांक-245 दिनांक 05.03.2018 द्वारा 11 व्यक्तियों की एक सूची पर्षद को भेजा जिसे पर्षदीय पत्रांक-811 दिनांक 26.09.2018 द्वारा थानाध्यक्ष, षिकारपुर को चरित्र सत्यापन के लिए भेजा गया। थानाध्यक्ष, षिकारपुर द्वारा चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन दिनांक 15.11.2018 को पर्षद को प्राप्त हुआ, जिसमें उल्लेख किया गया कि थाना अभिलेख में 11 व्यक्तियों के विरूद्ध कोई षिकायत अंकित नही है। तत्पष्चात् पर्षदीय पत्रांक-1133 दिनांक 28.11.2018 द्वारा उक्त सभी ग्यारह व्यक्तियों को प्रस्तावित न्यास समिति में योगदान देने के संबंध में सहमति प्रदान करने के लिए दिनांक 10.01.2019 को व्यक्तिगत रूप से पर्षद कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देष दिया गया। इसी दौरान श्री रमेष पासवान, पूर्व सचिव द्वारा दिनांक 10.01.2019 को आपत्ति की गयी कि सूची में नामित अरविन्द कुषवाहा, रामायण पासवान के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज है तथा अर्जून पासवान द्वारा शपथ-पत्र दिया गया है, कि वे न्यास समिति में नहीं रहना चाहते है। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि सूची में नामित शभ्भु साह, अलखनिरंजन श्रीवास्तव द्वारा मठ की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। श्री अरविन्द कुषवाहा पर थाना कांड सं0-240 में धारा 107/117 सी0 आर0 पी0 सी0 की प्रोसिंडिग चली थी जिसके संबंध में अरविन्द कुषवाहा ने बतलाया कि उक्त प्रोस्ंिडिंग समाप्त हो गयी है एवं रामायण पासवान के खिलाफ भी थाना में भा0 द0 वि0 की धारा 341, 188, 489, 379 आदि दर्ज है। अर्जुन पासवान जो उक्त तिथि को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे, ने बतलाया कि2 बिहार गजट (असाधारण), 3 Qjojh 2020 न्यास समिति में शामिल होकर मंदिर की भूमि का रक्षा करने को तैयार हैं। श्री शम्भु साह, अलखनिरंजन श्रीवास्तव और अवधेष प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि वे मंदिर के किसी भूमि पर अवैध कब्जा नही किये हुए है।
उपरोक्त परस्थिति में श्री शम्भु साह तथा अलखनिरंजन श्रीवास्तव को निर्देष दिया गया कि वे अपना फोटो तथा आधार कार्ड के साथ शपथ पत्र दाखिल करें कि उन्होंने मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जा नहीं किया है। साथ ही जिनके विरूद्ध मुकदमा दर्ज होने का आरोप था, उन्हें भी शपथ-पत्र दाखिल करने का निर्देष दिया गया कि उनके खिलाफ था, जो मुकदमा हुआ था वह निर्णित हो गया।
दिनांक 31.01.2019 को पर्षदीय आदेष दिनांक 10.01.2019 के आलोक में श्री अरविन्द प्रसाद कुषवाहा, श्री रामायण प्रसाद कुषवाहा, अवधेष प्रासाद श्रीवास्तव, शम्भु साह, अलखनिरंज प्रसाद एवं श्री हरेन्द्र महतो द्वारा शपथ-पत्र दाखिल कर कथन किया गया कि उनके द्वारा न तो मंदिर का जमीन कब्जा की गयी है और न ही उनके उपर कोई मुकदमा विचाराधीन है। श्री रामायण पासवान के संबंध में श्री रमेष पासवान, पूर्व सचिव द्वारा कहा गया कि थाना कांड संख्या-196/11 रामायण पासवान के विरूद्ध वाद विचाराधीन है।
उपरोक्त परिस्थिति में श्री रामायण पासवान को छोड़कर शेष दस सदस्यों तथा अनुमंडल पदाधिकारी नरकटियागंज को अध्यक्ष नामित करते हुए एक न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया है।
उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना का निरूपण एवं उसके संचालन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः उपर्युक्त परिस्थिति में मैं, अखिलेष कुमार जैन, प्रशासक, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 81 (ख) सह पठित धारा 8 (क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस न्यास के सम्यक विकास एवं सुसंचालन के लिए अधिनियम की धारा 32 के तहत निम्नलिखित योजना का निरूपण करता हूँ।
योजना 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री रामजानकी मंदिर, ग्राम-सिसवा बहुअरवा कला न्यास योजना होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री रामजानकी मंदिर, ग्राम-सिसवा बहुअरवा कला न्यास समिति होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी। 6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि यदि कोई है, को वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। न्यास के प्रतिकुल कार्य पाये जाने की स्थिति में सदस्य को समिति के कार्यकाल की अवधि के दौरान उन्हे सदस्यता से मुक्त किया जा सकता हैं।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी एवं पर्षद को समय-समय पर इससे सम्बद्ध तथ्यों की जानकारी देगी। पर्षद के आदेष के बिना समिति द्वारा कोई ऐसा कार्य नहीं किया जायेगा जिससे न्यास एवं पर्षद का हित प्रभावित होता हो।
13. न्यास समिति न्यास की जमीन/मकान का हस्तांतरण, लीज या अन्य किसी भी रूप में अन्यसंक्रमण पर्षद की अनुमति के बिना नहीं करेगी। पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) अनुमंडल पदाधिकारी, नरकटियागंज- अध्यक्ष (2) श्री शम्भु साह पे0 स्व0 गणेष साह, ग्राम-बहुआरवा कला, नरकटियागंज- उपाध्यक्ष (3) श्री हरेन्द्र महतो पे0 स्व0 तिलक महतो, ग्राम-बहुआरवा कला, नरकटियागंज- सचिव3 बिहार गजट (असाधारण), 3 Qjojh 2020 (4) श्री अलखनिरंजन श्रीवास्तव पे0 स्व0 ललन श्रीवास्तव, ग्राम-बहुआरवा कला, नरकटियागंज- कोषाध्यक्ष (5) श्री अवधेष प्रसाद श्रीवास्तव पे0 स्व0 सूर्य प्रसाद श्रीवास्तव, ग्राम-बहुआरवा कला, नरगटियागंज- सदस्य (6) श्री राज कुमार यादव पे0 श्री रामायण यादव, ग्राम-बहुआरवा कला, नरकटियागंज- सदस्य (7) श्री अर्जुन पासवान पे0 स्व0 गौरीषंकर पासवान, ग्राम-बहुआरवा कला, नरकटियागंज- सदस्य (8) श्री अनुपम दूबे पे0 श्री विनोद दूबे, ग्राम-सिसवा, नरकटियागंज- सदस्य (9) श्री अरबिन्द कुषवाहा पे0 श्री जनार्दन कुषवाहा, ग्राम-सिसवा, नरकटियागंज- सदस्य (10) श्री रामायण प्रसाद कुषवाहा पे0 श्री गोरख कुषवाहा, ग्राम-सिसवा, नरकटियागंज- सदस्य (11) श्री दिनानाथ यादव पे0 स्व0 श्री लोरिक यादव, ग्राम-सिसवा, नरकटियागंज- सदस्य उपरोक्त सभी जिला-पष्चिम चम्पारण। इस न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से (05) पॉच वर्ष का होगा। एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी और संतोषप्रद पाये जाने पर कार्यकाल की निरन्तरता कायम रहेगी।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, प्रषासक।
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अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय, बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट (असाधारण) 76-571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in