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૧૪૧૪૧૪૧૪ eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્ 1941 (0) , શ્રત્ત્seંત્ત્jશ્રત્ત્seંત્ત્jશ્રત્ત્seંત્ત્jશ્રત્ત્seંત્ત્j, ૩૩૩૩ મ્jંમ્jંમ્jંમ્jંjત્ર્jત્ર્jત્ર્jત્ર્ बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद विद्यापति मार्ग, पटना-800001-800001-800001-800001 विद्यापति मार्ग, पटना विद्यापति मार्ग, पटना विद्यापति मार्ग, पटना ——— आदेष 30 सितम्बर 2019
सं॰ 1030--डोभी ठाकुरबाड़ी, ग्र
गया पर्षद के अन्तर्गत डोभी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0थाना- डोभी, अनुमंडल-शेरघाटी, जिला-गया पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-
र्मक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-2797 है।
05/11/2018 एवं इस न्यास के संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी, शेरघाटी के प्रतिवेदन दिनांक 05/11/2018 एवं इस न्यास के संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी डोभी का प्रतिवेदन दिनांक 28/08/2017 से स्पष्ट है कि डोभी ठाकुरबाड़ी से संबंधित भूमि की 28/08/2017 से स्पष्ट है कि डोभी ठाकुरबाड़ी से संबंधित भूमि की अंचलाधिकारी, डोभी का प्रतिवेदन दिनांक 810 के अन्तर्गत हाल सर्वे खतियान में भूमि जांच राजस्व अभिलेख से किया गया, जिसमें मौजा- डोभी, था0 नं0-810 के अन्तर्गत हाल सर्वे खतियान में भूमि जांच राजस्व अभिलेख से किया गया, श्री ठाकुर जी सेवायत त्रिभुवन दास चेला महंत काषी दास के नाम से 7 09 एकड़ भूमि इन्द्राज है। इसका ी ठाकुर जी सेवायत त्रिभुवन दास चेला महंत काषी दास के नाम से 7.09 एकड़ भूमि इन्द्राज है। इसका दाखिल-खारिज पर विष्वम्भर दास चेला राम नरेष से भी इन्द्राज है तथा प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख है कि इस दाखिल-खारिज पर विष्वम्भर दास चेला राम नरेष से भी इन्द्राज है तथा प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख है कि इस दाखिल-खारिज पर विष्वम्भर दास चेला राम नरेष से भी इन्द्राज है तथा प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख है कि इस न्यास को शादी-विवाह एवं दुकान किराया से अच्छी आय प्राप्त है, ि जसे विष्वम्भर दास द्वारा प्राप्त किया जाता है, न्यास को शादी-विवाह एवं दुकान किराया से अच्छी आय प्राप्त है, जिसे विष्वम्भर दास द्वारा प्राप्त किया जाता है, परतुं हिसाब-किताब नहीं रखा जाता है। पर्षद द्वारा अनेकों पत्राचार के बावजूद महंत विष्वम्भर दास ने पर्षद में परतुं हिसाब-किताब नहीं रखा जाता है। पर्षद द्वारा अनेकों पत्राचार के बावजूद महंत विष्वम्भर दास ने पर्षद में परतुं हिसाब-किताब नहीं रखा जाता है। पर्षद द्वारा अनेकों पत्राचार के बावजूद महंत विष्वम्भर दास ने पर्षद में आय-व्यय विवरणी, पर्षद शुल्क आदि जमा नहीं किया तथा संचिका में यह भी उपलब्ध है कि महंत विष्वम्भर दास आय-व्यय विवरणी, पर्षद शुल्क आदि जमा नहीं किया तथा संचिका में यह भी उपलब्ध है कि महंत विष्वम्भर दास आय-व्यय विवरणी, पर्षद शुल्क आदि जमा नहीं किया तथा संचिका में यह भी उपलब्ध है कि महंत विष्वम्भर दास द्वारा 3.6 एकड़ भूमि पर अपना सेवायती नाम चढ़वा लिया गया है।
एकड़ भूमि पर अपना सेवायती नाम चढ़वा लिया गया है। मा0 विधायक श्री रत्नेष सदा एवं श्री अषोक कुमार द्वारा विधान सभा में उठाये गये ध्यानाकर्षण प्रष्न में मा0 विधायक श्री रत्नेष सदा एवं श्री अषोक कुमार द्वारा विधान सभा में उठाये गये ध्यानाकर्षण प्रष्न में मा0 विधायक श्री रत्नेष सदा एवं श्री अषोक कुमार द्वारा विधान सभा में उठाये गये ध्यानाकर्षण प्रष्न में विष्वम्भर दास पर न्यास की भूमि को अनाधिकृत रूप से दान देने एवं बिक्री करने का आरोप लगाया गया, जबकि विष्वम्भर दास पर न्यास की भूमि को अनाधिकृत रूप से दान देने एवं बिक्री करने का आरोप लगाया गया, जबकि विष्वम्भर दास पर न्यास की भूमि को अनाधिकृत रूप से दान देने एवं बिक्री करने का आरोप लगाया गया, जबकि पर्षदीय जांच में ये मठ पर उपस्थित नहीं मिले।
जांच में ये मठ पर उपस्थित नहीं मिले।
सम्पत्ति के अवैध अन्तरण एवं न्यास निधि के दुरूपयोग के कारण पर्षदीय आदेष दिनांक उपरोक्त परिस्थिति एवं न्यास को लाखों रूपये की आय के बावजूद भी महंत द्वारा हिसाब-किताब नहीं उपरोक्त परिस्थिति एवं न्यास को लाखों रूपये की आय के बावजूद भी महंत द्वारा हिसाब-किताब नहीं उपरोक्त परिस्थिति एवं न्यास को लाखों रूपये की आय के बावजूद भी महंत द्वारा हिसाब-किताब नहीं प्रस्तुत करने एवं आय-व्यय विवरणी, पर्षद शुल्क आदि जमा नहीं करने तथा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन प्रस्तुत करने एवं आय-व्यय विवरणी, पर्षद शुल्क आदि जमा नहीं करने तथा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन प्रस्तुत करने एवं आय-व्यय विवरणी, पर्षद शुल्क आदि जमा नहीं करने तथा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पर्षदीय आदेष दिनांक करते हुए न्यास की अचल सम्पत्ति के अवैध अन्तरण एवं न्यास निधि के दुरूपयोग के कारण दीय आदेष ज्ञापांक 2029, 26/12/2017 द्वारा श्री विषम्भर दास को न्यासधारी के पद से अपसारित करते हुए पर्षदीय आदेष ज्ञापांक 2029, 26/12/2017 द्वारा श्री विषम्भर दास को न्यासधारी के पद से अपसारित करते हुए पर्ष ा- 33 के अन्तर्गत अस्थायी 03/01/2018 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, शेरघाटी को अधिनियम की धारा- 33 के अन्तर्गत अस्थायी दिनांक 03/01/2018 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, शेरघाटी को अधिनियम की धार न्यासधारी नियुक्त किया गया तथा न्यास समिति गठन हेतु स्वच्छ छवि के ग्यारह हिन्दू सज्जनोें का नाम मांगा न्यासधारी नियुक्त किया गया तथा न्यास समिति गठन हेतु स्वच्छ छवि के ग्यारह हिन्दू सज्जनोें का नाम मांगा न्यासधारी नियुक्त किया गया तथा न्यास समिति गठन हेतु स्वच्छ छवि के ग्यारह हिन्दू सज्जनोें का नाम मांगा गया। इस संदर्भ में पर्षद द्वारा निर्गत पत्रों के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी, डोभी द्वारा ठाकुरबाड़ी के सुचारू गया। इस संदर्भ में पर्षद द्वारा निर्गत पत्रों के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी, डोभी द्वारा ठाकुरबाड़ी के सुचारू गया। इस संदर्भ में पर्षद द्वारा निर्गत पत्रों के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी, डोभी द्वारा ठाकुरबाड़ी के सुचारू 13/06/2019 द्वारा भेजी गयी, जिसमें ह व्यक्तियों की सूची अपने पत्रांक-77, दिनांक 13/06/2019 द्वारा भेजी गयी, जिसमें प्रबंधन एवं विकास हेतु ग्यारह व्यक्तियों की सूची अपने पत्रांक-2 (), 3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी 2020202020202020 स्पष्ट लिखा गया है कि सूची मे उल्लेखित व्यक्तियों के चरित्र-सत्यापन के खिलाफ कोई अपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है और न ही ये प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ लेते हैं।
न्यास भूमि के अवैध अन्तरण एवं दान दी गयी जमीन के वापसी की क्या कार्रवाई की गयी, से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु श्री विष्वम्भर दास, अपने प्रार्थना पत्र के आलोक में निर्धारित तिथि 18/09/2019 को पर्षद के समक्ष उपस्थित हुए और कथन किया कि इनके पास वर्तमान में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। पर्षदीय आदेष दिनांक 26/12/2017 के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया गया है।
अतः यह स्पष्ट होता है कि लगाये गये आरोपों के संबंध में आज भी इनके द्वारा न तो कोई दस्तावेज दिया गया और न हीं पर्याप्त स्पष्टीकरण, मौखिक या लिखित दिया गया।
अतः पर्षद के आदेष दिनांक 26/12/2017 में किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं पाते हुए इसे मान्य किया गया है।
उपरोक्त परिस्थति में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा भेजी गयी नामों की सूची को मान्य करते हुए नवीन न्यास समिति का गठन का आदेष दिया जाता है।
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''डोभी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0थाना- डोभी, अनुमंडल- शेरघाटी, जिला- गया'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''डोभी ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, ग्रामपो0थाना-डोभी, अनुमंडल-शेरघाटी, जिला- गया'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''डोभी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, ग्रामपो0थाना- डोभी, अनुमंडल-शेरघाटी, जिला- गया'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा। 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रति वर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत, पर्षद शुल्क आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। 6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझी जाये, तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के किसी सदस्य की आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे, तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
12. उपरोक्त ठाकुरबाड़ी में वंषी दास जो वर्तमान पूजारी का कार्य पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं, उन्हे पूजारी का कार्य करते रहने की अनुमति दी जाती है। समिति के सदस्योें का निदेष दिया जाता है कि ठाकुरबाड़ी की आय का कुछ हिस्सा पूजारी को पूजा-पाठ, राग-भोग तथा पूजारी के स्वयं के खर्च के लिए देते रहेंगे। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) अनुमण्डल पदाधिकारी, शेरघाटी, जिला- गया पदेन अध्यक्ष (2) श्री कोमल यादव पिता- स्व0 तेताली यादव, ग्रामपो0था0- डोभी, गया उपाध्यक्ष (3) श्री जीतेन्द्र यादव पिता- स्व0 जगदेव यादव, '' '' सचिव (4) श्री रघुनन्दन प्र0 पिता- स्व0 चमारी सिंह, '' '' कोषाध्यक्ष (5) प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, डोभी, गया पदेन सदस्य (6) अंचल अधिकारी, डोभी, गया पदेन सदस्य (7) थानध्यक्ष, डोभी, गया पदेन सदस्य3 (), 3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी 2020202020202020 (8) श्री सुरेन्द्र कुमार पिता- रामदेव प्रसाद, ग्रा0पो0था0- डोभी, गया सदस्य (9) श्री विजय प्र0 वर्मा पिता- स्व0 रामलखन प्र0, ग्रा0- केसापी, पो0था0- डोभी सदस्य (10) श्री सोम नाथ केसरी पिता- रामदेव केसरी, ग्रा0पो0था0- डोभी, गया सदस्य (11) श्री मुन्ना कुमार पिता- रामनरेष सिंह, ग्राम- बिजा, पो0- चिलिम, था0- डोभी सदस्य
उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षों का होगा।
आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।
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