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૧૪૧૪૧૪૧૪ eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્ 1941 (0) , શ્રત્ત્seંત્ત્jશ્રત્ત્seંત્ત્jશ્રત્ત્seંત્ત્jશ્રત્ત્seંત્ત્j, ૩૩૩૩ મ્jંમ્jંમ્jંમ્jંjત્ર્jત્ર્jત્ર્jત્ર્ बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद विद्यापति मार्ग, पटना-800001-800001-800001-800001 विद्यापति मार्ग, पटना विद्यापति मार्ग, पटना विद्यापति मार्ग, पटना ——— अधिसूचना 16 नवम्बर 2019 श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय पर्षद के सं॰ 1047--श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0- बहदरपुर, था0- मुफसिल, जिला- बेगुसराय
अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4488/2019 है। अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-
04/09/2013 को एक ट्रस्ट डीड लिखा महंत जय नारायण चेला वारिस महंत रघुवर दास द्वारा दिनांक 04/09/2013 को एक ट्रस्ट डीड लिखा महंत जय नारायण चेला वा गया कि ''चुंकि जायदाद हाल देवोत्तर श्री ठाकुरजी मौसुफ का है, इसलिए किसी किस्म का हक इन्तकाल या गया कि ''चुंकि जायदाद हाल देवोत्तर श्री ठाकुरजी मौसुफ का है, इसलिए किसी किस्म का हक इन्तकाल या गया कि ''चुंकि जायदाद हाल देवोत्तर श्री ठाकुरजी मौसुफ का है, इसलिए किसी किस्म का हक इन्तकाल या मखफुल या नरपेषगी या टीका वो बरवाद करने का अख्तियार गोवर्द्धन दास मौसुफ या कायम मोकामान को उनके मखफुल या नरपेषगी या टीका वो बरवाद करने का अख्तियार गोवर्द्धन दास मौसुफ या कायम मोकामान को उनके मखफुल या नरपेषगी या टीका वो बरवाद करने का अख्तियार गोवर्द्धन दास मौसुफ या कायम मोकामान को उनके नहीं है वो नहींं होगा।''
गोवर्द्धन दास महंत जगरनाथ के षिष्य थे। कालांतर में इसके न्यासधारी महंत राम उदार दास हुए और गोवर्द्धन दास महंत जगरनाथ के षिष्य थे। कालांतर में इसके न्यासधारी महंत राम उदार दास हुए और गोवर्द्धन दास महंत जगरनाथ के षिष्य थे। कालांतर में इसके न्यासधारी महंत राम उदार दास हुए और उसके षिष्य के बाद त्रिभुवन दास महंत हुए। इन्होंने पर्षद की पूर्वानुमति प्राप्त किये बिना वर्ष 2002-03 में न्यास उसके षिष्य के बाद त्रिभुवन दास महंत हुए। इन्होंने पर्षद की पूर्वानुमति प्राप्त किये बिना वर्ष 2002-03 में न्यास उसके षिष्य के बाद त्रिभुवन दास महंत हुए। इन्होंने पर्षद की पूर्वानुमति प्राप्त किये बिना वर्ष 2002-03 में न्यास T. S. No.- 204/03 की काफी भूमि का हस्तांतरण कर दिया और स्वयं ही केवाला को रद्द कराने के लिए T. S. No. की काफी भूमि का हस्तांतरण कर दिया और स्वयं ही केवाला 25/08/2012 को दायर किया। इसमें पर्षद को भी पक्षकार बनाया गया था, जिसकी पुष्टि उक्त वाद में दिनांक 25/08/ दायर किया। इसमें पर्षद को भी पक्षकार बनाया गया था, पारित आदेष (पृ0 सं0-8 का चिन्हि्त अंष) से होती है।
8 का चिन्हि्त अंष) से होती है।
मा0 न्यायालय द्वारा उक्त आदेष में कहा गया हैः-
दास को सेवायत की हैसियत से रा उक्त आदेष में कहा गया हैः-''चुंकि वादी त्रिभुवन दास को सेवायत की हैसियत से ठाकुरबाड़ी की सम्पत्ति को बेचने का अधिकार ही नहीं है तो उन्होंने यदि किसी बिक्रय विलेष का निष्पादन किया ठाकुरबाड़ी की सम्पत्ति को बेचने का अधिकार ही नहीं है तो उन्होंने यदि किसी बिक्रय विलेष का निष्पादन किया ठाकुरबाड़ी की सम्पत्ति को बेचने का अधिकार ही नहीं है तो उन्होंने यदि किसी बिक्रय विलेष का निष्पादन किया भी है तो वह विधि की नजर में उनके क्षेत्राधिकार से बाहर होने के कारण अवैध एवं शून्य माना जाएगा।'' पर्षदीय भी है तो वह विधि की नजर में उनके क्षेत्राधिकार से बाहर होने के कारण अवैध एवं शून्य माना जाएगा।'' पर्षदीय भी है तो वह विधि की नजर में उनके क्षेत्राधिकार से बाहर होने के कारण अवैध एवं शून्य माना जाएगा।'' पर्षदीय प्रतिवेदन दिनांक- 16/08/2018 के आलोक में भी सार्वजनिकता के आधार पर न्यास के प्रतिवेदन दिनांक- 16/08/2018 के आलोक में भी सार्वजनिकता के आधार पर न्यास के निरीक्षक के जांच प्रतिवेदन दिनांक- 16/08/2018 के आलोक में भी सार्वजनिकता के आधार पर न्यास के 24/09/2019 को निबंधन की अनुषंसा की गयी है। तदुपरांत तत्कालीन प्रषासक के निर्देष के आलोक में दिनांक 24/09/2019 को निबंधन की अनुषंसा की गयी है। तदुपरांत तत्कालीन प्रषासक न्यास का निबंधन किया गया है।
ेतु पर्षदीय पत्रांक- 2133, न्यास की सुव्यवस्था एवं सम्यक् विकास हेतु न्यास समिति गठन हेतु पर्षदीय पत्रांक- 2133, न्यास की सुव्यवस्था एवं सम्यक् विकास हेतु न्यास स 12/03/18 द्वारा 12 नामों की सूची प्राप्त हुई। इसमें अध्यक्ष पद हेतु श्री प्रमोद सिंह की पत्रांक-312, दिनांक 12/03/18 द्वारा 12 नामों की सूची प्राप्त हुई। इसमें अध्यक्ष पद हेतु श्री प्रमोद सिंह की 12/03/18 द्वारा 12 नामों की सूची प्राप्त हुई। इसमें अध्यक्ष पद हेतु श्री प्रमोद सिंह की 2 (), 3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी 2020202020202020 द्वारा पत्र निर्गत किया गया। उक्त पत्र के अनुपालन में थानाध्यक्ष द्वारा डी0आर0-490/19, दिनांक 04/08/19 पर्षद को प्राप्त है। इसी बीच आम जनता का आवेदन दिनांक 09/08/19 भी प्राप्त हुई है। इसके माध्यम से उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को अध्यक्ष नियुक्त करने का अनुरोध किया है।
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दू धार्मिकधार्मिकधार्मिकधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0-न्यास अधिनियम की उप विधि सं0-न्यास अधिनियम की उप विधि सं0-न्यास अधिनियम की उप विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्रा43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्रा43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्रा43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त हैप्त हैप्त हैप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपोश्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपोश्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपोश्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, जिला-0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, जिला-0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, जिला-0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, जिला-बेगुसरायबेगुसरायबेगुसरायबेगुसराय'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री रामजानकी ठाक''श्री रामजानकी ठाक''श्री रामजानकी ठाक''श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, ुरबाड़ी न्यास योजना, ुरबाड़ी न्यास योजना, ुरबाड़ी न्यास योजना, ग्रामपो0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, जिला-ग्रामपो0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, जिला-ग्रामपो0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, जिला-ग्रामपो0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, जिला-बेगुसराय'' बेगुसराय'' बेगुसराय'' बेगुसराय'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित ''श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, ग्रामकुरबाड़ी न्यास समिति, ग्रामकुरबाड़ी न्यास समिति, ग्रामकुरबाड़ी न्यास समिति, ग्रामपो0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, पो0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, पो0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, पो0-बहदरपुर, था0-मुफसिल, न्यास समिति का नाम ''श्री रामजानकी ठा ''श्री रामजानकी ठा ''श्री रामजानकी ठा
जिला-जिला-जिला-जिला-बेगुसराय''बेगुसराय''बेगुसराय''बेगुसराय'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा। 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा।
5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत, पर्षद शुल्क आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझी जाये, तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के किसी सदस्य की आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे, तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास समिति को यह भी निदेषित किया जाता है कि उक्त न्यास संबंधित मकान और दुकान जिन व्यक्तियों के कब्जे में है, उससे वार्तालाप कर वर्तमान परिस्थति एवं बाजार की आर्थिक स्थिति, वर्तमान किरायेदार आदि के संबंध में नये सिरे से अधिनियम की धारा- 51 के अन्तर्गत प्रयास करें तथा तदनुसार पर्षद को प्रतिवेदन समर्पित करें।3 (), 3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी3 फरवरी 2020202020202020 पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) अनुमंडल पदाधिकारी, बेगुसराय - पदेन अध्यक्ष (2) श्री महेन्द्र प्र0 सिंह - उपाध्यक्ष।
(3) श्री प्रमोद सिंह - सचिव।
(4) श्री राजेष यादव - कोषाध्यक्ष। (5) श्री राजेन्द्र यादव - सदस्य।
(6) श्री दुसो साह - सदस्य।
(7) श्री हीरालाल राम - सदस्य।
(8) श्री गौरी भगत - सदस्य।
(9) श्री विष्वनाथ सिंह - सदस्य।
(10) श्रीमति कौषल्या देवी - सदस्या।
(11) श्री संजय मालाकार - सदस्य।
उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षों का होगा।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, अखिलेष कुमार अखिलेष कुमार अखिलेष कुमार अखिलेष कुमार जैन,जैन,जैन,जैन, अध्यक्ष।
———— , , , द्वारा () 92-571+10-000 Website: http://egazette.bih.nic.in