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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 February 2020

Published 05 February 2020

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-02-05.6
Languages
English, Hindi

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निबंधन la[;k पी0टी0-40

बिहार गजट

बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-9 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण।

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भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची पृष्ठ

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। ---

पूरक

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पूरक-क 10-10बिहार गजट, 5 फरवरी 2020 2 भाग-1 नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। —————

वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचना

28 जनवरी 2020

सं0 कौन/भी-801/2002-45/सी--अलकतरा घोटाले से संबंधित सी0बी0आई0 काण्ड सं0-आर0सी0 4(ए)/97 आर0 में मो0 शहाबुद्दीन बेग, तत्कालीन आप्त सचिव, तत्कालीन मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना नामजद अभियुक्त थे। मो0 बेग के विरूद्ध विधि (न्याय) विभाग के आदेश सं0-एस0पी0 3(डी) 073/2002/2008/जे0 दिनांक 28.06.03 द्वारा भारतीय दण्ड संहिता (1860 का अधिनियम सं0-45) की धारा-120 बी0, 407, 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (1988 का अधिनियम सं0-49) की धारा-13 (2) सह-पठित धारा-13 (1) (डी0) के अधीन अपराधों के लिये अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गयी।

अलकतरा घोटाले से संबंधित आपराधिक काण्ड संख्या-आर0सी0 4(ए)/97 आर॰ में माननीय सी0बी0आई0 न्यायालय, राँची द्वारा दिनांक 27.09.2018 को न्याय निर्णय पारित किया गया। उक्त न्याय निर्णय में मो0 शहाबुद्दीन बेग, तत्कालीन आप्त सचिव, तत्कालीन मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना कोे सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा दी गयी।

माननीय न्यायालय द्वारा पारित उक्त न्याय निर्णय के आलोक में मो0 बेग के विरूद्ध बिहार पेंषन नियमावली के नियम 43 (ए) के तहत्‌ कार्रवाई प्रारंभ करने हेतु विभागीय पत्रांक-63/सी (अनु0) दिनांक 05.02.2019 एवं पत्रांक-100/सी (अनु0) दिनांक 12.03.2019 द्वारा उनसे कारण पृच्छा की गयी।

उक्त के आलोक में मो0 बेग द्वारा अपने आवेदन दिनांक 27.03.2019 के माध्यम से कारण पृच्छा नोटिस का जवाब देने हेतु कम-से-कम तीन माह के समय की मांग की गयी। जिसे विचारोपरान्त अस्वीकृत कर दिया गया।

तदोपरान्त विभागीय पत्रांक-199/सी दिनांक 15.07.2019 एवं पत्रांक-200/सी दिनांक 15.07.2019 द्वारा मो0 बेग को समयावेदन की अस्वीकृति की सूचना देते हुए एक सप्ताह के अंदर कारण पृच्छा नोटिस का जवाब देने का निदेष दिया गया। जिसके आलोक में अधीक्षक, बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा, होटवार, राँची के पत्रांक-6587 दिनांक 26.07.2019 के माध्यम से मो0 बेग बंदी आवेदन पत्र दिनांक 20.07.2019 के द्वारा कारण पृच्छा नोटिस का जवाब विभाग को उपलब्ध कराये। मो0 बेग द्वारा समर्पित कारण पृच्छा के जवाब दिनांक 20.07.2019 में मूल रूप से उल्लेख किया गया है कि काण्ड संख्या-आर0सी0 4(ए)/97 आर॰ में माननीय सी0बी0आई0 न्यायालय, राँची द्वारा पारित आदेष/न्याय निर्णय के विरूद्ध माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची में उनके द्वारा अपील दायर किया गया है, जिसे स्वीकृत किया जा चुका है तथा अंतिम सुनवाई हेतु लंबित है। साथ ही कारण पृच्छा जवाब में यह भी उल्लेख किया गया है कि काण्ड संख्या-आर0सी0 4(ए)/97 आर॰ में सी0बी0आई0 द्वारा उनके विरूद्ध कोई सबूत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही कोई सीधा या परिस्थितिजन्य साक्ष्य ही उपलब्ध कराया गया है। उपरोक्त के आलोक में मो0 बेग द्वारा अपने एवं अपनी पत्नी की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उल्लेख करते हुए दया एवं न्याय के दृष्टिकोण से उनके विरूद्ध बिहार पेंषन नियमावली के नियम 43(ए) के तहत कार्रवाई को स्थगित करने का अनुरोध किया गया।

मो0 बेग से प्राप्त उक्त कारण पृच्छा जवाब की समीक्षा की गयी तथा समीक्षोपरांत उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।

न्यायिक कार्यवाही में मो0 बेग के विरूद्ध लगाये गये आरोपों को प्रमाणित पाया गया है तथा उन्हें सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा दी गयी है। स्पष्ट है कि मो0 बेग के विरूद्ध आरोप का प्रमाणित होना किसी सरकारी सेवक से अपेक्षित सदाचार/मर्यादा के वस्तुतः विरूद्ध है। इस प्रकार मो0 बेग का उक्त कृत्य प्रकाष में आने से उनका सदाचार स्पष्ट रूप से खंडित होता है, जो बिहार पेंषन नियमावली के नियम 43 (ए) मे निहित प्रावधान के प्रतिकूल है।

अतएव उपरोक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में आपराधिक काण्ड संख्या- आर0 सी0 4(ए)/97 आर0 में माननीय सी0बी0आई0 न्यायालय, राँची द्वारा सजा दिये जाने के फलस्वरूप मो0 बेग तत्कालीन आप्त सचिव, तत्कालीन मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (ए) के तहत्‌ कार्रवाई करते हुए उनके पूर्ण पेंषन एवं उपदान के भुगतान पर स्थायी रूप से रोक लगाये जाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।

तत्पश्चात्‌ मो0 बेग के विरूद्ध उक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श की मांग की गयी। जिसके आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-05/प्रो.-36-02/2019 (2608)/लो.से.आ. दिनांक 09.01.2020 द्वारा उक्त प्रस्तावित दण्ड के बिन्दु पर सहमति प्रदान की गयी है।

अतः सरकार द्वारा लिये गये निर्णय एवं बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर दिये गये सहमति के आलोक में बिहार पेंषन नियमावली, के नियम 43 (ए) के तहत मो0 शहाबुद्दीन बेग, तत्कालीन आप्त सचिव, तत्कालीन मंत्री,3 बिहार गजट, 5 फरवरी 2020 पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृत वाणिज्य-कर पदाधिकारी (सेवानिवृत्ति की तिथि-28.02.2014) के पूर्ण पंेंषन एवं उपदान के भुगतान पर स्थायी रूप से रोक लगायी जाती है।

उक्त प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जनक राम, उप-सचिव।

-------- स्वास्थ्य विभाग ------- अधिसूचना 27 जनवरी 2020 विषयः-''आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY)'' के अंतर्गत बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के अधीन रु0 183.60 लाख प्रतिवर्ष के अनुमानित व्यय पर अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति। सं0 12@i0d0&09&44@2018&86¼12½&&वित्तीय वर्ष 2018-19 में एक महत्वाकांक्षी योजना ''आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) प्रारंभ की गयी है। यह एक पात्रता आधारित योजना है और इसके लिए औपचारिक नामांकन प्रक्रिया का प्रावधान नहीं है। भारत सरकार द्वारा उक्त योजना के तहत सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना, 2011 के डाटा में निर्धारित पात्रता के अनुसार इस राज्य के लगभग 1,08,95,176 परिवारों की सूची उपलब्ध करायी गयी है, जिन्हें इस योजना के तहत लाभान्वित किया जाना है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 1,00,29,655 एवं शहरी क्षेत्रों 8,65,521 परिवार शामिल है। गरीब परिवारों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के स्तर पर प्राप्त हो जाती है। द्वितीयक एवं तृतीयक स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा इस योजना के तहत प्रदान की जा सकेगी। इस योजना के तहत चिह्नित प्रत्येक लाभुक परिवार को देश के सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस एवं पेपरलेस व्यवस्था के तहत प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की चिकित्सा सुरक्षा का लाभ प्रदान करने का प्रावधान है। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की विशेषताएँ निम्नवत्‌ हैं :-

i- रु0 5 लाख तक का चिकित्सा सुरक्षा प्रतिवर्ष प्रति परिवार। ii- परिवार के आकार, आयु और लिंग का कोई प्रतिबंध नहीं है। iii- सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना, 2011 डेटाबेस में मौजूद चिह्नित पात्र परिवारों के सभी सदस्य इस योजना में शामिल होंगे।

iv- योजना के अंतर्गत, लाभार्थी परिवारों को कैशलेस चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। v- पहले से मौजूद सभी बीमारियों पर योजना के पहले दिन से चिकित्सा सुरक्षा प्राप्त होगी। अस्पताल में भर्त्ती होने से पहले और अस्पताल छोड़ने के बाद के इलाज पर होने वाले खर्च भी चिकित्सा सुरक्षा में शामिल हैं।

vi- भारत के किसी भी स्थान में सभी सार्वजनिक या सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में जाकर कैशलेस उपचार करवाया जा सकता है।

2- राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभिकरण (NHA) के दिशा-निदेश के आलोक में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के उद्देश्यों की पूर्ति एवं कार्यक्रमों के कार्यान्वयन हेतु राज्य स्वास्थ्य अभिकरण (State Health Agency) के रूप में सोसायटीज रजिस्ट्रेशन ऐक्ट, 1860 के तहत "बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति'' का गठन किया गया है। इसके अधीन स्वास्थ्य विभागीय संकल्प संख्या 68 (12) दिनांक 18.01.2019 के तहत कतिपय पदों का सृजन किया गया है। योजना के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के क्रम में यह आवश्यक समझा गया है कि इस योजना अंतर्गत Preauthorization, Claim Processing, Medical/ Hospital/ Beneficiary audits जैसे Implementation Support Agency (ISA) के कार्याें को नियमित रूप से जाँचने एवं मूल्यांकन करने के साथ-साथ विभिन्न कमिटियों जैसे - SCRC, SMMRC, SAFU इत्यादि के कार्यो, जैसे Fraud Control, Benefit Package की समीक्षा, Medical Training आदि हेतु सामान्य चिकित्सकों के एक दल (Medical Committee) का गठन किया जाय। इस प्रयोजनार्थ 20 सदस्यीय चिकित्सक दल (Medical Committee) का गठन प्रस्तावित है। समिति में सृजित Medical Officer के सभी 03 पदों को प्रत्यार्पित करने की आवश्यकता है। इस प्रकार सामान्य चिकित्सकों के 20 अतिरिक्त पदों को सृजित किये जाने की आवश्यकता है। योजनान्तर्गत Preauthorization एवं Claim Processing के कार्य 24x7 के तर्ज पर किये जाने की आवश्यकता होती है। अतः सामान्य चिकित्सकों को प्रति दावा नियमसम्मत एवं सफलतापूर्वक निस्तारण किये जाने पर प्रोत्साहन राशि भी अनुमान्य होना चाहिए। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सामान्य चिकित्सकों को भी प्रति दावा राशि के आधार पर पैनल पर रखा जा सकेगा। उक्त समस्त कार्यों में आने वाले जटिल एवं अति तकनीकी विषयों के मामलों को दक्षता एवं प्रभावशाली तरीके से निष्पादित करने के लिए BSSS द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों (Specialist Medical Consultants) की सेवाओं को पैनल (Panel) पर चयन करके लिया जा सकेगा। पैनल पर चयन करने की शर्तों एवं प्रति दावा राशि के निर्धारण हेतु BSSS का शासी निकाय सक्षम होगा।

योजनान्तर्गत लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में सत्यापन की प्रक्रिया अत्यंत धीमी है, जिसके कारण योजना के प्रथम एक वर्ष बीत जाने के उपरान्त भी अभी तक राज्य में कुल संभावित 5.83 करोड़ पात्र4 बिहार गजट, 5 फरवरी 2020 लाभार्थियों में से मात्र 22 लाख लाभार्थियों अर्थात्‌ 4 प्रतिशत लाभार्थियों का ही सत्यापन पूरा हो सका है। अन्य राज्यों की तुलना में यह प्रगति अत्यंत धीमी है, जिसके कारण योजना का सम्पूर्ण लक्ष्य प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहा है। इस प्रक्रिया को प्रभावशाली रूप से सम्पादित करने एवं इसकी प्रगति को बल देने के लिए राज्य स्तर पर एक समर्पित BIS Manager के 01 पद की आवश्यकता है।

इसके अलावे Accountant का मात्र 01 पद सृजित किया गया है, जबकि कुल 02 पदाेंं की आवश्यकता है, फलस्वरूप 01 अतिरिक्त पद सृजित किये जाने की आवश्यकता है। योजना (AB-PMJAY) के संचालन, क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति में सृजित System Analyst के सृजित 05 पदों में से एक की ही आवश्यकता प्रतीत होती है एवं 04 पदों को प्रत्यार्पित करने की आवश्यकता है। इसी प्रकार समिति में 04 पद Software Developer, 01 पद Database Administrator एवं Internal Auditor के 03 पद सृजित किए जाने की आवश्यकता है। अतः सृजित पदों में से कुछ पदों का प्रत्यर्पण एवं कुछ नये पदों का निम्नानुसार सृजन करने का करने की स्वीकृति दी जाती हैः- (क) स्वास्थ्य विभागीय संकल्प संख्या 68 (12) दिनांक 18.01.2019 की कंडिका-5 के अंतर्गत सृजित System Analyst के 05 पदों में से 04 पदों सहित निम्न्‌ पदों को प्रत्यर्पित किया जाता है :-

Medical Officer - Claim & Pre-Auth - 01 पद i- Medical Officer -Empanel, Package & Orhters - 01 पद ii- Medical Officer - Audit & Quality - 01 पद (ख) निम्नलिखित अतिरिक्त पदों का सृजन किया जाता है :- i- General Medical Officer (MBBS) - 20 पद ii- Accountant - 01 पद III. Software Developer - 04 पद IV. Database Administrator- 01 पद V. Internal Auditor- 03 पद VI. BIS Manager- 01 पद (ग) उपरोक्त सभी पदों पर नियुक्ति संविदा के आधार पर की जायेगी। (घ) General Medical Officer (MBBS) को मानदेय के अतिरिक्त आवंटित कार्य की प्रकृति के अनुरूप अलग से प्रति दावा प्रोत्साहन राशि (Incentive) भी देय होगा, जिसका निर्णय करने के लिए बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति की शासी निकाय सक्षम होगी। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सामान्य चिकित्सकों को भी प्रति दावा राशि के आधार पर पैनल पर रखा जा सकेगा।

(ड़) Specialist Medical Consultants को भी प्रति दावा राशि के आधार पर पैनल पर चयनित किया जा सकेगा।

(च) पैनल पर चयन किये जाने वाले चिकित्सकों के संबंध में शर्त्तों एवं प्रति दावा राशि का निर्धारण करने हेतु बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति की शासी निकाय सक्षम होगी।

(छ) उक्त संकल्प की कंडिका-3 के तहत सृजित वित्त नियंत्रक के 01 पद को, प्रतिनियुक्ति पर सेवा प्राप्त करने के अलावे आवश्यकता पड़ने पर संविदा के आधार पर नियोजन द्वारा भी भरा जा सकेगा। 3- उक्त प्रत्यर्पण एवं सृजन पर कुल 183.60 लाख (एक सौ तिरासी दशमलव छः शून्य लाख रु0) व्यय होने का अनुमान है। योजना पर होने वाले व्यय का वहन आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत प्राप्त केन्द्रांश एवं राज्यांश की सम्मिलित राशि से क्रमश 60ः40 के अनुपात में किया जाएगा।

4- आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) योजना पर होने वाले व्यय का वहन केन्द्रांश और राज्यांश की सम्मिलित राशि से क्रमशः 60ः40 के अनुपात में किया जायेगा। योजनान्तर्गत राशि मांग संख्या-20 मुख्यशीर्ष-2235-सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण, उप मुख्यशीर्ष-60 अन्य सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण कार्यक्रम, लघुशीर्ष-110-अन्य बीमा योजनायें, उपशीर्ष-0205-आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन (AB-NHPM) विपत्र कोड-20-2235.60-110-0205 एवं मांग संख्या-20, मुख्यशीर्ष-2235-सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण, उप मुख्यशीर्ष-60 अन्य सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण कार्यक्रम, लघुशीर्ष-110-अन्य बीमा योजनायें, उपशीर्ष-0305-आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन (AB-NHPM) विपत्र कोड-20-2235.60-110-0305 के तहत बजट उपबंध के अंतर्गत विकलनीय होगा।

5-अतः ''आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY)'' के अंतर्गत बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के अधीन रु0 183.60 लाख प्रतिवर्ष के अनुमानित व्यय पर अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति दी जाती है। 6- प्रस्ताव पर लोक वित्त समिति एवं मंत्रिपरिषद्‌ की स्वीकृति प्राप्त है।

आदेश ः-आदेश दिया जाता है कि इस अधिसूचना को बिहार राजपत्र के आगामी अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाये तथा विभाग को इसकी प्रति उपलब्ध करायी जाये।

आदेश से, संजय कुमार, प्रधान सचिव।5 बिहार गजट, 5 फरवरी 2020 श्रम संसाधन विभाग ------- आदेश 23 जनवरी 2020 सं0 5/आर0एल0-40-101/2015 श्र0सं0-306--श्री संजय कुमार शाही, तत्कालीन चकबन्दी पदाधिकारी, ब्रहमपुर, बक्सर सह-क्रय केन्द्र प्रभारी ब्रहमपुर, रघुनाथपुर बाजार समिति सम्प्रति अंचलाधिकारी, कलुवाही मघुबनी (श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी संवर्ग) के विरूद्ध आरोप है कि :- उन्हें रबी विपणन मौसम वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक ,बक्सर का कार्यालय आदेश ज्ञापांक-0186, दिनांक 14.05.2012 द्वारा क्रय केन्द्र प्रभारी के रूप मं ब्रह्‌मपुर रघुनाथपुर बाजार समिति के बगल में क्रय केन्द्र पर प्रतिनियुक्त किया गया था। उनके द्वारा क्रय केन्द्र प्रभारी के रूप में कुल 18127.50 क्वी0 गेहूँ की अधिप्राप्ति की गई थी। जिसे राज्य खाद्य निगम बक्सर द्वारा निर्गत इंफोर्समेंट/SIO के विरूद्ध आपूरित नहीं की गई। रा0खा0नि0 द्वारा निर्गत इंफोर्समेंट/SIO के विरूद्ध आपूरित गेहूँ की मात्रा के मिलान से विदित हुआ कि उनके द्वारा कुल क्रय 18127.50 क्वी0 गेहूँ के विरूद्ध मात्र 13033.20क्वी0 गेहूँ की ही आपूर्ति की गई है। शेष 5094.30 क्वीं0 गेहूँ का क्षति/गबन किया गया। जिसकी आकलित राशि 1426.04 रू प्रति क्वीं0 की दर से 72,64,675.00 रू0 (बहत्तर लाख चौसठ हजार छः सौ पचहत्तर रूपया) होता है।

तदालोक में जिला पदाधिकारी बक्सर का पत्रांक-04-0321/आ0 दिनांक 24.04.2015 श्री शाही के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए निदेशक, चकबंदी, बिहार पटना को उपलब्ध कराया गया एवं आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार पटना के पत्रांक-1035 (नि0को0)/रा0 दिनांक 07.09.2015 द्वारा उक्त गठित आरोप पत्र इस विभाग (श्रम संसाधन) को उपलब्ध कराया गया। विभागीय पत्रांक-3119 दिनांक 07.10.2015 द्वारा श्री शाही से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। परन्तु स्मारित करने के बाद भी उनका पक्ष अप्राप्त रहने की स्थिति में विभागीय आदेश ज्ञापांक-8113 दिनांक 27.12.2017 द्वारा श्री शाही के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई संचालित की गयी। संचालित विभागीय कार्रवाई में मो0 अकबर जावेद आजाद सहायक श्रमायुक्त, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं श्रम अधीक्षक, बक्सर को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। जिला प्रबंधक राज्य खाद्‌य निगम, बक्सर द्वारा प्रतिवेदित है कि श्री शाही के विरूद्ध के गवन किये गये खाद्‌यान्न की वसूली हेतु ब्रहमपुर थाना कांड संख्या-181/15 एवं नीलाम वाद संख्या-39/2016-17 दर्ज की गयी है, जो सम्प्रति प्रक्रियाधीन है। सहायक श्रमायुक्त, पटना-सह-संचालन पदाधिकारी द्वारा विभिन्न तिथियों में सुनवाई का कार्य संंपन्न करते हुए अपने पत्रांक-101 दि0-07.01.2019 द्वारा जांच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया गया । उक्त जांच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित है कि आरोपी पदाधिकारी को आरोप के संबंध में बचाव करने, साक्ष्य एवं अभिलेख देने का पुरा अवसर दिया गया। परन्तु आरोपी पदाधिकारी द्वारा संचालित विभागीय कार्रवाई में उनपर लगे आरोपों को खण्डन करने में विफल रहें एवं आरोप के संबंध में कोई भी ठोस साक्ष्य/अभिलेख न देकर टालमटोल करते रहे तथा जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, बक्सर से अभिलेख की मांग करते रहे जबकि जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, बक्सर के कर्मी द्वारा वांछित कागजात आरोपी पदाधिकारी को उपलब्ध कराया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा जांचोपरान्त श्री संजय कुमार शाही, तत्कालीन चकबन्दी पदाधिकारी ब्रहमपुर, बक्सर सह-क्रय केन्द्र प्रभारी ब्रहमपुर, रघुनाथपुर बाजार समिति सम्प्रति अंचलाधिकारी, कलुवाही मघुबनी (श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी संवर्ग) के विरूद्ध सरकार द्वारा गठित सभी आरोपों को प्रमाणित बताया गया। जॉच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के आलोक में नियमानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के संगत प्रावधानों के आलोक में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित अधिगम की प्रति विभागीय पत्रांक-732 दिनांक 12.02.2019 द्वारा आरोपी पदाधिकारी को प्रेषित करते हुए प्रमाणित आरोप के आलोक में अभ्यावेदन की मांग की गयी। पुनः स्मार पत्रांक-1474 दिनांक 29.03.2019, पत्रांक-2724 दिनांक 21.06.2019, पत्रांक-4792 दिनांक 09.12.2019 द्वारा श्री शाही को स्मारित भी किया गया परन्तु उनके द्वारा अपना पक्ष विभाग को समर्पित नहीं किया गया।

संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के आलोक में समीक्षोपरांत लगे आरोपों को दोषी पाते हुए सम्यक विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील), नियमावली, 2005 के भाग-V के नियम 14 (Xi) के तहत श्री संजय कुमार शाही, तत्कालीन चकबन्दी पदाधिकारी ब्रहमपुर, बक्सर सह-क्रय केन्द्र प्रभारी ब्रहमपुर, रघुनाथपुर बाजार समिति सम्प्रति अंचलाधिकारी, कलुवाही मघुबनी (श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी संवर्ग) जन्म तिथि 11.01.1960 को ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी'', का दण्ड अधिरोपित किया जाता है।

आदेश से, धर्मेन्द्र सिंह, श्रमायुक्त।बिहार गजट, 5 फरवरी 2020 6 जल संसाधन विभाग -------- आवश्यक सूचनाएं 28 जनवरी 2020 विषय- सोन उच्चस्तरीय नहर के बेनीपुर एवं फरीदपुर वितरणी में पुनस्र्थापन कार्य हेतु रब्बी सिंचाई 2019-20 के दौरान जलश्राव बंद रखने के संबंध में । सं0 सिं0 को0-01/2001 पार्ट-III&64--मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, गया के परिक्षेत्राधीन सोन उच्चस्तरीय नहर के बेनीपुर एवं फरीदपुर वितरणी में पुनस्र्थापन कार्यहेतु रब्बी सिंचाई 2019-20 के दौरान जलश्राव बंद रखने का निर्णय लिया गया है ।

अतः सोन उच्चस्तरीय नहर के बेनीपुर एवं फरीदपुर वितरणी के कमाण्ड क्षेत्र के कृषकों को सूचित किया जाता है कि रब्बी सिंचाई 2019-20 के दौरान इन नहरो में जलापूर्ति नहीं की जा सकेगी । उनसे अनुरोध है कि उक्त अवधि में रब्बी सिंचाई हेतु वैकल्पिक व्यवस्था से पटवन करने का कष्ट करेंगे । उपरोक्त कार्य में किसानों का भरपूर सहयोग प्रार्थित है।

आदेश से, अरूण कुमार द्विवेदी, संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)।

-------- 28 जनवरी 2020 विषय- कर्मनाशा मुख्य नहर, कर्मनाशा मुख्य नहर विस्तार एवं कुल्हड़िया वितरणी का पुनस्र्थापन एवं लाइनिंग कार्य हेतु रब्बी सिंचाई 2019-20 के दौरान जलश्राव बंद रखने के संबंध में । सं0 सिं0 को0-01/2001 पार्ट-III&65--मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, डिहरी के परिक्षेत्राधीन कर्मनाशा मुख्य नहर, कर्मनाशा मुख्य नहर विस्तार एवं कुल्हड़िया वितरणी का पुनस्र्थापन एवं लाइनिंग कार्य हेतु रब्बी सिंचाई 2019-20 के दौरान जलश्राव बंद रखने का निर्णय लिया गया है ।

अतः कर्मनाशा मुख्य नहर, कर्मनाशा मुख्य नहर विस्तार एवं कुल्हड़िया वितरणी के कमाण्ड क्षेत्र के कृषकों को सूचित किया जाता है कि रब्बी सिंचाई 2019-20 के दौरान इन नहरो में जलापूर्ति नहीं की जा सकेगी । उनसे अनुरोध है कि उक्त अवधि में रब्बी सिंचाई हेतु वैकल्पिक व्यवस्था से पटवन करने का कष्ट करेंगे । उपरोक्त कार्य में किसानों का भरपूर सहयोग प्रार्थित है ।

आदेश से, अरूण कुमार द्विवेदी, संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)।

-------- सं0 अ0सं0क0-01(पद सृजन)-41/2018--222 vYila[;d dY;k.k foHkkx --------

सेवा में, महालेखाकार बिहार (लेखा एवं हकदारी) वीरचंद पटेल पथ, पटना

द्वारा वित्त विभाग

पटना, दिनांक 24 जनवरी 2020 विषय :- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार, पटना के अन्तर्गत जिला समाहरणालय के नियंत्रणाधीन राज्य के 75 प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय हेतु 75 उच्चवर्गीय लिपिक एवं 75 निम्नवर्गीय लिपिक के पद सृजन की स्वीकृति के संबंध में।

आदेश :- स्वीकृत।

2. अल्पसंख्यकों के कल्याण के कार्यक्रमों के संचालन हेतु अल्पसंख्यक कल्याण विभाग वर्ष 1991 से स्वतंत्र विभाग के रूप में कार्यरत है। इस विभाग का मुख्य कार्य अल्पसंख्यकों के कल्याण से संबंधित योजनाओं का निर्माण, क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण है।

3. विभाग का प्रखण्ड स्तर पर कोई ईकाई नहीं रहने के कारण सभी राज्य योजनाओं का कार्यान्वयन जिला स्तर से ही कराया जा रहा है। प्रखण्ड स्तर पर राज्य के 20 एम॰एस॰डी॰पी॰ जिलों के 75 प्रखण्डों में 75 प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के पदों का सृजन की स्वीकृति दी गई है। परन्तु प्रखण्ड स्तर पर इस कार्य के लिए अलग से कर्मचारी नहीं रहने के कारण प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी को कार्य कराने में कठिनाई होगी। इसके लिए प्रखण्ड स्तर पर कार्यालय नितांत आवश्यक है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के राज्यादेश संख्या-1269 दिनांक 13.06.2017 द्वारा प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 75 पदों का सृजन किया गया है। किन्तु7 बिहार गजट, 5 फरवरी 2020 उनके सहयोग हेतु लिपिकीय संवर्ग का पद सृजन अब तक नहीं किया गया है। राज्य के 20 एम॰एस॰डी॰पी॰ जिलों के लिए 75 प्रखण्डों में 75 उच्चवर्गीय लिपिक एवं 75 निम्नवर्गीय लिपिक के पद का सृजन आवश्यक है जिसके लिए वित्त विभाग प्रशासी पदवर्ग समिति की दिनांक 01.12.2019 की बैठक में वांछित स्वीकृति प्राप्त है। 4. मंत्रिपरिषद्‌ की दिनांक 10.12.2019 की बैठक के मद सं0-13 में प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के कार्य संचालन हेतु 75 उ0व0लि0 एवं 75 नि0व0लि0 के पद सृजन की स्वीकृति दी गई है। वित्त विभाग प्रशासी पदवर्ग समिति की दिनांक 01.12.2019 की बैठक में वांछित सहमति प्राप्त है।

5. प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के सभी लिपिकीय पद संबंधित जिला समाहरणालय के नियंत्रणाधीन लिपिकीय संवर्ग के अन्तर्गत होंगे। यह बिहार समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग (भर्ती एवं सेवा शर्त्त) नियमावली 2011 एवं संशोधन नियमावली 2013 से अच्छादित होगा। संबंधित जिला पदाधिकारी वर्णित पद के नियंत्री पदाधिकारी होगें।

6. नवसृजित 75 उच्चवर्गीय लिपिक एवं 75 निम्नवर्गीय लिपिक का पद गैर योजनान्तर्गत सृजन किया जाता है, जिसके वेतन भत्ते एवं अन्य मदों में 5,21,12,280/- (पाँच करोड़ एक्कीस लाख बारह हजार दो सौ अस्सी रू0) मात्र अनुमानित वार्षिक व्यय होगा। (अनुलग्नक 'क' एवं 'ख' संलग्न है) 75 उ0व0लि0 75 नि0व0लि0 के पदों का सृजन निम्न रूप से किया जाता है।

क्र॰ सं॰ पदनाम कर्मचारी का स्तर पदों की संख्या पुनरीक्षित वेतनमान लेवल
1. उच्चवर्गीय लिपिक अराजपत्रित समूह 'ग' 75 25500-81100 L-4
2. निम्न वर्गीय लिपिक अराजपत्रित समूह 'ग' 75 19900-63200 L-2

7. इन पदों पर होने वाला व्यय स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अंतर्गत बजट-मुख्य शीर्ष 2053 जिला प्रशासन उप मुख्य शीर्ष 00 लघु शीर्ष 094-अन्य स्थापनायें, उप शीर्ष 0010-अल्पसंख्यक कल्याण जिला कार्यालय विपत्र कोड 30-2053000940010 के अंतर्गत मांग सं0-30 से विकलनीय होगा।

8. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार, पटना द्वारा प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के लिपिकीय कर्मियों के वेतनादि के भुगतान हेतु आवंटन संबंधित जिला पदाधिकारी को उपलब्ध करा दिया जायेगा। इसके निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी संबंधित जिला पदाधिकारी होगें।

विश्वासभाजन, आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव।

अनुलग्नक - 'क'

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अन्तर्गत 75 प्रखण्डों में 75 उच्चवर्गीय लिपिक एवं 75 निम्नवर्गीय लिपिक के पदों के सृजन पर होने वाले अनुमानित वार्षिक व्यय की विवरणी।

क्र॰ पदनाम पुनरीक्षित वेतनमान अनुमानित महँगाई भत्ता (17 प्रतिशत) अनुमानित चिकित्सा भत्ता अनुमानित मकान किराया भत्ता कुल योग संभावित वार्षिक व्यय
1 2 3 4 5 7 9 10
1. उच्चवर्गीय लिपिक 25500-81100 L-4 255001275= 2,29,50,000/- 39,01,500/- 10001275= 9,00,000/- सदर अंचल (8%) 2040125=1,22,400/- अवर्गीकृत अंचल (6%) 15301270=12,85,200/- 2,91,59,100/- 2,91,59,100/-
2. निम्नवर्गीय लिपिक 19900-63200 L-2 199001275= 1,79,10,000/- 30,44,700/- 10001275= 9,00,000/- सदर अंचल (8%) 1592125=95,520/- अवर्गीकृत अंचल (6%) 11941270=10,02,960/- 2,29,53,180/- 2,29,53,180/-
Total 5,21,12,280/- 5,21,12,280/-

विश्वासभाजन, आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव।बिहार गजट, 5 फरवरी 2020 8

अनुलग्नक - 'ख'

75 प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालयों में लिपिकीय पदो के सृजन से संबंधित प्रखण्डो की सूची

क्र0 सं0 जिला का नाम प्रखण्ड का नाम
1 पश्चिमी चम्पारण 1.मैंनाटाँड़ 2. नरकटियागंज 3.लौरिया 4.सिकटा 5.भितहा
2 सीतामढ़ी 1.बैरगनिया 2.बोखड़ा 3.परिहार 4.बाजपट्टी 5.पुपरी 6.नानपुर
3 मधुबनी 1.बिस्फी 2.मधुबनी
4 सुपौल 1.बसंतपुर
5 अररिया 1.नरपतगंज 2.रानीगंज 3.फारबिसगंज 4.अररिया 5.सिकटी 6.पलासी 7.जोकीहाट 8.कुरसाकांटा
6 किशनगंज 1तेढ़ागाछ 2.दीघलबैंक 3.ठाकुरगंज 4.पोठिया 5.बहादुरगंज 6.कोचाधामिन 7.किशनगंज
7 पूर्णियां 1.कृत्यानंद नगर 2.पूर्णिया ईस्ट 3.कस्बा 4.श्रीनगर 5.जलालगढ़ 6.अमौर 7.बैसा 8.बैसी 9.डगरूआ
8 कटिहार 1.फाल्का 2.कोढ़ा 3.हसनगंज 4.कदवा 5.बलरामपुर 6.बारसोई 7.आजमनगर 8.प्राणपुर 9.कटिहार 10.मनसाही 11.बरारी 12.मनीहारी 13.अमदाबाद
9 दरभंगा 1.मनीगाछी 2.अलीनगर 3.हयाघाट 4.जाले 5.सिंघवारा 6.केवटी 7.किरतपुर 8.गोरा बौराम
10 गोपालगंज 1.उच्चकागाँव 2.मांझा 3.थावे
11 सीवान 1.हसनपुरा 2.हुसैनगंज 3.बरहरिया
12 भागलपुर 1.सुनहौला 2.जगदीशपुर
13 बाँका 1.धुरैयाँ
14 वैषाली 1.चेहरा कलाँ
15 समस्तीपुर 1.ताजपुर
16 पूर्वी चम्पारण 1.अदापुर 2.रामगढ़वा 3.बनजारिया 4.नरकटिया 5.ढाका

विश्वासभाजन, आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव।

-------- VIGILANCE DEPARTMENT BIHAR, PATNA FORM No. I --------- DECLARATION (Under Section 5 of the Bihar Special Courts Act 2009, and Rules 7 of Bihar Special Courts Rules 2010)

The 29th January 2020

No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-06/2019-405--WHEREAS, It is alleged that Sri Gopal Sah, S/o Sri Chandrama Sah, the then Mines Development Officer, Bhagalpur, Permanent Address: Vill. - Samardiha, Post - Pipra, P.S. - Kargahar, Distt. - Rohtas (Sasaram) and Present Address : Flat No. - 201 (Second Floor), Majestic Vishnu Apartment, Mohalla - North S.K. Puri, P.S. - S.K. Puri, Distt. - Patna., while holding the post of Sri Gopal Sah, S/o Sri Chandrama Sah, the then Mines Development Officer, Bhagalpur and serving in different capacities in the State of Bihar, committed an offence under clause (e) of sub-section (1) of Section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 and that the matter was investigated in Vigilance P.S. Case No. Case No. 59/2017 dated 27-07-2017.

AND WHEREAS, on scrutiny of relevant materials available on record, the State Government is of the opinion that there is prima facie case of Commission of above mentioned criminal misconduct by said Sri Gopal Sah, S/o Sri Chandrama Sah, the then Mines Development Officer, Bhagalpur who has accumulated properties disproportionate to his known sources of income by resorting to corrupt means.

9 बिहार गजट, 5 फरवरी 2020

AND WHEREAS, it is felt necessary and expedient by the Government that the said offender should be tried for confiscation of the properties mentioned in the application by the Special Court Established under sub-section (1) of Section 3 of Bihar Special Courts Act, 2009;

NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Bihar Special Courts Act, 2009, the State Government do hereby declare that the said offence be dealt with under the provision of Special Courts Act, 2009.

Departmental Declaration Memo No. 77 dated : 09.01.2020 is hereby amended. By the order of the Governor of Bihar,- Sd./Illegible, Additional Chief Secretary.

————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना }kjk प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 46—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.inबिहार गजट, 5 फरवरी 2020 10

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

—————

सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पटना) पटना-03/2019-454577

(cid:356)ामीण कवािस कवभाग

--------

संकल्प

22 जनवरी 2020

(cid:373)ी दिनबंधु दिवाकर, तत्कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, ब(cid:304)(cid:418)यारपुर, पटना के वि(cid:349)(cid:544) करनौती पंचायत म(cid:336) बाढ़ राहत चेक वितरण म(cid:336) बिना जाँच किये बगैर अपा(cid:361) व्यक्तियों (अविवाहित/अवयस्क, पति/पत्नी)को राहत चेक का वितरण करने एवं चेक वितरण म(cid:336) आपदा (cid:366)बंधन के नियमों का अनुपालन नही ं करने के संबंध म(cid:336) जिला पदाधिकारी, पटना के प(cid:361)ांक 766 दिनांक 19.06.2019 (cid:554)ारा गठित आरोप प(cid:361) प्राप्त (cid:352)आ।

जिला पदाधिकारी के (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोपों पर (cid:373)ी दिनबंधु दिवाकर से स्पष्टीकरण की मांग की गई। स्पष्टीकरण प्राप्त है । आरोप प(cid:361) म(cid:336) संधा(cid:303)रत आरोपों एवं स्पष्टीकरण की समी(cid:407)ा की गयी। समी(cid:407)ोपरांत आरोपों की गहन जॉंच हेतु (cid:373)ी दिनबंधु दिवाकर के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित करने का निण(cid:330)य लिया गया। अत: बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत (cid:366)ावधानों के तहत (cid:373)ी दिनबंधु दिवाकर, तत्कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, ब(cid:304)(cid:418)यारपुर, पटना सम्प्रति (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, चनपटिया, (प(िcid:686)म चम्पारण) के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय काय(cid:330)वाही के संचालन हेतु (cid:373)ीमती कनकबाला, उप सचिव, (cid:356)ामीण विकास विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नामित किया जाता है। जिला पदाधिकारी, पटना (cid:554)ारा नामित पदाधिकारी उपस्थापन पदाधिकारी होंगे।

उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। (cid:373)ी दिनबंधु दिवाकर से यह अपे(cid:407)ा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध म(cid:336) अपना प(cid:407) रखते (cid:352)ए जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति द(cid:336), उनके सम(cid:407) स्वयं उप(cid:304)(cid:830)थत होंगे। आदे:- आदे कदया जाता है कि संकल्प ीि (cid:366)कत कबहार राजप(cid:361) ेि अगले अंि म(cid:336) (cid:366)ािकत कयिा जाय तथा इसीि (cid:366)कत सभी सम्बन्धित र्ोि भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ँि वल निुज, अपर सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना }kjk प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 46—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 February 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-02-05.6/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-02-05.6.