द्वारा
૨૨૨૨૨૨૨૨ eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્ 1941 (0)
0 ૧૧૧૧૨૨૨૨૦૦૦૦
, ર્eીxક્કંત્ત્ર્eીxક્કંત્ત્ર્eીxક્કંત્ત્ર્eીxક્કંત્ત્jjjj, ૧૧૧૧૧૧૧૧ મ્jંjત્ર્મ્jંjત્ર્મ્jંjત્ર્મ્jંjત્ર્
सं॰ 27/आरोप-01-98/2019-सा॰प्र॰-906 सं॰ सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 17 जनवरी 2020 श्री नीरज नारायण पाण्डेय, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1173/2011 तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी, श्री नीरज नारायण पाण्डेय, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1173/2011 तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी, श्री नीरज नारायण पाण्डेय, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1173/2011 तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी, अररिया सम्प्रति अनुमंडल पदाधिकारी, निर्मली, सुपौल के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, अररिया के पत्रांक 1038 दिनांक अररिया सम्प्रति अनुमंडल पदाधिकारी, निर्मली, सुपौल के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, अररिया के पत्रांक 1038 दिनांक अररिया सम्प्रति अनुमंडल पदाधिकारी, निर्मली, सुपौल के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, अररिया के पत्रांक 1038 दिनांक भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को भेजते हुए अनुशासनिक कार्रवाई का अनुरोध भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को भेजते हुए अनुशासनिक कार्रवाई का अनुरोध 04.04.2018 द्वारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को भेजते हुए अनुशासनिक कार्रवाई का अनुरोध 2018 द्वारा मूल रूप में किया गया। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 375 दिनांक 08.05.2018 द्वारा मूल रूप में किया गया। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 375 दिनांक 08 विभाग को उपलब्ध कराते हुए अनुशासनिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया। विभाग को उपलब्ध कराते हुए अनुशासनिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया। श्री पाण्डेय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप निम्न प्रकार है :- 2. श्री पाण्डेय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप निम्न प्रकार है :- (i) नरपतगंज अंचल के 16 मौजा का भू-अर्जन के लिए अधिसूचना निर्गत किया गया। प्रमंडलीय आयुक्त, नरपतगंज अंचल के 16 मौजा का भू-अर्जन के लिए अधिसूचना निर्गत किया गया। प्रमंडलीय आयुक्त, नरपतगंज अंचल के 16 मौजा का भू-अर्जन के लिए अधिसूचना निर्गत किया गया। प्रमंडलीय आयुक्त, 2016 को संचिका के टिप्पणी पूर्णिया के यहां से त्रुटि निराकरण हेतु अभिलेख को वापस किया गया। दिनांक 01.1.2016 को संचिका के टिप्पणी पूर्णिया के यहां से त्रुटि निराकरण हेतु अभिलेख को वापस किया गया। दिनांक 01 में इस बात का उल्लेख किए बिना प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णिया द्वारा उठाये गये बिन्दुओं का त्रुटि का निराकरण करते इस बात का उल्लेख किए बिना प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णिया द्वारा उठाये गये बिन्दुओं का त्रुटि का निराकरण करते इस बात का उल्लेख किए बिना प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णिया द्वारा उठाये गये बिन्दुओं का त्रुटि का निराकरण करते हुए प्रस्ताव पुनः समर्पित किया गया। भूमि के किस्म/ प्रकृति का संशोधन किया गया एवं टिप्पणी में इस बात को हुए प्रस्ताव पुनः समर्पित किया गया। भूमि के किस्म/ प्रकृति का संशोधन किया गया एवं टिप्पणी में इस बात को हुए प्रस्ताव पुनः समर्पित किया गया। भूमि के किस्म/ प्रकृति का संशोधन किया गया एवं टिप्पणी में इस बात को अंकित नहीं किया गया तथा जान-बूझकर गलत मंशा से भ ूमि के प्रकार/किस्म को कृषि से आवासीय करवाया अंकित नहीं किया गया तथा जान-बूझकर गलत मंशा से भूमि के प्रकार/किस्म को कृषि से आवासीय करवाया गया । नरपतगंज अंचल के मौजा बेला, सोनापुर इत्यादि मौजों के 20 रैयतों को पावर ऑफ एटॉर्नी के माध्यम से गया । नरपतगंज अंचल के मौजा बेला, सोनापुर इत्यादि मौजों के 20 रैयतों को पावर ऑफ एटॉर्नी के माध्यम से गया । नरपतगंज अंचल के मौजा बेला, सोनापुर इत्यादि मौजों के 20 रैयतों को पावर ऑफ एटॉर्नी के माध्यम से अन्य अपात्र व्यक्ति को करोड़ों रूपये का भुगतान किया गया। समय-समय पर निर्गत विभागीय मार्गदर्शिका/ अन्य अपात्र व्यक्ति को करोड़ों रूपये का भुगतान किया गया। समय-समय पर निर्गत विभागीय मार्गदर्शिका/ अन्य अपात्र व्यक्ति को करोड़ों रूपये का भुगतान किया गया। समय-समय पर निर्गत विभागीय मार्गदर्शिका/ परिपत्र एवं RFCTLARR अधिनियम, 2013 के प्रतिकूल मनमानी तरीकों से बिचौलियों को प्रश्रय देते हुए भुगतान अधिनियम, 2013 के प्रतिकूल मनमानी तरीकों से बिचौलियों को प्रश्रय देते हुए भुगतान अधिनियम, 2013 के प्रतिकूल मनमानी तरीकों से बिचौलियों को प्रश्रय देते हुए भुगतान किया गया जो पदीय दायित्व को दुरूपयोग करने के साथ गंभीर वित्तीय अनियमितता का भी परिचायक है । किया गया जो पदीय दायित्व को दुरूपयोग करने के साथ गंभीर वित्तीय अनियमितता का भी परिचायक है । किया गया जो पदीय दायित्व को दुरूपयोग करने के साथ गंभीर वित्तीय अनियमितता का भी परिचायक है । (ii) कुर्साकांटा अंचल के 20 मौजों में जमीन अधिग्रहण किया गया। दिना 2 (), 11111111 फरवरीफरवरीफरवरीफरवरी 2020202020202020 (iii) सिकटी अंचल के 14 मौजों के लिए भी अधिसूचना एवं अधिघोषणा के लिए दिनांक 24.11.2015 को प्रमंडलीय आयुक्त को अभिलेख प्रेषित किया गया था। प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णिया द्वारा लगाये गये त्रुटियों में भूमि के प्रकृति/किस्म संबंधी किसी त्रुटि का उल्लेख नहीं किया गया था। दिनांक 30.12.2016 को अधिसूचना एवं अधिघोषणा की त्रुटि के निराकरण के उपरांत अभिलेख प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णिया को भेजा गया। सभी मौजों में भूमि का किस्म/प्रकृति कृषि को आवासीय में परिवर्तित किया गया। इस प्रकार जान-बूझकर गलत मंशा से भूमि के प्रकार/किस्म को कृषि से आवासीय करवा दिया गया।
(iv) कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, अररिया द्वारा समर्पित संशोधन अधियाचना में भूमि के प्रकृति/किस्म परिवर्तन किया गया था तो उनको इस संबंध में छानबीन कर संतुष्ट हो लेना चाहिए था । इसी प्रकार पथ निर्माण विभाग, अररिया से प्राप्त अधियाचना को भी पुनरीक्षित खतियान से मिलान किया गया । मिलान करने के बाद पाया गया कि किस्म जमीन भीठ है, बावजूद कार्यालय स्तर पर कोई मिलान किए बगैर भीठ जमीन को आवासीय कर दिया गया । तथाकथित रूप से बरती गयी लापरवाही के कारण सरकार को क्षति हुई । (v) भारत-नेपाल सीमावर्ती सड़क निर्माण परियोजना में भूमि अर्जन प्रक्रिया में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा निर्गत परिपत्रों/ अनुदेशों तथा RFCTLARR अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।
3. जिला पदाधिकारी, अररिया से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित करते हुए आरोप पत्र पर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए श्री पाण्डेय से विभागीय पत्रांक 1686 दिनांक 07.02.2019 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री पाण्डेय के पत्रांक 480-2 दिनांक 23.03.2019 द्वारा स्पष्टीकरण विभाग को समर्पित किया गया। श्री पाण्डेय द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर विभाग पत्रांक 5636 दिनांक 29.04.2019 द्वारा जिला पदाधिकारी, अररिया से मंतव्य की मांग की गयी। उक्त के आलोक में जिला पदाधिकारी, अररिया के पत्रांक 3809 दिनांक 13.09.2019 द्वारा विभाग को मंतव्य प्राप्त हुआ जिसमें श्री पाण्डेय पूर्णरूपेण दोषी पाये गये। 4. श्री पाण्डेय द्वारा प्राप्त स्पष्टीकरण (पत्रांक 480-2 दिनांक 23.03.2019) एवं उक्त स्पष्टीकरण पर जिलाधिकारी, अररिया से प्राप्त मंतव्य के आलोक में विभागीय स्तर पर गठित आरोप पत्र पर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदनोपरांत मामले की विस्तृत जांच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17(3) के तहत श्री पाण्डेय के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है। 5. श्री पाण्डेय के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही में मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, अररिया द्वारा मनोनीत वरीय पदाधिकारी होंगे। 6. श्री पाण्डेय से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा की संचालन पदाधिकारी अनुमति दें उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होगें। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
———— , , , द्वारा () 120-571+10-000 Website: http://egazette.bih.nic.in