द्वद्वद्वद्वाराारााराारा 0 ૧૧૧૧૪૪૪૪૬૬૬૬
૨૨૨૨૯૯૯૯ eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્ 1941 (0) , ર્eીxક્કર્eીxક્કર્eીxક્કર્eીxક્કંત્ત્jંત્ત્jંત્ત્jંત્ત્j, ૧૧૧૧૮૮૮૮ મ્jંjત્ર્મ્jંjત્ર્મ્jંjત્ર્મ્jંjત્ર્ सं॰ 08/आरोप-01-322/2014 सा0प्र0-1174 सं॰ सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 22 जनवरी 2020
2014 द्वारा प्राप्त हुआ। श्री शब्बीर हसन, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक- 686/11 के विरूद्ध कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, श्री शब्बीर हसन, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-686/11 के विरूद्ध कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, पूर्णियाँ के पद पर पदस्थापन के दौरान अनियमित रूप से कर्मियों की नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अवैध तरीके से राजस्व पूर्णियाँ के पद पर पदस्थापन के दौरान अनियमित रूप से कर्मियों की नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अवैध तरीके से राजस्व पूर्णियाँ के पद पर पदस्थापन के दौरान अनियमित रूप से कर्मियों की नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अवैध तरीके से राजस्व 2014 द्वारा प्रेषित की वसूली करने के आरोपों पर जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ के पत्रांक-2322, दिनांक 12.12.2014 द्वारा प्रेि की वसूली करने के आरोपों पर जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ के पत्रांक-2322, दिनांक 12 आरोप, प्रपत्र 'क' नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-4288, दिनांक 29.12.2014 द्वारा प्राप्त हुआ। आरोप, प्रपत्र 'क' नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-4288, दिनांक 29 उक्त आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-1586, दिनांक 29.01.2015 द्वारा उक्त आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-1586, दिनांक 29 2. उक्त आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-1586, दिनांक 29 श्री हसन से स्पष्टीकरण माँगी गयी। इस क्रम में उनका स्पष्टीकरण (दिनांक 1 2015) प्राप्त हुआ। उक्त श्री हसन से स्पष्टीकरण माँगी गयी। इस क्रम में उनका स्पष्टीकरण (दिनांक 18.02.2015) प्राप्त हुआ। उक्त स्पष्टीकरण पर क्रमशः जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ का मंतव्य तथा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना स्पष्टीकरण पर क्रमशः जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ का मंतव्य तथा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना स्पष्टीकरण पर क्रमशः जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ का मंतव्य तथा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य प्राप्ति के उपरांत विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र से मंतव्य प्राप्ति के उपरांत विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र से मंतव्य प्राप्ति के उपरांत विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र ए विभागीय पत्रांक-7174, दिनांक 19.05.2016 द्वारा श्री हसन से पुनः स्पष्टीकरण 2016 द्वारा श्री हसन से पुनः स्पष्टीकरण 'क' की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-7174, दिनांक 19 2016) प्राप्त हुआ। जिसमें उन्होंने उक्त गठित माँगी गयी। इस क्रम में श्री हसन का स्पष्टीकरण (दिनांक 14 माँगी गयी। इस क्रम में श्री हसन का स्पष्टीकरण (दिनांक 14.06.2016) प्राप्त हुआ। जिसमें उन्होंने उक्त गठित आरोपों का प्रतिकार करते हुए स्वयं को आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया। आरोपों का प्रतिकार करते हुए स्वयं को आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया।
पत्र 'क' एवं श्री हसन से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय स्तर पर समीक्षा के उपरांत यह 3. आरोप, प्रपत्र 'क' एवं श्री हसन से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय स्तर पर समीक्षा के उपरांत यह पत्र 'क' एवं श्री हसन से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय स्तर पर समीक्षा के उपरांत यह पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा विभागीय निदेश का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से कतिपय कर्मियों पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा विभागीय निदेश का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से कतिपय कर्मियों पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा विभागीय निदेश का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से कतिपय कर्मियों की नियुक्ति तथा प्रोन्नति देने का कार्य नियम संगत प्रतीत नहीं होता है। आरोपों पर बचाव के संबंध में श्री हसन की नियुक्ति तथा प्रोन्नति देने का कार्य नियम संगत प्रतीत नहीं होता है। आरोपों पर बचाव के संबंध में श्री हसन ने अपने स्पष्टीकरण में जो तथ्य अंकित किये है, उसके आधार पर उनके प्रथम दृष्टया निर्दोष होने का प्रमाण ने अपने स्पष्टीकरण में जो तथ्य अंकित किये है, उसके आधार पर उनके प्रथम दृष्टया निर्दोष होने का प्रमाण ने अपने स्पष्टीकरण में जो तथ्य अंकित किये है, उसके आधार पर उनके प्रथम दृष्टया निर्दोष होने का प्रमाण नहीं मिलता है। इस आलोक में मामले के वृहद जाँच की आवश्यकता पाते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16005 नहीं मिलता है। इस आलोक में मामले के वृहद जाँच की आवश्यकता पाते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16005 नहीं मिलता है। इस आलोक में मामले के वृहद जाँच की आवश्यकता पाते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16005 सन के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली दिनांक 01.12.2016 द्वारा श्री हसन के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली सन के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी। 2005 के नियम 17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी। 2 (), 11118888 फरवरी फरवरी फरवरी फरवरी 2020202020202020 ''कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (सम्प्रति सामान्य प्रशासन विभाग), बिहार, पटना तथा नगर विकास आवास विभाग, बिहार, पटना द्वारा दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के संबंध में निर्गत किये गये निदेशों का पालन नहीं किया गया और निजी स्वार्थ सिद्धि हेतु कनीय अभियंता/अमीन को नियमित/स्थायी कर दिया गया। कार्यपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी थी कि सशक्त स्थायी समिति को नियमों से अवगत कराते हुए नियमानुसार कदम उठाते, जो कि श्री हसन द्वारा नहीं किया गया तथा अनियमित नियमन किया गया। इस प्रकार श्री हसन द्वारा अपने पदीय दायित्व/कर्त्तव्य का निर्वहन नहीं किया गया।'' 6. उक्त असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 9602 दिनांक 08.07.2019 द्वारा श्री हसन से लिखित अभिकथन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। श्री हसन द्वारा अपना लिखित अभिकथन (दिनांक 25.09.2019) समर्पित किया गया।
7. श्री हसन के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, जांच प्रतिवेदन से असहमति की बिन्दु एवं श्री हसन से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि ''नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 6516/न0वि0एवंआ0वि0 दिनांक 06.10.2017 में कहा गया है कि कार्यपालक पदाधिकारी को परिषद द्वारा लिये गये निर्णयों का विधि द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्यान्वयन करने का दायित्व है। नगर विकास एवं आवास विभाग से प्राप्त मंतव्य में स्पष्ट रूप में कहा गया है कि बिहार नगर पालिका नियमावली 2007 की धारा-38 की उप धारा-29 के आलोक में सशक्त स्थायी समिति को कोटि-'ग' एवं 'घ' के पदों पर नियुक्ति/नियमितिकरण की शक्ति प्राप्त है, परन्तु मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी थी कि सशक्त स्थायी समिति को नियमों से अवगत कराते एवं नियमानुसार कदम उठाते, जो कि श्री हसन द्वारा नहीं किया गया तथा अनियमित नियमन किया गया।'' इस प्रकार श्री हसन द्वारा विभागीय निदेशों/नियमों केे अनुरूप कार्रवाई नहीं की गयी एवं उनके द्वारा अपने पदीय दायित्व/कर्तव्य का निर्वहन सही ढं़ग से नहीं किया गया। 8. अतएव अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री हसन के लिखित अभिकथन को अस्वीकृत करते हुए अपने पदीय दायित्व/कर्तव्य का निर्वहन सही ढ़ंग से नहीं करने के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत निम्न दंड अधिरोपित/संसूचित किया जाता हैः-
(i) निदंन (2007-08 एवं 2008-09)। (ii) एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम विशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
———— , , , द्वा () 146-571+10-000 Website: http://egazette.bih.nic.in