द्वद्वद्वद्वाराारााराारा 0 ૧૧૧૧૪૪૪૪૯૯૯૯
૨૨૨૨૯૯૯૯ eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્eત્ત્?ત્ત્ 1941 (0) , ર્eીxક્કર્eીxક્કર્eીxક્કર્eીxક્કંત્ત્jંત્ત્jંત્ત્jંત્ત્j, ૧૧૧૧૮૮૮૮ મ્jંjત્ર્મ્jંjત્ર્મ્jંjત્ર્મ્jંjત્ર્ सं॰ 08/आरोप-01-92/2017 सा0प्र0-1616 सं॰ सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 31 जनवरी 2020
श्री सीताराम यादव (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 694/08 (460/11), तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, श्री सीताराम यादव (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 694/08 (460/11), तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, श्री सीताराम यादव (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 694/08 (460/11), तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, फुलपरास, मधुबनी सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक 5282 दिनांक 15.06.2007 द्वारा फुलपरास, मधुबनी सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक 5282 दिनांक 15 फुलपरास, मधुबनी सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक 5282 दिनांक 15 प्राप्त हुआ था, जिसमें इंदिरा आवास सामान्य एवं विशेष में अनियमितता तथा भ्रष्टाचार प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें इंदिरा आवास सामान्य एवं विशेष में अनियमितता तथा भ्रष्टाचार प्राप्त हुआ था, जिसमें इंदिरा आवास सामान्य एवं विशेष में अनियमितता तथा भ्रष्टाचार का आरोप प्रतिवेदित था। प्रतिवेदित आरोप के विरूद्ध श्री यादव से विभागीय पत्रांक 9684 दिनांक 25.09.2007 का आरोप प्रतिवेदित था। प्रतिवेदित आरोप के विरूद्ध श्री यादव से विभागीय पत्रांक 9684 दिनांक 25 का आरोप प्रतिवेदित था। प्रतिवेदित आरोप के विरूद्ध श्री यादव से विभागीय पत्रांक 9684 दिनांक 25 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई तथा प्राप्त स्पष्टीकरण पर ग्रामीण विकास विभा ग का मंतव्य प्राप्त किया गया। द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई तथा प्राप्त स्पष्टीकरण पर ग्रामीण विकास विभाग का मंतव्य प्राप्त किया गया। ग्रामीण विकास विभागा द्वारा अपने मंतव्य में श्री यादव के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही चलाने की अनुशंसा की गई। ग्रामीण विकास विभागा द्वारा अपने मंतव्य में श्री यादव के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही चलाने की अनुशंसा की गई। ग्रामीण विकास विभागा द्वारा अपने मंतव्य में श्री यादव के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही चलाने की अनुशंसा की गई। ग्रामीण विकास विभाग के उक्त अनुशंसा के आलोक में श्री यादव के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या 5541 ग्रामीण विकास विभाग के उक्त अनुशंसा के आलोक में श्री यादव के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या 5541 ग्रामीण विकास विभाग के उक्त अनुशंसा के आलोक में श्री यादव के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या 5541 दिनांक 17.05.2011 द्वारा विभागीय का र्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही में जांच पदाधिकारी से प्राप्त 2011 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही में जांच पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प संख्या-10956 दिनांक 06.08.2012 द्वारा जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प संख्या-10956 दिनांक 06 जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प संख्या-10956 दिनांक 06 श्री यादव को निम्न दंड संसूचित किया गयाः- श्री यादव को निम्न दंड संसूचित किया गयाः-
(i) वर्तमान कोटि से निम्नतर कोटि एवं वे तनमान में पदावनति। इसके फलस्वरूप इनकी वरीयता वर्तमान कोटि से निम्नतर कोटि एवं वेतनमान में पदावनति। इसके फलस्वरूप इनकी वरीयता पदावनत कोटि मे वर्तमान पदाधिकारियों में सबसे उपर रहेगी। पदावनत कोटि मे वर्तमान पदाधिकारियों में सबसे उपर रहेगी।
(ii) प्रोन्नति पर रोक।
उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री यादव द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को विभागीय संकल्प ज्ञापांक उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री यादव द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को विभागीय संकल्प ज्ञापांक उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री यादव द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2012 द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया। 2 (), 11118888 फरवरी फरवरी फरवरी फरवरी 2020202020202020 माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित उक्त न्यायादेश के आलोक में मामले की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1460 दिनांक 30.01.2018 द्वारा श्री यादव से संबंधित दंडादेश संकल्प ज्ञापांक 10956 दिनांक 06.08.2012 एवं पुनर्विलोकन अभ्यावेदन अस्वीकृति संबंधी संकल्प ज्ञापांक 16039 दिनांक 27.11.2012 को वापस लेते हुए न्यायादेश के अनुरूप श्री यादव के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी0) के तहत नये सिरे से विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 315 दिनांक 31.12.2018 द्वारा जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। प्राप्त जांच प्रतिवेदन में श्री यादव के विरूद्ध आरोप संख्या-1, 3, 4 एवं 5 को आंशिक रूप से प्रमाणित तथा आरोप संख्या 6 एवं 7 को प्रमाणित पाया गया। आरोप संख्या 2 को अप्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 1871 दिनांक 11.02.2019 द्वारा श्री यादव से लिखित अभिकथन की मांग की गयी। जिसके क्रम में श्री यादव द्वारा अपना लिखित अभिकथन (दिनांक 04.03.2019) समर्पित किया गया। लिखित अभिकथन में श्री यादव द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा सी0सी0ए0 रूल्स के नियम-17 का पालन नहीं किया गया है एवं उनके विरूद्ध लगाये गये सभी आरोप बिल्कुल गलत एवं बिना प्रमाण के है।
श्री यादव के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं श्री यादव द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने लिखित अभिकथन में प्रमाणित/आंशिक रूप से प्रमाणित आरोपों के संबंध में कुछ नहीं कहा गया है, जिस पर विचार किया जा सके। उल्लेखनीय है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री यादव के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके लिखित बचाव बयान, विभागीय मंतव्य तथा विभागीय मंतव्य पर उनकी लिखित प्रतिक्रिया पर विश्लेषणोेंपरांत आरोप संख्या 1, 3, 4 एव 5 को आंशिक रूप से प्रमाणित तथा आरोप संख्या 6 एवं 7 को प्रमाणित पाया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा विश्लेषण/मंतव्य में उल्लेख किया गया है कि आरोपी पदाधिकारी को सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान किया गया है। अतः श्री यादव का यह कहना कि जांच पदाधिकारी द्वारा सी0सी0ए0 रूल्स, 2005 के नियम 17 का पालन नहीं किया गया है, सही नहीं है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री यादव द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन को अस्वीकृत करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित/आंशिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी0) के संगत प्रावधानों के तहत उनके पेंशन पेंशन पेंशन पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत राशि की कटौती पाँच से 10 (दस) प्रतिशत राशि की कटौती पाँच से 10 (दस) प्रतिशत राशि की कटौती पाँच से 10 (दस) प्रतिशत राशि की कटौती पाँच वर्षो तकवर्षो तकवर्षो तकवर्षो तक करने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया।
उक्त विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-10126 दिनांक 26.07.2019 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग की दिनांक 23.12.2019 को आहुत पूर्ण पीठ की बैठक में श्री यादव के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव (यथा पेंशन से 10 (दस) (यथा पेंशन से 10 (दस) (यथा पेंशन से 10 (दस) (यथा पेंशन से 10 (दस) श की कटौती पाँच वर्षो तक करने) पर सहमति व्यक्त किया गया। उक्त मंतव्य/सहमति बिहार लोक प्रतिशत राप्रितिशत राप्रितिशत राप्रितिशत राशि की कटौती पाँच वर्षो तक करने) श की कटौती पाँच वर्षो तक करने) श की कटौती पाँच वर्षो तक करने) सेवा आयोग के पत्रांक-2581 दिनांक 08.01.2020 द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया।
अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सीताराम यादव (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 694/08 (460/11), तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, फुलपरास, मधुबनी सम्प्रति सेवानिवृत को प्रमाणित आरोपो के लिए बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी0) के संगत प्रावधानों के तहत पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत राशि की कटौती पाँच वर्षो तक करने राशि की कटौती पाँच वर्षो तक करने का दंड अधिरोपित/संसूचित किया जाता है। राशि की कटौती पाँच वर्षो तक करने राशि की कटौती पाँच वर्षो तक करने आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम विशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
———— , , , द्वा () 149-571+10-000 Website: http://egazette.bih.nic.in