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सं॰ 27/आरोप-01-13/2019,सा॰प्र॰-2953 सं॰ सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 26 फरवरी 2020
श्री ओम प्रकाश, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 492/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम ओम प्रकाश, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 492/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम ओम प्रकाश, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 492/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, रोहतास के पत्रांक 2246 दिनांक 09.06.2015 से प्राप्त आरोप पत्र के 2015 से प्राप्त आरोप पत्र के सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, रोहतास के पत्रांक 2246 दिनांक 09 ीय स्तर पर गठित आरोप पत्र अनुशासिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। ीय स्तर पर गठित आरोप पत्र अनुशासिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। आधार पर विभागीय स्तर पर गठित आरोप पत्र अनुशासिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। 2. श्री ओम प्रकाश के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत श्री ओम प्रकाश के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत श्री ओम प्रकाश के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत 2017 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8397 दिनांक 11 विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8397 दिनांक 11.07.2017 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित विभागीय जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। विभागीय जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
संचालन पदाधिकारी-सह-विभागीय जांच आयुक्त, पटना के पत्रांक 203 दिनांक 22.02.2018 द्वारा श्री संचालन पदाधिकारी-सह-विभागीय जांच आयुक्त, पटना के पत्रांक 203 दिनांक 22 3. संचालन पदाधिकारी-सह-विभागीय जांच आयुक्त, पटना के पत्रांक 203 दिनांक 22 आ, जिसमें संचालन पदाधिकारी ओम प्रकाश प्रसाद के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें संचालन पदाधिकारी ओम प्रकाश प्रसाद के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जांच प्रतिवेदन प्राप्त हु द्वारा श्री ओम प्रकाश प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित चारों आरोपों को प्रमाणित पाया गया है। द्वारा श्री ओम प्रकाश प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित चारों आरोपों को प्रमाणित पाया गया है।
श्री ओम प्रकाश के विरूद्ध कुल चार आरोपों पर उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी का 4. श्री ओम प्रकाश के विरूद्ध कुल चार आरोपों पर उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी का श्री ओम प्रकाश के विरूद्ध कुल चार आरोपों पर उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी का जांच प्रतिवेदन में दिये गये मंतव्य निम्नवत् है :- जांच प्रतिवेदन में दिये गये मंतव्य निम्नवत् है :-
- तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम, रोहतास के द्वारा अधिनियमों/परिपत्रों आरोप संख्या-1आरोप संख्या-1आरोप संख्या-1आरोप संख्या-1 - तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम, रोहतास के द्वारा अधिनियमों/परिपत्रों - तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम, रोहतास के द्वारा अधिनियमों/परिपत्रों को सरासर उल्लंघन करते हुए लगान निर्धारण का आदेश पारित किया गया, जो सर्वथा दोषपूर्ण एवं राजस्व अधिनियमों को सरासर उल्लंघन करते हुए लगान निर्धारण का आदेश पारित किया गया, जो सर्वथा दोषपूर्ण एवं राजस्व अधिनियमों को सरासर उल्लंघन करते हुए लगान निर्धारण का आदेश पारित किया गया, जो सर्वथा दोषपूर्ण एवं राजस्व अधिनियमों के विरूद्ध है।
2013 को खाता नं0 128 के 3.79 एकड़ भूमि और खाता नं0 129 के 14
वाद संख्या 09/2013-14 श्री अजय कुमार राय, पिता श्री जगदीश जांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषण :-वाद संख्या 09/2013-14 श्री अजय कुमार राय, पिता श्री जगदीश जांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषण राय ने अनुसूची-क में वर्णित भूमि पर आवेदक का अधिकार घोषित करने हेतु आवेदन पत्र दिया जिसमें कुल रकवा 50 राय ने अनुसूची-क में वर्णित भूमि पर आवेदक का अधिकार घोषित करने हेतु आवेदन पत्र दिया जिसमें कुल रकवा 50 राय ने अनुसूची-क में वर्णित भूमि पर आवेदक का अधिकार घोषित करने हेतु आवेदन पत्र दिया जिसमें कुल रकवा 50 एकड़, मौजा समुहती के विभिन्न खातों एवं खेसरों यथा खाता नं0 128 एवं खाता नं0 129 था जा े खतियान में अनावाद एकड़, मौजा समुहती के विभिन्न खातों एवं खेसरों यथा खाता नं0 128 एवं खाता नं0 129 था जो खतियान में अनावाद सर्वसाधारण के नाम से दर्ज है। तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम के रूप में पदस्थापित आरोपित सर्वसाधारण के नाम से दर्ज है। तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम के रूप में पदस्थापित आरोपित सर्वसाधारण के नाम से दर्ज है। तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम के रूप में पदस्थापित आरोपित 79 एकड़ भूमि और खाता नं0 129 के 14.75 एकड़ पर पदाधिकारी ने दिनांक 30.09.2013 को खाता नं0 128 के 3 आवेदक का कब्जा घोषित कर दिया गया। उक्त आदेश में आरोपित पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी, करगहर को जमाबंदी या गया। उक्त आदेश में आरोपित पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी, करगहर को जमाबंदी या गया। उक्त आदेश में आरोपित पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी, करगहर को जमाबंदी कायम करने हेतु 25 रू0 प्रति एकड़ की दर से लगान काटने का आदेश दिया, जो बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1956 कायम करने हेतु 25 रू0 प्रति एकड़ की दर से लगान काटने का आदेश दिया, जो बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1956 कायम करने हेतु 25 रू0 प्रति एकड़ की दर से लगान काटने का आदेश दिया, जो बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1956 की धारा-4(ए) एवं 3 के भी प्रतिकूल है। इसके अलावा राजस्व एवं भूमि सुधार के विभिन्न परिपत्रों के द्वारा की धारा-4(ए) एवं 3 के भी प्रतिकूल है। इसके अलावा राजस्व एवं भूमि सुधार के विभिन्न परिपत्रों के द्वारा गैर-मजरूआ आम एवं खास भूमि की बन्दोबस्ती पर प्रतिबंध है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के परिपत्र संख्या गैर-मजरूआ आम एवं खास भूमि की बन्दोबस्ती पर प्रतिबंध है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के परिपत्र संख्या गैर-मजरूआ आम एवं खास भूमि की बन्दोबस्ती पर प्रतिबंध है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के परिपत्र संख्या2 (), 2 मार्च2 मार्च2 मार्च2 मार्च 2020202020202020 03(3)/रा0 दिनांक 05.01.2010 के आलोक में केवल महादलित समुदाय के नाम से गैर-मजरूआ आम भूमि की बन्दोबस्ती का प्रावधान है।
आराआराआराआरोप संख्या-2ेप संख्या-2ेप संख्या-2ेप संख्या-2 - तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम, रोहतास के द्वारा अभिलेख सं0 10/2013-14 के भूमि विवाद से संबंधित वाद में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नियमों के प्रतिकूल कार्य किया गया है।
जांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषण :- अभिलेख संख्या 10/2013-14 में आरोपित पदाधिकारी ने श्री अवध राय को खाता नं0 182 खेसरा नं0 214 और रकवा 1.10 एकड़ भूमि पर आवेदक का अधिकार एवं कब्जा घोषित कर दिया तथा विपक्षी राज्य सरकार को उस जमीन पर जाने से प्रतिबंधित कर दिया। उन्होंने अंचलाधिकारी, करगहर को लगान निर्धारण और जमाबंदी कायम करने का निदेश दिया, जबकि उक्त खाता की जमी रिविजनल सर्वे में बिहार सरकार अनावाद सर्वसाधारण है, जिसे बन्दोबस्ती का अधिकार भूमि सुधार उप समार्हाा को नहीं है।
आरोप संख्या-3आरोप संख्या-3आरोप संख्या-3आरोप संख्या-3 - तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम, रोहतास के द्वारा अभिलेख सं0 38/2013-14 में श्री ओम प्रकाश के द्वारा बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम की धारा-4 (2) एवं (3) का उल्लंघन किया गया। आवेदक द्वारा आर0एस0 खतियान में हुई प्रविष्टि के विरूद्ध बी0टी0एक्ट की धारा 106 के अंतर्गत कोई भी कार्रवाई नहीं की गयी। 1970 में आर0एस0 खतियान के प्रकाशित होने के 43 वर्षो के बाद आवेदक के नाम से दखलकार रैयत की घोषणा आदि जैसे कार्य नियमों के प्रतिकूल किया गया।
जांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषणजांच पदाधिकारी का विश्लेषण :- वाद संख्या 38/2013-14 में आरोपित पदाधिकारी ने खाता नं0 55 के विभिन्न खेसरों के कुल रकवा-1.76 एकड़ भूमि मौजा बुढ़वा पर आदेवक नन्द कुमार उपाध्याय का अधिकार और कब्जा घोषित कर दिया जबकि उक्त जमीन रिवीजनल सर्वे में अनावाद बिहार सरकार के नाम से दर्ज है और किस्म भूमि पुरानी परती लिखा हुआ है। आवेदक को बी0टी0 एक्ट की धारा-106 के अंतर्गत कार्रवाई करनी चाहिए था, किंतु उन्हेांने ऐसा नहीं किया। ज्ञातव्य है कि रिवीजनल सर्वे खतियान 1970 में प्रकाशित हुआ था और 43 वर्षो के बाद उक्त आवेदक को रैयती अधिकार एवं दाखिल कब्जा घोषित करना उक्त कानून के विरूद्ध है।
आरोप संख्या-4आरोप संख्या-4आरोप संख्या-4आरोप संख्या-4 - तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम, रोहतास के द्वारा अभिलेख सं0 7/2013-14 के भूमि विवाद से संबंधित वाद में अपने क्षेत्र से बाहर जाकर नियमों के प्रतिकूल कार्य किया गया है। जांच पदाधिकारी का विश्लेषण :- वाद संख्या 7/2013-14 श्री अवध बिहारी राय, पिता स्व0 हरिद्वारा राय से संबंधित है, जिसमें आरेापित पदाधिकारी ने अनाबाद बिहार सरकार के नाम से सर्वे खाता संख्या-1786, खेसरा नं0-1670 रगवा डेढ डिसमिल पर आवेदक का रैयती अधिकार घोषित कर दिया और विपक्षी बिहार सरकार को उकत जमीन पर जाने से प्रतिबंधित कर दिया। उन्होंने अंचलाधिकारी, करगहर को लगान निर्धारण हेतु प्रस्ताव भेजने का आदेश दिया और आवेदक के नाम जमाबंदी भी कायम करने का आदेश दिया। ज्ञातव्य है कि इस मामले में सहायक सरकारी अधिवक्ता श्री चन्द्रकेश्वर सिंह द्वारा विरोध किया गया, फिर भी आरोपित पदाधिकारी ने उसका संज्ञान नहीं लिया ओर अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर आवेदक के पक्ष में निजी स्वार्थ हेतु बदनीयती से आदेश पारित किया। इस प्रकार श्री ओम प्रकाश, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 492/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप संख्या-01 से 04 को संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित बताया गया है।
5. विभागीय पत्रांक 3196 दिनांक 08.03.2018 द्वारा श्री ओम प्रकाश से जांच प्रतिवेदन पर लिखित अभिकथन की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री ओम प्रकाश के लिखित अभिकथन प्राप्त हुआ, जिसमें उनके द्वारा किसी नये तथ्य का उल्लेख नहीं किया बल्कि उन्हीं तथ्यों का उल्लेख किया जो पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण में किया गया था।
6. श्री ओम प्रकाश के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं उनके द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन/बचाव बयान की विभागीय स्तर पर समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि चारों आरोप अलग-अलग प्रकरण से संबंधित है। आरोपी पदािधकारी ने अपनी वैधानिक शक्तियों का घोर दुरूपयोग किया है, जिसमें अनावाद बिहार सरकार/सर्वसाधारण भूमि को निजी व्यक्तियों के नाम करने का भी दृष्टांत प्रमाणित है।
7. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री ओम प्रकाश द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन को स्वीकार्य योग्य नहीं पाते हुए इसे अस्वीकृत किया है तथा संचालन पदाधिकारी द्वारा चारों आरोपों को प्रमाणित पाये जाने के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधान के तहत श्री ओम प्रकाश को ''अनिवार्य सेवा निवृाि'' का दंड विनिश्चित किया गया।
8. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 12025 दिनांक 02.09. 2019 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति/मंतव्य की मांग की गयी। आयोग के पत्रांक-2582 दिनांक-08.01.2020 के द्वारा उक्त दंड प्रस्ताव में अपनी सहमति व्यक्त की गयी है।
9. बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति के उपरांत श्री ओम प्रकाश, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 492/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम सम्प्रति निलंबित ''अनिवार्य सेवा निवृाि'' संबंधी संलेख/प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-1931 दिनांक-06.02.2020 द्वारा राज्य मंत्रिपरिषद के स्वीकृति हेतु भेजा गया। राज्य मंत्रिपरिषद की दिनांक 18.02.2020 को सम्पन्न बैठक में मद संख्या-06 के रूप में सम्मलित करते हुए उक्त संलेख/प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गयी।3 (), 2 मार्च2 मार्च2 मार्च2 मार्च 2020202020202020 10. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत श्री ओम प्रकाश, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 492/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सासाराम सम्प्रति निलंबित को ''अनिवार्य सेवा निवृाि'' का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असा आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया धारण अंक में प्रकाशित किया धारण अंक में प्रकाशित किया धारण अंक में प्रकाशित किया आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असा आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असा जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिव महादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
———— , , , द्वा () 174-571+10-000 Website: http://egazette.bih.nic.in