Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 March 2020

Published 02 March 2020

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-03-02.175
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

द्वारा

૧૨૧૨૧૨૧૨ મ્ત્ત્Yxquમ્ત્ત્Yxquમ્ત્ત્Yxquમ્ત્ત્Yxqu 1941 (0)

0 ૧૧૧૧૭૭૭૭૫૫૫૫

, શ્રત્ત્seંત્ત્jશ્રત્ત્seંત્ત્jશ્રત્ત્seંત્ત્jશ્રત્ત્seંત્ત્j, ૨ eત્ત્pક્ષ્૨ eત્ત્pક્ષ્૨ eત્ત્pક્ષ્૨ eત્ત્pક્ષ્

सं॰ 27/आरोप-01-03/2019,सा॰प्र॰-3120 सं॰ सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 28 फरवरी 2020

उक्त गिरफ्तारी के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1146 दिनांक-31.01

, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 505/2011 तत्कालीन अपर समार्हाा- सह-जिला लोक तत्कालीन अपर समार्हाा- सह-जिला लोक श्री रंजीत प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 505/2011 को निगरानी धावादल द्वारा शिकायत निवारण पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया सम्प्रति निलंबित (काराधीन) को निगरानी धावादल द्वारा शिकायत निवारण पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया सम्प्रति निलंबित (काराधीन) 2016 को 10,000/- रूपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 2016 को 10,000/- रूपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। दिनांक-31.12.2016 को 10,000/- रूपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 2222.... उक्त गिरफ्तारी के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1146 दिनांक-31 01.2017 द्वारा बिहार म-9(2) के प्रावधानों के सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(ग) एवं नियम-9(2) के प्रावधानों के सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(ग) एवं निय तहत न्यायिक हिरासत में जाने की तिथि दिनांक 31.12.2016 के प्रभाव से निलंबित किया गया। तहत न्यायिक हिरासत में जाने की तिथि दिनांक 31

उक्त आरोप के लिये श्री सिंह के विरूद्ध निगरानी थाना काण्ड संख्या 159/16 दर्ज किया गया। 3333.... उक्त आरोप के लिये श्री सिंह के विरूद्ध निगरानी थाना काण्ड संख्या 159/16 दर्ज किया गया। उक्त आरोप के लिये श्री सिंह के विरूद्ध निगरानी थाना काण्ड संख्या 159/16 दर्ज किया गया। 17 द्वारा अभियोजन स्वीकृति प्रदान इसमें विधि विभाग के आदेश संख्या एस.पी.(नि.)-3/2017-30/जे0 दिनांक-01.03.17 द्वारा अभियोजन स्वीकृति प्रदान इसमें विधि विभाग के आदेश संख्या एस की गयी।

4444.... श्री सिंह के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई आरंभ किये जाने हेतु विहित आरोप प्रपत्र में आरोप गठित श्री सिंह के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई आरंभ किये जाने हेतु विहित आरोप प्रपत्र में आरोप गठित श्री सिंह के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई आरंभ किये जाने हेतु विहित आरोप प्रपत्र में आरोप गठित 2017 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त पत्र के आलोक करते हुए विभागीय पत्रांक-6190 दिनांक-24.05.2017 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त पत्र के आलोक करते हुए विभागीय पत्रांक-6190 दिनांक-24 में काराधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर का पत्रांक-3520 दिनांक-23 2017 प्राप्त हुआ जिसमें श्री सिंह द्वारा ाधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर का पत्रांक-3520 दिनांक-23.06.2017 प्राप्त हुआ जिसमें श्री सिंह द्वारा काराधीन होने के कारण स्पष्टीकरण देने में कठिनाई तथा अपनी असमर्थता बतायी गयी और यह कहा गया कि काराधीन होने के कारण स्पष्टीकरण देने में कठिनाई तथा अपनी असमर्थता बतायी गयी और यह कहा गया कि काराधीन होने के कारण स्पष्टीकरण देने में कठिनाई तथा अपनी असमर्थता बतायी गयी और यह कहा गया कि जमानत होने के बाद जेल से बाहर आने पर वे अपना स्पष्टीकरण समर्पित कर सकेगें। जमानत होने के बाद जेल से बाहर आने पर वे अपना स्पष्टीकरण समपि

इस बीच पुलिस अधीक्षक, निगरानी (अन्बेषण ब्यूरो), बिहार, पटना के पत्रांक-1985 दिनांक-19 श्री सिंह के स्पष्टीकरण पर विचारोपरांत उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए विभागीय पत्रांक-9704 5555.... श्री सिंह के स्पष्टीकरण पर विचारोपरांत उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए विभागीय पत्रांक-9704 श्री सिंह के स्पष्टीकरण पर विचारोपरांत उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए विभागीय पत्रांक-9704 17 द्वारा उन्हें कारा से मुक्त होने के 20 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। 17 द्वारा उन्हें कारा से मुक्त होने के 20 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। दिनांक-31.07.17 द्वारा उन्हें कारा से मुक्त होने के 20 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। ाण ब्यूरो), बिहार, पटना के पत्रांक-1985 दिनांक-19.3.2019 6666.... इस बीच पुलिस अधीक्षक, निगरानी (अन्बेष् द्वारा सूचित किया गया कि उक्त निगरानी थाना काण्ड में श्री सिंह के विरूद्ध माननीय विशेष न्यायालय निगरानी (ट्रैप) द्वारा सूचित किया गया कि उक्त निगरानी थाना काण्ड में श्री सिंह के विरूद्ध माननीय विशेष न्यायालय निगरानी (ट्रैप) द्वारा सूचित किया गया कि उक्त निगरानी थाना काण्ड में श्री सिंह के विरूद्ध माननीय विशेष न्यायालय निगरानी (ट्रैप) 2019 को न्याय निर्णय पारित किया गया है, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा श्री सिंह को 2019 को न्याय निर्णय पारित किया गया है, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा श्री सिं पटना द्वारा दिनांक-26.02.2019 को न्याय निर्णय पारित किया गया है, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा श्री सिं भ्र0नि0अधि0, 1988 की धारा-7 में 04 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूपया के अर्थ दंड एवं उक्त अधिनियम की भ्र0नि0अधि0, 1988 की धारा-7 में 04 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूपया के अर्थ दंड एवं उक्त अधिनियम की भ्र0नि0अधि0, 1988 की धारा-7 में 04 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूपया के अर्थ दंड एवं उक्त अधिनियम की धारा-13(2) में 04 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूपया के अर्थ दंड की सजा दी गयी है। धारा-13(2) में 04 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूपया के अर्थ दंड की सजा दी गयी है।2 (), 2 मार्च2 मार्च2 मार्च2 मार्च 2020202020202020 7777.... माननीय विशेष निगरानी कोर्ट (ट्रैप) द्वारा दी गयी सजा के आलोक में सम्प्रति वे काराधीन हैं। श्री रंजीत प्रसाद सिंह के द्वारा माननीय विशेष न्यायालय के आदेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में क्रिमिनल अपील संख्या-1967/2019 दायर किया गया है।

8888.... इस संदर्भ में विभागीय संकल्प-10158 दिनांक-23.08.1963 की जिसकी कंडिका-9 में विहित प्रावधान निम्नवत्‌ है :-

"Under proviso (a) to Article 311(2) of the constitution a Government servant may be dismissed or removed or reduced in rank without being put through departmental proceedings on the ground of conduct which has led to his conviction on a criminal charge. Government desire that this proviso should be fully utilized. But an appeal being continuation of the trial, action under this proviso should be taken until-(1) the criminal appeal has been disposed of or (2) the time limit for filling an apeal has expired."

उक्त प्रावधान को विभागीय पत्रांक-7820 दिनांक-28.10.2003 द्वारा संशोधित करते हुए तथा उसके परंतुक को हटाते हुए परिपत्र की कंडिका-9 को निम्नवत्‌ किया गया :- "Under proviso (a) to Article 311 (2) of the constitution a Government servant may be dismissed or removed or reduced in rank without being put through departmental proceedings on the ground of conduct which has led to his conviction on a criminal charge. Government desire that this proviso should be fully utilized."

9999.... इस क्रम में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-20 जो निम्नवत्‌ है :- कतिपय मामलों में विशेष प्रक्रिया 1-नियम-17 से 19 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी :-

(1) जहां किसी सरकारी सेवक पर कोई शास्ति किसी आपराधिक आरोप के संबंध मे जहां किसी सरकारी सेवक पर कोई शास्ति किसी आपराधिक आरोप के संबंध में उसकी दोषसिद्धि ं उसकी दोषसिद्धि ं उसकी दोषसिद्धि ं उसकी दोषसिद्धि जहां किसी सरकारी सेवक पर कोई शास्ति किसी आपराधिक आरोप के संबंध मे जहां किसी सरकारी सेवक पर कोई शास्ति किसी आपराधिक आरोप के संबंध मे की ओर ले जाने वाले आचरण के आधार पर अधिरोपित किया जाय, अथवा की ओर ले जाने वाले आचरण के आधार पर अधिरोपित किया जाय, अथवा की ओर ले जाने वाले आचरण के आधार पर अधिरोपित किया जाय, अथवा की ओर ले जाने वाले आचरण के आधार पर अधिरोपित किया जाय, अथवा

(2) जहां अनुशासनिक प्राधिकार का अपने द्वारा लिखित रूप में अभिलेखित किये जाने वाले कारणों से यह समाधान हो जाय कि इस नियमावली में उपबंधित रीति से जांच करना युक्तियुक्त रूप से व्यवहार्य नहीं है, अथवा

(3) जहां सरकार का समाधान हो जाय कि इस नियमावली में उपबंधित रीति से कोई जांच करना राज्य के हित में समीचीन नहीं है,

- तो अनुशासनिक प्राधिकार मामले की परिस्थितियों पर विचार कर सकेगा तथा ऐसा आदेश दे सकेगा जो वह ठीक - तो अनुशासनिक प्राधिकार मामले की परिस्थितियों पर विचार कर सकेगा तथा ऐसा आदेश दे सकेगा जो वह ठीक - तो अनुशासनिक प्राधिकार मामले की परिस्थितियों पर विचार कर सकेगा तथा ऐसा आदेश दे सकेगा जो वह ठीक - तो अनुशासनिक प्राधिकार मामले की परिस्थितियों पर विचार कर सकेगा तथा ऐसा आदेश दे सकेगा जो वह ठीक समझसमझसमझसमझे।े।े।े।

परन्तु यह कि खण्ड (1) के अधीन किसी मामले में कोई आदेश करने के पूर्व अधिरोपित की जानेवाली परन्तु यह कि खण्ड (1) के अधीन किसी मामले में कोई आदेश करने के पूर्व अधिरोपित की जानेवाली परन्तु यह कि खण्ड (1) के अधीन किसी मामले में कोई आदेश करने के पूर्व अधिरोपित की जानेवाली परन्तु यह कि खण्ड (1) के अधीन किसी मामले में कोई आदेश करने के पूर्व अधिरोपित की जानेवाली प्रस्तावित शास्ति पर सरकारी सेवक को अभ्यावेदन देने का एक अवसर दिया जायेगा। प्रस्तावित शास्ति पर सरकारी सेवक को अभ्यावेदन देने का एक अवसर दिया जायेगा। प्रस्तावित शास्ति पर सरकारी सेवक को अभ्यावेदन देने का एक अवसर दिया जायेगा। प्रस्तावित शास्ति पर सरकारी सेवक को अभ्यावेदन देने का एक अवसर दिया जायेगा।

परन्तु यह और कि इस नियम के अधीन किसी मामले में कोई आदेश करने के पूर्व आयोग से परामर्श किया जा सकेगा, जहां ऐसा परामर्श आवश्यक हो।''

10101010.... विशेष निगरानी कोर्ट द्वारा दी गयी सजा के पश्चात्‌ उपर्युक्त प्रावधानों के आलोक में विभागीय पत्रांक-5458 दिनांक-25.04.2019 द्वारा श्री सिंह से 15 दिनाें के अंदर अपना स्पष्टीकरण समर्पित करने का अनुरोध किया गया। उक्त के आलोक में कारा एवं सुधार सेवायें निरीक्षणालय, गृह विभाग (कारा) के पत्रांक-8329 दिनांक 26.09.2019 के माध्यम से श्री सिंह का अभ्यावेदन (पत्रांक-8148 दिनांक-03.09.2019) प्राप्त हुआ, जिसमें श्री सिंह द्वारा माननीय पटना उच्च न्यायालय में दायर अपील के आधार पर विभागीय कार्यवाही को स्थगित करने का अनुरोध किया गया। सम्यक विचारोपरांत श्री सिंह के अभ्यावेदन को विभागीय पत्रांक-2415 दिनांक-14.02.2020 द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया है।

11111111.... श्री रंजीत प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 505/2011 तत्कालीन अपर समार्हाा-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया को विशेष निगरानी न्यायालय (ट्रैप), पटना द्वारा सिद्धदोष मानते हुए दी गयी कारावास की सजा के आलोक में और इन्हें अपने बचाव का अवसर दिये जाने पर भी इनके द्वारा अपना बचाव अभ्यावेदन समर्पित नहीं किये जाने को ध्यान में रखते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-20 के संगत प्रावधान के तहत श्री रंजीत प्रसाद ''सेवा से बर्खास्तगी'' का दंड विनिश्चित किया गया। सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 505/2011 के विरूद्ध ''सेवा से बर्खास्तगी'' ''सेवा से बर्खास्तगी'' ''सेवा से बर्खास्तगी''

12121212.... अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-11673 दिनांक 26.08.2019 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति/मंतव्य की मांग की गयी। आयोग के पत्रांक-1825 दिनांक-30.10.2019 के द्वारा उक्त दंड प्रस्ताव में अपनी सहमति व्यक्त की गयी।

13131313.... बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति के उपरांत श्री रंजीत प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 505/2011 तत्कालीन अपर समार्हाा-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया सम्प्रति ''सेवा से बर्खास्त'' संबंधी संलेख/प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-2767 दिनांक-24.02.2020 द्वारा निलंबित (काराधीन) को ''सेवा से बर्खास्त'' ''सेवा से बर्खास्त'' ''सेवा से बर्खास्त''3 (), 2 मार्च2 मार्च2 मार्च2 मार्च 2020202020202020 राज्य मंत्रिपरिषद के स्वीकृति हेतु भेजा गया। राज्य मंत्रिपरिषद की दिनांक-27.02.2020 को सम्पन्न बैठक में मद संख्या-03 के रूप में सम्मिलित करते हुए उक्त संलेख/ प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गयी।

14. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-20 के संगत प्रावधान के तहत श्री रंजीत प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 505/2011 तत्कालीन अपर समार्हाा-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया सम्प्रति निलंबित ''सेवा से बर्खास्त'' का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। (काराधीन) को ''सेवा से बर्खास्त'' ''सेवा से बर्खास्त'' ''सेवा से बर्खास्त'' आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिव महादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।

———— , , , द्वा () 175-571+10-000 Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 March 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-03-02.175/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-03-02.175.